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दक्षिणपूर्व एशिया के लिए उप सहायक सेक्रेटरी ऑफ स्टेट पैट्रिक मर्फी

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अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट

प्रवक्ता कार्यालय

तत्काल रिलीज़ के लिए                                             

08 सितम्बर 2017

 

ऑनरिकॉर्ड ब्रीफिंग

 दक्षिणपूर्व एशिया के लिए उप सहायक सेक्रेटरी ऑफ स्टेट पैट्रिक मर्फी 

बर्मा की स्थिति पर

 

08 सितम्बर 2017

टेलीकांफ्रेस के जरिए

**UNEDITED/DRAFT**

सुश्री न्यूअर्ट:  श्रीमान सेक्रेटरी, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।  सभी को गुड आफ्टरनून, और बर्मा में स्थिति पर आज की कॉल में हमारे साथ शामिल होने के लिए धन्यवाद।  मैं जानती हूँ यह काफी दिलचस्पी का विषय है।  आज हमारे साथ पैट्रिक मर्फी मौजूद हैं, जो ब्यूरो ऑफ EAP, ईस्ट एशियन और पैसीफिक मामलों, में दक्षिणपूर्व एशिया के लिए उप सहायक सेक्रेटरी ऑफ स्टेट हैं।  आज की कॉल रिकॉर्ड पर होगी।  और इसके समाप्त होने तक इस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।  और इसके साथ ही, मैं इसे उप सहायक सेक्रेटरी मर्फी को सौंप दूंगी।  आपको देखकर अच्छा लगा।

श्रीमान मर्फी:   हैदर, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, और आप सभी को गुड आफ्टरनून।  मैं आज बर्मा के बारे में आपसे थोड़ा बहुत बात करने का यह अवसर पाकर खुश हूँ, एक ऐसा देश जिसका संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए गहरा महत्व है।   उत्तरी राखिने राज्य में स्थिति के संबंध में, हम अपना ध्यान कुछेक मुख्य उद्देश्यों पर लगाए हुए हैं।  पहला और सबसे ज़रूरी, मानवतावादी सहायता को बहाल करना ताकि जिन लोगों को मदद की जरूरत है उनकी अंतर्राष्ट्रीय और बर्मी अधिकारियों द्वारा सहायता की जा सके।  पहुंच की बहाली उन लोगों का सटीक निर्धारण करने में भी मदद करेगी जिन्हें सहायता की जरूरत है।  यह देश का एक जटिल हिस्सा है, और विशेष तौर पर, अपने आप में राखिने राज्य का एक जटिल हिस्सा, और वास्तविक ज़रूरतों और परिस्थितियों के बारे में कुछ ज्ञात बाते हैं।

हम मीडिया की पुनर्स्थापना देखने के लिए बहुत उत्सुक हैं ताकि पत्रकार हमें विकास की अधिक सटीक तस्वीर बताने में मदद कर सकें – फिर से, देश का एक बहुत जटिल हिस्सा।  हम कई प्रकार की प्रकृति के हमलों की निंदा करते हैं – सुरक्षा बलों पर हमले; नागरिकों पर हमले; नागरिकों द्वारा किए गए हमले – और हम उन दुर्व्यवहारों के निरंतर आरोपों के प्रति बहुत चिंतित हैं जो कई लोगों के विस्थापन के परिणामस्वरूप हो रहे हैं।  हम तनाव को शांत करने के कदम उठाने के लिए सभी दलों से आग्रह कर रहे हैं।  और एक समानांतर आधार पर, अधिकारियों और बर्मी अधिकारियों के भागीदारों के लिए हिंसा के सबसे हालिया विस्फोट के पीछे की अंतर्निहित चुनौतियों का सामना करना जारी रखने का आग्रह कर रहे हैं।

कुछ घटनाएँ हुई हैं जब से हैदर को आप से कल बात करने का मौका मिला था।  संयुक्त राष्ट और संबंधित एजेंसियाँ उन लोगों का एक बेहतर आंकलन प्राप्त कर रही है जिन्होंने बर्मा से बांग्लादेश की सीमा को पार किया है, लगता है कि यह संख्या उससे अधिक है जितनों पर पिछले कुछ दिनों में चर्चा की गई थी।  इसलिए 25 अगस्त के बाद से विस्थापन काफी महत्वपूर्ण है, और हमारे पास संदेह का कोई कारण नहीं है, वास्तव में, यह विस्थापन संभवत: 200,000 से अधिक लोगों के लिए है।

जो कम विख्यात है वह आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों, आईडीपी, की संख्या और जिनमें विभिन्न आबादियाँ शामिल होगीं – न सिर्फ रोहिंग्या बल्कि राखिने नस्लीय और अन्य अल्पसंख्यक जो राखिने राज्य के अंदर रहते हैं।

हम अपने राजदूत, स्कॉट मारसेल और रंगून में उनकी टीम के द्वारा, सरकार के साथ-साथ चल रही चर्चाओं को जारी रखते हैं – दोनों नागरिक अधिकारियों और सैन्य अधिकारियों के साथ।  हम अन्य दाताओं और भागीदारों के साथ भी चर्चा कर रहे हैं, रेड क्रॉस संस्थाएं , जो मुख्य रूप से उत्तरी राखिने राज्य में मानवतावादी आवश्यकताओं की उपस्थिति और सहायता को बहाल करने के लिए मानवतावादी अभियान पर केंद्रित है।

हम बांग्लादेश सहित पड़ोसी देशों के साथ चल रही चर्चाओं को जारी रखते हैं, जो इस क्षेत्र के कई देशों में शामिल है, जिन्होंने कई वर्षों से   रोहिंग्या लोगों की मेजबानी की है और हम उस आतिथ्य और सुरक्षित आवास के लिए बहुत आभारी हैं।

इसके साथ कृपया मैं आपके सवालों के उत्तर देना चाहूंगा।

सुश्री न्यूअर्ट:  ठीक है, आप पूछिए।  और इसके साथ ही, हम आपके कुछेक सवालों के उत्तर देंगे।

प्रचालक:  धन्यवाद।  सवालों के लिए, आप *1 दबाकर लाइन में लग सकते हैं।  एक बार फिर से, *1।  सबसे पहले लाइन में AFP से डेव क्लार्क हैं।  कृपया प्रश्न पूछिए।

प्रश्न:  ओह, हैलो।  मेरी कॉल लेने के लिए धन्यवाद।  जाहिर है, बर्मा की सरकार आंशिक रूप से निर्वाचित शासन में हाल ही में परिवर्तित हुई है।  राखिने में सुरक्षा के लिए कौन जिम्मेदार है?  जाहिर है, कि सरकार, लेकिन क्या यह सैन्य कमांड के अधीन है?   क्या यह नागरिक सरकार के नियंत्रण के अधीन है?   और किसी भी सुरक्षा बल के नरसंहार के लिए या गैर-सुरक्षा बलों के हमले से नागरिकों की रक्षा करने में विफल रहने के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?

श्रीमान मर्फीडेव, आपके सवाल के लिए धन्यवाद।  मुझे लगता है कि आप बर्मा की जटिलताओं में से एक की ओर इशारा कर रहे हैं।  ठीक है, बड़ी तस्वीर को देखते हुए हम इस तथ्य की बहुत सराहना करते हैं कि देश निर्वाचित नागरिक सरकार के लिए एक संक्रमण से गुजर रहा है – वास्तव में, आधी सदी में पहली नागरिक सरकार।  यह कई पीढ़ियों में प्रगति के लिए देश का सबसे अच्छा अवसर पेश करती है।  वास्तविकता यह है कि निर्वाचित सरकार ने एक ऐसा संविधान प्राप्त किया है जो बर्मा के सशस्त्र बलों के बहुतेरों अधिकारों का समर्थन करता है।  और उन अधिकारों के बीच उत्तरी राखिने राज्य में एक प्रमुख भूमिका है।

इसलिए हमारी चर्चा निर्वाचित नागरिक सरकार के साथ है, जो देश के लिए पूरी जिम्मेदारी रखते हैं, लेकिन साथ ही साथ सैन्य और अन्य सुरक्षा बल के नेताओं के साथ भी।  और हमारे संदेश काफी सुसंगत हैं।  सुरक्षा बलों पर हमले के लिए जिम्मेदार प्रतिक्रिया होने की जरूरत है जिन्होंने 25 अगस्त को इस संकट को शुरू किया।  वास्तव में, सुरक्षा बलों को नागरिक आबादी की रक्षा के लिए और शासी निकाय के समक्ष खतरों को दूर करने के लिए वहां मौजूद होना ज़रूरी है।  साथ ही, कानून के नियम और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकारों के अनुसार उन गतिविधियों को पूरा करना उनकी ज़िम्मेदारी है।

संदेशों की यह एक ऐसी श्रृंखला है जिसे हम दोनों नागरिक सरकार और सुरक्षा के नेताओं तक पहुंचाते हैं।

सुश्री न्यूअर्ट:  ठीक है, कृपया अगला प्रश्न पूछें।

प्रचालक:  आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।  अगला सवाल एसोसिएटेड प्रेस के मैथ्यू पैनिंगटन की लाइन से आएगा।  कृपया प्रश्न पूछिए।

प्रश्न:  हैलो, पैट्रिक, इस कॉल को लेने के लिए धन्यवाद।  क्या आपको लगता है कि अमेरिका के पास बर्मी अधिकारियों पर कोई जोर है, विशेषकर इस स्थिति में सेना के साथ?  क्योंकि काफी अंतर्राष्ट्रीय निंदा की गई है, लेकिन ऐसा लगता है कि देश से रोहिंग्या की बाढ़ जारी है, और हिंसा जारी है।  और अमेरिका बर्मा में कुछ संस्थाओं जैसे कि सैन्य अधिकारों पर प्रतिबंधों को फिर से लागू करने पर विचार करेगा, जो अधिकारी दुरुपयोग में निहितार्थ हैं?

श्रीमान मर्फी:  मुझे नहीं लगता कि हमने अपने बर्मा के साथ संबंधों को अपनी परिस्थिति का फायदा उठाना के तरीके से विचार किया है।  यह वास्तव में एक भागीदारी है।  और चुनावी सरकार के संक्रमण के बाद हमारी आपस में एक वार्ता और बातचीत है जो बहुत व्यापक है।  और भागीदारों के रूप में, हम लोकतंत्र के लिए इस संक्रमण को सफल बनाने में मदद कर रहे हैं।  जैसा कि मैंने पहले उल्लेख किया है, बर्मा के लिए सही मार्ग पर आने का पीढ़ियों में यह सबसे अच्छा अवसर है, और नई सरकार को बहुत सी चुनौतियाँ विरासत के रूप में मिली हैं – राष्ट्रीय सामंजस्य और शांति जो 1940 के दशक में स्वतंत्रता के बाद से बर्मा को नहीं मिल पाई, सांप्रदायिक संघर्ष, और खास तौर पर राखिने राज्य का मामला।  यह एक कई वर्षों की पुरानी समस्या है, और नई सरकार पहले दिन से इसके साथ जूझ रही है।

इसलिए साझेदारी के रूप में हमारा दृष्टिकोण उन्हें अंतर्निहित समस्याओं को हल करने के लिए उपकरण बनाने की अपनी क्षमता को बनाने में मदद करना है।  अब, इसका मतलब यह नहीं है कि जब ज़रूरत होती है तो हम अपनी चिंताओं और हमारी आलोचना को रोकते हैं।  और वास्तव में, अब हम हिंसा और तनाव की समाप्ति के लिए कह रहे हैं जो हिंसा को जन्म देते हैं।

प्रतिबंधों के संदर्भ में, हमारे प्रतिबंध दो दशकों के काफी बड़े हिस्से से स्थान ले रहे थे, वे मुख्य रूप से लोकतंत्र के संक्रमण की सुविधा प्रदान करने और मानव अधिकारों में सुधार के लिए तैयार किए गए थे।  इन में बहुत सारे प्रतिबंधों को उठाए जाने का निर्णय सफल चुनाव और मानवाधिकारों की चिंताओं को हल करने के लिए नई सरकार की प्रारंभिक कार्रवाइयों पर आधारित था।  इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्होंने अपने सभी कामों का समाधान किया है; सुधार के लिए बहुत से अवसर बाकी हैं।  लेकिन अब भागीदारों के तौर पर, हम प्रोत्साहित कर सकते हैं, हम समन्वित कर सकते हैं, हम सहायता कर सकते हैं।  और राखिने राज्य जैसी जटिल स्थिति में भी, हम वही करने की कोशिश कर रहे हैं।

कुछ कमियाँ है, बर्मा सरकार और सैन्य बलों की, और हम उस ओर इशारा कर रहे हैं, और बहुत तत्काल जरूरतों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, और यह मुख्य रूप से तनाव को समाप्त कर रहा है, मानवीय पहुंच को बहाल कर रहा है, और अंतर्निहित चुनौतियों की इस कठिन प्रक्रिया की शुरुआत कर रहा है जिनकी वजह से यह तनाव पैदा हुए।

सुश्री न्यूअर्ट:  ओके, धन्यवाद।  कृपया अगला प्रश्न पूछिए।

प्रचालक:  धन्यवाद।  अगला सवाल रियूटर्स के डेविड से आयेगा।  कृपया प्रश्न पूछिए।

प्रश्न:  हाँ, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।  आपने कहा कि सैन्य बलों को और करना चाहिए।  क्या आपको लगता है कि ऑंग सैन सू की, एक नागरिक नेता, को और बोलने की जरूरत है, मुस्लिम अल्पसंख्यक के साथ किये जा रहे व्यवहार के बारे में चिंताओं को व्यक्त करना चाहिए?  बहुत-बहुत धन्यवाद।

श्रीमान मर्फी:  मुझे लगता है, सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बर्मा एक बहुत ही विविध देश है जिसमें सैकड़ों नस्लीय समूहों, स्वतंत्रता प्राप्त करने और आधुनिक युग में अपना रास्ता खोजने का एक लंबा, जटिल इतिहास दोनों हैं।  कई जातीय अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव है।  और राखिने राज्य, विशेष रूप से रोहिंग्या की दुर्दशा के बारे में, क्षेत्र में कहीं भी सबसे बड़ी मानव त्रासदियों में से एक है।  वे उस क्षेत्र में भी एकमात्र जातीय अल्पसंख्यक चुनौतियों का सामना नहीं कर रहे हैं।  मैंने पहले उल्लेख किया है कि जातीय राखिने, खुद में एक अल्पसंख्यक आबादी, निम्न विकास और कई, कई वर्षों से सीमित अधिकारों से पीड़ित हैं।  लेकिन रोहिंग्या निश्चित रूप से बाहर निकलते हैं, और यह तथ्य कि देश में उनमें से दस लाख से अधिक पीढ़ियों के मूल अधिकारों से वंचित हैं, यह एक लंबा मुद्दा है और संयुक्त राज्य अमेरिका में हमारे लिए एक दीर्घकालिक चिंता का विषय है।  इससे निपटना ज़रूरी है।

मुझे लगता है कि बर्मा ने सरकार को जो सकारात्मक शब्दों में किया है, वे इस तथ्य को स्वीकार और स्वीकार करते हैं कि उन्हें राखिने राज्य में चुनौतियों से निपटने की जरूरत है।  यह एक साल पहले था जबकि ऑंग सैन सू की और उसकी सरकार ने पूर्व संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा* जनरल कोफी अन्नान के नेतृत्व में रक्षा आयोग स्थापित किया था।  25 अगस्त को, इन हमलों के होने वाले दिन ही, जो इस विकास के साथ समयानुसार है, राखिने आयोग ने अपनी फाइनल रिपोर्ट और सिफारिशों को प्रकाशित किया।

ऑंग सैन सू की और उसकी सरकार ने उन सिफारिशों को अपनाया और अब हम उसे पूरी तरह से कार्यान्वित करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।  यह आसान नहीं होगा।  80 से अधिक सिफारिशें हैं, लेकिन उनमें से बहुत सी राखिने राज्य में अंतर्निहित स्थितियों से निपटती हैं जिनके कारण इतना तनाव और चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं।  हम सरकार के साथ काम करना चाहते हैं, और यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे इस कार्य पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, उनके पास इसका समाधान करने की क्षमता है।  लेकिन जैसा कि मैं कहता हूं, यह ऑंग सैन सू की थीं जिन्होंने आयोग की स्थापना की थी और बदले में उनकी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था।  यह उत्साहजनक है।  इसकी एक प्रक्रिया है जिसके हम पीछे होना और साझीदारी करना चाहते हैं।

सुश्री न्यूअर्ट:  ठीक है।  कृपया अगला प्रश्न पूछिए।

प्रचालक:  धन्यवाद।  अगला प्रश्न CBS न्यूज के काइली एटवुड का है।  कृपया प्रश्न पूछिए।

प्रश्न:  हैलो।  इसके लिए धन्यवाद।  मैं जानना चाहती हूँ।  आपने कहा कि आप सरकार के साथ उनकी सेना और सैन्य बलों की कमियों के बारे में बात कर रहे हैं।  क्या आप उनमें से कुछ कमियों का वर्णन कर सकते हैं जिनकी ओर आपने असल में इशारा किया है?   और मैं यह स्पष्ट करना चाहती थी कि आपको नहीं लगता कि विशेष तौर पर मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है; क्या आपको लगता है कि राखिने राज्य में सभी को निशाना बनाया जा रहा है?  धन्यवाद।

श्रीमान मर्फी:  धन्यवाद, काइली   हमारी बर्मा की सरकार के साथ काफी मजबूत बातचीत हुई है जो हमारे संबंधों के कई तथ्यों और उस देश की चुनौतियों को कवर करती है।  दरअसल, हमारी एक औपचारिक भागीदारी है।  मैं एक साल पहले नवंबर में राजदूत मार्शेल के साथ, राजधानी नै पी ताऊ में उस साझेदारी की शुरूआत करने के लिए शामिल हुआ था, और कुछ 22 बर्मी मंत्रालयों का प्रतिनिधित्व वहाँ मौजूद था – दोनों नागरिक और सैन्य संस्थाएं, और सरकार और सैन्य बलों ने अपनी कई कमियों और चुनौतियों का स्वीकार किया।

मुझे लगता है कि जब हम विशेष रूप से सशस्त्र बलों की कमियों के बारे में बात करते हैं, तो यह एक ऐसी चीज है जिसे सरकार ने पहचान लिया है।  संविधान बर्मा के सशस्त्र बलों को, जिसे तातमाडाऊ के नाम से भी जाना जाता है, काफी महत्वपूर्ण अधिकारियों के रूप में समर्थ बनाता है:  तीन मुख्य मंत्रालयों, 25 प्रतिशत संसदीय सीटों, उपाध्यक्ष स्लॉट में से एक पार नियंत्रण देता है।  और यह सरकार है जो कुछ संवैधानिक सुधारों की उम्मीद और आशा करती है ताकि लोकतंत्र पूरी तरह से समेकित हो सके।  यह एक प्रेरणादायक, लेकिन एक प्रशंसनीय बात है, और हम उस सीमा तक, हम इसे समर्थन देना चाहते हैं।

राखिने राज्य के अंदर, यह एक विशेष मामला है जहां सुरक्षा बलों के अधिकारियों को बहुमत प्राप्त है।  अब, मैं वहां गया हूं।  मैं उत्तरी राखिने राज्य में गया हुआ हूँ।  यह नई सरकार के लिए एक चुनौती है।  जैसा कि मैने पहले बताया बर्मा में जातीय अल्पसंख्यकों के खिलाफ लंबे समय से भेदभाव रहा है, और यह राखिने राज्य के मामले में बहुत अधिक बहुत हद तक विभिन्न आबादियों के लिए मौजूद है।  यह एक देश है जिसमें धार्मिक चुनौतियाँ मौजूद हैं, लेकिन कई धर्म देश में संचालन करते हैं और देश में सक्रिय हैं, न कि केवल बहुसंख्यक बौद्ध, लेकिन वहां पर्याप्त ईसाई संगठन हैं, और मुस्लिम देश भर में हर प्रमुख शहर और कस्बे में मौजूद हैं, साथ ही कुछ अन्य धर्म जैसे हिंदू धर्म और श्लोक समूह भी मौजूद हैं।

मुख्य रूप से यह राखिने राज्य में एक जातीय मुद्दा है।  रोहिंग्या से अलग से व्यवहार किया गया है; उन्हें एक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीयता के रूप में स्वीकार नहीं किया गया है, और जैसा कि मैंने पहले उल्लेख किया कि कई, कई सालों से उन्हें बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया है।

राखिने राज्य पर सरकार द्वारा स्थापना किये गये आयोग ने और अब सिफारिशों का निर्माण किया है, वे इन बुनियादी अधिकारों जैसे नागरिकता के मार्ग, विकास में सुधार के प्रयासों पर आधारित हैं।  यह देश का सबसे गरीब हिस्सों में से एक है जो पहले से बहुत खराब है।  सरकार ने इन सिफारिशों को स्वीकार किया है, और अब यह सिर्फ कार्यान्वयन के बारे में है।  और मुझे लगता है कि हम उस पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

सुश्री न्यूअर्ट:  और कृपया आखिरी सवाल।

प्रचालक:  धन्यवाद।  यह CNN की मिशेल कोसिंसकी से आयेगा।  कृपया प्रश्न पूछिए।

प्रश्न:  नमस्कार, आपको धन्यवाद!  मैं समझती हूँ कि यह लम्बे समय से चली आ रही बातचीत है और एक लंबी प्रक्रिया है, लेकिन इस नवीनतम तनाव और हिंसा में जो हम यहां देख रहे हैं, उसमें अमेरिका की उस सरकार के साथ हुई बातचीत में, वे कितनी तेजी से कुछ करने के लिए ग्रहणशील हैं?

और ओह, मैं कुछ और भी पूछने वाली थी।  मैं यहाँ एक साथ कई चीज़ें कर रही हूँ।  मैं केवल उनकी इन वार्तालापों के लिए ग्रहणशीलता के बारे में जानना चाहती हूँ और क्या वे अल्पावधि में कुछ भी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, भले ही वह सिर्फ पत्रकारों को वहां पहुंचने की इजाज़त देना हो?  धन्यवाद।

श्रीमान मर्फी:  मैं लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों को दोबारा दोहराता हूं, वे बहुत जटिल हैं और कुछ नए, परेशान करने वाले आयाम हैं।  25 अगस्त को, सुरक्षा बलों पर हमले काफी महत्वपूर्ण थे, काफी समन्वित थे।  यह अपेक्षाकृत नया है।  और कुछ लोग हताहत भी हुए थे।  यह बहुत चिंता का विषय है, बहुत डर है, और सुरक्षा बलों के जवाब देने की आवश्यकता है।

जाहिर है, प्रतिक्रिया पर हम ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।  यह कानून के शासन और मानवाधिकारों के सम्मान और स्थानीय आबादी की रक्षा के तरीकों के अनुसार होना चाहिए।  दोनों सीमाओं के अंदर और आंतरिक रूप से बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही से यह काफी स्पष्ट है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए डरते हैं।  इसलिए हम सरकार के साथ जो कर रहे हैं, वह न केवल मानवतावादी सहायता और मीडिया के लिए तत्काल और बहुत ज़रूरी पुनर्पहुंच की मांग ही नहीं है बल्कि तनाव को शांत करने के प्रयास भी हैं, कि सुरक्षा बल जिम्मेदारी से कार्य करते हैं, और जाहिर है कि नागरिक जिम्मेदारी से काम करते हैं, क्योंकि एक और जटिल बात, नया आयाम यह है कि स्थानीय आबादी के बीच स्थानीय मिलिशिया हैं, जो नागरिकों पर हमला कर रहे हैं जो इस हड़बड़ी और उत्तरी राखिने राज्य की लोकप्रियता की प्रकृति में और अधिक जोड़ता है।

हम उत्पादक होने के लिए सरकार के साथ चर्चाएँ कर रहे हैं।  स्वाभाविक रूप से, जब मानवतावादी पहुंच और मीडिया का उपयोग बहाल हो जाता है तो हम यह कह सकते हैं कि उन चर्चाओं के परिणाम उत्पन्न हुए हैं।  लेकिन वे उत्पादक हैं, वे लगातार जारी हैं, और हम सरकार के भीतर बहुत इच्छुक भागीदारों की पहचान कर रहे हैं जो स्थिति को समझते हैं और वास्तव में मानवतावादी संगठनों के लिए, मीडिया के लिए, और तनाव शांत करने के प्रयासों के लिए पहुंच को बहाल होते देखना चाहते हैं।

इस पर हमारा तत्काल ध्यान केन्द्रित है।  जैसा कि मैंने यह भी बताया, समानांतर आधार पर, अन्नान आयोग की सिफारिशों को लागू करने के साथ शुरुआत करना बहुत जल्दी नहीं है।  धन्यवाद।

सुश्री न्यूअर्ट:  ठीक है।  हमारे साथ शामिल होने के लिए सभी का धन्यवाद, DAS मर्फी, आपके विशेषज्ञ।  यह प्रतिबंध अब उठा दिया गया है, और आपका सप्ताहांत शुभ हो।  एक रीमाइंडर, यह रिकॉर्ड पर था।  धन्यवाद।

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मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/r/pa/prs/ps/2017/09/273914.htm
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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