rss

ऑन-द-रिकॉर्ड ब्रीफिंग: ब्रायन हुक, नीति योजनाकार निदेशक, स्टेट डिपार्टमेंट

Français Français, English English, Русский Русский, اردو اردو

अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट
प्रवक्ता कार्यालय
तत्काल रिलीज़ के लिए
ऑन-द-रिकॉर्ड ब्रीफिंग
21 सितम्बर 2017
न्यूयार्क सिटी, न्यूयार्क

 

श्रीमान हुक:   मुझे लगता है कि संयुक्त आयोग मंत्रिस्तरीय में सेक्रेटरी की भागीदारी मुझे लगता है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा का एक मुख्य आकर्षण था क्योंकि इस मंत्रालय में पहली बार मंत्री पद के लिए सेक्रेटरी को अनुमति दी गई थी – ईरान परमाणु समझौते के हस्ताक्षरकर्ताओं और वह वर्तमान व्यापक खतरा है कि ईरानी शासन अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बन गया है।

उन्होंने ईरानी शासन की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों की पूरी श्रृंखला के बारे में बात की, क्योंकि ये परमाणु खतरे से कहीं परे तक फैले हैं। और मंत्रीस्तरीय स्तर पर ऐसा करना महत्वपूर्ण था क्योंकि पिछले कई सालों से हमारे पास ईरान के लिए एक एकीकृत रणनीति नहीं थी और ईरान के समझौते ईरान रणनीति के लिए एक विकल्प बन गए, क्योंकि जब आप ईरान की गतिविधियों की पूरी श्रृंखला को देखते हैं जो शांति और सुरक्षा को धमकाते हैं, तो परमाणु उन टुकड़ों का सिर्फ एक हिस्सा है। आपने मिसाइल के बारे में भी सुना है।  आपके पास आतंकवाद के लिए सामग्री और वित्तीय सहायता, चरमवाद के लिए उनका समर्थन, असद के शासन का समर्थन करने के लिए उन्होंने क्या किया है और सीरिया के लोगों के खिलाफ अत्याचार, इजरायल के प्रति निरंतर दुश्मनी, लगातार नेवीगेशन की स्वतंत्रता, साइबर आक्रमण, अत्यधिक खराब मानव अधिकार रिकॉर्ड, विदेशियों की मनमानी हिरासत शामिल है। सेक्रेटरी उनकी गतिविधियों की पूरी श्रृंखला के बारे में संयुक्त आयोग के सदस्यों के साथ बातचीत करना चाहते थे, और हमें लगता है कि यह ईरान परमाणु समझौते की भावना के अनुरूप है।

प्रश्न:   क्या मैं इस पर फॉलो-अप पूछ सकता हूँ?

श्रीमान ग्रीनन: NPR से मिशेल केलमेन।

प्रश्न: क्या उन्होंने विशेष रूप से हिरासतों, नमाजियों के मुद्दे को उठाया, और क्या दूसरों ने अपने मुद्दों के बारे में कोई बात की? क्योंकि वहाँ कुछ ब्रिटेन वासी भी मौजूद थे, ठीक है ना?

श्रीमान हुक: राष्ट्रपति के भाषण में उन्होंने विदेशियों की हिरासतों के बारे में बात की थी। और मेरे पास उसकी ट्रांसक्रिप्ट नहीं है कि मेरे सामने सेक्रेटरी ने संयुक्त आयोग से क्या कहा।  उन्होंने संयुक्त आयोग के सदस्यों को समझाया कि हम ईरान की गतिविधियों के पूरे दायरे को नजरअंदाज नहीं कर सकते, और उन्होंने सदस्यों को ईरानी शासन की ओर से शांति और सुरक्षा के लिए पेश किए जा रहे बड़े खतरे के मूल्यांकन के लिए बुलाया है।

श्रीमान ग्रीनन: एलिस लेबर्ट, सीएनएन।

प्रश्न: मुझे लगता है कि – अगर मैं गलत हूँ तो मुझे सही करें, लेकिन ऐसा लगता है कि जिस तरह से बातचीत हो रही हैं जो वह मंत्रियों के साथ कर रहे हैं और राजदूत हेली ने आज जो कहा था कि वह एक प्रकार का प्रयास है, जैसा आपने कहा, कि आयोग का ध्यान इस पर केंद्रित किया जाए जबकि यह भी हो सकता है – कि समझौते से बाहर निकलने के लिए परस्पर अपवर्जी होने की जरूरत न हो। अब, मुझे पता है कि आप समझौते की भावना के बारे में क्या कहेंगे। समझौते से इनमें से कुछ भी करने का इरादा कभी भी नहीं था – मुझे पता है कि आप चाहते हैं – पिछला प्रशासन समझौते में उन चीजों को समझौते में पाना चाहता था, लेकिन समझौते में उन चीजों को प्राप्त नहीं कर सका। यह उम्मीद थी कि समय के साथ ईरान के व्यवहार में सुधार आएगा।  लेकिन सभी ने उन सीमित परमाणु वाली चीजों पर हस्ताक्षर किए, और ऐसा लगता है मानो सहयोगी इसे पसंद करेंगे – और आपके भागीदार इन अन्य चीजों के साथ समझौता करना चाहते हैं, लेकिन यह समझौता भी रखना चाहेंगे। तो क्या आप इस बारे में बात कर सकते हैं कि यह कैसे एक व्यापक वार्तालाप के रूप में बदलता हुआ सा लगता है, लेकिन इसके सीमित दायरे में कि “हम परमाणु समझौता न छोड़ें, बल्कि इन अन्य व्यवहारों को लेकर ईरान पर दबाव बढ़ाने की भी कोशिश करें”?

श्रीमान हुक: JCPOA का कथित लक्ष्य, उद्धरण में, “क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा” में योगदान करना है। और जब आप इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के समय से ईरान के व्यवहार को देखते हैं, तो पाते हैं कि वे क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा में योगदान नहीं कर रहे हैं। और यह संदेश है जिसे सेक्रेटरी संयुक्त आयोग की बैठक में रखेंगे।

और पिछले प्रशासन ने इन गतिविधियों की पूरी श्रृंखला को नजरअंदाज कर दिया था और कम करके आंका था ताकि समझौते में कोई खतरा न हो, और इसलिए हमें लगता है कि यह एक ऐसी गलती थी जो अमेरिकी हितों और हमारे भागीदारों और सहयोगियों के हितों को खतरे में डालती थी।   और इसलिए हम अब उस चीज के समाधान का विकल्प तलाशने के लिए सहयोगियों के साथ काम कर रहे हैं जिन्हें हम मानते हैं, कि वे JCPOA की कमियाँ हैं और यह कि उन अन्य सभी गतिविधियों को भी अनदेखा न करें जो शांति एवं सुरक्षा में योगदान नहीं करती हैं।

प्रश्न: लेकिन आप भी – बस जल्दी से एक फॉलो-अप। आप इसे भी अनदेखा नहीं कर सकते हैं कि स्वयं सेक्रेटरी टिलरसन, IAEA, और सभी भागीदारों ने कहा है कि वे इस समझौते के परमाणु संबंधी पहलुओं का अनुपालन कर रहे हैं, और आप इसे पूरी तरह से छोड़ नहीं सकते हैं।

श्रीमान हुक: ईरान अनुपालन में चतुराई दिखाता रहा है।

प्रश्न: तकनीकी अनुपालन।

श्रीमान हुक: चतुराई भरा। JCPOA का चतुराई भरा अनुपालन।

प्रश्न: क्या यह नई है – यह नई चर्चा है – यह नई चर्चा है, जाहिरा तौर पर।

श्रीमान ग्रीनन: निक वाडम्स, ब्लूमबर्ग।

प्रश्न: क्या मैं – मेरे सिर्फ दो सवाल हैं। एक इस पर है – मेरा मतलब है, यह स्पष्ट है कि, जैसा कि आप लोग इस समझौते के बारे में सोचते हैं, इससे पीछे हटना मूर्खतापूर्ण होगा क्योंकि फिर आप इन सभी साइटों को नजरअंदाज कर देंगे जहां IAEA की पहुंच है। इसलिए अचानक, यह ईरान की गतिविधियों पर एक पर्दा डालना होगा। इसलिए इन अन्य दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों की परवाह किए बिना, आप एक बहुत बड़ी दुर्भावनापूर्ण गतिविधि पर गहरी पैठ खो देंगे, जो फिलहाल के लिए सीमित हो गई है। तो क्या आप इस परमाणु समझौते के बाद की जा रही इतनी कड़ी मशक्कत के पीछे का खेल समझा सकते हैं जबकि बाहर से लगता है कि इससे बाहर निकलने से ऐसा कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता है, जिसे आप इसके अंदर रहते हुए हासिल नहीं करते हैं?

और फिर दूसरा सवाल, सिर्फ उत्तर कोरिया पर: क्या आप इसे समझा सकते हैं कि आज सुबह राष्ट्रपति जब चीन से इस कदम के बारे में बातचीत कर रहे थे तो वे किस बात का संदर्भ दे रहे थे? क्या इस महीने के शुरू में उनकी ओर से आया यह बयान बैंकों को लागू करने के लिए कहने के बारे में था – मेरा मतलब है, हमारी आज को लेकर ही यह समझाने के लिए सारी भागदौड़ हो रही थी कि वह किस बारे में बात कर रहे थे जब उन्होंने कहा था कि उन्होंने चीन की ओर से यह सकारात्मक कदम देखा है। यह स्पष्ट नहीं था।

श्रीमान हुक: पहले सवाल पर, निक, हम JCPOA को लागू करने के लिए IAEA के कार्य का दृढ़ता से समर्थन करते हैं और साथ ही, यह भी मानते हैं कि निरीक्षण संबंधी तंत्र और भी मजबूत हो सकता था। और समझौते से वास्तव में हमें कम ही मिलता है – यह हमें निश्चित रूप से कुछ देखने की क्षमता देता है, लेकिन हमें लगता है कि यह हमें निरीक्षणों तथा सत्यापनों को लेकर और अधिक देखने की क्षमता दे सकता था।

प्रश्न: तो – लेकिन फिर आप क्या करते? मेरा मतलब है, बहुत अच्छे?   जैसे कि, ठीक है, समझौता बेकार है, लेकिन आप किस तरह कुछ बेहतर प्राप्त करने जा रहे हैं?

श्रीमान हुक: यही तो वार्ताओं का मकसद है। हमें विश्वास नहीं है – हमें विश्वास नहीं है कि समझौते में अच्छे से मोलभाव किया गया था। हमें लगता है कि समझौते में – समझौते की वार्ताओं के दौरान इसमें ऐसे क्षेत्र हैं जिन पर हमारे कई यूरोपीय सहयोगियों ने प्रकाश डाला था जो उन्हें कमियाँ लगी थीं। और जैसा कि हम, इस हफ्ते के दौरान, ईरान समझौते के बारे में अन्य देशों के साथ बात करेंगे, उन क्षेत्रों के बारे में सतर्कता है जिन्हें मजबूत करने की जरूरत है। ऐसी चीजों को करने के कई तरीके हैं।

प्रश्न: (अस्पष्ट।)

प्रश्न: अब उत्तरी कोरिया का मुद्दा?

श्रीमान ग्रीनन: मैट ली, AP।

प्रश्न: मुझे एक के बारे में पता है।

प्रश्न: क्या आप सिर्फ उत्तरी कोरिया के मुद्दे का जवाब दे सकते हैं?

श्रीमान ग्रीनन: चीन पर (अश्रव्य)।

प्रश्न: किस पर – क्या चीन – राष्ट्रपति किस पर बात कर रहे थे।

श्रीमान हुक: मैंने बयान को नहीं देखा है।

प्रश्न: क्या —

श्रीमान हुक: मैंने अब तक इसे नहीं देखा है।

प्रश्न: क्या मैं फॉलो-अप पूछ सकता हूँ?

प्रश्न: क्या यह – जैसा कि आप कहते हैं अनेक यूरोपीय सहयोगियों से अधिक है। ऐसा प्रतीत होता है कि वर्णन यह है जिसने प्रशासन को काबू में कर लिया है – प्रशासन में सामान्य बोलचाल की भाषा पर आएं कि कुछ यूरोपियनों की ओर से यह बड़ा विरोध था। मुझे फ्रांसीसियों की शिकायतों के बारे में जानकारी है, और इसी की बात चल रही है। और कौन?

श्रीमान हुक: मैंने कभी किसी को यह कहते नहीं सुना कि JCPOA बेहतरीन है।

प्रश्न: नहीं, कभी किसी ने नहीं कहा।

प्रश्न: अमेरिकियों ने भी नहीं?

प्रश्न: सेक्रेटरी कैरी ने भी नहीं कहा।

श्रीमान हुक: और इसलिए – दौरान – मुझे याद है, बातचीत के दौरान वाद-विवाद के बाद, वहाँ – हमने सुना था – मेरा मतलब, मेरे विचार से समझौते के पक्षकार विभिन्न देशों द्वारा इनमें से कुछ की रिपोर्ट की गई – उन चीजों के बारे में जिन्हें वे समझौते से बाहर करने की फिराक में थे जो उन्हें नहीं मिला था। और इस प्रकार वे कुछ तथ्य हैं, वे जो चाहते थे उसे प्राप्त नहीं कर पाए; उसमें बदलाव नहीं आया है। मेरे विचार से कई तरीके हैं – कमियों को दूर करने पर विचार करने के अनेक तरीके हैं। अथवा मैं कहूँगा कि मेरे विचार से यह सुनिश्चित करने के अनेक तरीके हैं कि ईरान कभी परमाणु शक्ति वाला राज्य न बने।

प्रश्न: और फिर सिर्फ —

श्रीमान हुक: इसे साकार करने की कोशिश करने का JCPOA एक प्रस्ताव है, एक अवसर है। JCPOA से पहले, हमारे पास प्रतिबंधों का निर्माता था। और UN से पहले, हमारे पास IAEA था। और इस प्रकार जब आप इसके जीवन-चक्र पर नजर डालते हैं, तो आप IAEA को यह मामला UN सुरक्षा परिषद् को भेजते हुए पाते हैं – शायद यह ’05 या ’06 की बात है। और उन्होंने कहा है कि हम इसे सुरक्षा परिषद् को संभावित कार्रवाई के लिए भेज रहे हैं, क्योंकि हम प्रमाणित नहीं कर सकते हैं कि वे NPT के सदस्य के रूप में अनुपालन करते हैं। और फिर विभिन्न प्रतिबंधों के संकल्प लागू किए गए जो बुश प्रशासन और ओबामा प्रशासन में पारित किए गए थे, तथा जो यह सुनिश्चित करने का एक तरीका था कि ईरान परमाणु राज्य न बने। उसे साकार करने के अन्य तरीके भी हैं।  उनमें से JCPOA एक है। मेरा उससे बस यही मतलब था।

श्रीमान ग्रीनन: आइए हम मार्गरेट ब्रेनन के पास चलें।

प्रश्न: धन्यवाद।

श्रीमान ग्रीनन: CBS.

प्रश्न: अवश्य। इस संबंध में – ज़रीफ के साथ क्या बातचीत हुई थी? ऐसा पहली बार हुआ था कि ये दो व्यक्ति, कम-से-कम जहाँ तक मैं जानती हूँ, एक कमरे में थे। क्या वहाँ कोई सीधी बातचीत हुई थी? और क्या सेक्रेटरी ने – मेरा मतलब, सेक्रेटरी ने क्या किया – आपने विचार दिया था कि वे क्या कहना और व्यक्त करना चाहते थे, लेकिन क्या वे वास्तव में किसी को इस बारे में रजामंद करके बाहर निकल गए थे जो इस समझौते का पक्षकार कि पुन:बातचीत की संभावना है? क्योंकि यह कुछ नहीं है – वे सभी बेहद कड़े तौर पर रिकॉर्ड पर यह कहते रहे हैं कि हमें मौजूदा चीजों के स्वरूप को बरकरार रखना है, हम हर किसी और चीज के बारे में अलग-से बात कर सकते हैं। क्या आपने किसी को रजामंद किया?

प्रश्न: मोघेरिनी ने कहा कि आपने इसकी चर्चा तक नहीं की।

श्रीमान हुक: चर्चा नहीं की – किसकी चर्चा नहीं की?

प्रश्न: करार को दोबारा खोलना।

श्रीमान हुक: मैं बैठक के बारे में कुछ कहना चाहूँगा। यह – संयुक्त आयोग के सभी सदस्यों ने वक्तव्य दिए, तथा वे क्रमवार गए, और सभी वक्तव्य तैयार करके लाए थे। यह बिल्कुल UN सुरक्षा परिषद् की बैठक की तरह संचालित की गई थी। यह UN सुरक्षा परिषद् की बैठक नहीं थी; यह संयुक्त आयोग की बैठक थी, लेकिन यह बिल्कुल UN सुरक्षा परिषद् की बैठक की तरह संचालित की गई थी।

प्रश्न: इस प्रकार इसमें साथ-साथ ज़रीफ के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई थी —

श्रीमान हुक: नहीं।

प्रश्न: — और टिलरसन?

श्रीमान हुक:  नहीं।

प्रश्न: लेकिन क्या आप इस प्रश्न का उत्तर दे सकते हैं कि क्या – क्या उपलब्धि हासिल हुई? क्या यह शिकायतों का बखान मात्र था, या यह केवल यही था कि वे यह कहते हुए बाहर निकल गए कि हम दूसरी अनुवर्ती बैठक आयोजित करेंगे। फ्रांस: “ओह, अरे, मेरा विचार बदल गया है?” ऐसा क्या, क्या किसी ने उस कमरे से बाहर निकलते समय अपना विचार बदल दिया था? क्योंकि ऐसा लगता है कि किसी ने नहीं बदला था।

श्रीमान हुक: संयुक्त आयोग ने UN की जनरल असैम्बली की समाप्ति पर बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया, तथा सेक्रेटरी टिलरसन मंत्रालयीय बैठक में भाग लेने पर बेहद खुश थे ताकि वे ईरान परमाणु समझौते के सदस्यों के साथ उन अनेक प्रश्नों को साझा कर सकें जो हमारे पास ईरानी हूकूमत द्वारा खड़े किए गए खतरों तथा JCPOA के संबंध में हमारी चिंताओं से संबंधित हैं।

श्रीमान ग्रीनन: जॉन हडसन, बज़फीड।

प्रश्न: नमस्कार। क्या आप सेक्रेटरी टिलरसन की द्विपक्षीय या लेवरॉव के साथ हुई बैठक के बारे में कुछ बता सकते हैं, क्या द्विपक्षीय मुद्दों, रणनीतिक स्थायित्व के मुद्दों, उकसाने वालों के संबंध में कोई प्रगति हुई? और लेवरॉव ने इस सप्ताह अपने इंटरव्यू दिया और उन्होंने कहा – एक प्रकार से सुझाव दिया कि अंत में ईंट का जवाब पत्थर से दिया जा सकता है। क्या यह आपकी उम्मीद है या क्या आपको लगता है कि बदले का एक और चरण हो सकता है?

श्रीमान हुक: पहला – सप्ताह के आरंभ में द्विपक्षीय वार्ता सीरिया में संघर्ष समाप्त करने पर चर्चा करने के लिए थी। यह बैठक का फोकस था: संघर्ष-विराम माध्यम को बरकरार रखना जैसा कि रखा जाना चाहिए। बैठक का फोकस यही था।

श्रीमान ग्रीनन: ठीक है। वॉल स्ट्रीट जर्नल से फेलिसिया।

प्रश्न: लेकिन क्षमा चाहूँगा, दूसरा – उनके पास उससे बात करने के लिए, तथा चर्चा के मुद्दों से संबंधित कोई बात करने के लिए 45 मिनट थे? क्योंकि उन्होंने संघर्ष-समापन के बाहर कुछ समय बिताया था।

श्रीमान हुक: मैं बैठक के पहले हिस्से में नहीं था, पहले हिस्से के अधिकांश समय तक, तथा इसलिए मुझे उस बैठक का पूरा वृतांत नहीं मिला – मेरे पास पूरा वृतांत नहीं है।

श्रीमान हैमंड: मेरे अनुसार सेक्रेटरी से पिछली रात प्रेस सम्मेलन में पूछा गया था कि उनके अनुसार यह संबंध कहाँ तक चलेगा, इसलिए मैं आपके लिए उसका संदर्भ दूँगा।

श्रीमान ग्रीनन: हम पहले फेलिसिया, वॉल स्ट्रीट जर्नल, और फिर निकोल तथा CNN का रुख करेंगे।

श्रीमान हुक: हैलो, फेलिसिया।.

प्रश्न: धन्यवाद, ब्रायन। JCPOA पर वापस जाते हुए, सेक्रेटरी ने फॉक्स पर कहा कि यदि अमेरिका समझौते में बना रहेगा, तो कुछ बदलाव करने पड़ेंगे। कम-से-कम फ्रांस रिकॉर्ड पर यह कहते सामने आया है कि वे सुझाव दे रहे हैं कि अमेरिका, JCPOA के अन्य पक्षकार ईरान के साथ बैलिस्टिक मिसाइलों के संबंध में बातचीत शुरू करें। मैं बस यही समझने की कोशिश कर रही हूँ कि क्या वह अनुबंध में बदलाव करना माना जाएगा।  जब सेक्रेटरी बदलाव करने के बारे में कहते हैं, तो क्या वे वास्तव में अनुबंध शुरू करने के बारे में बात कर रहे होते हैं, या अनुबंध के बाहर की अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी शामिल होंगी।

श्रीमान हुक: JCPOA एक कार्य-योजना है। इसे अनुबंध का शीर्षक नहीं दिया गया है।  यह कार्य-योजना है, और योजनाओं में बदलाव किया जा सकता है।

प्रश्न: यह बस ऐसा लगता है कि मानो यह थोड़ी-बहुत लीपापोती हो रही है – यदि आप यहाँ जो करने की कोशिश कर रहे हैं, वह यूरोपियनों और शायद रूसियों और चीनियों को समझौते को सशक्त करने के लिए बुलाना है, तो समझौते में बदलाव करने या समझौते में बदलाव न करने पर इतना ध्यान क्यों दे रहे हैं? मेरे विचार से यह अमेरिकियों के लिए समझने में भ्रम पैदा कर रहा है, जैसे, आप यहाँ कौन-सी सफलता पाने की कोशिश कर रहे हैं और आप इसे कैसे हासिल करने वाले हैं।

श्रीमान हुक: प्रशासन की ईरान संबंधी नीति की अभी समीक्षा की जा रही है, और इस अवधि के दौरान हम हमारे द्वारा JCPOA की कमियों के रूप में पहचानी गई बातों पर ध्यान देने के विकल्पों की खोज करने के लिए सहयोगियों के साथ काम करते रहे हैं, जिसमें सूर्यास्त, पिछले प्रशासन के अधीन मौजूदा प्रतिबंधों को अपर्याप्त रूप से लागू करना, तथा कैसे – यह भी कि, हम हुकूमत के खतरा पैदा करने वाले गैर-परमाणु व्यवहार पर कैसे प्रतिक्रिया करते हैं। हम सहयोगियों के साथ अपने परामर्शों के आरंभिक चरणों में हैं, तथा यह प्रथम मंत्रालयीय बैठक थी जिसमें सेक्रेटरी ने कार्य-योजना के हस्ताक्षरकर्ता देशों के साथ भाग लिया था। और अपनी मौजूदा स्थिति के मद्देनजर, हमें कार्य-योजना के सदस्यों की प्रथम मंत्रालयीय बैठक से किसी प्रकार की शुरूआत होने आशा नहीं करनी चाहिए।

श्रीमान ग्रीनन: CNN से निकोल।

प्रश्न: नमस्कार। निकोल गाओटे।  यह एक प्रकार से फेलिसिया के लिए असामान्य है, लेकिन उस बैठक में तथा निश्चित रूप से उन सरकारी वक्तव्यों से जो हमने यूरोपियनों, रूसियों, अन्य सदस्यों से सुने हैं, ऐसा नहीं लगता है कि आपने किसी को रजामंद किया है। मैं जानना चाहती हूँ कि क्या ऐसा कुछ है जो आपने उस कमरे में मौजूद अन्य पक्षकारों से सुना है जिससे आपके दृष्टिकोण पर असर पड़ने वाला है अथवा यह ऐसा विचार था जो आपके अनुसार विचार करने योग्य हो सकता है जब आप इस पसोपेस में पड़े होते हैं कि वे बदलाव कैसे लाए जाएं जिन्हें आप देखना चाहेंगे।

मेरा दूसरा प्रश्न यह है कि ऐसा लगता है – मैं पूरी तरह से नहीं जानती हूँ कि आपके वक्तव्य, जिसकी समीक्षा की जा रही है तथा राष्ट्रपति ट्रम्प का वक्तव्य, कि उन्होंने निर्णय ले लिया है, के बीच सामंजस्य कैसे बिठाऊँ। वे निर्णय कैसे ले सकते हैं यदि आप लोग अभी तक विचार ही कर रहे हैं कि क्या करना है?

श्रीमान हुक: क्योंकि वह निर्णय जिसका राष्ट्रपति ने संदर्भ दिया था, वह INARA प्रमाणन से संबंधित है। यह हमारी ईरान नीति का एक ही पहलू है, तथा यही हम लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं – कि हम हुकूमत की अनेक अन्य गलत गतिविधियों का बहिष्कार करने के लिए परमाणु कार्यक्रम पर अदूरदर्शी रवैया नहीं अपना सकते हैं। और इसीलिए राष्ट्रपति ने INARA के संबंध में निर्णय ले लिया है। हम ईरान के व्यवहार के गैर-परमाणु पहलुओं पर विचार करने के लिए अब भी अपनी – एक विस्तृत योजना तैयार कर रहे हैं।

प्रश्न: कोनोर फिन्नेगन —

श्रीमान ग्रीनन: कोनोर फिन्नेगन, ABC न्यूज।

प्रश्न: — ABC न्यूज़।

श्रीमान हुक: ओह, क्या मैं एक और बात का उल्लेख कर सकता हूँ? संयुक्त आयोग की बैठक – इसका कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया था। और इसलिए आपने कहा था कि  —

प्रश्न: मैं जानना चाहता था कि क्या —

श्रीमान हुक: नहीं, आपने उत्तर दिया था कि कोई सफलता नहीं मिली। वहाँ ऐसा नहीं था – अमेरिका किसी प्रस्ताव के साथ बैठक में नहीं आया था। हम बैठक में JCPOA की कमियों से संबंधित अपनी चिंताओं तथा एक बड़े खतरों को साझा करने का इरादे से आए थे – वे बड़े खतरे जो ईरान शांति और सुरक्षा के लिए खड़ा किए हुए है।

श्रीमान ग्रीनन: ठीक है। कोनोर फिन्नेगन, ABC.

प्रश्न: और मात्र उन कमियों पर विचार करने के लिए, हालाँकि, यदि आप समझौते को प्रमाणित नहीं करते हैं, और यदि यह रद्द हो जाता है तथा अमेरिका पर इसके रद्द होने का आरोप लगता है अथवा फिर अमेरिका को इससे निकाल दिया जाता है, तो आपको उन कमियों पर विचार करने के लिए क्या प्रेरणा मिलती है?

श्रीमान हुक: क्या आप वह दे सकते हैं – क्या?

सहयोगी:   (ऑफ-माइक।)

श्रीमान हुक: क्या आप वह एक और बार पूछ सकते हैं?

प्रश्न: यदि आप समझौते को प्रमाणित नहीं करते हैं और फिर अमेरिका पर इसे रद्द किए जाने का आरोप लगता है या फिर अमेरिका इसका कोई पक्षकार नहीं रह जाता है तथा इस तक पहले जैसी पहुँच नहीं रखता है, तो फिर आपको उन सभी अन्य कमियों पर विचार करने की क्या प्रेरणा मिलती है जिनका आपने समझौते और ईरान की अन्य गतिविधियों के बारे में अभी उल्लेख किया था?

श्रीमान हुक: मेरे विचार से इस पर – मैंने उस प्रश्न में तीन शर्तें देखी थीं। इसका एक प्रकार का एक-वाक्य का उत्तर दिया जाना मुश्किल हो जाता है। INARA प्रमाणन JCPOA से संबंधित है लेकिन अलग है। मैं पहले से फैसला नहीं करने वाला हूँ कि राष्ट्रपति ने क्या अथवा – राष्ट्रपति ने निर्णय ले लिया है। हमें उचित वक्त पर इसकी जानकारी हो जाएगी।  निर्णय पर ध्यान दिए बिना, अमेरिका के पास ईरान की विभिन्न गलत गतिविधियों, परमाणु और गैर-परमाणु पर ध्यान देने के अनेक प्रकार के विकल्प हैं। उनमें शामिल हैं, विशेष रूप से – आपने वे प्रतिबंध देखे हैं जो राष्ट्रपति के चुने जाने के बाद से हमने लगाए हैं। और इस प्रकार हमने, मेरे विचार से शुरू कर रहे हैं – हमने अपनी ईरान से संबंधित नीति की समीक्षा अप्रैल में शुरू की थी। जब हम ऐसा करते रहे हैं, तब हमने इस नीति की समीक्षा करते समय ईरान पर अनेक प्रतिबंधों को लागू किया है। और इस प्रकार प्रमाणन या कोई प्रमाणन नहीं, इससे शांति और सुरक्षा के खतरों पर ध्यान देने की हमारी योग्यता बाधित नहीं होती है।

प्रश्न: इस पर मात्र एक तात्कालिक, उत्तम विचार रखने के लिए, मात्र इसलिए कि वह – यदि वह गैर-प्रमाणित कर देता है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि आप समझौते से स्वत: ही बाहर निकल रहे हैं।

प्रश्न: इसमें दो बातें हैं। यह —

प्रश्न: नहीं, मुझे पता है। यही पूर्ण तथ्य है – लेकिन यही वह बात है जो लगता है कि आप कहने वाले हैं, जैसे वह INARA को अप्रमाणित कर सकते हैं, लेकिन – जिसका अर्थ यह नहीं है कि आप – यह अर्थ नहीं है कि समझौता – आप बाहर निकल रहे हैं।

श्रीमान हुक: INARA के लिए प्रमाणन अपेक्षित है अथवा कोई प्रमाणन अपेक्षित नहीं है —

प्रश्न: ठीक है।

श्रीमान हुक: – प्रत्येक 90 दिन पर।

प्रश्न: ठीक है।

श्रीमान हुक: यह —

प्रश्न: स्वयं समझौते से ही अलग है।

श्रीमान हुक: यह ईरान समझौते से अलग है।

प्रश्न: हाँ, ठीक।

प्रश्न: क्या आप जानते हैं कि क्या निर्णय लिया गया है? और यदि आप नहीं जानते हैं, तो क्या आपको अंदाजा नहीं लगाना चाहिए —

श्रीमान हैमंड: प्रश्न का उत्तर देते समय नजर न मिलाएं। (हँसी।)

प्रश्न: क्या आपको पता नहीं होना चाहिए – पता नहीं लगाना चाहिए कि बेहद तेजी से क्या तैयार होता है? क्योंकि आप केवल ऐसा पता चला था —

प्रश्न: इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इससे वास्तव में कोई फर्क नहीं पड़ता।

श्रीमान हुक: किससे फर्क नहीं पड़ता?

प्रश्न: इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप प्रमाणित करते हैं या नहीं करते हैं।

प्रश्न: बेशक यह – क्या? नहीं। मैं यह पूछ रहा हूँ कि क्या आपको पता है कि निर्णय क्या है।

श्रीमान हुक: मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है।

प्रश्न: अरे?

श्रीमान हुक: मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है।

श्रीमान हैमंड: ठीक है। दो और प्रश्न।

श्रीमान ग्रीनन: एबीगेल। NBC से एबीगेल और CBS से काइली एटवुड।

श्रीमान ग्रीनन: ठीक है। हम एबी से शुरुआत करेंगे और फिर CBS से काइली का रुख करेंगे। एबी, NBC.

प्रश्न: JCPOA में, लेकिन विशेष रूप से, ईरान में अन्य लोगों के प्रतिक्रिया करने के तरीके के बारे में अनेक प्रकार के प्रश्न हैं, मुझे जानना है कि क्या ऐसा कोई विशेषण है जो आप उस तरीके को दे सकते हैं जिसके माध्यम से जरीफ़ ने सेक्रेटरी द्वारा दिए गए वक्तव्य पर स्वयं प्रतिक्रिया की। इसके अलावा, विशेष रूप से, सेक्रेटरी ने ऐसे प्रतिबंध लगाने के विचार के बारे में बताया जो गलत गतिविधियों पर ध्यान देने तथा ऐसा करने में यूरोपीय साझेदारों को साथ लाने के लिए ईरानी समझौते से ही बाहर थे। मैं जानना चाहती थी कि क्या उस सुझाव पर ईरान की कोई प्रतिक्रिया थी।

श्रीमान हुक: क्या आप अपना पहला प्रश्न एक बार और दोहरा सकती हैं, एबी?

प्रश्न: अवश्य। पहला प्रश्न था —

श्रीमान हैमंड:  हम पहले पहला प्रश्न लेंगे और फिर दूसरे पर आएंगे।  हम विचार करेंगे – एबी, हम – बाद में – ध्यान देंगे। वहाँ —

प्रश्न: ठीक है। दोनों प्रश्न?

श्रीमान हैमंड: बस अब अपना दूसरा प्रश्न पूछें। हम दूसरे प्रश्न पर बाद में विचार करेंगे —

प्रश्न: ठीक है।

श्रीमान हैमंड: — जो मैट का है।

प्रश्न: ठीक है। तो —

प्रश्न: ईरान ने क्या प्रतिक्रिया दी।

प्रश्न: —  ईरान ने सेक्रेटरी की बात पर – सेक्रेटरी यूरोपीय साझेदारों को साथ लेकर गलत गतिविधियों पर जहाँ अमेरिका ने बहु-पक्षीय कार्रवाइयाँ की थीं, ध्यान देने के लिए समझौते के बाहर वाले अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की बात कर रहे थे – पर क्या प्रतिक्रिया दी। मुझे जानना है कि ज़रीफ ने उस सुझाव पर क्या प्रतिक्रिया दी।

श्रीमान हुक: संयुक्त आयोग की बैठक में कोई विशेष प्रस्ताव नहीं रखा गया। यह सेक्रेटरी के लिए समझौते पर तथा ईरान की गैर-स्थिरीकरण की गतिविधियों पर अपने विचार व्यक्त करने का मौका था। क्योंकि बैठक में न तो कोई विशेष प्रस्ताव रखा गया था और न ही किसी ने कोई आशा व्यक्त की थी कि कोई प्रस्ताव रखा जाएगा, कोई भी बैठक में कोई विशेष प्रस्ताव लेकर नहीं आया था। और इस प्रकार – बैठक के अंत में प्रस्ताव पर कोई मतदान नहीं हुआ था क्योंकि कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया था।

और इस प्रकार कार्य-योजना के सभी हस्ताक्षरकर्ताओं में से अपनी प्रथम मंत्रालयीय-स्तर की बैठक में भाग लेने वाला यह नया प्रशासन है, तथा सेक्रेटरी मेरे द्वारा उल्लेख की गई बातों पर अपने विचार साझा करना चाहते थे।

श्रीमान हैमंड: अंतिम प्रश्न।

श्रीमान ग्रीनन: ठीक है। काइली।

प्रश्न: ठीक है। तो —

श्रीमान हुक: हैलो, काइली।

प्रश्न: तो मेरे विचार से यहाँ मौजूद प्रत्येक व्यक्ति समझता है कि आप प्रमाणन के JCPOA से भिन्न होने के बारे में क्या कह रहे हैं। आप उस अंतर को अमेरिकी लोगों को कैसे समझाएंगे? और इस अप्रमाणन करने का क्या औचित्य है यदि आप समझौते में बने रहने वाले हैं?

श्रीमान हुक: INARA को ओबामा प्रशासन के दौरान पारित किया गया था तथा यह ओबामा प्रशासन की इच्छा के अनुसार तैयार किया गया था। यह नया प्रशासन है जो ईरान के विभिन्न खतरों के प्रति व्यापक दृष्टिकोण रख रहा है तथा प्रमाणन – या गैर-प्रमाणन राष्ट्रपति और कांग्रेस के बीच की बातचीत है। इसका JCPOA पर कोई स्वतः अनुप्रयोग नहीं है।

प्रश्न: क्या आपका कहना है कि यह केवल सांकेतिक, राजनीतिक है?

प्रश्न: इसके बाद, इसके सिवाय कि वे प्रतिबंधों पर दोबारा मत देने पर मतदान कर सकें, जिससे आपके द्वारा इसका उल्लंघन हो जाएगा।

श्रीमान हुक: लेकिन यह स्वतः नहीं है।

###


मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/r/pa/prs/ps/2017/09/274368.htm
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
ईमेल अपडेट्स
अपडेट्स के लिए साइन-अप करने या अपने सब्सक्राइबर प्राथमिकताओं तक पहुंचने के लिए कृपया नीचे अपनी संपर्क जानकारी डालें