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हैनशॉ ब्रीफिंग: शरणार्थी कांफ्रेंस कॉल के लिए मानवतावादी सहायता

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08 नवम्बर 2017
अफ्रीका प्रांतीय मीडिया हब

 

 

प्रचालक: देवियों और सज्जनों, यहाँ बने रहने के लिए धन्यवाद और शरणार्थी कांफ्रेंस कॉल के लिए मानवतावादी सहायता में आपका स्वागत है। इस समय पर, सभी प्रतिभागी केवल सुनने के मोड पर हैं, और बाद में, हम एक प्रश्न-उत्तर सत्र का संचालन करेंगे। निर्देश उसी समय दिये जाएंगे। यदि आपको आज की कॉल के दौरान किसी सहायता की आवश्यकता है, तो कृपया पहले * और फिर 0 दबाएँ। और एक अनुस्मारक के तौर पर, आज की कांफ्रेंस रिकॉर्ड की जा रही है। अब मैं इस कांफ्रेंस को आपकी मेजबान, सुश्री हेलेना व्हाइट को सौंप दूंगा। कृपया शुरु करें।

समन्वयक: गुडमार्निंग, श्रीमान मेहता और ललित झा, खुशी है कि आप आज हमारे साथ यहाँ शामिल हो सके। और लन्दन से गुड आफ्टरनून। यह स्टेट डिपार्टमेंट के लन्दन मीडिया हब से है। मैं हमारे प्रतिभागियों का स्वागत करना चाहती हूँ, जिन्होंने दुनिया भर से इसमें हिस्सा लिया है। आज हमारे साथ यहाँ श्रीमान सिमोन हैनशॉ शामिल हुए हैं, जो जनसंख्या, शरणार्थी और प्रस्थान के लिए हमारे कार्यकारी सहायक सचिव हैं। कार्यकारी सहायक सचिव हैनशॉ इस क्षेत्र की अपनी हाल ही की यात्रा, राखिने राज्य के संकट के कारण मानवतावादी और मानवाधिकारों के संबंध में उत्पन्न हो रही चिंताओं, और बांग्लादेश और इस क्षेत्र में शरणार्थियों के लिए अमेरिकी सहायता के बारे में विचार-विमर्श करेंगे। कार्यकारी सहायक सचिव हैनशॉ हमसे वाशिंगटन डी.सी से बात कर रहे हैं। हम सहायक सचिव की टिप्पणियों से शुरुआत करेंगे और फिर आपके सवालों की ओर बढ़ेंगे। प्रश्न पूछने की पंक्ति में शामिल होने के लिए कृपया अपने फोन पर *1 दबाएँ।  यदि आप एक स्पीकर फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको *1 दबाने से पहले हैडसेट उठाने की आवश्यकता होगी। आज की कॉल रिकॉर्ड पर है और लगभग 30 मिनटों तक चलेगी। और इसके साथ ही, मैं इसे कार्यवाहक सहायक सचिव को दूंगी।

श्रीमान हैनशॉ: आप सभी का इसमें शामिल होने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। मैंने बर्मा और बांग्लादेश के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, ताकि मानवतावादी स्थिति और हमारी सहायता का क्या प्रभाव हो रहा है, उसे प्रत्यक्ष रूप से देख सकूँ। मेरे साथ, इस प्रतिनिधिमंडल में स्टेट डिपार्टमेंट के लोकतंत्र, मानवाधिकार और श्रम ब्यूरों के कार्यवाहक उप सहायक स्कॉट बस्बी; दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो के कार्यकारी उप सहायक सेक्रेटरी टॉम वाजदा; और पूर्वी एशियाई और प्रशांत मामलों के ब्यूरो की कार्यालय निदेशक पेट्रीशिया महोनी भी शामिल थे। इसके अलावा, प्रवक्ता हैदर न्यूअर्ट भी कॉक्स बाजार, ढाका और बांग्लादेश में शरणार्थी कैम्पों की यात्रा के अंतिम चरण के लिए हमारे साथ शामिल हुईं।

बर्मा में, हम सरकारी अधिकारियों और रोहिंग्या और जातीय राखिने समुदाय के नेताओं से मिले, जिसमें बर्मा में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के लिए एक शिविर का दौरा करना भी शामिल था। हमने बर्मा की सरकार से कानून के शासन को बहाल करने, स्थानीय आबादी की रक्षा करने, कथित मानवाधिकारों के दुरुपयोग और उल्लंघन की जांच करने और जिम्मेदार व्यक्तियों पर जवाबदेही रखने का अनुरोध किया। हम प्रत्यावर्तन के लिए सरकार की योजनाओं का स्वागत करते हैं और उन्हें जल्द से जल्द इन योजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, इससे सुरक्षित परिस्थितियों के निर्माण के महत्व को बल मिलता है जिससे शरणार्थी स्वेच्छा से अपने गाँवों और घरों को वापस लौटने की इजाजत मिल सके।

फिर हमने बांग्लादेश की यात्रा की, जहां हम सरकारी अधिकारियों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों से मिले और कॉक्स बाजार के पास स्थित शरणार्थी शिविरों का दौरा किया। शिविरों में हमने जो देखा वह चौंकाने वाला था; शरणार्थी संकट का पैमाना बेहद विशाल है: 25 अगस्त से 600,000 से ज्यादा लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। और स्थितियाँ बहुत कठिन हैं, अस्थायी टेंटों और आश्रय-स्थलों में लोग दूर-दूर तक भरे पड़े हैं। लोग अत्यंत पीड़ा में थे; बहुत से शरणार्थियों ने हमें रोते हुए बताया कि उन्होंने अपने गाँवों को जलते हुए देखा है, अपनी आँखों के सामने अपने रिश्तेदारों को मरते हुए देखा है; कुछ ने बताया कि जब वे भाग रहे थे तो उन पर गोलियाँ चलाई गईं। इस आघात के बावजूद, कई लोगों ने बर्मा में अपने घर लौटने की तीव्र इच्छा व्यक्त की, बशर्ते कि उनकी सुरक्षा, संरक्षण और अधिकारों की गारंटी दी जाए।

मैं बांग्लादेश की सरकार और लोगों और हमारे मानवतावादी भागीदारों की उदारता और प्रतिबद्धता के लिए हमारी प्रशंसा को रेखांकित करना चाहता हूं, जो इस समय दृश्य पर संचालन कर रहे हैं। लेकिन इस स्थिति पर बहुत अधिक काम करने की आवश्यकता है; इस संकट में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की सहायता करने के लिए अमेरिका धन देने वालों में सबसे पहले था, और हमारी प्रतिबद्धता के बाद अन्य दाताओं द्वारा उदार योगदान दिया गया है। हालांकि, और अधिक की आवश्यकता है। अमेरिका उन लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है जो इस संकट से प्रभावित हुए हैं, और इस क्षेत्र सहित दूसरों से हमारी प्रतिक्रिया में शामिल होने की अपील करता है। मैं अब कुछ प्रश्न लूंगा; धन्यवाद।

प्रचालक: धन्यवाद, और एक बार फिर से, फोन से प्रश्नों के लिए पहले * और फिर 1 दबाएँ। आप एक टोन सुनेंगे जो बताएगी कि आप कतार में हैं, और पाउंड की दबाकर अपने आपको कभी भी इस पंक्ति से हटा सकते हैं। फिर से प्रश्नों के लिए पहले * और फिर 1 दबाएँ।

समन्वयक: क्या हम कृपया श्रीमान मेहता से शुरुआत कर सकते है। और क्या आप अपने सवाल से पहले अपना पूरा नाम और संबंधन बताएँगे? धन्यवाद।

मीडिया:  हाँ, हैलो, आपको गुडमार्निंग और लन्दन को गुड आफ्टरनून। यह मनिक मेहता है। मैं [UNCLEAR] का प्रवक्ता हूँ, जो कुआलालंपुर स्थित एक न्यूज़ एजेंसी से है। मैं भी सिंडिकेटेड हूँ। अब, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने रोहिंग्या के खिलाफ अत्याचार की निंदा की है और बर्मा सरकार से इस स्थिति का समाधान करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। हालांकि, मुझे ये महसूस हो रहा है कि सरकार—अमेरिकी प्रशासन एक नए रुख की ओर खींच रही है और म्यांमार में सैन्य सेनाओं की निंदा कर रही है, जबकि नागरिक सरकार के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह रही है। श्रीमान आपकी इस पर क्या राय है?  धन्यवाद।

श्रीमान हैनशॉ: ठीक है, सैन्य बल निश्चित रूप से राखिने राज्य के अंदर सुरक्षा कार्यों और संरक्षण के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है, और हम सुरक्षा और स्थिरता को पुनर्स्थापित करने और विशेष रूप से सुरक्षा बलों द्वारा किये गये अत्याचार की रिपोर्टों की जांच करवाने की अपील करते हैं। और हम आग्रह करते हैं कि अत्याचारों के लिए जिम्मेदार लोगों को भी जवाबदेह ठहराया जाए।

मीडिया: और क्या नागरिक सरकार इसके बारे में कुछ कर सकती है?

श्रीमान हैनशॉ: हम नागरिक सरकार के साथ भी बातचीत कर रहे हैं और उन्हें यही कदम उठाने का आग्रह कर रहे हैं। आप जानते हैं कि बर्मा में यह मुश्किल है, लोकतंत्र की ओर एक बदलाव हो रहा है, वे संक्रमण की प्रक्रिया में हैं और हम उस संक्रमण की प्रक्रिया का समर्थन करते हैं, और हम दोनों नागरिक अधिकारियों और सैन्य अधिकारियों से बात कर रहे हैं।

समन्वयक: ललित क्या आपका कोई सवाल है?

मीडिया: इसे करने के लिए धन्यवाद। क्या आपको इस रोहिंग्या मुद्दे पर बर्मा और बांग्लादेश की सरकारों के बीच कोई तनाव महसूस हो रहा है, और यह क्या था?  अब आप इन दोनों देशों के संबंधों को कैसे देखते हैं?  और दूसरा, क्या आप रोहिंग्या मुद्दों से निपटने पर बांग्लादेशी सरकार की भूमिका का वर्णन कर सकते हैं?

श्रीमान हैनशॉ: इसके लिए धन्यवाद! मैं दोनों देशों के संबंधों पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, सिवाय यह कहने के कि हम उनकी वार्ताओं का समर्थन करते हैं जो उन्होंने रोहिंग्या मुद्दे पर अब तक की हैं और आगे करेंगे। हमारा मानना है कि इन वार्ताओं के कारण राखिने लोगों की स्वैच्छिक रूप से राखिने राज्य में वापसी होनी चाहिए, ताकि राखिने राज्य की स्थिति को सुरक्षित और स्थिर बनाया जाए ताकि लोग वापस जाने के लिए तैयार हों, और लोगों को अपनी ज़मीन पर वापस जाने में सक्षम होना चाहिए और कि इस प्रक्रिया में राखिने राज्य के अंदर राजनीतिक सामंजस्य शामिल होना चाहिए।

बांग्लादेशी सरकार की कार्रवाईयों पर, हम उनके देश में आने वाले इस विशाल संख्या वाले लोगों से निपटने के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना और प्रशंसा करते हैं। मैं वहां कई अलग-अलग मंत्रालयों से बात कर रहा था, जब मैं वहां गया था- हमने बात की, मेरा प्रतिनिधिमंडल, यह था- और हम बड़ी संख्या में शरणार्थियों को समर्थन देने के लिए उनके सभी प्रयासों की सराहना करते हैं।

समन्वयक: श्रीमान मेहता, क्या आपका कोई और सवाल है?

प्रचालक: यदि आपका कोई सवाल है तो कृपया * और फिर 1 दबाकर फिर से पंक्ति में आएँ।

प्रचालक: उनकी लाइन खुली है।

समन्वयक: आप कई प्रश्न पूछ सकते हैं।

प्रचालक: उनकी लाइन खुली है।

मीडिया: हैलो?

श्रीमान हैनशॉ: जी, नमस्कार।

मीडिया: जी, क्या मैं अपना सवाल पूछ सकता हूँ?

श्रीमान हैनशॉ: जी, कृपया पूछें।

मीडिया: ठीक है। अब, क्या आप बांग्लादेश और म्यांमार के बीच तनाव को हल करने में ASEAN देशों के समूह को भूमिका निभाते हुए देखने की कल्पना करते हैं?

श्रीमान हैनशॉ: मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि क्षेत्रीय देशों ने इस प्रक्रिया का समर्थन किया और इस प्रक्रिया में, प्रत्यावर्तन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए उनकी सहायता करने में दोनों देशों के साथ बातचीत की।

मीडिया: ठीक है, मुझे यकीन है कि आपने वह वक्तव्य देखा होगा जो न्यूयॉर्क में फिलीपीन के विदेश मंत्री श्री कैयटानो द्वारा लाया गया था, जिन्होंने एक बहुत ही कमजोर तरह का बयान जारी किया था, जो कि सीधे तौर पर इस स्थिति की भयावहता का प्रतिबिंब नहीं था, बल्कि वह आलोचना है जिसे मलेशिया द्वारा आवाज दी गई थी। क्या कुछ बहुत ही ठोस शब्दों में ऐसा है, जो इसके अलावा, आप जानते हैं, हल करने की कोशिश करते हुए ASEAN कर सकता है? क्या आप ऐसा कुछ होते देखना चाहते हैं, अमेरिकी पक्ष की ओर से?

श्रीमान हैनशॉ: मुझे लगता है कि इस क्षेत्र में शामिल होने के लिए सबसे अच्छा निर्णय लेना उन पर निर्भर करता है। मुझे लगता है कि बांग्लादेश और बर्मा के साथ ASEAN के विभिन्न देशों के संबंधों को देखते हुए, कि वे समुदायों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और दो देशों के प्रत्यावर्तन प्रयासों में सहायता कर सकते हैं। मुझे यह भी लगता है कि वे जो कर रहे हैं और उन्हें बांग्लादेश के अंदर शरणार्थियों को सहायता प्रदान करने, शरणार्थियों की सहायता के लिए समर्थन प्रयासों को जारी रखना चाहिए।

मीडिया: तो, मेरे पास और कोई सवाल नहीं हैं। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

श्रीमान हैनशॉ: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

समन्वयक: मानिक, क्या आपकी ओर से कोई सवाल हैं?

मीडिया: हाँ, मेरे पास एक और सवाल है। आप जानते हैं, राष्ट्रपति ट्रम्प फिलीपींस और वियतनाम की ओर जा रहे हैं, जहाँ वे ASEAN नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। क्या आप हमें बता सकते हैं कि क्या राष्ट्रपति ASEAN नेताओं के साथ इस मुद्दे पर [अस्पष्ट] की योजना बना रहे हैं और क्या [] को उनसे मिलने का मौका मिलेगा।

श्रीमान हैनशॉ: मैं इस बात पर टिप्पणी नहीं कर सकता कि राष्ट्रपति क्या करने की योजना बना रहे हैं, मैं इसे उन्हीं पर छोड़ दूंगा।  मुझे पता है कि उन्हें इस स्थिति पर अच्छी तरह से जानकारी दी गई है और मुझे पता है कि व्हाइट हाउस ने रोहिंग्या स्थिति के बारे में एक बयान जारी किया था। मैं यह बता सकता हूं कि सेक्रेटरी टिलरसन 15 नवंबर को बर्मा की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं और वहां वे राखिने राज्य में मानवीय संकट को संबोधित करने के लिए अगले कदमों पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों से मिलेंगे।

मीडिया: धन्यवाद।

समन्वयक: ठीक यदि और कोई सवाल नहीं हैं तो सहायक सेक्रेटरी हैनशॉ, आप अंत में कुछ कहना चाहेंगे?

श्रीमान हैनशॉ: श्रीमान सेक्रेटरी, बस आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।

समन्वयक: ठीक है, धन्यवाद; इसी के साथ आज की कॉल समाप्त होती है। मैं सहायक सेक्रेटरी सिमोन हैनशॉ का धन्यवाद करना चाहूंगी और भाग लेने के लिए सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद।  यदि आपके आज की कॉल से संबंधित कोई प्रश्न हैं तो आप लन्दन मीडिया हब से सम्पर्क कर सकते हैं।  मेरा मानना है कि श्रीमान मेहता और ललित झा दोनों के पास मेरी सम्पर्क जानकारी है। हम इस इंटरव्यू को ट्रांसक्राइब करेंगे और आपको 24 घंटे या कम समय में उपलब्ध करवाएंगे। धन्यवाद।

श्रीमान हैनशॉ: धन्यवाद।

प्रचालक: धन्यवाद। देवियो और सज्जनो, आज का सम्मेलन 11:30 पूर्वाह्न पूर्वी समय के बाद से 10 नवम्बर मध्यरात्रि तक डिजिटल पुनरावृत्ति के लिए उपलब्ध होगा। आप 1 (800) 475-6701 डायल करके और एक्सेस कोड 433331 दर्ज करके AT&T टेलीकॉन्फ्रेंस रीप्ले सिस्टम तक पहुंच सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के लिए, आप (320) 365-3844 डायल कर सकते हैं। फिर से ये नंबर 1 (800) 475-6701 और (320) 365-3844, 433331 के एक्सेस कोड के साथ हैं। इसके साथ ही आपके लिए यह कांफ्रेस समाप्त होती है।  आपकी भागीदारी के लिए और AT&T एक्ज़िक्यूटिव टेलीकॉन्फ्रेंस सर्विस का उपयोग करने के लिए धन्यवाद। अब आप डिस्कनेक्ट कर सकते हैं।

 

 


यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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