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APEC CEO शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रम्प का भाषण

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दी व्हाइट हाउस
प्रेस सेक्रेटरी का कार्यालय
तत्काल रिलीज़ के लिए
10 नवम्बर 2017
एरियाना डा नैंग प्रदर्शनी केन्द्र
डा नैंग, वियतनाम

 

 

दोपहर 01:19 IDT

राष्ट्रपति ट्रम्प:  यहाँ वियतनाम में मौजूद होना बहुत सम्मान की बात है — भारत-प्रशांत के केन्द्र में — इस क्षेत्र के लोगों और व्यापारिक नेताओं को संबोधित करने के लिए।

यह दुनिया के इस अद्भुत हिस्से में संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक बहुत ही उत्कृष्ट सप्ताह रहा है।  हवाई से शुरु करते हुए, मलानिया और मैंने जापान, दक्षिण कोरिया, और चीन की यात्रा की है, और अब वियतनाम की, ताकि आप सभी के साथ यहाँ इकट्ठे हो सकें।

इससे पहले कि हम शुरुआत करें मैं तूफान डैमरे से प्रभावित लोगों को संबोधित करना चाहता हूँ।  अमेरिकी लोग आने वाले महीनों में आपके लिए और आपकी बहाली के लिए प्रार्थनाएँ कर रहे हैं।  हमारे दिल इस भयावह तूफान के बाद की पीड़ा से पीड़ित लोगों के साथ जुड़े हुए हैं।

यह दौरा अमेरिका के लिए एक उत्साहजनक समय पर आया है।  एक नया आशावाद सारे देश में छाया हुआ है।  आर्थिक वृद्धि 3.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है, और ऊपर जा रही है।  बेरोज़गारी 17 वर्षों में अपने निम्नतम स्तर पर है।  शेयर बाज़ार पहले से कहीं अधिक उच्च स्तर पर है। और पूरी दुनिया अमेरिका के नवीनीकरण से ऊपर उठी है।

इस यात्रा पर हर उस जगह जहाँ मैंने यात्रा की है, मुझे अमेरिका से अच्छी खबर साझा करने की खुशी मिली है।  लेकिन इससे भी ज्यादा, मुझे स्वतंत्र और खुले भारत-प्रशांत के लिए हमारे दृष्टिकोण को साझा करने का सम्मान मिला है – एक ऐसी जगह जहां विविध संस्कृतियों और कई अलग-अलग सपनों के साथ संप्रभु और स्वतंत्र राष्ट्र सभी समृद्ध हो सकते हैं, और स्वतंत्रता और शांति के साथ कामयाब रह सकते हैं।

मैं आज यहां APEC में बहुत रोमांचित हूं क्योंकि इस संगठन को उस उद्देश्य को हासिल करने में मदद करने के लिए स्थापित किया गया था।  अमेरिका उन देशों के समुदाय के एक गर्वीले सदस्य के रूप में खड़ा है जो प्रशांत क्षेत्र में अपना घर बनाते हैं।  हम इस क्षेत्र में एक सक्रिय भागीदार रहे हैं क्योंकि हमने सबसे पहले स्वयं की स्वतंत्रता को हासिल किया है।

1784 में, पहला अमेरिकी जहाज नए स्वतंत्र संयुक्त राज्य अमेरिका से चीन के लिए रवाना हुआ था।  यह एशिया में बेचने के सामान के साथ भरा हुआ था, और यह चीनी मिट्टी के बर्तन और चाय से भरा हुआ वापस आया था।  हमारे पहले राष्ट्रपति, जॉर्ज वॉशिंगटन खुद, उस जहाज से आये टेबलवेयर के एक सेट के स्वामी थे।

1804 में, थॉमस जेफरसन ने हमारे प्रशांत तट में एक अभियान पर खोजकर्ता लुईस और क्लार्क को भेजा था।  वे उन लाखों अमेरिकियों में से सबसे पहले थे जिन्होंने विशाल महाद्वीप में अमेरिका के परिभाषित भाग्य को बाहर ले जाकर बसाने के लिए पश्चिम की ओर सफर किया।

1817 में, हमारी कांग्रेस ने पहले पूर्णकालिक प्रशांत में एक अमेरिकी युद्धपोत के विकास [तैनाती] को मंजूरी दी थी।  उस प्रारंभिक नौसेना की उपस्थिति जल्द ही एक स्क्वाड्रन और उसके बाद एक बेड़े में बदल गई, जहाजों की बढ़ती संख्या के लिए नेवीगेशन की स्वतंत्रता की गारंटी देने के लिए, हाई सीज़ को फिलीपींस, सिंगापुर और भारत में बाजार तक पहुंचाने के लिए तैयार किया गया।

1818 में, हमने थाईलैंड के राज्य के साथ हमारे संबंधों को शुरू किया, और 15 साल बाद हमारे दोनो देशों ने दोस्ती और वाणिज्य की एक संधि पर हस्ताक्षर किए — किसी एशियाई राष्ट्र के साथ हमारी सबसे पहली संधि।

अगली शताब्दी में, जब साम्राज्यवादी शक्तियों ने इस क्षेत्र को धमकी दी, तो संयुक्त राज्य अमेरिका ने खुद के लिए बहुत बड़ी कीमत पर उन्हें वापस धकेला था।  हम समझते हैं कि सुरक्षा और समृद्धि इस पर निर्भर करती है।

हम लंबे समय तक भारत-प्रशांत क्षेत्र में मित्र, सहयोगी और सहभागी रहे हैं, और हम आने वाले लंबे समय के लिए मित्र, सहयोगी और सहभागी बने रहेंगे।

इस क्षेत्र में पुराने दोस्तों के रूप में, पिछली आधी सदी के दौरान आपके द्वारा की गई असाधारण प्रगति का गवाह बनने, सहायता करने और साझा करने में अमेरिका के मुकाबले किसी को ज्यादा खुशी नहीं हुई है।

आज यहां जिन देशों और अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व किया गया है, वे दुनिया के इस हिस्से में निर्मित हैं, यह चमत्कार से कुछ भी कम नहीं है।  हाल के दशकों में इस क्षेत्र की कहानी यह है कि जब लोग अपने भविष्य के स्वामित्व लेते हैं तो क्या हो पाना संभव है।

सिर्फ कुछ ही लोगों ने एक ऐसी पीढ़ी की कल्पना की होगी कि इन देशों के नेताओं ने डा नांग में हमारी दोस्ती को मजबूत बनाने, हमारी साझेदारी बढ़ाने और हमारे लोगों की अद्भुत उपलब्धियों का जश्न मनाएंगे।

यह शहर एक बार एक अमेरिकी सैन्य अड्डे का घर था, एक ऐसे देश में जहां बहुत से अमेरिकी और वियतनामी एक बहुत खूनी युद्ध में अपनी जान गंवा देते थे।

आज, हम अब दुश्मन नहीं हैं; हम दोस्त हैं।  और यह बंदरगाह शहर दुनिया भर से जहाज़ों के साथ हलचल में है।  ड्रैगन ब्रिज जैसे इंजीनियरिंग के चमत्कार, लाखों लोगों का स्वागत करते हैं जो डा नांग के शानदार समुद्र तटों, चमकती रोशनी और प्राचीन आकर्षण का दौरा करते हैं।

1990 के दशक की शुरुआत में, वियतनाम की लगभग आधी आबादी ने प्रतिदिन कुछ ही डॉलरों पर गुजारा किया था, और चार में से एक के पास कोई बिजली नहीं थी।  आज, एक शुरुआत वियतनामी अर्थव्यवस्था पृथ्वी पर सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।  यह पहले से 30 गुना से अधिक आगे बढ़ चुका है, और वियतनामी छात्र दुनिया के सर्वश्रेष्ठ छात्रों में रैंक करते हैं।  (तालियाँ बजती हैं)।  और यह बहुत प्रभावशाली है।

यह अविश्वसनीय परिवर्तन की यही कहानी है जिसे हमने पूरे क्षेत्र में देखा है।  दशकों से इंडोनेशियाई लोग 13,000 से अधिक द्वीपों की विशाल श्रृंखला को नियंत्रित करने के लिए घरेलू और लोकतांत्रिक संस्थानों का निर्माण कर रहे हैं।  1990 के दशक से, इंडोनेशिया के लोगों ने जी-20 के सबसे तेज़ी से बढ़ रहे देशों में से एक बनने के लिए गरीबी से खुद को ऊपर उठा लिया है।  आज, यह पृथ्वी का तीसरा सबसे बड़ा लोकतंत्र है।

फिलीपींस मजबूत और गंभीर परिवारों के एक गर्वीले राष्ट्र के रूप में उभरा है।  11 लगातार वर्षों के लिए, विश्व आर्थिक मंच ने फिलीपींस को एशियाई देशों के बीच लिंग के अंतर को बंद करने और व्यापार और राजनीति में महिला नेताओं को गले लगाने के लिए स्थान दिया है।  (तालियाँ बजती हैं)।

थाईलैंड का राज्य एक पीढ़ी से भी कम समय में एक उच्च मध्यम आय वाले देश बन गया है।  बैंकाक की इसकी राजसी राजधानी अब पृथ्वी पर सबसे अधिक दौरा किया जाने वाला शहर है।  और यह बहुत प्रभावशाली है।  यहां बहुत से लोग थाईलैंड से नहीं हैं।  (तालियाँ बजती हैं)।

हाल ही के दशकों से मलेशिया तेजी से विकसित हुआ है, और इसे अब व्यवसाय करने के लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्थानों में से एक के रूप में स्थान दिया गया है।

सिंगापुर में, वे नागरिक जो $500 डॉलर प्रतिदिन [वर्ष] पर आश्रित रहने वाले माता-पिता के बच्चे हैं, वे अब दुनिया में सबसे अधिक कमाई करने वाले लोग हैं – एक परिवर्तन जो ली क्वान यू के ईमानदार शासन के दृष्टिकोण और कानून के शासन की वजह से संभव हो पाया है।  (तालियाँ बजती हैं)।  और उनका महान पुत्र अब एक अद्भुत काम कर रहा है।

जैसा कि मैंने हाल ही में दक्षिण कोरिया में नोटिस किया था, उस गणराज्य के लोगों ने युद्ध से तबाह एक गरीब देश को कुछ ही दशकों में पृथ्वी पर सबसे धनी लोकतंत्रों में से एक बना दिया है।  आज, दक्षिण कोरियाई लोग कई यूरोपीय संघ के देशों के नागरिकों की तुलना में उच्च आय का आनंद उठाते हैं।  राष्ट्रपति मून के साथ बिताया गया समय बहुत बढ़िया था।

पिछले कुछ दशकों में चीन की शानदार उपलब्धियों के बारे में हर कोई जानता है।  इस अवधि के दौरान – और यह महान बाजार सुधारों की एक समयावधि थी — चीन के बड़े हिस्से में तेजी से आर्थिक विकास का अनुभव हुआ, नौकरियों में तेजी आई और 800 मिलियन से अधिक नागरिक गरीबी से बाहर आ चुके हैं।  मैं आज सुबह ही चीन से होकर आया हूँ और हमारे अनुग्रह मेजबान राष्ट्रपति शी के साथ एक बहुत ही उपयोगी बैठक रही और एक अद्भुत समय बिताया।

और, जैसा कि मैंने इस यात्रा के अपने पहले पड़ाव पर देखा था, जापान में हम औद्योगिक, तकनीकी और सांस्कृतिक चमत्कारों के एक देश के गतिशील लोकतंत्र को देखते हैं।  60 वर्ष से कम समय में, उस द्वीप राष्ट्र ने भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और शांति को बढ़ावा देने में उपलब्धियों के लिए 24 नोबेल पुरस्कार विजेताओं को निर्मित किया है।  (तालियाँ बजती हैं)।  राष्ट्रपति ऐबे और मैं बहुत सी बातों पर सहमत हैं।

व्यापक क्षेत्र में, APEC से बाहर के देशों ने भारत-प्रशांत के लिए इस नये अध्याय में बढ़िया कदम उठाए हैं।

भारत अपनी आजादी की 70वीं वर्षगांठ मना रहा है।  यह एक सार्वभौमिक लोकतंत्र है, साथ ही – सोचिये – 1 अरब से अधिक लोगों के साथ।  यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।  (तालियाँ बजती हैं)।  जब से भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को खोला है, इसने अपने विस्तारित मध्यम वर्ग के लिए शानदार विकास और अवसरों की नई दुनिया हासिल की है।  और प्रधानमंत्री मोदी उस विशाल देश को, और इसके सभी लोगों को, एक साथ एक के रूप में लाने के लिए काम कर रहे हैं।  और वास्तव में, वह उस पर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।

जैसा कि हम देख सकते हैं, इस क्षेत्र में अधिक से अधिक जगहों पर, सार्वभौमिक और स्वतंत्र राष्ट्रों के नागरिकों ने अपने भाग्य पर अधिक से अधिक नियंत्रण पाया है और अपने लोगों की क्षमता को अनलॉक किया है।

उन्होंने न्याय और उत्तरदायित्व, निजी संपत्ति को बढ़ावा देने और कानून का शासन अपनाने, और अंगीकार की गई प्रणालियों के सपने का अनुसरण किया है जो कड़ी मेहनत और व्यक्तिगत उद्यमों की कद्र करते हैं।

उन्होंने बिज़नेस बनाये, उन्होंने शहरों का निर्माण किया, उन्होंने ज़मीन से लेकर पूरे देश का निर्माण किया।  इस कमरे में बैठे आप में से बहुत से लोगों ने निर्माण के इन महान, उन्नति लाने वाली परियोजनाओं में हिस्सा लिया है।  वे आपकी शुरुआत से लेकर समाप्ति तक की परियोजनाएँ रही हैं, सपने से लेकर उन्हें यथार्थ बनाने तक।

आपकी सहायता से, यह सम्पूर्ण क्षेत्र उभरा है – और यह अब भी उभर रहा है – राष्ट्रों का एक सुंदर नक्षत्र, प्रत्येक अपने ही उज्ज्वल तारे की तरह, किसी का भी कोई उपग्रह नहीं है – और हर एक, एक लोग, एक संस्कृति, जीवन के एक तरीके, और एक घर की तरह।

आप में से जो इन परिवर्तनों के माध्यम से गुजर चुके हैं, आपके द्वारा हासिल किए गए कार्यों के मूल्य को किसी और के मुकाबले बेहतर समझते हैं।  आप यह भी समझते हैं कि आपका घर आपकी विरासत है, और आपको इसे हर हाल में सुरक्षित रखना होगा।

आपकी आर्थिक विकास की प्रक्रिया में, आपने अन्य राष्ट्रों के साथ वाणिज्य और व्यापार की मांग की है, और आपसी सम्मान के आधार पर बनाई गई साझेदारी को गढ़ा है और पारस्परिक लाभ की ओर निर्देशित किया है।

आज, मैं भारत-प्रशांत क्षेत्र के सभी राष्ट्रों के बीच दोस्ती और वाणिज्य के बंधन को मजबूत करने के लिए मिलकर अमेरिका के साथ एक नई भागीदारी की पेशकश करने और एक साथ, हमारी समृद्धि और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए आया हूं।

इस भागीदारी के मुख्य भाग में, हम निष्पक्षता और पारस्परिकता के सिद्धांतों में निहित मजबूत व्यापारिक संबंधों की तलाश करते हैं।  जब संयुक्त राज्य अमेरिका अन्य देशों या अन्य लोगों के साथ व्यापारिक संबंध में प्रवेश करता है, अब से, हम उम्मीद करते हैं कि हमारे सहयोगी हमारे जैसे नियमों का विश्वासपूर्वक पालन करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि दोनों पक्षों पर बाजार समान स्तर पर खुलेगा, और यह कि निजी उद्योग, सरकारी योजनाकारों को नहीं, बल्कि निवेश को निर्देशित करेंगे।

दुर्भाग्य से, बहुत लंबे समय से और बहुत से स्थानों पर इसके विपरीत हुआ है।  कई सालों से, संयुक्त राज्य अमेरिका ने कुछ शर्तों के साथ व्यवस्थित रूप से हमारी अर्थव्यवस्था को खोला है।  हमने दरों को कम किया या समाप्त किया, व्यापार अवरोधों को कम किया, और विदेशी वस्तुओं को हमारे देश में स्वतंत्र रूप से प्रवाह करने की अनुमति दी।

लेकिन जब हमने बाजार की बाधाओं को कम किया, तो अन्य देशों ने हमारे लिए अपने बाजार नहीं खोले।

श्रोता सदस्य:  (अस्पष्ट)।

राष्ट्रपति ट्रम्प:  अजीब बात है।  वे ज़रूर लाभार्थियों में से एक रहे होंगे।  (तालियाँ बजती हैं।)  आप किस देश से आए हैं, श्रीमान?

विश्व व्यापार संगठन ने देशों को स्वीकार किया था, भले ही वे इसके घोषित सिद्धांतों का पालन न करते हों।  सीधे शब्दों में कहें, तो विश्व व्यापार संगठन ने हमारे साथ निष्पक्ष रूप से व्यवहार नहीं किया है।  WTO जैसे संगठन केवल तभी ठीक से कार्य कर सकते हैं जब सभी सदस्य नियमों का पालन करेंगे और प्रत्येक सदस्य के सार्वभौमिक अधिकारों का सम्मान करेंगे।  अगर हम निष्पक्ष बाजार पहुंच सुनिश्चित नहीं करते तो हम खुले बाजारों को हासिल नहीं कर सकते।  अंत में, अनुचित व्यापार हम सबको कमजोर कर देता है।

संयुक्त राज्य ने निजी उद्यम, नवाचार और उद्योग को बढ़ावा दिया है।  अन्य देशों ने सरकार-संचालित औद्योगिक नियोजन और सरकारी स्वामित्व वाले उद्यमों का उपयोग किया है।

हमने बौद्धिक संपदा की सुरक्षा के लिए WTO के सिद्धांतों का पालन किया है और निष्पक्ष तथा समान बाजार पहुंच सुनिश्चित किया है।  वे उत्पाद डंपिंग, सब्सिडी वाली वस्तुओं, मुद्रा की हेर-फेर और आक्रामक औद्योगिक नीतियों में संलग्न रहे।

उन्होंने नियमों का पालन करने वालों पर बढ़त हासिल करने के लिए वाणिज्य में भारी विकृतियां पैदा करके और खुद अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की बुनियाद को खतरे में डालकर नियमों की अनदेखी की।

इस तरह की प्रथाओं के साथ ही उनको जवाब देने में हमारी सामूहिक विफलता ने हमारे देश और अन्य देशों के बहुत से लोगों को चोट पहुंचाई।  नौकरियां, कारखाने, और उद्योग संयुक्त राज्य अमेरिका से और इसके अलावा कई देशों से छीन लिए गए थे।  और पारस्परिक रूप से लाभकारी निवेश के लिए कई अवसर खत्म हो गए क्योंकि लोग तंत्र पर भरोसा नहीं कर सकते।

हम अब इस चिरस्थायी व्यापारिक दुरुपयोगों को बर्दाश्त नहीं कर सकते, और हम उन्हें बर्दाश्त नहीं करेंगे।  सालों तक वादे तोड़ेने के बावजूद, हमें बताया गया कि किसी दिन जल्द ही सभी निष्पक्षता और जिम्मेदारी से व्यवहार करेंगे।  अमेरिका में और पूरे भारत-प्रशांत क्षेत्र में लोगों ने उस दिन के आने का इंतज़ार किया है।  लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ, और यही कारण है कि मैं आज यहां हूं — ताकि हमारी चुनौतियों के बारे में स्पष्ट बोलूं और हम सभी के लिए उज्ज्वल भविष्य पर काम करूं।

मेरी हाल ही की चीन यात्रा शानदार थी, जहां मैंने राष्ट्रपति शी के साथ चीन के अनुचित व्यापार व्यवहारों और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ उस भारी व्यापार घाटे के बारे में खुलकर और सीधे बात की जिसे उन्होंने पैदा किया है।  मैंने ऐसा व्यापारिक रिश्ता कायम करने के लिए चीन के साथ काम करने की हमारी दृढ़ इच्छा जताई, जिसे वास्तव में निष्पक्ष और समान आधार पर संचालित किया जाएगा।

मौजूदा व्यापार असंतुलन स्वीकार्य नहीं है।  मैं चीन या किसी अन्य देश को दोषी नहीं ठहराता, जिसमें बहुतों ने व्यापार में संयुक्त राज्य का लाभ उठाया है।  यदि उनके प्रतिनिधि इससे बाहर निकलने में सक्षम हैं, तो वे बस अपना काम कर रहे हैं।  काश कि मेरे देश के पिछले प्रशासनों इसे देखा होता कि क्या हो रहा था और इसे लेकर कुछ किया होता।  उन्होंने कुछ नहीं किया, लेकिन मैं करूंगा।

आज के बाद से, हम निष्पक्ष और बराबरी के आधार पर प्रतिस्पर्धा करेंगे।  हम संयुक्त राज्य अमेरिका का अब और अधिक फायदा नहीं उठाने देंगे।  मैं हमेशा उसी तरीके से अमेरिका को सबसे पहले रखने वाला हूं जैसे कि इस कमरे में मैंने आप सब से अपने देशों को सबसे पहले रखने की अपेक्षा की है।  (तालियाँ बजती हैं)।

संयुक्त राज्य अमेरिका आज इस कमरे में मौजूद हर नेता के साथ काम करने के लिए तैयार है ताकि पारस्परिक रूप से ऐसे लाभदायक वाणिज्य को हासिल किया सके जो आप और मेरे दोनों के देशों के हित में हो।  यही संदेश है जिसे पहुंचाने के लिए मैं यहां हूं।

मैं किसी भी हिंद-प्रशांत राष्ट्र के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता करूंगा जो हमारा सहभागी बनना चाहता है और जो निष्पक्ष तथा पारस्परिक व्यापार के सिद्धांतों का पालन करेगा।  हम अब ऐसे बड़े समझौतों में दाखिल नहीं होंगे जो हमारे हाथ बांध दें, जिनके लिए हमारी संप्रभुता का समर्पण करना पड़े, और सार्थक प्रवर्तन को व्यावहारिक रूप से असंभव बना दें।

इसके बजाय, हम पारस्परिक सम्मान और पारस्परिक लाभ के आधार पर व्यवहार करेंगे।  हम आपकी आजादी और आपकी संप्रभुता का सम्मान करेंगे।  हम चाहते हैं कि आप मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनें, अपने इतिहास से जुड़ें रहें, और भविष्य की ओर बढ़ते एवं फैलते रहें।  इसी तरह ही हम वास्तविक और स्थायी मूल्य की सहभागिता में साथ-साथ आगे बढ़ेगे और विकसित होंगे।

लेकिन इसके लिए — और मैं इसे हिंद-प्रशांत का सपना कहता हूं — अगर इसे हकीकत बनाया जा सकेगा, तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी नियमों के अनुसार चलें, जो वे अभी नहीं कर रहे हैं।  जो ऐसा करना चाहते हैं वे हमारे निकटतम आर्थिक सहयोगी होंगे।  जो लोग ऐसा नहीं करना चाहते, वे निश्चित तौर पर जान लें कि संयुक्त राज्य अमेरिका उल्लंघन, धोखाधड़ी, या आर्थिक आक्रमण के प्रति अब आंखें नहीं मूंदेगा।  वे दिन अब लद गए।

हम अब बौद्धिक संपदा की दुस्साहसिक चोरी को बर्दाश्त नहीं करेंगे।  हम व्यवसायों को राज्य के सामने तकनीकी का समर्पण करने के लिए मजबूर करने वाली विनाशकारी प्रथाओं का मुकाबला करेंगे और बाजार पहुंच के बदले उन्हें संयुक्त उद्यमों में लाने के लिए मजबूर करेंगे।

हम राज्य के स्वामित्व वाले विशाल उपक्रमों के माध्यम से उद्योगों को बड़े पैमाने पर ऐसी सब्सिडी देने के मुद्दे को हल करेंगे, जो निजी प्रतिस्पर्धियों को कारोबार से बाहर कर देते हैं — ऐसा हमेशा होता रहा है।

हम चुप नहीं रहेंगे क्योंकि अमेरिकी कंपनियों को आर्थिक लाभ के लिए राज्य-संबद्ध कर्ताओं द्वारा निशाना बनाया जाता है, भले ही वह साइबर हमलों, कॉर्पोरेट जासूसी या अन्य गैर-प्रतिस्पर्धी प्रथाओं के माध्यम से हो।  निष्पक्षता और पारस्परिकता के सिद्धांतों का उल्लंघन होने पर हम सभी देशों को आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

हमें पता है कि इस क्षेत्र में ऐसे सहयोगी होना अमेरिका के हित में है, जो संपन्न, समृद्ध और किसी पर निर्भर नहीं हों।  हम ताकत या संरक्षण के मकसद से फैसले नहीं करेंगे।  हम अपने सहयोगियों को अपनी संप्रभुता, गोपनीयता और बौद्धिक संपदा का समर्पण करने या राज्य के स्वामित्व वाले आपूर्तिकर्ताओं के समक्ष अनुबंधों को सीमित करने के लिए कभी नहीं कहेंगे।

हम अपने निजी क्षेत्र के लिए आपके साथ काम करने के अवसरों को खोजेंगे और हम सभी के लिए नई नौकरियों और धन का सृजन करेंगे।  हमें मजबूत भागीदारों की तलाश है, कमजोर सहभागियों की नहीं।  हमें मजबूत पड़ोसियों की तलाश है, कमजोर पड़ोसियों की नहीं।  इन सबसे ऊपर, हमें दोस्ती की तलाश है, और हम वर्चस्व का सपना नहीं देखते।

इस कारण से, हम अपने मौजूदा विकास प्रयासों पर भी पुनः ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।  हम विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक का आह्वान करते हैं कि वे अपने प्रयास ऐसे उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे में निवेश की ओर बढ़ाएं जो आर्थिक विकास को बढ़ावा देता हो।

संयुक्त राज्य अमेरिका भी इसमें अपनी भूमिका निभाएगा।  हम अपने विकास वित्त संस्थानों में सुधार करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं ताकि वे आपकी अर्थव्यवस्थाओं में निजी क्षेत्र के निवेश को बेहतर तरीके से प्रोत्साहित कर सकें, और राज्य-निर्देशित पहलों के लिए मजबूत विकल्प प्रदान करें जिनके साथ कई शर्तें जुड़ी होती हैं।

हाल के वर्षों में संयुक्त राज्य अमेरिका को समय-समय पर बार-बार याद दिलाया गया है कि आर्थिक सुरक्षा सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा से ही संबंधित नहीं है।  आर्थिक सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा है।  यह महत्वपूर्ण है – (तालियाँ) – हमारी राष्ट्रीय शक्ति के लिए

हम यह भी जानते हैं कि यदि हम हमारी दुनिया द्वारा सामना किये जाने वाले सुरक्षा, सार्वभौमिकता और स्थिरता के गंभीर खतरों का मुकाबला नहीं करते हैं, तो आज हमें स्थायी समृद्धि नहीं मिलेगी।

इस हफ्ते की शुरुआत में, मैंने सियोल, दक्षिण कोरिया में नेशनल असेंबली को संबोधित किया और हर जिम्मेदार देश से यह कहने में एकजुट होने की अपील की कि हर एक कदम जो उत्तरी कोरिया का शासन अधिक हथियारों की ओर बढ़ाता है, यह उसे एक बड़े और अधिक भयावह खतरे की ओर ले जाता है।  इस क्षेत्र और उसके सुंदर लोगों का भविष्य हिंसक विजय और परमाणु हथियारों द्वारा ब्लैकमेल की तानाशाह की विकृत कल्पनाओं का बंधक नहीं बनाया जाना चाहिए।

इसके अलावा, हमें उन सिद्धांतों को कायम रखना होगा जिसने हम सभी को लाभ पहुंचाया है, जैसे कि कानून के शासन के लिए सम्मान (तालियाँ बजती हैं) — व्यक्तिगत अधिकार, और ओपन शिपिंग लेनों सहित नेवीगेशन की स्वतंत्रता और अतिप्रवाह।  तीन सिद्धांत और ये सिद्धांत – (तालियाँ बजती हैं) – स्थिरता लाते हैं और समान विचारधारा वाले राष्ट्रों के बीच विश्वास, सुरक्षा और समृद्धि का निर्माण करते हैं।

हमें अपनी सुरक्षा और हमारे बच्चों के भविष्य को होने वाले अन्य खतरों, जैसे कि आपराधिक कार्टेल, मानव तस्करी, नशीले पदार्थ, भ्रष्टाचार, साइबर अपराध और क्षेत्रीय विस्तार के साथ निर्णायक रूप से निपटना होगा।  जैसा कि मैंने पहले कई बार कहा है:  सभी सभ्य लोगों को हमारे समाज से आतंकवादियों और उग्रवादियों को बाहर निकालने के लिए इकट्ठा होना होगा, उन्हें वित्त, क्षेत्र और वैचारिक समर्थन से अलग करना होगा।  हमें कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद को रोकना होगा।

तो आइये एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और स्वतंत्र भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए मिलकर काम करें।  मुझे पूरा भरोसा है कि, साथ मिलकर, आज हर समस्या जिस के बारे में हमने बात की है उसे हल किया जा सकता है और हमारे सामने आने वाली हर चुनौती को दूर किया जा सकता है।

अगर हम इस प्रयास में सफल होते हैं, तो हम अपने सामने आने वाले अवसरों का फायदा उठाते हैं और अपनी साझेदारी को मजबूत करके हमारे अपने लोगों के हितों में जुटते हैं, फिर हम वह सब कुछ हासिल करेंगे जो हमने अपने राष्ट्रों और बच्चों के लिए सपने देखें हैं।

हम मजबूत, सार्वभौमिक और स्वतंत्र राष्ट्रों की दुनिया के साथ आशीष पाएंगे, जो शांति और व्यापार में दूसरों के साथ संपन्न होगा।  वे ऐसे स्थान होंगे जहां हम अपने घरों का निर्माण कर सकते हैं और जहां परिवार, व्यापार और लोग बढ़ सकते हैं और बढ़ सकते हैं।

यदि हम ऐसा करते हैं, तो हम अब से दुनिया की आधी शताब्दी को देखेंगे, और हम देश के खूबसूरत नक्षत्रों पर विस्मित करेंगे – प्रत्येक अलग, प्रत्येक अद्वितीय, और प्रत्येक दुनिया के इस क्षेत्र में चमकदार और गर्व से चमकेंगे।  और जैसे हम रात को आकाश में सितारों को देखते हैं, समय की दूरी हमारे सामने आने वाली हर चुनौती का सामना करेगी और जिनकी हम आज बात करते हैं, वो बहुत, बहुत छोटी होंगी।

क्या छोटा नहीं होगा — जो छोटा नहीं है — वे वो विकल्प होंगे जो हम सभी राष्ट्रों को अपने सितारों को बहुत तेज, बहुत अधिक चमकाने के लिए लेने होंगे।

अमेरिका में, हर राष्ट्र की तरह, जिसने अपनी संप्रभुता को जीता और उसका बचाव किया है, हम समझते हैं कि हमारे जन्मसिद्ध अधिकार, हमारी कीमती स्वतंत्रता, और हमारी आजादी के अलावा हमारे पास कुछ भी कीमती नहीं है।

उस ज्ञान ने हमें अमेरिकी इतिहास में मार्गदर्शन दिया है  इसने हमें बलिदान और नवीनता लाने के लिए प्रेरित किया है।  और यही कारण है कि आज, अमेरिकी क्रांति में हमारी जीत के सैकड़ों वर्षों बाद, हमें अभी भी अमेरिकी संस्थापक और संयुक्त राज्य अमेरिका के हमारे दूसरे राष्ट्रपति जॉन एडम्स के शब्दों को याद करते हैं।  एक बूढ़े आदमी के रूप में, उसकी मृत्यु से ठीक पहले, इस महान देशभक्त को गौरवशाली अमेरिकी स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ पर अपने विचार प्रकट करने के लिए कहा गया था।  उन्होंने शब्दों के साथ जवाब दिया: स्वतंत्रता हमेशा के लिए।

यह एक भावना है जो प्रत्येक देशभक्त और हर देश के दिल में जलती है।  वियतनाम में हमारे मेजबान यहां न केवल इस भावना को 200 वर्षों से जानते हैं, बल्कि लगभग 2,000 वर्षों से जानते हैं।  (तालियाँ बजती हैं)।  यह लगभग 40 AD था जब दो वियतनामी बहनों, ट्रांग सिस्टर, ने पहले इस देश के लोगों की भावना जागृत की।  यह तब था, कि पहली बार, वियतनाम के लोग आपकी आजादी और आपके गर्व के लिए खड़े थे।

आज, देशभक्त और नायकों – (तालियाँ बजती हैं) हमारे इतिहास के हमारे भविष्य और हमारे समय के महान सवालों के जवाब सामने रखती हैं।  वे हमें याद दिलाती हैं कि हम कौन हैं और हमें क्या करना है।

साथ में, हमारे पास हमारे लोगों और हमारी दुनिया को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की हमारी शक्ति है – ऊंचाईयाँ जो अभी प्राप्त नहीं हुई हैं।

तो आइए देशभक्ति, समृद्धि और गर्व का भविष्य चुनें।  हमें गरीबी और दासता पर धन और स्वतंत्रता का चयन करना है।  आइए एक स्वतंत्र और खुले भारत-प्रशांत क्षेत्र का चयन करें।

अंत में, हमें कभी भी नहीं भूलना चाहिए कि दुनिया में कई जगह हैं – (तालियाँ बजती हैं) — कई सपने और कई सड़के हैं।  लेकिन सारी दुनिया में, घर जैसी कोई जगह नहीं है।

और हां, परिवार के लिए, देश के लिए, आजादी के लिए, इतिहास के लिए, और भगवान की महिमा के लिए, अपने घर की सुरक्षा करें, अपने घर की रक्षा करें, और आज अपने घर को प्यार करें और हमेशा के लिए।  (तालियाँ बजती हैं)।

धन्यवाद।  भगवान आपका भला करे।  भगवान प्रशांत क्षेत्र पर असीम कृपा बनाए रखें।  और भगवान संयुक्त राज्य अमेरिका पर असीम कृपा बनाए रखें।  आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।  धन्यवाद।  (तालियाँ बजती हैं)।

समाप्ति       दोपहर 01:51 EDT


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