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सेक्रेटरी ऑफ स्टेट रैक्स टिलरसन, कनाडा की विदेश मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री कैंग क्यूंग-वा, जापान के विदेश मंत्री तारो कोनो, और UK के विदेश सचिव बोरिस जॉनसन वैनकुवर में विदेश मंत्रियों की बैठक में जो कोरियाई प्रायद्वीप में सुरक्षा और स्थिरता के संबंध आयोजित की गई

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अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट
प्रवक्ता कार्यालय
तुरंत जारी किए जाने के लिए
16 जनवरी 2018
टिप्पणियाँ
16 जनवरी, 2018
वैनकुवर कन्वेंशन सेंटर, वैनकुवर, कनाडा

 
 

विदेश मंत्री फ्रीलैंड:  तो हम अब जो कुछ करने जा रहे हैं, वह हर कोई जानता है, मेरी, रैक्स, मंत्री कोनो, मंत्री कैंग और बोरिस की तरफ से प्रेस के लिए कुछ संक्षिप्त आरंभिक टिप्पणियाँ प्रस्तुत की जाएंगी।  और इसके बाद हम अपने पत्रकार मित्रों को अलविदा कहेंगे।  मेरे और बोरिस के लिए, यह एक विशेष उदासी है क्योंकि हम स्वयं प्रेस के सदस्य हुआ करते थे।  और इसके बाद हम चर्चाएं करेंगे।

विदेश मंत्री फ्रीलैंड:  तो महामहिमगण, सहकर्मियो, देवियो और सज्जनो, वैनकुवर में यहाँ हमसे जुड़ने के लिए धन्यवाद।  मैं यह स्वीकार करते हुए आरंभ करना चाहूँगी कि जिस भूमि पर हम एकत्र हुए हैं, वह मुस्क्वीम, स्कवैमिश और स्लेल-वोटुथ राष्ट्रों के भू-भागों सहित कोस्ट सेलिश के लोगों का असत्तांतरित भू-भाग है, जैसा कि डिएन्ना* ने मुझे याद दिलाया है।

उत्तरी कोरिया का परमाणु संकट उन सबसे बड़े खतरों में से एक है जिनका विश्व आज सामना कर रहा है, और हम इसीलिए यहाँ वैनकुवर में आए हैं।  आइए हम कोरिया गणराज्य के मंत्री कैंग और जापान के मंत्री कोनो का विशेष रूप से स्वागत करें।  आपके देशों के लोग कोरियाई प्रायद्वीप में अस्थिरता द्वारा सबसे अधिक प्रभावित हैं।

मैं अपने मित्र अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट रैक्स टिलरसन का भी स्वागत करना चाहूँगी।  धन्यवाद, रैक्स।  हम अपने अमेरिकी पड़ोसियों के साथ इन वार्ताओं का सह-आयोजन करके वास्तव में सम्मानित हुए हैं।

(फ्रैंच में।)

कनाडा नियम आधारित ऐसी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एशिया प्रशांत में शांति और सुरक्षा के लिए कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है जो हम सभी के लिए शांति और सुरक्षा का संरक्षण करे।  कनाडा वासियों और कोरिया वासियों के बीच संबंध एक शताब्दी से अधिक समय से संघर्ष और शांति, दोनों वक्तों में निर्मित किए गए हैं।  वास्तव में, 206,000 से अधिक कोरिया वासी या कोरिया के वंश के लोग अब कनाडा में रहते हैं।  हमारा विश्व में एक विशालतम कोरियाई प्रवासी समुदाय है।  और वास्तव में, मुझे गर्व है कि इनमें से बहुत से कोरियाई कनाडा वासी यह मानते हैं कि मुझे टोरोंटो में यूनिवर्सिटी-रोसेडेल का प्रतिनिधित्व करने का सम्मान प्राप्त है जहाँ टोरोंटो का कोरियाटाउन पाया जाता है।

ये संबंध प्रायद्वीप पर विनाशकारी संघर्ष को रोकने के लिए हमारी तीव्र इच्छा में वृद्धि ही करते हैं।  हम सेना-से-सेना चर्चाएं आयोजित करने के लिए उत्तरी और दक्षिण कोरिया के बीच पिछले सप्ताह हुए करार और उत्तरी कोरिया द्वारा अगले माह विंटर ओलम्पिक में भाग लेने का स्वागत करते हैं।  ये उत्साहवर्धक संकेत हैं।

लेकिन मैं बात साफ कर दूँ:  कोरियाई प्रायद्वीप में अस्थिरता पर ध्यान देने के लिए कोई वास्तविक प्रगति तब तक नहीं की जा सकती जब तक उत्तरी कोरिया अपना रवैया बदलने और व्यापक तबाही के अपने सभी हथियारों को सत्यापित और अटल रूप से त्यागने की प्रतिबद्धता न करे।  आप सभी के समान, कनाडा में हम यह समझते हैं कि इन असाधारण समयों में यह महत्वपूर्ण है कि हम उग्रता के खतरों का सामना करने के लिए  पड़ोसियों, मित्रों, भागीदारों, और सहयोगियों के रूप में एक साथ आएं।  हमें विश्व में कहीं भी उत्तरी कोरिया के कार्यक्रम के स्तर पर व्यापक तबाही के हथियारों और सामग्री का प्रसार दिखाई नहीं पड़ता।  हम इस खतरे का बस खड़े रहकर नज़ारा नहीं कर सकते और इसे बने नहीं रहने दे सकते।  विश्व के सभी लोगों की सुरक्षा और संरक्षा दांव पर है।

हम इसलिए यहाँ कोरियाई प्रायद्वीप में शांति के लिए काम करने और हमारी एकता और हमारा संकल्प प्रदर्शित करने के लिए यहाँ एकत्र हुए हैं।  एक वैश्विक समुदाय के रूप में, हमने सिद्धांत और व्यवहार, दोनों रूपों में यह दिखाया है कि हम उत्तरी कोरिया को विश्व के लिए एक परमाणु खतरे के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे।  इसके लिए, संयुक्त राष्ट्र परिषद ने उत्तरी कोरिया पर प्रतिबंध लगाए हैं।  वैनकुवर में यहाँ 20 राष्ट्रों को यह सुनिश्चित करने के लिए काम करना होगा कि इन उपायों को पूरी तरह और निष्ठा से लागू किया जाए और हमें इस बैठक का उपयोग करना होगा – और मैं आश्वस्त हूँ कि हम- उनकी प्रभावकारिता में वृद्धि करने के लिए ऐसा करेंगे।

बहरहाल, प्रतिबंध समाधान नहीं हैं।  वे उत्तरी कोरिया को मेज पर लाने और शांति का ऐसा कूटनीतिक मार्ग स्थापित करने के लिए कूटनीति के महत्वपूर्ण उपकरण हैं जो हम सभी चाहते हैं।  उत्तरी कोरिया के लोगों को हमारा संदेश स्पष्ट है:  आप द्वारा सामना की जा रही भीषण कठिनाइयों के बावजूद, हम यह जानते हैं कि सबसे बड़ा खतरा उत्तरी कोरिया का शासन है।

उत्तरी कोरिया के नेतृत्व के लिए भी हमारा संदेश स्पष्ट है:  परमाणु हथियारों को जुटाने से आपको न सुरक्षा मिलेगी और न समृद्धि।  परमाणु हथियारों में निवेश करने से बस और अधिक प्रतिबंध लगेंगे और प्रायद्वीप में निरंतर अस्थिरता रहेगी।

इस बैठक में प्रतिनिधित्व कर रहे राज्यों की उत्तरी कोरिया से कोई शत्रुता नहीं है।  इसके विपरीत, हम न तो शासन में परिवर्तन चाहते हैं और न ही इसका नष्ट होना चाहते हैं।  हम इस संकट का समाधान करने के लिए कार्य कर रहे हैं और हमारा लक्ष्य वही है जो हमारा सामूहिक सर्वोत्तम हित है: कोरियाई प्रायद्वीप और पूरे विश्व में सुरक्षा और स्थायित्व।  हम जानते हैं कि यह सच है:  उत्तरी कोरिया द्वारा व्यापक तबाही के अपने हथियारों को सत्यापन योग्य रूप से त्यागने का निर्णय उत्तरी कोरिया की सुरक्षा और आर्थिक विकास में योगदान देगा जिसके परिणामस्वरूप उत्तरी कोरिया के लोगों के लिए बेहतर, उज्ज्वल, सुरक्षित तथा और अधिक समृद्ध भविष्य संभव हो सकेगा।  अब यह उत्तरी कोरिया पर निर्भर करता है कि वह वह उस भविष्य को चुने जो वह स्वयं के लिए चाहता है।

जैसा कि लेस्टर बी. पियरसन, कनाडा के एक महान विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री ने बस 60 वर्ष पहले नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त करते समय कहा था कि विश्व में शांति बहाल करने से अधिक महत्वपूर्ण और कठिन काम कुछ भी नहीं है।  दुआ है कि इसमें और ऐसी हर चीज़ को करने के हमारे संकल्प में हमारी आस्था कभी समाप्त न हो जिसे इसे किसी दिन वास्तविकता में बदलने के लिए किया जा सकता है।”

विश्व द्वारा आज सामना की जा रही अनगिनत चुनौतियों के बावजूद, आइए हम सपने को कभी न बिसारें, और हम पियरसन के शब्दों को साकार करने के लिए इन बैठकों में वह सब कुछ करने का प्रयास करें जो हम कर सकते हैं।  धन्यवाद।  और एक बार फिर, साथियों, आपका स्वागत है।  मैं हमारे वार्तालाप की प्रतीक्षा कर रही हूँ।

ठीक है, अब मैं इसे रैक्स को सौंपने जा रही हूँ।  कृपया।

सेक्रेटरी टिलरसन:  सबसे पहले मैं इस समारोह का सह-आयोजन करने के लिए सहमत होने के लिए विदेश मंत्री फ्रीलैंड का धन्यवाद करना चाहूँगा और साथ ही कनाडा को भी वैनकुवर में हमें बैठक करने की अनुमति देने के लिए धन्यवाद देना चाहूँगा।  उत्तरी कोरिया ऐसे बहुत से सुरक्षा मुद्दों में से एक है जिनके बारे में संयुक्त राज्य अमेरिका यह जानता है कि हम प्रगाढ़ समन्वय के लिए अपने पड़ोसी और मित्र कनाडा पर निर्भर रह सकते हैं।  मैं विदेश मंत्री कैंग, कोरिया गणराज्य के विदेश मंत्री कोनो को भी सम्मानित करना चाहता हूँ और हमसे जुड़ने के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूँ।  सहयोगियों के रूप में, उनके राष्ट्र DPRK के विरुद्ध अधिकतम दबाव अभियान के केंद्र में रहे है और उनके साथ हमारा घनिष्ठ समन्वय जारी रहेगा।  संयुक्त राज्य अमेरिका यहाँ मौजूद सभी राष्ट्रों के दबाव अभियान में आज तक के उनके प्रयासों के लिए उनकी सराहना करता है।

राज्यों को भेजने से संबंधित मूल UN कमांड के प्रतिनिधि देशों की इस सभा का विदेश मंत्रियों और राजनयिकों द्वारा प्रतिनिधित्व किया जा रहा है।  ये वे राष्ट्र हैं जिन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कोरियाई प्रायद्वीप पर स्वतंत्रता के लिए लड़ने के लिए लगभग 60 वर्ष पहले इस आह्वान पर अमल किया कि कोरियाई प्रायद्वीप पर स्वतंत्रता बनाए रखी जागी और महान बलिदान के माध्यम से कोरिया के गणराज्य के लोगों के लिए कोरियाई प्रायद्वीप में स्वतंत्रता प्राप्त की।  और जबकि युद्धविराम के समय में संघर्ष थमा हुआ है, इन सभी राष्ट्रों ने यह सुनिश्चित करने में अपनी रुचि कभी क्षीण नहीं होने दी है कि प्रायद्वीप में स्वतंत्रता बनाए रखी जाए।

और मेरा विचार है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने नवंबर में कोरिया गणराज्य की आम सभा में अपनी टिप्पणियों में बहुत अच्छी तरह यह संकेत दिया है कि उत्तरी कोरिया के शासन में अत्याचार में रह रहे लोगों की परिस्थितियों की तुलना में कोरिया गणराज्य के लोगों के लिए स्वतंत्रता और लोकतंत्र के बीच आश्चर्यजनक अंतर है।  और इस प्रकार का खतरा, परमाणु हथियारों का गंभीर खतरा जो ऐसे लोगों को कभी एकजुट करेगा जो कभी शत्रु थे – चीन के साथ कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु-रहित करने के साझा लक्ष्य के साथ प्रेषक राज्यों को एकजुट करेगा।  और प्रेषक राज्य चीन, कोरिया गणराज्य, जापान और रूस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और अब उत्तरी कोरिया में शासन से यह कहने में पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय इनसे जुड़ गया है कि हम एक परमाणु राज्य के रूप में आपको स्वीकार नहीं कर सकते और नहीं करेंगे।

उत्तरी कोरिया के विरुद्ध दबाव को अधिकतम करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा हमारे सहयोगियों और भागीदारों के साथ वैश्विक अभियान को आरंभ किए गए लगभग एक वर्ष का समय हो गया है।  जैसा कि शुरुआत में था, दबाव अभियान का महान लक्ष्य उस धन के स्रोतों पर लगाम लगाना है जिनका DPRK अपने गैर-कानूनी परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के लिए पैसा मुहैया कराने के लिए उपयोग करता है।  इसके अतिरिक्त, हमें शासन के व्यवहार के परिणाम को इस स्तर तक बढ़ाना होगा कि उत्तरी कोरिया विश्वसनीय वार्ता करने के लिए मेज़ पर आए।

यदि और जब हम वहाँ जाते हैं, तब वार्ताओं का उद्देश्य उत्तरी कोरिया का पूर्ण, सत्यापन योग्य और अटल परमाणु निशस्त्रीकरण है।  आज यहाँ मौजूद सभी राष्ट्र इस लक्ष्य के लिए एकजुट हैं।  मैं अपनी बात साफ कर दूँ:  हम उत्तरी कोरिया को हमारे संकल्प या हमारी एकता के माध्यम से संबंधों को नहीं बिगाड़ने देंगे।  हम “कठोरता-के लिए-कठोरता” दृष्टिकोण को अस्वीकार करते हैं जिसमें वैध रक्षात्मक सैन्य कार्यों को समकक्षता के उसी स्तर पर रखा जाता है जिस पर DPRK के गैर-कानूनी कृत्यों को रखा जाता है।

दबाव अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक उत्तरी कोरिया परमाणु-निशस्त्रीकरण के लिए निर्णायक उपाय नहीं करता।  यह एक ऐसी रणनीति है जिसके लिए धैर्य की ज़रूरत है और रहेगी, लेकिन इस मेज़ पर हर किसी के सहयोग की बदौलत, शासन ऐसे खामियाज़े भुगत रहा है जिनसे उसे कठिनाई हो रही है।  आज हमारी बैठकों का प्रयोजन अधिकतम दबाव अभियान की प्रभावकारिता में सुधार करना और प्रतिबंधों से बचने के लिए उत्तरी कोरिया के प्रयासों का सामना करना है।  संयुक्त राज्य अमेरिका इस संबंध में सभी प्रतिभागियों की बात सुनने की प्रतीक्षा कर रहा है कि हम इसे कैसे बेहतरीन तरीके से कर सकते हैं।

आज संयुक्त राज्य अमेरिका उन कार्यों द्वारा प्रोत्साहित है जो पूरे विश्व में राष्ट्रों ने पहले ही कर दिए हैं।  2017 में, UN सुरक्षा परिषद ने उत्तरी कोरिया पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाते हुए तीन सर्वसम्मत समाधान पारित किए।  और पूरे देश के राष्ट्रों ने अपने स्वयं के एकपक्षीय कार्य किए हैं जैसे उत्तरी कोरिया के श्रमिकों को निकालना, उत्तरी कोरिया के दूतावासों को बंद करना और उत्तरी कोरिया की वस्तुओं के आयात को प्रतिबंधित करना।  संयुक्त राज्य अमेरिका ऐसे कार्य करने के लिए उन राष्ट्रों की सराहना करता है।

प्रगति उत्साहवर्धक है, लेकिन हम शिथिल नहीं हो सकते।  किम जोंग-उन का शासन गैर-कानूनी बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु परीक्षणों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरे में डालना जारी रखे हुए है।  मैं आपसे मेरे पीछे नक्शे को देखने के लिए कहता हूँ, और यह सैन्य – रक्षात्मक सैन्य कार्यों और उनके गैर-ज़िम्मेदाराना परीक्षण की समानता की बात को प्रकट करने के लिए है।  यह नक्शा 12 जनवरी – एक बहुत सामान्य दिन – की सुबह एशिया में एयर ट्रैफिक का स्नैपचैट है।  विमान का प्रत्येक आइकान क्षेत्र से गुज़रने वाले विमान को प्रकट करता है और जैसा कि आप देख सकते हैं, आकाश में प्रतिदिन बहुत-सी गतिविधियाँ होती है।

उत्तरी कोरिया की किसी मिसाइल या इसके इसके पुर्जों के किसी सिविलियन विमान को प्रभावित करने की संभावना वास्तविक है।  28 नवंबर को सैन फ्रांसिस्को से हाँगकाँग की यात्रा कर रहे विमान यात्रियों ने उत्तरी कोरिया के ICBM को आकाश में परीक्षण उड़ान भरते हुए स्वयं अपनी आँखों से देखा।  फैडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, उड़ान प्रभाव के बिंदु से 280 समुद्री मील दूर थी और उस समय नौ अन्य उड़ानें उस रेंज में थीं।  उस पूरे दिन, डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस के अनुसार उस रेंज से अनुमानित रूप से 716 उड़ानों को गुजरना था।  FAA यह कहता है कि उन 716 उड़ानों पर कुल उपलब्ध सीटें 152,110 थीं।  बैलिस्टिक मिसाइलों के गैर-ज़िम्मेदाराना परीक्षण से बहुत से देशों के बहुत से लोगों को जोखिम में डाला जा रहा है।

मेरा दृष्टिकोण यह है:  किसी भी समय मिसाइलें दागने की उत्तरी कोरिया की इच्छा से क्षेत्र के हवाई स्थान में प्रतिदिन सभी राष्ट्रीयताओं के लोगों को खतरा उत्पन्न होता है।  इसकी पिछली लापरवाही के आधार पर हम उत्तरी कोरिया से इस संबंध में सावधानी बरतने की अपेक्षा नहीं कर सकते कि इसकी किसी मिसाइल या इसकी किसी मिसाइल के टूटे हुए पुर्जे के दायरे में कोई आ सकता है।  किसी ऐसे लाँच से जुड़ी संभावित प्रौद्योगिकीय त्रुटियों की तो कल्पना भी नहीं की जा सकती जिनके परिणामस्वरूप तबाही हो सकती है।

बेशक, यह उत्तरी कोरिया की मिसाइलों द्वारा उत्पन्न एकमात्र खतरा या सबसे अधिक संभावित खतरा नहीं है।  पिछले वर्ष दो बार उत्तरी कोरिया ने जापान के ऊपर दो बार मिसाइलें दागीं जो आबादी वाले केंद्रों पर ढह सकती थीं।  उत्तरी कोरिया के खतरे के बहुत से आयाम हैं जिन सभी का सामना करना होगा।  इस शासन ने विश्व के राष्ट्रों के मध्य लापरवाही दर्शाई है।  अब इसके कार्यों के आधार पर, हम यह देख सकते हैं कि उत्तरी कोरिया तब बाद में बहुत अच्छी तरह उस स्थिति में कर सकता है यदि इसे पूर्ण परमाणु और मिसाइल डिलीवरी क्षमताएं प्राप्त हो जाएं।

जब हम इस बात पर विचार करते हैं कि DPRK ने नागरिक लक्ष्यों पर हमले करने की घोषणा की है, कि ओस्लो, सिएटल की तुलना में प्योंगयांग से अधिक पास है, कि लंदन, लाँस एंजेलिस की तुलना में उत्तरी कोरिया से अधिक पास है, कि एम्स्टर्डम, अंकारा, ब्रुसेल्स, बीजिंग, पेरिस और मॉस्को न्यू यॉर्क नगर से अधिक पास हैं, हमें एक ऐसी वैश्विक समस्या दिखाई देती है जिसके लिए वैश्विक समाधान की ज़रूरत है।  उत्तरी कोरिया की वापसी के तीव्र लक्षणों को देखते हुए, हमें भविष्य के संकट से बचने के लिए एक स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान लागू करना होगा।  उत्तरी कोरिया के उकसावे की कार्रवाइयों को उपयुक्त स्पष्ट और व्यापक परिणामों से निपटा गया है और निपटा जाना जारी है।

पहले, हमें UN सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों को पूरी तरह लागू करने पर अडिग रहना होगा क्योंकि यह कानूनसम्मत है।  हम इस मामले में विशेष रूप से रूस और चीन से आग्रह करते हैं।  पूरी तरह लागू करना उनके लोगों की सुरक्षा और उनकी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने के लिए उनकी इच्छा का स्पष्ट सकते है।  हम चूकों या प्रतिबंधों से बचने को सहन नहीं कर सकते।  हम ध्यान आकर्षित करना जारी रखेंगे और उन संगठनों और व्यक्तियों को जाहिर करते रहेंगे जो ऐसे बचने के कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।

दूसरे, हम सभी को समुद्री प्रतिबंधित प्रचालनों में सुधार करने के लिए एक साथ काम करना होगा।  हमें जहाज-से-जहाज़ पर अवैध अंतरण को समाप्त करना होगा जिससे UN के प्रतिबंध निष्प्रभावी हो जाते हैं।  और तीसरे, जब कभी भी नई आक्रामकता उत्पन्न होती है, तब शासन के लिए नए परिणाम अवश्य होने चाहिए।

हम यह मानते हैं कि कोई भी एक कार्य या संकल्प उत्तरी कोरिया को अपना परमाणु कार्यक्रम त्यागने के लिए बाध्य नहीं करेगा लेकिन यदि सभी देश उत्तरी कोरिया से अपने आर्थिक और कूटनीतिक संबंध समाप्त कर दें या अत्यधिक कम कर दें, तो हमारे अलग-अलग राष्ट्रीय प्रयासों का पूर्ण योग किसी वार्ता वाले समाधान की संभावनाओं को बढ़ा देगा।  हमारे राष्ट्र उत्तरी कोरिया के लिए भविष्य चाहते है्ं लेकिन इस नए भविष्य को उत्पन्न करने का अंतिम दायित्व उत्तरी कोरिया पर है।  अपने वर्तमान मार्ग को त्यागकर ही उत्तरी कोरिया अपनी इच्छा की सुरक्षा और स्थायित्व और अपने लोगों के लिए समृद्ध भविष्य प्राप्त कर सकता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से, अधिकतम दबाव अभियान को सुदृढ़ बनाने और इसके परिणामस्वरूप हमारे सभी लोगों के लिए सुरक्षा का मार्ग प्रदान करने के लिए मैं आज हमारे सहयोगियों और भागीदारों के साथ विचार साझा करने की प्रतीक्षा कर रहा हूँ।  धन्यवाद।

विदेश मंत्री फ्रीलैंड:  ठीक है।  बहुत-बहुत धन्यवाद, रैक्स, और विज़ुअल एड्स लाने के लिए धन्यवाद।  हम इसके लिए वास्तव में आभारी हैं और इसका सह-आयोजन करने और आप द्वारा किए जा रहे सारे कार्य के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं।  और इसके बाद हम जापान के मंत्री तारो कोनो की बात सुनने जा रहे हैं।  जैसा कि रैक्स ने उल्लेख किया है, जापान बहुत सीधे रूप से प्रभावित हुआ है और मंत्री जी, यह हमारे लिए सम्मान की बात है कि आप आज यहाँ हमारे बीच हैं।

विदेश मंत्री कोनो:  मैडम चेयरपर्सन, माननीय मंत्रीगण, गणमान्य प्रतिनिधिगण, मैं हम सबको आज की बैठक में एकत्र करने के लिए विदेश मंत्री फ्रीलैंड और सेक्रेटरी टिलरसन के अनथक प्रयासों के लिए एक बार फिर से अपना आभार व्यक्त करते हुए अपनी बात आरंभ करना चाहता हूँ।  मैं उनकी टिप्पणियों के बाद मुझे बोलने के लिए कहने के लिए उनकी उदारता के लिए भी आभारी हूँ।

जैसा कि हम सभी ने देखा है, उत्तरी कोरिया उकसावे के अपने उपद्रवी कार्य को बढ़ाता जा रहा है।  अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उत्तरी कोरिया द्वारा पेश किए गए गंभीर और निकट खतरे का मिल-जुलकर सामना करना होगा।  पिछले माह, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ब्रीफिंग मेरी अध्यक्षता में आयोजित की गई थी और ब्रीफिंग में यह बिल्कुल स्पष्ट किया गया कि परमाणु शक्ति सम्पन्न उत्तरी कोरिया को कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।  इसकी पृष्ठभूमि में आज की बैठक बहुत सामयिक और सार्थक है।  अंतरराष्ट्रीय समुदाय उत्तरी कोरिया के परमाणु निशस्त्रीकरण को मूर्त्त रूप देने के लिए एक बाद फिर से शक्ति जुटाएगा।  आज मैं इस बात से आरंभ करना चाहूँगा कि मैं वर्तमान स्थिति और उत्तरी कोरिया के मंशा को किस रूप में देखता हूँ और मैं कुछ विचारों को भी व्यक्त करना चाहता हूँ।

सबसे पहले, प्रायद्वीप में मौजूदा स्थिति पर मेरी राय।  जैसा कि प्रधानमंत्री आबे ने कहा था, मेरी सरकार उत्तरी कोरिया के पयोंगयांग ओलम्पिक* में भाग लेने के लिए दक्षिण और उत्तरी कोरिया के बीच हाल की बातचीत का स्वागत करती है।  आखिरकार, ओलम्पिक और पैरालिम्पिक गेम्स शांतिपूर्ण उत्सव हैं।  और हम इन समारोहों को सफल बनाने के लिए ROK सरकार के प्रयास का समर्थन करते हैं।

इतना कहने के बाद, हमें इस तथ्य से मुँह नहीं मोड़ना चाहिए कि उत्तरी कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम निरंतर जारी रखे हुए है।  मुझे पता है कि कुछ लोग यह तर्क देते हैं कि ऐसे समय जब उत्तरी कोरिया अंतर-कोरियाई संवाद में भाग ले रहा है, तब हमें प्रतिबंध हटाकर या किसी प्रकार की सहायता देकर उसे पुरस्कृत करना चाहिए।  स्पष्ट रूप से कहे जाने पर, मेरे विचार में यह राय बहुत सरल है।  मेरा विचार है कि उत्तरी कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को जारी रखने के लिए थोड़ा समय चाहता है।  वे इस संवाद से बस कुछ पाना चाहते हैं।  इसलिए मैं यह तर्क दूँगा कि यह बात आज की चर्चा का आरंभिक बिंदु होनी चाहिए।

दूसरे, हमें उनकी मंशा को इस संबंध में जानना चाहिए कि वे वास्तव में क्या कर रहे हैं, इस संबंध में नहीं कि हमारी आशा के अनुसार वे क्या कर रहे हैं।  हमें बातचीत के प्रति उत्तरी कोरिया की इच्छा और परमाणु तथा मिसाइल कार्यक्रमों के प्रति इसके निरंतर जुनून के संबंध में क्या आकलन करना चाहिए?  नंबर एक, वे ज़रूर कुछ  देशों द्वारा प्रतिबंध* हटाए जाने की उम्मीद कर रहे होंगे।  नंबर दो, वे ज़रूर दूसरों की साख का लाभ उठाकर किसी भी रूप में कुछ वित्तीय मदद हासिल करने की कोशिश कर रहे होंगे।  नंबर तीन, वे ज़रूर यह उम्मीद भी कर रहे होंगे कि अमेरिका और ROK सेनाओं के बीच सैन्य अभ्यास रद्द हो जाए।  नंबर चार, उनका सख्त और कम सख्त देशों के बीच मतभेद बढ़ाने का ज़रूर इरादा होगा।  इसके अतिरिक्त, यदि अंतर-कोरियाई संवाद की प्रगति वैसी नहीं हुई जैसा उत्तरी कोरिया चाहता है, तो उत्तरी कोरिया दूसरों पर दोषारोपण कर सकता है और इसका उपयोग एक बहाने के रूप में आगामी भड़काऊ और खतरनाक कार्रवाइयों को अंजाम देने के लिए कर सकता है।

किसी भी स्थिति में, हमें यह ध्यान रखना होगा कि उत्तरी कोरिया हमारी ओर से बातचीत के बावजूद भी निरंतर अपने परमाणु और प्रक्षेपास्त्र कार्यक्रम को बढ़ा रहा है, और ऐसे में हमें उनके इरादों से अनभिज्ञ नहीं रहना चाहिए, न ही हमें उत्तरी कोरिया की पटाने की कोशिश से अंधा बनना चाहिए।  संक्षेप में, यह दबाव कम करने अथवा उत्तरी कोरिया को पुरस्कार देने का समय नहीं है।

मेरा अंतिम बिंदु मेरे पूर्व के अवलोकन से आया है, यानी अधिकतम दबाव डालने के अभियान को बरकरार रखना।  अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध धीरे-धीरे फल दे रहे हैं।  जहाज़ से जहाज़ ट्रांसफर की बढ़ती संख्या इस बात का एक उदाहरण है कि वर्तमान प्रतिबंध व्यवस्था आखिरकार तकलीफ दे रही है।  यह भी उम्मीद है कि यह प्रतिबंध इस साल और भी परिणाम देंगे।  यह तथ्य कि उत्तरी कोरिया संवाद में शामिल हो रहा है, इसकी व्याख्या इसके सबूत के तौर पर की जा सकती है कि प्रतिबंध काम कर रहे हैं।  इसलिये मेरी यही दलील होगी कि अब सभी देशों के लिए सही समय है कि वे सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावो को पूरी तरह और सख्ती से लागू करने का नए सिरे से दृढ़ संकल्प लें, जहां भी स्वायत्त उपाय उपलब्ध हों वहां उन्हें मजबूत करें।  इसमें उत्तरी कोरिया के साथ राजनयिक संबंध खत्म करने के साथ-साथ उत्तरी कोरियाई कामगारों को उनके देश वापस भेजना शामिल हो सकता है।  सिर्फ इन्हीं उपायों के ज़रिए हम उत्तरी कोरिया कोरिया को अपनी नीति में बदलाव लाने को मजबूर कर सकते हैं।  इस संबंध में जॉर्डन की हाशमी सल्तनत ने अभी उत्तरी कोरिया के साथ अपने राजनयिक संबंध तोड़ने का फैसला किया है।  जापान ने जॉर्डन के इस कदम की बहुत सराहना की है और अन्य देशों से भी उम्मीद की है कि वे इसी राह का अनुसरण करते हुए आगामी कार्रवाई करें।

जैसा कि मैने शुरुआत में उल्लेख किया था, यह साल उत्तरी कोरिया के अंतर-कोरियाई संवाद की दिशा में पहल के साथ शुरू हुआ है।  हालांकि, ऐसी कोई सकारात्मक पहल परमाणु प्रक्षेपास्त्र कार्यक्रमों के समाधान के मुद्दों के संदर्भ में नहीं हुई है।  आज की विदेश मंत्रियों की बैठक अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को पूर्ण, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय परमाणु-मुक्त कोरियाई प्रायद्वीप हासिल करने और उत्तरी कोरिया के अन्य उकसावों को रोकने के एक दृढ़ निश्चय के प्रदर्शन का समयोचित अवसर उपलब्ध कराती है।  एक साथ मिलकर हमें उत्तरी कोरिया पर अपनी नीति को बदलकर परमाणु-मुक्त बनाने के लिए अधिकतम दबाव बनाए रखना चाहिए और इसके लिए उत्तरी कोरिया को अलग-थलग करना चाहिए।

आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।  धन्यवाद, सभापति महोदय।

फॉरेन मिनिस्टर फ्रीलैंड:  अच्छा, आपको बहुत-बहुत धन्यवाद, श्रीमान कोनो।  आपके बोधगम्य शब्दों और इस प्रयास के प्रति आपकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद।  और अब हम मिनिस्टर कांग को सुनने वाले हैं।  हम सभी उस साझा खतरे के बारे में बात करते रहे हैं जिसका हम सामना कर रहे हैं और मैं सोचती हूं कि हम सभी को यह स्वीकारना चाहिए कि इस मुद्दे पर किसी भी देश का उतना ज्यादा हित नहीं है जितना दक्षिण कोरिया में हमारे मित्रों और सहयोगियों का है।  तो मिनिस्टर कांग, हम प्रसन्न हैं कि आप यहां हैं।

फॉरेन मिनिस्टर कांग:  आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, क्रिस्टिया।  धन्यवाद।  मिनिस्टर फ्रीलैंड, सेक्रेटरी टिलरसन, सहयोगियों, मित्रों, देवियों और सज्जनों, सबसे पहले, मैं अपने दोनों सह-मेज़बानों का धन्यवाद करना चाहूंगी, आपके बेहद कठिन कार्य और इस समूह को साथ में लाने की सूक्ष्म व्यवस्थाओं के लिए, और आपके सहयोग के लिए आपका धन्यवाद।  कोरियाई प्रायद्वीप में हाल ही में तेजी से हुए घटनाक्रमों के मद्देनज़र आज की बैठक इससे ज्यादा मुफीद नहीं हो सकती।  जैसा कि आप जानते हैं, कई सालों के लंबे अंतराल के बाद दक्षिण और उत्तरी कोरिया ने अचानक वार्ता शुरू की है, और उस लंबी अनुपस्थिति के बावजूद, मुझे यह खबर देनी है कि यह संवाद निश्चित रूप से  लाभकारी और सकारात्मक रहा है।

9 जनवरी को एक उच्चस्तरीय वार्ता में, दोनों पक्ष, उत्तरी कोरिया के प्योंगयांग शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में भाग लेने, कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कम करने और शांतिपूर्ण वातावरण निर्मित करने, और दोनों पक्षों के बीच के सभी मुद्दे बातचीत के ज़रिए हल करने के लिए सहयोग करने के लिए सहमत हुए।  इसमें कोई शक नहीं कि यह प्योंगचांग खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रगति होने के साथ-साथ साथ-साथ कई वर्षों से अवरुद्ध अंतर कोरियाई संबंधों की बहाली की दिशा में पहला कदम है।  और हम इस शुरुआती सफलता से इलाके में तनाव कम करने और उत्तरी कोरियाई परमाणु मुद्दे के शांतिपूर्वक समाधान के पक्ष में माहौल बनने, साथ ही साथ कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति स्थापना की उम्मीद करते हैं।

साथियों और सहयोगियों, महानुभावों, दक्षिण के साथ संबंधों में सुधार के इस प्रस्ताव के बावजूद, उत्तरी कोरिया की ओर से अभी भी परमाणु-मुक्त बनने के संदर्भ में अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने के इरादों का प्रदर्शन किया जाना बाकी है।  इसके विपरीत, उत्तरी कोरिया अपने राष्ट्रीय परमाणु बल को पूरा करने के अपने दावे पर अड़ा हुआ है और अब डींग हांक रहा है कि परमाणु अस्त्रों वाली उसकी बैलिस्टिक मिसाइलें अमेरिका में कहीं भी मार कर सकती हैं।  वास्तव में, उत्तरी कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम से उत्पन्न खतरा अब उत्तर-पूर्वी एशिया तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अब यह सच में वैश्विक बन गया है।  इसके प्रत्युत्तर में, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस बात को रेखांकित करने के लिए मिलकर काम कर रहा है कि उत्तरी कोरिया की परमाणु महत्वाकांक्षाएं स्वीकार्य नहीं हैं और उसे वापस परमाणु-मुक्त बनने की राह पर लौटना होगा।  और इस तरह, सिर्फ 2017 के उत्तरार्ध में ही, लगातार बढ़ते प्रतिबंधों के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के तीन और प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुए थे, और कई सदस्य देश उत्तरी कोरिया पर अतिरिक्त दबाव डालने के लिए एकतरफा उपाय लागू कर रहे हैं।

कोरिया गणराज्य प्रमुख साझेदारों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ एक सम्पूर्ण इकाई के रूप में सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों को लागू करने के लिए मिलकर काम कर रहा है ताकि उत्तरी कोरिया को नीति परिवर्तन और परमाणु मुक्ति संबंधी वार्ताओं के लिए मेज पर आने की खातिर मजबूर किया जा सके।  और इस सिरे पर, संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्यों द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों का विश्वसनीय कार्यान्वयन सुनिश्चित करना और उनकी प्रभावशीलता बढ़ाना महत्वपूर्ण है।  मेरी सरकार प्रतिबंधों को लागू करने के साथ-साथ संबंधित साझेदारों के साथ बेहतर रीतियों और जानकारियों को साझा करके इन प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग ले रही है।

हमने उत्तरी कोरिया से उकसाने की कार्रवाई बंद करने और बातचीत पर लौटने का आग्रह किया है और कार्रवाई के ज़रिए यह साफ कर दिया है कि उसकी लगातार भड़काऊ कार्रवाईयां सिर्फ और अधिक दबाव तथा प्रतिबंधों का कारण बनेंगी।  साथ ही, राष्ट्रपति मून जाए-इन और अन्य कई नेताओं ने अपने सार्वजनिक वक्तव्यों के अलावा उत्तरी कोरिया को दिए गए संदेशों में निरंतर इस बात  पर बल दिया है कि हम उत्तरी कोरिया को उज्जवल भविष्य उपलब्ध कराने के लिए तैयार खड़े हैं बशर्ते वह सही निर्णय ले।  और मैं इन दो उपकरणों में विश्वास करती हूं, ये दो उपकरण – एक हाथ में कड़े प्रतिबंध और दबाव तथा दूसरे हाथ में एक बिल्कुल ही अलग उज्जवल भविष्य का प्रस्ताव – साथ मिलकर काम आए हैं।  वास्तव में, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के ठोस प्रयासों ने प्रतिफल देना शुरु कर दिया है।  हमें ध्यान रखना होगा कि उत्तरी कोरिया अंतर कोरियाई संवाद में शीतकालीन खेलों में प्रतिभागिता के लिए वापस आया है और सारे साक्ष्य और अवलोकन मिलकर यह दर्शा रहे हैं कि प्रतिबंधों और दबाव ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।

देवियों और सज्जनों, हालांकि हम अंतर-कोरियाई संवाद की शुरुआत करके, इस नई पहल से सर्वाधिक हासिल करने के प्रयास में हैं, फिर भी हम सभी यह अच्छी तरह जानते हैं कि अंतर-कोरियाई संबंधों में स्थायी सुधार उत्तरी कोरिया के परमाणु मुद्दे को हल करने के प्रयासों की प्रगति के बगैर नहीं हो सकता और इसका विपरीत भी सत्य है।  इन दो मार्गों को एक दूसरे के पूरक के रूप में अपनाना होगा।  परमाणु हथियारों से मुक्ति कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति का एक आधारभूत तत्व है।  इस तरह, चूंकि हमारा प्योंगचांग के दौरान, और शायद उसके बाद में भी उत्तर को जोड़ने का प्रयास है, इसीलिए हम ऐसा परमाणु हथियार मुक्त होने की अनिवार्यता को साफतौर पर दृष्टिगत रखते हुए करेंगे।

उत्तरी कोरिया का पूर्ण, सत्यापन योग्य, और अपरिवर्तनीय परमाणु-मुक्त होना, कोरियाई सरकार और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का अटल लक्ष्य बना रहेगा।  और जब तक कि उत्तरी कोरिया परमाणु विकास के रास्ते पर चलता रहेगा, प्रतिबंध बने रहेंगे और दक्षिण कोरिया, उत्तरी कोरिया को नीति परिवर्तन के लिए बाध्य करने की खातिर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।  कोरियाई प्रायद्वीप-संबंधी मुद्दों का आधारभूत संकल्प उत्तरी कोरिया के परमाणु हथियार मुक्त हुए बिना हासिल नहीं हो सकता, और हम यथासंभव शीघ्र की तारीख पर परमाणु मुक्ति की वार्ताओं को बहाल करने के वास्तविक और प्रभावी तरीके ढूंढना जारी रखेंगे।

मित्रों और सहयोगियों, लगभग 70 साल पहले, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सदस्यों ने कोरियाई प्रायद्वीप के दक्षिणी हिस्से में अनुभवहीन लोकतंत्र को बचाने में मदद के लिए सैन्य टुकड़ियां और मानवाधिकार मदद भेजी थी।  हम, कोरियाई लोग, यहां प्रतिनिधित्व कर रहे देशों के पुरुषों और महिलाओं के द्वारा किए गए महान बलिदानों को कभी नहीं भूलेंगे।  और हमारे आभार का सबसे अच्छा प्रदर्शन पूर्व सैन्यकर्मियों, उनके परिवारों, और देशवासियों को वह अच्छाई प्रदर्शित कर पाना है जो कि उनकी सेवा और बलिदान का परिणाम है।  युद्ध से बिलकुल तबाह हो चुके इस छोटे देश ने बेहद कड़ी मेहनत की है और उत्तर-पूर्वी एशिया और उसके पार, स्वतंत्रता, लोकतंत्र, और आर्थिक जीवन शक्ति का एक प्रकाश स्तंभ बन गया है।  लेकिन हम तब तक विश्राम नहीं करेंगे जब तक कि हम उनके बलिदानों का अंतिम पुरस्कार नहीं हासिल कर लेते – जो कि, कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति है।

मित्रों और सम्मानित साथियों, प्योंगचांग शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक खेल अब एक महीने से भी कम दूर हैं।  उत्तरी कोरिया की प्रतिभागिता ने हमारे लिए तैयारियों में काफी और काम बढ़ा दिया किया है, लेकिन हम यह सुनिश्चित करने के लिए मेहनत से काम कर रहे हैं कि उनकी प्रतिभागिता खिलाड़ियों, अधिकारियों, दर्शकों और उत्साहवर्धन करने वाली भीड़ सभी के लिए खेलों के मनोरंजन और जश्न में समान रूप से इजाफा हो जाए।  यह निश्चित रूप से उत्तरी कोरियाई प्रतिभागियों के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल समुदाय के साथ बातचीत करने का एक दुर्लभ अवसर होगा, और हम उम्मीद करते हैं कि यह संलग्नता प्योंगचांग से आगे भी अच्छी तरह जारी रहेगी।

इन प्रयासों में हम आपका समर्थन मांगते हैं और आशा करते हैं कि हम उत्तरी कोरिया को दिशा बदलने और उत्तरी कोरियाई परमाणु मुद्दे पर शांतिपूर्ण समाधान के संकल्प तथा कोरियाई प्रायद्वीप पर स्थायी शांति स्थापित करने के लिए एकजुट खड़े हो सकते हैं।  आज की हमारी बैठक इस विषय पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की एकजुटता का समयोचित प्रदर्शन है, और आज मैं हमारे रचनात्मक विचार-विमर्श के लिए बहुत ज्यादा उत्सुक हूं।  आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

फॉरेन मिनिस्टर फ्रीलैंड:  खैर, इन उत्साहवर्धक टिप्पणियों के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद, मिनिस्टर कांग।  और जैसा कि आपने कहा, मुझे लगता है कि 70 साल पहले हमारे सभी देश आपके देश का समर्थन करने के लिए गौरवान्वित थे, और यह भी एक कारण है जिसके चलते हम सभी आपके और दक्षिण कोरिया के साथ एकजुटता दिखाने के लिए यहां मौजूद हैं।

हममें से कईयों ने इसका जिक्र किया है तथा हम सभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का समर्थन करने के लिए काम कर रहे हैं, और इस कारण और साथ ही कई अन्य कारणों के लिए, मैं अपने मित्रों, साथियों, और सहयोगी, यूनाइटेड किंगडम और इसके फॉरेन सेक्रेटरी बोरिस जॉनसन को कुछ टिपप्णी करने के लिए आमंत्रित करना चाहूंगी।

फॉरेन सेक्रेटरी जॉनसन:  धन्यवाद।  बहुत-बहुत धन्यवाद, क्रिस्टिया, और यहां वैंकूवर में होना मेरे लिए बहुत सुखद है और उन लोगों के इस बेहद महत्वपूर्ण समूह की मेजबानी करने के लिए आपको और कनाडा को धन्यवाद देता हूं जो स्पष्ट रूप से उस क्षेत्र में शांति और स्थायित्व के लिए एक सहज परिप्रेक्ष्य का साझा करते हैं।  और जब हम देखते है कि इस समय क्या हो रहा है, तो इसमें कोई संदेह नहीं हो सकता है कि संकट और गहरा रहा है।  हमने पिछले साल 20 मिसाइलों के 20 परीक्षण किए – एक परमाणु उपकरण का परीक्षण में जिनमें से दो जापान के ऊपर से चली गईं।  और सब लोग देख सकते हैं कि यह सिर्फ हो नहीं रहा है – खतरा केवल क्षेत्र के भीतर ही प्रसार का नहीं है, बल्कि, यकीनन सरकार से इतर समूहों, आतंकी गिरोहों तक भी इनके पहुंच जाने का है, जिसके दुनिया के लिए अकल्पनीय परिणाम हो सकते हैं।

और इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण और उत्साहजनक है कि दुनिया प्योंगयांग के खतरे से डरी या बंटी नहीं है।  और असल में, प्रस्ताव 2397 में हम एक साथ आए हैं, इस बारे में वैश्विक आम सहमति का उपाय अभूतपूर्व था कि करना क्या है और उत्तरी कोरियाई सत्ता पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव को कैसे बढ़ाना है।  और, वैसे, मैं उन लोगों के प्रति आदर व्यक्त करता हूं, जो इस कमरे में तो मौजूद नहीं हैं, पर वे यह सुनिश्चित करने के लिए अपरिहार्य हैं कि यह प्रक्रिया सफल हो।

अब, जैसा क्यूंग-व्हा और तारो ने कहा, यह अच्छी बात है कि अब उत्तरी कोरिया और कोरिया गणराज्य के बीच बातचीत हो रही है, और यह बहुत अच्छा है कि एक ओलंपिक समझौता है, यूं कहिये जो यहां था।  ओलंपिक समझौता, यह एक बहुत ही प्राचीन विचार है।  यह प्राचीन ओलंपिक खेलों तक जाता है, मैं ऐसा कह सकता हूं।  लेकिन हमेशा उन सभी में क्या हुआ – उन ओलंपिक समझौतों में जिनमें वे थे – जैसे ही खेल खत्म हो गए, चीज़ें फिर से पुराने ढर्रे पर लौट गईं (अस्पष्ट) मुझे इसी बात का डर है।

और इसलिए मुझे बहुत उम्मीद है कि लोगों ने इस पर गौर किया होगा, क्योंकि तारो कोनो ने अभी कहा था कि उत्तरी कोरिया में कार्यक्रम जारी है।  किम जोंग-उन अपने अवैध कार्यक्रम को जारी रखे हुए हैं।  मुझे चिंता है कि उनके कदमों पर रोक नहीं लगी है।  और इसलिए मुझे लगता है कि हमारा काम सामूहिक रूप से अब एक बहुत ही स्पष्ट संदेश भेजना है कि हम उस दबाव को बढ़ाना चाहते हैं, और हमें उनके लिए और उत्तरी कोरिया के लोगों के लिए इस बात में तेजी लानी होगी कि वे क्या चुनना चाहते हैं।  उनके लिए संभव है – वह उकसावे वाले रास्ते पर बढ़ना और अपने देश को परमाणु हथियारों से लैस करना जारी रख सकते हैं, जिसका परिणाम उसके लोगों के लिए आगे और अलगाव, आर्थिक पीड़ा तथा मुसीबतें होंगी, या फिर, उसके पास ऐसी राह पर चलने का मौका है जो कि उत्तरी कोरिया के लोगों को ज्यादा बेहतरी की ओर ले जा सकता है और यह गणतंत्र की आश्चर्यजनक उपलब्धियों के अनुकरण का अवसर होगा।

और हमारा काम ऐसे किसी भी तरीके से उसकी मदद करना है जो हम सही विकल्प अपना सकते हैं, और उसके लिए सहज समझ की ज़रूरत होगी, लेकिन आगे आने वाले महीनों में इसके लिए बहुत अधिक संकल्प और दृढ़ता की आवश्यकता होगी।

फॉरेन मिनिस्टर फ्रीलैंड:  ठीक है।  बहुत-बहुत धन्यवाद, बोरिस, और मेरी निजी तौर पर शर्त थी कि क्या आप शास्त्रीय उपमाओं का सहारा लेंगे या नहीं, और आपने ऐसा ही किया।

तो इन शुरुआती टिप्पणियों के लिए, बहुत-बहुत धन्यवाद, साथियों।  मुझे लगता है कि हमने आज हमारे विचार-विमर्श के लिए और हमारे नागरिकों तथा विश्व के लिए बहुत अच्छी तरह से आधार तैयार किया है, जो कि हमारी ओर से किए जा रहे काम को देख और सुन रहे हैं।  और इसके साथ ही, मैं अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के बेहतरीन सहयोगियों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं।  हमारे साथ बने रहने के लिए धन्यवाद, और अब हम आपसे अनुमति चाहेंगे।


मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/secretary/remarks/2018/01/277470.htm
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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