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सेक्रेटरी ऑफ स्टेट रैक्स टिलरसन सीरिया के संबंध में संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए आगे का मार्ग

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टिप्पणियाँ
17 जनवरी 2018
स्टैनफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में हूवर संस्थान
स्टैनफ़ोर्ड, कैलीफोर्निया

 
 

सेक्रेटरी टिलरसन:  आपका धन्यवाद।  आपका धन्यवाद।  आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

गुड मार्निंग।   और मैं वास्तव में, इस अवसर की दिल से सराहना करता हूँ कि जब मैं वेस्ट कोस्ट पर गया था और विशेष रूप से इस समूह को संबोधित करने के लिए स्टैनफ़ोर्ड से गुजरने का मौका मिला।  और स्टैनफर्ड और हूवर संस्थान और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन समूहों का धन्यवाद करना चाहता हूँ जिन्होंने मुझे आज यहाँ बोलने का मौका दिया।  मैं हूवर संस्थान के साथ परिचित हूँ; मैंने अपने जीवन में पहले उनके कुछ समारोहों में अतीत में बात की है, और यह लगातार महान, सैद्धांतिक छात्रवृत्ति का निर्माण करता रहा है, जो प्रतिनिधि सरकार, निजी उद्यमों के लिए कॉल करता है, और आपकी गतिविधियों के ठीक केन्द्र में अमेरिकी तरीके से जीवन जीने की रक्षा करता है, और बहुत से महत्वपूर्ण विषय हैं जिन पर हम अपना समय बिताते हैं।

और उस संबंध में, आपके पास निश्चित रूप से आपके रैंकों में एक सच्चा अधिवक्ता है: मेरे दोस्त, डॉ. कोंडोलीज़ा राइस, कौन – मुझे नहीं पता है कि क्या वह इस स्थिति की ज़िम्मेदारी लेती है जिनमें उन्होंने मुझे डाला है लेकिन मैं – (हंसते हैं) – मैं उन्हें आंशिक रूप से जवाबदेह बनाता हूँ।  और – लेकिन मैं कोंडी की सलाह और परामर्श की सराहना करता हूँ।  जब आप सेक्रेटरी ऑफ स्टेट की डेस्क पर पहुंचते हैं, मैं कैसे करना है मैनुअल की तलाश कर रहा था; और वह वहाँ नहीं था।  तो उन्होंने मेरी काफी मदद की और वह मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत रही हैं।

और मैं दूसरे सह-मेजबान का भी धन्यवाद करना चाहता हूँ, जो 20वीं सदी के हमारे राष्ट्र के सबसे समर्पित और प्रतिभाशाली लोक सेवक हैं, पूर्व सेक्रेटरी जार्ज शलट्ज़।  और जॉर्ज और मैं एक दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और मैं उनके कार्य का भी एक बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ।

मैं अभी वैंकूवर में एक मंत्रालयी बैठक से लौटा हूँ, जिसमें कई देशों ने इस बात पर चर्चा की कि उत्तरी कोरिया के विरुद्ध हमारे अधिकतम दबाव अभियान को किस प्रकार अच्छी तरह से लागू किया जाए।  संयुक्त राज्य अमेरिका और हमारे सहयोगी इस अभियान को जारी रखने में तब तक साथ हैं और आगे भी साथ रहेंगे जब तक कि उत्तरी कोरिया परमाणु हथियारों से मुक्त होने की ओर अर्थपूर्ण कदम नहीं उठाता।  हम सभी ने सहमति जताई – हम सभी ने – कि हम एक परमाणु-सशस्त्र उत्तरी कोरिया को स्वीकार नहीं करेंगे।

वैंकूवर से मैं जल्दी-जल्दी यहाँ कैलिफोर्निया आया।  और मैंने बहुत कम समय के नोटिस पर यहाँ की व्यवस्था करने में डॉ. राइस की सहायता की प्रसंशा की।  वाशिंगटन में कुछ लोग हैं जिन्हें यह आशंका है कि आज मैं केवल यहाँ आने के लिए खराब मौसम से बच रहा हूँ, परंतु मैं यहाँ आकर बहुत खुश हूँ।

आज मेरी टिप्पणियों का विषय और प्रकरण सीरिया में संयुक्त राज्य अमेरिका के आगे के रास्ते के संबंध में आपसे बात करना है।

मैं आपको एक व्यापक ऐतिहासिक तथा राजनीतिक संदर्भ देकर शुरू करूँगा कि सीरियाई लोगों को किन अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड रहा है, और वे सभी अंतर्राष्ट्रीय शक्तियों के लिए भी चिंता प्रकट करते हैं।

इसके बाद मैं यह बताना चाहता हूँ कि सीरिया में संघर्ष को समाप्त करने, और सीरियाई लोगों को एक नया राजनीतिक भविष्य प्राप्त करने की राह पर सहायता करने के लिए सीरिया में सैन्य तथा राजनयिक उपस्थिति बनाए रखना हमारे राष्ट्रीय रक्षा तंत्र के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है।

और अंत में मैं उन कदमों के बारे में बताना चाहूँगा जो यह प्रशासन एक स्थिर, एकीकृत तथा स्वतंत्र सीरिया, आतंकवादी खतरों से मुक्त तथा सामूहिक विनाश के हथियारों से मुक्त सीरिया प्राप्त करने के लिए उठा रहा है।

उसके बाद जैसा कि दर्शाया गया है, डॉ. राइस और मेरे बीच एक छोटी सी चर्चा होगी।

लगभग 50 वर्षों तक सीरिया के लोगों ने हाफ़िज़ अल-असाद और उसके बेटे बशर अल-असाद की तानाशाही में कष्ट सहे हैं।  असाद शासन की प्रकृति इसके प्रायोजक ईरान की तरह कपटपूर्ण है।  इसने राज्य प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा दिया है।  इसने ऐसे समूहों को सशक्त बनाया है जो अमेरिकी सैनिकों को मारते हैं, जैसे कि अल-कायदा।  इसने हिज़बुल्लाह और हमास का समर्थन किया है।  और इसने हिंसात्मक रूप से राजनीतिक विद्रोह को कुचला है।  बशर अल-असाद की बड़ी रणनीति, यहाँ तक कि उसके जाने के बाद तक की जो कार्यनीति उसके पास है, में क्षेत्र में सर्वाधिक उग्र आतंकवादी तत्वों को बढ़ावा देना और अपने पड़ोसियों को अस्थिर बनाने के लिए उनका प्रयोग करना शामिल है।  असाद का शासन भ्रष्ट है, और शासन तथा आर्थिक विकास की उनकी पद्धतियों में अधिकाधिक कुछ संजातीय तथा धार्मिक समूहों को बाहर रखा गया।  उनका मानवाधिकार रिकॉर्ड पूरे विश्व में कुख्यात है।

ऐसा दमन हमेशा के लिए जारी नहीं रह सकता।  और इतने वर्षों में देश के अंदर अव्यक्त गुस्सा बढ़ता गया, और कई सारे सीरियाई आगे आए और असाद के शासन का विरोध किया।  जब 2011 में पूरे सीरिया में शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू हुए उसके कुछ ही दिनों के अंदर असाद और उसकी सरकार ने अपने खुद के लोगों को गोलियों से जवाब दिया और जेल में भेजा।

उस समय से ही सीरिया की कहानी मानवीय विपत्ति की रही है।  लगभग 5 लाख सीरियाई मारे जा चुके हैं।  5.4 मिलियन से अधिक सीरियाई शरणार्थी हैं, और 6.1 मिलियन सीरियाई लोग आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्ति हैं अर्थात IDPs हैं।  शासन और विरोधी ताकतों के बीच संघर्ष के परिणामस्वरूप शहर के शहर बर्बाद कर दिए गए हैं।  पूरे देश को पुन: बनाने में कई वर्ष लगेंगे।

इस संघर्ष को रोकने के अमेरिका के पूर्व के प्रयास अप्रभावी रहे हैं।  जब असाद ने 2013 में प्रतिकार करने के लिए अमेरिकी रेड लाइन चुनौती का सामना करने के लिए अपने खुद के लोगों पर रासायनिक हथियारों का प्रयोग किया, और अमेरिका की ओर से कार्रवाई न होने से शासन की नागरिकों के जीवन की और उपेक्षा करने की हिम्मत बढ़ी।  पिछले वर्ष अप्रैल में असाद द्वारा नागरिकों पर सरीन नर्व एजेंट का प्रयोग किए जाने पर प्रतिक्रिया करते हुए ट्रम्प प्रशासन ने क्रूज़ मिसाइल से हमला किया जिसने असाद की 20 प्रतिशत वायु सेना को तबाह कर दिया।  हमने सीरिया की सेना की और अधिक रासायनिक हमले करने की क्षमता को कम करने, मासूम नागरिकों की रक्षा करने, और सीरिया की सरकार को रासायनिक हथियारों का और प्रयोग करने अथवा प्रसार करने में हतोत्साहित करने के लिए ऐसा किया।  संयुक्त राज्य अमेरिका रासायनिक हथियारों के खतरे को गंभीरता से लेता है और हम इस तरह से आराम से नहीं बैठ सकते और इनका नियमित उपयोग नहीं होने दे सकते।  हम हमले की ज़िम्मेदारी तथा पीड़ितों के लिए न्याय की माँग करना जारी रखेंगे।

वर्ष 2012 में असाद शासन के सैन्य दल सशस्त्र विरोध के विरुद्ध बुरी तरह से संघर्ष करने लगे।  शासन जल्द ही ईरान-समर्थित लड़ाकू बलों की सहायता से सशक्त बन गया।  परंतु इस सहायता के बावजूद अगस्त, 2015 तक सीरिया के विद्रोही सैन्य दलों ने असाद के शासन के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर ली थी।  उसके बाद असाद ने अपने अस्तित्व को खतरे में देखते हुए सहायता के लिए लंबे समय से अपने साथी रूस से अपील की।  रूस ने शासन को बचाने के लिए सहायता की, मुख्य रूप से बढ़ी हुई वायु शक्ति, खुफिया मामलों तथा सैन्य सहयोग उपलब्ध करा कर।

दिसंबर, 2016 में अलेप्पो शहर एक क्रूर अभियान के बाद शासन का शिकार हो गया जिसने पूरे शहर को तबाह कर दिया, जिसकी जनसंख्या युद्ध से पहले दो मिलियन से अधिक थी।  यह संघर्ष में पुन: गति प्राप्त करने के लिए शासन की क्रूर जिद्द का प्रतीक बना।  इससे असाद को भी यह ग़लतफहमी हो गई कि वह सीरिया के शासन – सीरिया के लोगों की उचित शिकायतों का निवारण किए बिना सत्ता पर काबिज रहेगा।

सीरिया का गृह युद्ध अपने आप में भयावह था।  परंतु इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया अर्थात ISIS के उभरने से सीरिया और अधिक अशांत स्थिति में आ गया।  यह इराक और सीरिया की सीमा के अंदर एक महत्वाकांक्षी आतंकी संगठन था।  2013 और 2014 में शासन और सत्ता पर असाद की पकड़ कमजोर बनाने के लिए लड़ रहे विभिन्न विरोधी समूहों के बीच संघर्ष से ISIS के तीव्र विस्तार की स्थितियाँ बनीं।  ISIS मूल रूप से इराक में अल-कायदा, वह समूह जिसे असाद छिप कर समर्थन देता था, की राख़ से उभरा था।  साक्ष्य दर्शाते हैं कि असाद ने ज्ञात आतंकवादियों को सीरिया की जेलों से रिहा करके और ISIS के पनपने से आँखें मूँदकर भी ISIS को बढ़ावा दिया।  ISIS ने सीरिया के शहर राक्का को राजधानी बनाते हुए “खलीफत” नाम से सत्ता स्थापित करने के लिए सीरिया में अस्थिरता और केंद्रीकृत प्राधिकरण की कमी का लाभ उठाया जिसका उसने छद्म रूप से दावा किया था।  अंत में, ISIS ने अपनी ऊँचाई पर लगभग यूनाइटेड किंगडम के बराबर के आकार के एक क्षेत्र को अपने कब्जे में लेने और एक बड़ी लड़ाकू सेना तैयार करने के लिए अपना विस्तार किया।  बैंकों से लूटे हुए पैसे और सीरिया तथा इराक में तेल के कुओं पर नियंत्रण रखते हुए, ISIS के पास अपना भरण-पोषण करने और संयुक्त राज्य अमेरिका और हमारे सहयोगियों की भूमि पर हमले करने के लिए सारा सामान मौजूद था।  एक कट्टरवादी आतंकी-राज्य की स्थापना ने 100 से अधिक देशों से जेहादियों को आकर्षित किया, और पूरे विश्व में अन्य आतंकियों को उन स्थानों पर हमले करने के लिए प्रोत्साहित किया जहाँ वे रह रहे थे।

ISIS के बढ़ने की संभावना को देखते हुए लाखों लोग क्रूर शासन की नैतिक सफाई से बचने के लिए अपने घरों, गाँवों, तथा शहरों को छोड़कर चले गए, जिससे आस-पास के देशों और यूरोप तथा स्कैंडेनेविया तक लाखों की तादाद में शरणार्थी आए।  वर्ष 2014 के मध्य तक, ISIS के पास सीरिया में प्रचालन के लिए एक स्थिर बेस था और पश्चिम तथा हमारे क्षेत्रीय सहयोगियों में से अपने लक्ष्यों के विरुद्ध हमलों के वित्तपोषण, योजना, प्रेरणा तथा हमले करने के लिए पर्याप्त धन था।  यह हमारे भागीदारों के विरुद्ध प्रयोग करने के लिए रासायनिक हथियार बनाने हेतु सीरिया का प्रयोग कर रहा था।  एक मजबूत होते हुए आतंकवादी संगठन की विनाशकारी ताकत को पहचानते हुए अमेरिका ने ISIS की सेना को हराने पर ज़ोर दिया।  सीरिया में ISIS के खतरे के बावजूद असाद ने सीरिया के विद्रोहियों से लड़ने पर ज़ोर दिया, यहाँ तक कि उसे ईरानी तथा रूसी सैन्य समर्थन होने के बावजूद।

ट्रम्प प्रशासन की आतंकवाद-विरोधी नीति बहुत सरल है।  यह घर में तथा विदेश में अमेरिकियों को आतंकवादियों के हमलों से बचाने की नीति है।  इस नीति के केंद्र में आतंकवादी और आतंकी संगठनों को हमलों की आयोजना करने, पैसा एकत्रित करने, लड़ाके भर्ती करने, प्रशिक्षित करने, योजना बनाने, और इन्हें अंजाम देने का अवसर न देना था।

जब राष्ट्रपति ट्रम्प ने कार्यभार सँभाला था तब उन्होने सीरिया और इराक में बढ़त को और बढ़ाने के लिए निर्णायक कार्रवाई की।  उन्होंने रक्षा सेक्रेटरी मैटिस को ISIS को हराने के लिए 30 दिन के अंदर एक नई योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।  राष्ट्रपति ने शीघ्र ही योजना को अनुमोदित कर दिया।  उन्होंने फील्ड में अमेरिकी कमांडरों को अधिक अधिकार सौंपते हुए शीघ्र निर्णायक परिणाम लाने के लिए अभियानों में तेजी लाने का निर्देश दिया और उन्होंने हमारे सैन्य प्रमुखों को ऐसी नीतियाँ निर्धारित करने और लागू करने हेतु अधिक स्वतंत्रता दी जिससे ISIS के हारने की सर्वाधिक संभावना हो। आज इराक और सीरिया के लगभग संपूर्ण क्षेत्र, जिस पर कभी ISIS का नियंत्रण था अथवा जिसे कभी यूनाइटेड किंगडम के आकार का क्षेत्र कहा जाता था, उसके लगभग 98 प्रतिशत क्षेत्र को आज़ाद करा लिया गया है, और ISIS इस भूमि के एक फुट हिस्से को भी वापस प्राप्त नहीं कर पाया है।  ISIS के राक्का के भौतिक “खलीफत” को नष्ट कर दिया गया है। खलीफत की आज़ाद कराई गई राजधानी अब आतंकी साम्राज्य बनाने की आशा रखने वालों के लिए एक चुंबक का काम नहीं करती। सीरिया के लगभग 3.2 मिलियन लोगों और इराक के लगभग 4.5 मिलियन लोगों को ISIS के अत्याचार से मुक्त करा लिया गया है। इराक के लगभग 3 मिलियन से अधिक आंतरिक रूप से विस्थापित लोग अब वापस घर आ चुके हैं, और मोसुल, इराक में खलीफत की दूसरी राजधानी और इराक के सबसे बड़े शहरों में से एक अब ISIS से पूरी तरह मुक्त है। इराक में दिसंबर, 2013 में संकट शुरू होने के समय से पहली बार, घर जाने वाले इराकियों की संख्या विस्थापित इराकियों से अधिक है।

आज जब हम सीरिया का सर्वेक्षण करते हैं हम बड़े चित्र को देखते हैं, एक ऐसी स्थिति जो मुख्य रूप से तीन घटकों से प्रभावित है:

ISIS को बड़े पैमाने पर, परंतु पूरी तरह से नहीं हराया जा चुका है।

असाद शासन आज सीरिया के लगभग आधे क्षेत्र तथा जनसंख्या पर नियंत्रण रखता है।

और केवल ISIS और अल-कायदा से नहीं बल्कि अन्य संगठनों से भी संयुक्त राज्य अमेरिका को रणनीतिक खतरा लगातार बना हुआ है।  और जिस खतरे की मैं बात कर रहा हूँ वह मुख्य रूप से ईरान है।

ईरान से लेबनान और मेडिटेरेनियन तक एक उत्तरी चाप बनाने की अपनी कार्यनीति के तहत ईरान ने सीरिया में ईरानी विद्रोही गार्ड फौजें नियुक्त करके; लेबनीज़ हिज़बुल्लाह का समर्थन करके; और इराक, अफ़गानिस्तान, पाकिस्तान, और अन्य स्थानों से प्रॉक्सी सेनाएँ लाकर सीरिया में अपनी उपस्थिति को नाटकीय रूप से सुदृढ़ बना लिया है। सीरिया में अपनी स्थिति के माध्यम से ईरान संयुक्त राज्य अमेरिका के हितों, हमारे सहयोगियों और इस क्षेत्र में कर्मचारियों पर हमले जारी रखने के लिए तैयार हो रहा है। यह असाद को उकसाने और इसके द्वारा अपने स्वयं के लोगों का समर्थन दांव पर लगाते हुए प्रॉक्सी युद्ध करने के लिए लाखों डॉलर खर्च कर रहा है।

इसके अतिरिक्त, सीरिया के लाखों शरणार्थियों और IDPs की अनिर्णीत पीड़ा एक मानवीय संकट बना हुआ है। संकटपूर्ण स्थिति सीरिया में ही सुरक्षा और वैध शासन की लगातार अनुपस्थिति से सीधे संबंधित है। असाद ने अपने खुद के लोगों पर विषैली गैस का उपयोग किया है, उसने गाँव के गाँव और शहरी पड़ोसी क्षेत्रों को बैरल बंब से उड़ा दिया है, और लगातार राजनैतिक मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान की किसी भी संभावना को खारिज किया है। ये उत्पीड़न आज तक जारी है, जैसा कि पूर्वी घौता और इडलिब शासन में हाल ही में हुई नागरिकों की मौतों के समय देखा गया[1]।  बिना किसी राजनैतिक समाधान के शरणार्थियों की प्रभावी रूप से बड़े पैमाने पर सुरक्षित एवं स्वैच्छिक वापसी के लिए सहायता करने का कोई मार्ग नहीं है।

 

संक्षेप में, सीरिया हमारी कूटनीति के लिए गंभीर रणनीतिक खतरे का स्रोत बना हुआ है और एक बड़ी चुनौती है।

परंतु संयुक्त राज्य अमेरिका हमारे स्वयं के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कार्रवाई करता रहेगा।

संयुक्त राज्य अमेरिका सीरिया के लिए पाँच महत्वपूर्ण स्थितियाँ चाहता है:

पहली बात, ISIS और अल-कायदा को सीरिया में करारी हार का सामना करना पड़े, अब वे हमारे देश के लिए खतरा पैदा न करें, और एक नए रूप में भी पुनः संगठित न हों; कि सीरिया अब फिर कभी आतंकवादियों के संगठित होने, भर्ती होने, वित्त पोषण, प्रशिक्षण और अपने देश अथवा विदेश में अमेरिकी नागरिकों पर या हमारे सहयोगियों के खिलाफ हमला करने हेतु आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह के रूप में कार्य न करे।

दूसरा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संकल्प 2254 में निर्धारित संयुक्त राष्ट्र की नेतृत्व वाली राजनीतिक प्रक्रिया के माध्यम से सीरिया के लोगों और असाद शासन के बीच अंतर्निहित संघर्ष का समाधान किया जाए और असाद शासनकाल के बाद के नेतृत्व में एक स्थिर, एकीकृत, स्वतंत्र सीरिया, एक राज्य के रूप में कार्य करे।

 

तीसरा, सीरिया पर ईरानी प्रभाव कम हो, उत्तरी चाप का उनका सपना टूट गया है, और अब सीरिया के पड़ोसी सीरिया से हो सकने वाले सभी खतरों से सुरक्षित हैं।

चौथा, ऐसी स्थितियाँ पैदा की जाएं जिससे शरणार्थियों और IDPs का सुरक्षित रूप और स्वेच्छा से सीरिया लौटना शुरू हो सके।

और पाँचवां, सीरिया व्यापक विनाश के हथियारों से मुक्त हो।

ट्रम्प प्रशासन इस तरह की स्थितियों को प्राप्त करने के लिए एक नई रणनीति लागू कर रहा है।  इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से हमारी चल रही सफल सैन्य कार्रवाई के बाद व्यापक राजनयिक पहल होती है।  हमारे राजनयिक प्रयासों में, स्थिरीकरण पहलों और सीरियाई संघर्ष के राजनीतिक समाधान पर नया बल दिया जाएगा।

लेकिन मुझे इसे स्पष्ट करने दें:   संयुक्त राज्य अमेरिका सीरिया में सैन्य उपस्थिति बनाए रखेगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि ISIS फिर से न उभर सके।  सीरिया में हमारा सैन्य मिशन स्थिति-आधारित होगा।  हम उन गलतियों को फिर से नहीं दोहरा  सकते, जो 2011 में की गई थीं, जब हम समय से पहले इराक से लौट आए थे, जिसके कारण इराक में अल-कायदा को फिर से संगठित होने और अंततः ISIS बनने का मौका मिला था।  यह वह गफ़लत थी, जिसने ISIS और अन्य आतंकवादी संगठनों को देश पर कहर बरपाने का मौका दिया।  और इसने ISIS को अमेरिकियों और हमारे सहयोगियों पर हमलों की योजना बनाने के लिए एक सुरक्षित आश्रय दिया।  हम सीरिया में इतिहास को फिर से दोहराए जाने की अनुमति नहीं दे सकते।  वर्तमान में ISIS का एक पैर कब्र में लटका हुआ है, और सीरिया में ISIS की संपूर्ण हार तक अमेरिकी सेना की उपस्थिति को बनाए रख कर, इसे जल्द ही पूरी तरह से कब्र में दफ़न कर दिया जाएगा।

हम समझते हैं कि कुछ अमेरिकी सीरिया में लगातार बने रहने से आशंकित हैं और ऐसे अस्थिर देश में हमारी उपस्थिति बनाए रखने की सार्थकता पर सवाल उठा रहे हैं।

फिर भी, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए कुछ कारणों से सीरिया में बने रहना महत्वपूर्ण है:  अशासित स्थान, खासकर संघर्ष क्षेत्र में, ISIS और अन्य आतंकवादी संगठनों के लिए पनपने के अवसर प्रदान कर रहे हैं।  ISIS के खिलाफ लड़ाई खत्म नहीं हुई है।  ISIS लड़ाकों के ऐसे गुटों ने पहले से ही विद्रोह शुरू कर दिया है।  हम और हमारे सहयोगी उन्हें ढूँढेंगे और उन्हें मार देंगे या उन्हें पकड़ लेंगे।

इसी तरह, हमें सीरिया में अल-कायदा को खत्म करने के लिए बने रहना होगा, जिसका उत्तर-पश्चिमी सीरिया में अभी भी काफी प्रभाव और बेस है।  9/11 से पहले के वर्षों की तरह अल-कायदा पश्चिम पर हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने के लिए एक सुरक्षित क्षेत्र बनाना चाहता है।  हालाँकि ISIS एक ऐसा आतंकवादी समूह है जिसने पिछले कुछ सालों में सबसे अधिक सुर्खियाँ बटोरी है, फिर भी अल-कायदा अब भी एक गंभीर खतरा बना हुआ है और नए और शक्तिशाली तरीकों से पुनर्गठित होने की कोशिश कर रहा है।

 

इसके अतिरिक्त, इस समय सभी अमेरिकी सैनिकों की वापसी से असाद को अपनी स्थिति सुधारने का मौका मिल जाएगा और अपने ही लोगों के खिलाफ उसका क्रूर व्यवहार चलता रहेगा।  अपने ही लोगों का हत्यारा, लंबे समय तक स्थिरता के लिए अपेक्षित विश्वास उत्पन्न नहीं कर सकता।  सफल होने के लिए एक स्थिर, एकीकृत और स्वतंत्र सीरिया को अंततः असाद के बाद के नेतृत्व की आवश्यकता है।  ISIS की स्थायी हार सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका की उपस्थिति बनाए रखने से, असल स्थानीय सिविल अधिकारियों को उनके स्वतंत्र कराए गए क्षेत्रों में जिम्मेदार प्रशासन लागू करने का रास्ता तैयार करने में भी मदद मिलेगी।  संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई वाली जिनेवा प्रक्रिया के माध्यम से असाद के निकलने से सीरिया में स्थायी शांति और सीरिया के पड़ोसियों के लिए सीमाओं पर सुरक्षा की स्थिति पैदा होगी।

सीरिया से अमेरिका के हटने से ईरान को सीरिया में अपनी स्थिति को और मजबूत बनाने का अवसर मिलेगा।  जैसा कि हमने ईरान के प्रॉक्सी युद्धों और सार्वजनिक घोषणाओं में देखा है, ईरान मध्य-पूर्व में प्रभुत्व और हमारे सहयोगी इजरायल का विनाश करना चाहता है ।  एक अस्थिर राष्ट्र और इजरायल का सीमावर्ती होने के नाते सीरिया ऐसा अवसर पैदा करता है जिसका ईरान हर तरीके से फायदा उठाना चाहता है।

और अंत में, हमारे मूल्यों के अनुरूप, अमेरिका को ऐसे लोगों की सहायता करने का अवसर मिला है, जिन्होंने बहुत कुछ झेला है।  हमें सीरिया के लोगों को घर लौटने और अपने जीवन का पुनर्निर्माण करने का मौका देना होगा।  सीरियाई शरणार्थियों की सुरक्षित और स्वैच्छिक वापसी, संयुक्त राज्य अमेरिका, हमारे सहयोगियों और हमारे भागीदारों के सुरक्षा हितों के लिए सहायक है।  आसपास के क्षेत्र और यूरोप में शरणार्थियों के आने के भारी दबाव को दूर करने के लिए, इन शरणार्थियों के लिए सुरक्षित और स्वैच्छिक घर वापसी की स्थितियाँ बनाई जानी ज़रूरी हैं।  यूरोप में भूमध्यसागरीय क्षेत्र के एक छोर पर स्थिरता सुनिश्चित करना तब तक असंभव होगा जब तक कि सीरिया में दूसरे छोर पर अराजकता और अन्याय बना रहता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका, अपने सहयोगियों और भागीदारों के साथ सीरिया में स्थिरता और शांति लाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाएगा:

सबसे पहले, स्वतंत्र किए गए क्षेत्रों में स्थिरीकरण के प्रयास करना आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जन-जीवन सामान्य हो और ISIS फिर से न उभरे।  स्थिरीकरण के प्रयासों में ISIS द्वारा छोड़ी गई बिना फटी बारूदी सुरंगों को हटाने, अस्पतालों को फिर से खोले जाने, पानी और बिजली की सेवाओं को बहाल करने, और स्कूल में लड़कों और लड़कियों को वापस लाने जैसे आवश्यक उपाय शामिल हैं ।  यह धारणा इराक में सफल साबित हुई है, जहाँ लाखों इराकी अपने घरों को लौट आए हैं।  हालाँकि, इराक के विपरीत सीरिया में हमारे पास स्थिरीकरण के प्रयासों के लिए राष्ट्रीय सरकारी भागीदार नहीं है, इसलिए हमें दूसरों के साथ काम करना होगा।  इसलिए उन्हें बहुत सी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।  मई के बाद से, ISIS को हराने के लिए संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक गठबंधन में हमारे भागीदारों, और विभिन्न गैर सरकारी संगठन के साथ काम करते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका ने सीरिया में प्रभावित क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त राजनयिकों को तैनात किया है।

 

स्वतंत्र कराए गए क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने के लिए स्थानीय और क्षेत्रीय प्राधिकरणों की सहायता करने के लिए हमारे कार्य से स्थानीय लोगों और स्थानीय नेताओं के बीच विश्वास उत्पन्न होता है जो लौट रहे हैं।  आतंकवादी उन परिस्थितियों में फलते-फूलते हैं जो संघर्ष ग्रस्त क्षेत्रों में कमजोर लोगों को अपने विकृत और घृणित संदेशों को फैलाने का अवसर देती है।  हमारा स्थिरीकरण प्रयास उन लोगों को आतंकवाद की ओर जाने से दूर करने और उनके स्थानीय समुदायों में एकता लाने में मदद करेगा।

हमें अवश्य स्पष्ट होना होगा:  “स्थिरता” स्वतंत्र राष्ट्र-निर्माण या पुनर्निर्माण का एक समानार्थक शब्द नहीं है ।  लेकिन यह आवश्यक है।  सीरिया के संघर्ष में कोई भी दल अकेले सेना के माध्यम से देश को जीतने या स्थिर करने में सक्षम नहीं है।  हमारी सैन्य उपस्थिति को स्टेट डिपार्टमेंट और USAID टीमों का समर्थन है, जो पहले से ही स्वतंत्र कराए गए लोगों को अपने समुदायों को स्थिर बनाने में, स्थानीय अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं।

स्थिरता के प्रयासों के साथ-साथ, असाद के बाद की राजनीतिक समाधान की स्थिति बनाने के लिए समूचे संघर्ष की तीव्रता को कम करना भी एक महत्वपूर्ण कदम है।  जुलाई के बाद से, सीरिया के दक्षिण-पश्चिम भाग में संघर्ष में तीव्रता की कमी वाले क्षेत्र की स्थापना के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका रूस और जॉर्डन के साथ काम कर रहा है।  इससे युद्धविराम हो गया है, आम नागरिकों पर अंधाधुंध बमबारी खत्म हो गयी है, और कुछ अपवादों को छोड़कर  इससे अब तक अच्छा ही हुआ है।  दक्षिण-पश्चिम में इस समझौते से इजरायल की सीमा से ईरानियों के समर्थन वाले उग्रवादी संगठनों, विशेषकर हिज़बुल्लाह, को दूर रखने की इजरायल की सुरक्षा के मुद्दे पर भी ध्यान दिया गया है।  इस संघर्ष रहित क्षेत्र को लागू रखने के लिए हमारे लिए रूस का संयुक्त राज्य अमेरिका और जॉर्डन के साथ निरंतर काम करना आवश्यक है।  यदि ऐसा होता है, तो परिणामस्वरूप होने वाली सत्ता और विपक्ष के बीच शत्रुता की समाप्ति से मानवीय सहायता के लिए सुरक्षित रास्ता मिल सकेगा, IDPs और शरणार्थियों की सुरक्षित और स्वैच्छिक वापसी की परिस्थिति बनेगी, और सीरिया के लोगों को संघर्ष के कारण नष्ट हुए क्षेत्रों में पुनर्निर्माण शुरू करने के लिए सुरक्षा उपलब्ध होगी।  हमारे प्रयासों ने – शरणार्थियों और IDPs को दक्षिण पश्चिम के संघर्ष विराम वाले क्षेत्रों की ओर वापसी में सहायता की है जहां से उन्होंने जॉर्डन में शरण ली थी, और विदेश से आए 50,000 सीरियाईयों समेत 2017 में कुल 715,000 सीरियाई अपने घरों में वापस लौटे।  संघर्ष विराम के इन प्रयासों के जारी रहने से मिले इन शुरुआती लेकिन सकारात्मक रुझानों को दक्षिण पश्चिम ही नहीं बल्कि बाकी जगहों पर भी विस्तार दिया जा सकता है।

हम आतंकवाद के खिलाफ मोर्चे पर सहयोगियों और भागीदारों जैसे टर्की आदि के साथ मिलकर इडलिब में आतंक के खतरे से निपटने और अन्य जगहों पर PKK के आतंकियों को लेकर टर्की की चिंता दूर करने के प्रयास जारी रखेंगे।  अल-कायदा इडलिब में अपना ऑपरेशन बेस फिर से तैयार करने का प्रयास कर रहा है।  हम सहयोगियों और भागीदारों के साथ मिलकर इस खतरे को समाप्त करने के लिए सक्रिय रूप से सर्वश्रेष्ठ विकल्प विकसित कर रहे हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2254 के तहत राजनीतिक समाधान खोजने के संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों का पुरजोर ढंग से समर्थन कर रहा है।  यह एकीकृत सीरिया में शांति और स्थायित्व के लिए एक राजनीतिक ढांचा है, जिस पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य पहले ही सहमति जता चुके हैं। विशेष रूप से, सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के विशेष राजदूत स्टेफन डी मिस्ट्यूरा को उनके प्रयासों में सहयोग करके हम जेनेवा प्रक्रिया के तहत काम करेंगे।

असाद शासन स्पष्ट रूप से रूस को सुरक्षा की गारंटी लेने वाले की तरह मानता है।  इसलिए जेनेवा प्रक्रिया में रचनात्मक रूप से शामिल होने के लिए असाद प्रशासन को मनाने की दिशा में रूस की अहम भूमिका होगी।  UNSCR 2254 के पक्ष में मतदान के रूप में रूस के समर्थन के अलावा पिछले साल नवंबर में वियतनाम के डा नैंग में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ संयुक्त बयान में रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने जेनेवा के प्रति रूस की प्रतिबद्धता दोहराई थी।  संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस ने मिलकर दक्षिण पश्चिम के संघर्ष विराम वाले क्षेत्र में सफलतापूर्वक काम किया है, और हमने अपने सुरक्षाबलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फरात (यूफ्रेटस) नदी घाटी के नज़दीक टकराव टालने के इंतज़ाम किए हैं।

रूस अब निश्चित रूप से पिछले नवंबर में हमारे राष्ट्रपतियों द्वारा जताई गई प्रतिबद्धता का पालन करेगा, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में जेनेवा प्रक्रिया के जरिये स्थायी समाधान खोजने की बात कही गई है।  रूस एक काम यह कर सकता है कि वह सीरियाई शासन के ऊपर अपनी अनूठी स्थिति का लाभ उठाते हुए उस पर दबाव डाले, जो खुद ही जेनेवा प्रक्रिया में शामिल होने की सहमति दे चुका है।  रूस को अब नए तरह से दबाव बनाना होगा कि सीरियाई प्रशासन जेनेवा प्रक्रिया के नाम पर केवल दिखावा न करे, बल्कि भरोसेमंद ढंग से संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों से जुड़े और सहमति वाले मुद्दों के क्रियान्वयन में भूमिका निभाए।

संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ और क्षेत्रीय सहयोगी असाद शासन के नियंत्रण वाले किसी भी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण सहायता नहीं प्रदान करेंगे।  सीरिया से संबद्ध सभी हितधारकों से हम यही अपील करते हैं।  हम असाद शासन और किसी अन्य देश के बीच आर्थिक संबंधों को हतोत्साहित करेंगे।  इसके बजाय, हम वैश्विक गठजोड़ और स्थानीय सहयोगियों द्वारा ISIS (ISIS) से मुक्त कराए गए क्षेत्रों में पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करेंगे।  एक बार असाद के सत्ता से बाहर होने के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका पूरे जोश के साथ सीरिया और अन्य देशों के बीच आर्थिक संबंध सामान्य बनाने को प्रोत्साहित करेगा।  संयुक्त राज्य अमेरिका सभी राष्ट्रों से असाद पर आर्थिक दबाव डालने और राजनीतिक बदलाव के बाद सीरिया के पुनर्निर्माण में सहयोग की अपील करता है।  हमारा अनुमान है कि सामान्य जीवन की ओर वापसी की चाहत और दबाव के ये तरीके सीरियाई जनता और शासन सत्ता के अंदर के लोगों को असाद को सत्ता से बाहर करने के प्रयास में मदद करेंगे।

UNSCR 2254 सीरिया में संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में निष्पक्ष चुनाव का भी आह्वान करता है।  संयुक्त राज्य अमेरिका का मानना है कि संघर्ष के कारण पलायन करने और विस्थापित होने वाले लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए निष्पक्ष तथा पारदर्शी चुनाव असाद और उनके परिवार को सत्ता से स्थायी रूप से बाहर कर देंगे।  इस प्रक्रिया में समय लगेगा और हम असाद के जाने और नए नेतृत्व के स्थापित होने तक धैर्य रखने की अपील करते हैं।  जिम्मेदार बदलाव उतनी जल्दी नहीं आ सकता है, जितना कुछ लोग उम्मीद कर रहे हैं, बल्कि संवैधानिक सुधार, संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में चुनाव की सतत प्रक्रिया के माध्यम से आएगा – लेकिन बदलाव आएगा ज़रूर।

संयुक्त राष्ट्र सीरियाई लोगों को ISIS के चंगुल से आज़ाद कराने में सीरियाई लोकतांत्रिक बलों के बलिदान को सम्मान देता है, लेकिन युद्ध के मैदान पर इनकी जीत से स्थानीय प्रशासन और पूर्वी एवं उत्तरी सीरिया के प्रतिनिधित्व की चुनौती का समाधान नहीं होगा।  सभी समूहों एवं जातियों के प्रतिनिधित्व वाली और सीरिया के व्यापक राजनीतिक बदलाव वाली अंतरिम स्थानीय राजनीतिक व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही बनेगी।  कोई भी अंतरिम व्यवस्था अवश्य ही सच्चे प्रतिनिधित्व वाली होनी चाहिए और सीरिया के किसी भी पड़ोसी देश को डराने वाली नहीं होनी चाहिए।  इसी तरह, इन क्षेत्रों के सीरियाई लोगों की आवाजें निश्चित तौर पर जेनेवा में और सीरिया के भविष्य की व्यापक चर्चाओं में ज़रूर सुनी जानी चाहिए।

इन मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र हमारे नाटो सहयोगी टर्की की चिंताओं को सुनता और गंभीरता से लेता है।  हम ISIS को हराने, सीरियाई शरणार्थियों को सहयोग देने और सीरियाई क्षेत्रों के स्थायित्व की दिशा में टर्की के सैन्य बलिदानों और मानवीय सहयोगों का सम्मान करते हैं।  सीरिया के नए भविष्य के लिए जिससे उसके पड़ोसियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो, हमें निश्चित रूप से टर्की का करीबी सहयोग ज़रूरी होगा।

अंतत:, सीरिया से ईरान का विद्वेषपूर्ण प्रभाव घटाना और खत्म करना लोकतांत्रिक सीरिया पर ही निर्भर है।  कई वर्षों से, बशर अल-असाद के नेतृत्व में सीरिया ईरान का ग्राहक देश रहा है।  एक ऐसी सीरियाई सरकार, जो असाद के नेतृत्व में नहीं होगी, उसके पास देश पर अपने अधिकार का दावा करने की नई वैधता होगी।  संघर्ष समाप्ति के प्रयासों और अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ नई सरकार द्वारा देश की संप्रभुता की पुनर्स्थापना से हिंसा कम होगी, स्थायित्व के लिए बेहतर परिस्थिति का निर्माण होगा और विदेशी लड़ाके जल्दी वहां से हट सकेंगे।

हम मानते हैं कि सीरिया में अभी कई जटिलताएँ हैं।  हमारे प्रस्तावित समाधानों को हासिल करना आसान नहीं होगा।  लेकिन हमारी और हमारे सहयोगियों की सुरक्षा के लिए इस दिशा में आगे बढ़ना ज़रूरी है।  हम पूर्व में इराक में हुई गलतियों को नहीं दोहराएंगे और न ही लीबिया में की गईं गलतियों को दोहराएंगे।

स्थायित्व और राजनीतिक रणनीति के बिना अच्छी सोच से किए गए सैन्य हस्तक्षेप कई तरह के विपरीत और अनचाहे नतीजों को जन्म देते हैं।  इस कारण से, हम सीरिया में गृह युद्ध को खत्म करना चाहते हैं, शांति के लिए काम करना चाहते हैं और सभी पक्षों को वार्ता की मेज तक लाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।  लगातार लड़ाई मानवीय स्थितियों को और खराब करेगी, ज्यादा अराजकता होगी, और सीरिया में क्षेत्रीय सैन्य दखल को बढ़ाएगी।  हमारा फोकस एक सकारात्मक राजनीतिक रास्ता तैयार करना है जिसमें सीरियाई लोगों की इच्छा का सम्मान हो और सीरिया की एकता एवं क्षेत्रीय अखंडता बनी रहे।

हमारी विदेश नीति की अन्य सभी चुनौतियों को देखते हुए यह लक्ष्य अकेले नहीं हासिल किया जा सकता है।  हम सहयोगियों और साझीदारों के साथ मिलकर काम करते रहेंगे।  पिछले कुछ वर्षों में कई आतंकी हमलों के रूप में यूरोप में हमारे सहयोगियों ने ISIS और अल-कायदा जैसे संगठनों की क्षमता को देखा है।  इन आतंकी संगठनों और अन्य के कारण सुरक्षा को होने वाले खतरों को स्थायी रूप से खत्म करने की रणनीति को समर्थन के लिए हमें सहयोगियों और साझीदारों की ज़रूरत है।

और आखिरकार, सीरिया के लोगों ने सात साल अकल्पनीय अराजकता और मुश्किलों को भोगा है।  उन्हें मदद की ज़रूरत है।  अच्छी तरह गुजरने वाले भविष्य के लिए नई तरह की कार्रवाई योजना एक तरजीही विकल्प है।  एक स्थिर, एकीकृत, स्वतंत्र सीरिया संयुक्त राज्य अमेरिका, उसके सहयोगियों और साझीदारों की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हितों के अनुकूल होगा।  यदि यह सब सच हुआ तो यह सभी की जीत होगी, और सीरियाई लोगों को ईश्वर से मिले अपने अधिकार हासिल करने, स्वतंत्रता पाने और खुशी पाने में सहायक होगा।

ध्यान से सुनने के लिए आप सभी का धन्यवाद, और मैं इस पर हमारी चर्चा के लिए तत्पर हूं।  (तालियाँ बजती हैं।)

सेक्रेटरी राइस:  धन्यवाद।  सर्वाधिक कठिन समस्याओं में से एक, जिसका मेरे विचार में अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में सभी ने सामना किया है, उस पर विस्तार से विचार रखने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, और अब मैं कुछ मूल मुद्दों पर लौटती हूं, लेकिन पहले मैं आप से बतौर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एक सवाल पूछना चाहती हूं।  यह एक तरह का कठिन काम है, क्या ऐसा नहीं है?  (हंसते हैं।)

सेक्रेटरी टिलरसन:  यह – हां, यह थोड़ा अलग है।  (हंसते हैं।)

सेक्रेटरी राइस:  हां।  (हंसते हैं।)  तो, जब मैं सेक्रेटरी थी, मैं सुबह जल्दी उठ जाती थी, और फिर अपने कैलेंडर पर कुछ चीजें देखती थी, और सोचती थी, “हे भगवान, मैं यह सब करने जा रही हूं,’’ और फिर मैं कुछ बातें और सोचती थी, “मैं बस – शायद तुरंत बिस्तर पर लौट जाऊं।”  आपको इस काम में क्या अच्छा लगता है और आपको सबसे ज्यादा क्या चुनौतीपूर्ण लगता है?

सेक्रेटरी टिलरसन:  अच्छा, मुझे इस काम में जो सबसे अच्छा लगता है और जिसका मैंने अपने करियर में सबसे ज्यादा आनंद लिया है, वह यह है कि आपको रोजाना गुणवत्ता वाले लोगों के साथ काम करना होता है।  और मैं स्टेट डिपार्टमेंट में काम करने वालों के बारे में क्या कहूं, वे चाहे करियर के तौर पर यहां आने वाले हों या राजनीतिक नियुक्ति वाले:  ये सभी असाधारण रूप से समर्पित, कुछ सबसे महान देशभक्त जिनसे आप कहीं मिले होंगे, और वे वास्तव में रोजाना दिमाग में एक ही उद्देश्य मन में लेकर आते हैं, और वह है विदेश नीति के लक्ष्य पाना, प्रशासनिक लक्ष्य पाना, लेकिन साथ ही सब कुछ अमेरिकी लोगों के हित में काम करना।

रोजाना ऐसी बातें जिन्हें हम जटिल मुद्दों के रूप में मानते हैं, जिनमें से एक के बारे में मैंने बताया – और सीरिया धरती पर सर्वाधिक जटिल स्थितियों में से है – एक अच्छे संवाद के लिए बुद्धिमत्ता का स्तर और खुलापन है, जिसके बारे में मैं सबसे ज्यादा उम्मीद करता हूं।  मेरा एक खुला कार्यक्षेत्र (बुलपेन एरिया) भी है – यह है डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ मैनेजमेंट का कार्यालय।  मैं वहां से भाग गया था, और वहां हमारे पास व्हाइटबोर्डों के अलावा कुछ भी नहीं है, और मुझे बुलपेन एरिया में जाना और इन अभ्यासों को सफेद बोर्ड पर लिखना अच्छा लगता है।

जिस स्थिति का मैं सबसे कम सामना करना चाहता हूं, ये वे दिन हैं जब मुझे जीवन हानि की स्थिति से जूझना पड़ता है।  और यह स्टेट डिपार्टमेंट के किसी व्यक्ति की मौत हो, या किसी सैन्यकर्मी का जान गंवाना, या कहीं भी किसी अमेरिकी नागरिक की मौत हो, वे दिन बहुत मुश्किल होते हैं, क्योंकि आपको परिजनों को फोन करना पड़ता है, आप उन लोगों को भरोसा देने की कोशिश करते हैं – जिन्हें बंधक बनाया गया है, आप उनके परिजनों को भरोसा दिलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वे दिन सचमुच कठिन होते हैं।

सेक्रेटरी राइस:  हां।  अब, बतौर सेक्रेटरी आप कुछ अनोखी चुनौतियों का भी सामना करते हैं।  जब मैं सेक्रेटरी थी, तब सोशल मीडिया मुश्किल से शुरू ही हो रहा था।  उसके लिए भगवान का शुक्र है।  और हम जानते हैं कि आपके बॉस को सोशल मीडिया से प्यार है, यह कैसा है, और आप सोशल मीडिया के सतत दबाव से कैसे निपटते हैं, विशेष रूप से व्हाइट हाउस के बाहर?

सेक्रेटरी टिलरसन:  अच्छा, वह सोशल मीडिया पर विश्व स्तर के हैं और मैं नहीं हूं – (हंसते हुए) – और मैं यहां इस महान तकनीक के बीच में आकर यह स्वीकारना चाहता हूं कि मेरा सोशल मीडिया पर कोई अकाउंट नहीं है।  मेरा न पहले कभी इस पर कोई अकाउंट रहा है और न ही ऐसा कोई इरादा है।  (हंसते हैं।)  इसका अच्छे से इस्तेमाल किया जाए तो यह शानदार औजार है।  राष्ट्रपति ने संवाद के पारंपरिक माध्यमों को पीछे छोड़ते हुए इसका शानदार तरीके से इस्तेमाल किया है, और वह इस क्षमता का उपयोग करके न केवल अमेरिकी लोगों से त्वरित संवाद करते हैं, बल्कि पूरी दुनिया में हमारे मित्रों और सहयोगियों या विरोधियों से भी संवाद करते हैं।

मैं नहीं जानता कि वह कब ऐसा करने जा रहे हैं लेकिन बस यही राष्ट्रपति का काम करने का तरीका है।  तो चुनौती इसीलिए है क्योंकि मेरे पास एक टि्वटर अकाउंट भी नहीं है, जहां मैं उनके ट्वीट फॉलो कर सकूं, इसलिए मेरा स्टाफ प्राय: उनके ट्वीट का प्रिंट निकालकर मुझे देता है।  (हंसते हैं।)  अब, आप इसे ऐसा भी कह सकते हैं, “अच्छा, ये तो पागलपन है।  आप एक अकाउंट क्यों नहीं बना लेते?’’  लेकिन दूसरी ओर, मैंने असल में निष्कर्ष निकाला है कि यह व्यवस्था अच्छी है क्योंकि ट्वीट सार्वजनिक हो जाता है और मुझे पहले से नहीं पता होता कि यह कब सार्वजनिक होने जा रहा है, ऐसे में उसके सार्वजनिक हो जाने से पहले मेरे पास वैसे भी कुछ करने का विकल्प नहीं होता है।  जब तक मुझे उसके बारे में पता चलता है, इसमें कुछ समय लगता है, लेकिन यह समय इस पर निर्भर करता है कि मैं दुनिया के किस हिस्से में हूं, इसमें पांच मिनट से एक घंटे तक का समय लगता है कि कोई मेरे हाथ में कागज का टुकड़ा थमाते हुए कहता है, “हैलो, राष्ट्रपति ने अभी-अभी यह ट्वीट किया है।”  तब – मेरे पास उसको लेकर पहले से ही कुछ शुरुआती प्रतिक्रियाएँ होती हैं, और उनके आधार पर मैं उस बारे में सोचना शुरू कर सकता हूं, ठीक है, हम अब इसे किस तरह से देखेंगे – यदि यह विदेश नीति का मामला है, अगर है – उन्होंने किस बारे में ट्वीट किया है और अब हम उसे किस तरह से प्रयोग में लाएंगे?

और इसलिए यह दिलचस्प है।  मुझे इस बारे में लोगों से बहुत सवाल मिलते हैं, हे भगवान, उस सबके साथ निपट पाना असंभव होगा।  मुझे जल्द से जल्द इसका आदी होना पड़ेगा क्योंकि यह हम सब के लिए बहुत अपरंपरागत है।  लेकिन मैं इसे लेता हूं और मैं कहता हूं, ठीक है, यह जानकारी है।  हमें – हम जानते हैं हमारे क्या उद्देश्य हैं और वह उनमें से किसी को बदल नहीं सकता।  यह सिर्फ उसका इस विषय पर बातचीत करना चाहने का तरीका है।  हम इसे कैसे ले सकते हैं और उपयोग कर सकते हैं?  और फिर यह क्या है – ऐसे ही मैं इससे निपटता हूं, लेकिन मैं सोचता हूं कि शायद मैं अपनी कब्र में जाऊंगा और कभी सोशल मीडिया अकाउंट नहीं रखूंगा।  (हंसते हैं।)

सेक्रेटरी राइस:  मैं सचमुच प्रभावित हुई थी जब आपने सीरिया के बारे में बात की और आपने सीरिया में आगे के मार्ग के बारे में बात की, सैन्य पक्ष को किनारे रखकर, जो कि सचमुच वहां पर कुछ वास्तविक लाभ हुए होंगे, खासतौर पर ISIS के इराक से सफाये में और अब एक कदम ऊपर, कम से कम ISIS पर सीरिया में।  लेकिन मैं प्रभावित हुई जब आप राजनीतिक स्थिरीकरण पर मुड़े, आपने कुछ ऐसे शब्दों का उपयोग किया जो कि अधिकांश लोग ट्रम्प प्रशासन के साथ जोड़कर नहीं देखते।  मैं चाहती हूं कि आप उसके बारे में थोड़ा बोलें।  आपने मूल्यों, अमेरिकी मूल्यों के बारे में बात की।  आपने मानवाधिकारों के बारे में बात की।  आपने सीरियाई लोगों के स्वतंत्र चुनावों में खुद को व्यक्त करने में सक्षम होने की ज़रूरत के बारे में बात की।

हम मूल्यों के एजेंडा के उन हिस्सों पर विचार करेंगे, अगर आप करेंगे, क्योंकि वास्तव में काफी पीछे वुडरो विल्सन तक जाना, अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने विश्वास किया है कि राष्ट्र की आंतरिक रचना असल में मायने रखती है।  और मैं समझती हूं कि आपने बहुत अच्छा मामला बना दिया यह भी एक कारण है कि हम समस्या का सामना करते हैं जो कि हम सीरिया में सामना करते हैं कि बशर अल-असाद एक तानाशाह है जिसने अपने ही लोगों की हत्याएँ की हैं और अपने लोगों पर ज़ुल्म किया है।

तो सीरिया से वापस लौटें और इस बारे में बात करें, किस तरह अपने काम में लगभग एक साल में, आपने मूल्यों, मानव अधिकारों, लोकतंत्र के मुद्दों को देखा – अमेरिकी विदेश नीति में।

सेक्रेटरी टिलरसन:  खैर, यह एक अच्छा प्रश्न है, और यह वह है जो मैंने, एक इंजीनियर के रूप में, मैं समझता हूं, मेरा एक कठिन समय रहा है लोगों को यह बताने में कि मैं उसे कैसे देखता हूं।  हमारे स्वतंत्रता के अमेरिकी मूल्य, व्यक्तियों का सम्मान, मानवीय गौरव, मूल्यों की सभी अभिव्यक्तियां जो परिभाषित करती हैं एक जन के रूप में हम कौन हैं, सम्मिलित रूप से लोगों के एक समूह के रूप में हम कौन हैं जिन्होंने खुद को उन मूल्यों के चारों ओर संरेखित किया है और परिभाषित करती हैं कैसे हम एक दूसरे से रोज़ाना व्यवहार करते हैं – आप इसे कैसे विदेश नीति के अखाड़े में ले जाती हैं।

और एक स्तर पर, ये वे मूल्य हैं जो कि चिरस्थायी हैं, और जो मैंने लोगों से कहा वह आप जानती हैं विदेश नीति के साथ अगर आप – जब आप मूल्यों को लेते हैं और आप कोशिश करते हैं उन्हें विदेश नीति में डालने की, मुझे हमेशा से चिंता रही है कि नीतियाँ परिवर्तित हो सकती हैं और समायोजित हो सकती हैं, और वे होती हैं। और ऐसा ही आप करते हैं- अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपके मूल्य कभी नहीं बदलेंगे।  वे कभी समायोजित नहीं होते।  तो हमारे मूल्य हमारे साथ हैं हर वार्तालाप में हमेशा।

अब, आप कैसे संचालित करते हैं – और मैं इस शब्द का उपयोग करूंगा – आप मूल्यों को कैसे अमल में लाते हैं?  क्योंकि मैं सोचता हूं यह सवाल के मर्म तक पहुंच रहा है।  और मेरी उस राय में सीरिया एक ज़बर्दस्त केस स्टडी है।  सीरिया जाने और मानवाधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता, महिलाओं की समान सहभागिता की हिमायत करने, उसके बीच जहां सचमुच हजारों लोग और नागरिक रोजाना मारे जा रहे हैं, बहुत अच्छा महसूस नहीं होता, क्योंकि सबसे महत्वपूर्ण मानव अधिकार किसी के लिए भी हमारा पहला वाला है: जीने का अधिकार।  जीवन, फिर स्वतंत्रता, उसके बाद खुशी की तलाश।  और इसी तरीके से मैं हमारे मूल्यों के बारे में सोचता हूं।  मुझे सबसे पहले लोगों को मारे जाने से बचाना है, और अगर मैं उन्हें मारे जाने से बचा सका और अगर हम स्थिरता वाले क्षेत्र निर्मित कर सके, तब हम स्वतंत्रता के बीज तैयार करने की शुरुआत करेंगे, और उसके बाद हम खुशी की एक तलाश के रास्ते तैयार करेंगे।  और इन सबके नीचे, तब, मानवीय गौरव और मानवीय स्थिति के लिए हमारे सम्मान की अभिव्यक्ति, सभी तरीके जिनसे हम इन मूल्यों को व्यक्त करते हैं, वह विशिष्ट रूप से अमेरिकी मूल्य हैं।

और इसलिए यह असल में है कि आप कैसे परिस्थितियां निर्मित करते हैं ताकि लोग सचमुच उन्हें हासिल करें, और सीरिया में फिलहाल प्राथमिकता इस बात की है कि लोगों को मारे जाने से रोका जाए।  उन्हें मारा जा रहा है।  उन्हें हजारों की संख्या में मारा जा रहा है।  इसे रोकिये, स्थिर कीजिए, कुछ परिस्थितियां निर्मित करना शुरू कीजिए, और उसके बाद हम लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता के लिए सम्मान, उनके गौरव के लिए सम्मान को प्रोत्साहित करना शुरू करेंगे।  और तब यह बहुत है – मेरे दिमाग में यह – और एक इंजीनियर होने के नाते, इस तरीके से मैं सोचता हूं, यह एक प्रक्रिया है।  यह एक प्रक्रिया है एक व्यवस्था के अंदर, समय में किसी भी बिंदु पर और निर्भर करता है देश की स्थिति, स्थान, परिस्थितियों पर, हम इस प्रक्रिया में एक भिन्न स्थान पर होने वाले हैं।  अगर हमारे पास एक स्थिर – एक स्थिर सरकार है जो कि कुछ धार्मिक संगठनों के लिए दमनकारी है तो हम उस पर सीधे जाएंगे।  क्योंकि ऐसा नहीं है कि लोग मारे जा रहे हैं, बल्कि वे सताए जा रहे हैं; वे अपनी खुद की खुशी की तलाश से वंचित किए जा रहे हैं।

इसलिए यह – बहुत अधिक, मैं हर स्थिति में सोचता हूं, मैं इसकी ओर देखता हूं और कहता हूं, यहां प्राथमिकता क्या है?  और हमारी पहली प्राथमिकता जीवन की सुरक्षा करना है – लोगों को मरने से रोकना है।  और अगर आप ऐसा करते हैं तो आप उन स्थितियों को बनाना शुरू करते हैं जहां हम वास्तव में आगे बढ़ सकते हैं हैं और खुद के मूल्यों की वकालत कर सकते हैं।

सेक्रेटरी राइस:  और आप किस प्रकार के काम के लिए उपकरण, जिनके बारे में आप बात कर रहे हैं, जाहिर है, जब आपने एक स्थिति को स्थायित्व दे दिया, तो भी आपको कूटनीति करनी है, आपको अभी भी लोगों को सहायता देनी है।  स्थायित्व लाने का भरोसा देने के लिए विदेशी सहायता और उन साधनों जिन पर अमेरिकी राजनयिक निर्भर रहते हैं, के प्रति प्रतिबद्धता को लेकर, उन पर बने रहने के बारे में चिंताएं रही हैं।  जाहिरा तौर पर जिम मैटिस ने बेहतरीन ढंग से कहा था कि अगर उनके पास विदेशी सहायता नहीं है, तो उन्हें अधिक गोलियों की आवश्यकता होगी, बस संक्षेप में यही ठीक है।

अब, कुछ अमेरिकी विदेशी सहायता के प्रयास जो पूरी तरह सराहनीय रहे हैं: PEPFAR, एड्स राहत के लिए राष्ट्रपति की आपातकालीन योजना जिसने संभवतः राष्ट्रपति बुश और उसके बाद राष्ट्रपति ओबामा के प्रयासों के माध्यम से लाखों लोगों को महामारी से बचाया; और फिर मिलेनियम चैलेंज, जो विदेशी सहायता लेने और उन राष्ट्रों को देने की कोशिश करता है जो वास्तव में इसे बुद्धिमानी से उपयोग करने जा रहे हैं, जो भ्रष्ट नहीं हैं।  क्या आप उन कार्यक्रमों के भविष्य के बारे में थोड़ा सा बात कर सकते हैं?  और मुझे पता है कि आप उनके अधिवक्ता हैं।  आप प्रशासन के अंदर और कैपिटल हिल पर किस तरह कर रहे हैं?

सेक्रेटरी टिलरसन:  खैर, आपने बचाव के लिए दो सबसे आसान चरण चुने हैं, क्योंकि PEPFAR को प्रशासन के अंदर भी सफलता के स्वर्ण मान के जैसे देखा जाता है।  इसने असाधारण परिणाम दिए हैं और इसने दर्शाया है कि यह वास्तव में अमेरिकी डॉलर का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करता है।  निवेश किए गए डॉलर के लिए, यदि आप इसे निवेश के रूप में सोचते हैं, तो यह रिटर्न यानी प्रतिफल के लिए निवेश किया गया डॉलर है – किसी भी कसौटी पर इसे कसें, PEPFAR बेतहाशा सफल रहा है।

और इसी तरह मिलेनियम चैलेंज कॉर्पोरेशन इसकी तरह की अनुशासित प्रक्रिया का उपयोग करने के कारण बेहद सफल रहा है।  मुझे लगता है कि जो ज्यादा बहस इस पर हो रही है वह ऐसे कार्यक्रमों के बारे में नहीं है, लेकिन कई अन्य सहायता कार्यक्रमों के बारे में जिनके पास इस तरह की संरचना नहीं है, जैसी कि PEPFAR की है या इस प्रकार की संरचना उनमें मौजूद नहीं है – और जवाबदेही संरचना के साथ चलती है – जो कि मिलेनियम चैलेंज में है, और एक दृष्टिकोण जो कि अमेरिका है, और रहा है, आज भी मानवतावादी सहायता, आपदा राहत के संबंध में धरती का सबसे उदार राष्ट्र है।  हम हमेशा से सर्वप्रथम और सबसे आगे रहे हैं।

लेकिन अगर आप देश की वित्तीय स्थिति देखते हैं और हम सभी घाटे के बारे में जानते हैं जो हमें हर समय घेरे हुए है, तो मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ने सही सवाल पूछा है, ठीक है, हम जानते हैं कि हम क्या कर रहे हैं; बाकी दुनिया इसे किस तरह से कर रही है?  और क्या आप अपनी भूमिका निभा रहे हैं।  और यह इतना अधिक आच्छांदित हो गया है कि यह प्रशासन किस तरह विदेशी सहायता के सभी साधनों के बारे में सोचता है, USAID और स्टेट डिपार्टमेंट के माध्यम से विदेशी सैन्य बिक्री एवं सहायता के लिए और संयुक्त राष्ट्र और अन्य में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को प्रदान की गई है।  हम अपने हिस्से को अंजाम देंगे, लेकिन हम मांग करते हैं कि दूसरे भी अपनी भूमिका अदा करें।  और इसलिए उन्होंने बहुत ऊंची उम्मीदें तैयार की हैं कि हम बाहर निकलेंगे और दूसरों को आगे आने और अपनी क्षमता के अनुपात में योगदान देना शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।  और वह बेहतरीन ढंग से दुनियाभर में बहुत से उन राष्ट्रों को इंगित करते हैं जो असाधारण रूप से अच्छा कर रहे हैं।  कई मामलों में वे हमारी अर्थव्यवस्था से बेहतर कर रहे हैं, फिर भी वे उतना बोझ नहीं उठा रहे हैं जो कि इस ज़रूरत में उनकी हिस्सेदारी बनती है।

तो इसका काफी कुछ पिछले साल और यहां तक कि इस वर्ष के शुरुआती हिस्से में इस मुद्दे को लेकर देशों के साथ बहुत अधिक सक्रिय भागीदारी है।  ऐसा कहने के बाद, इन ज़रूरतों की हमारी समझ को छोड़ने को कोई सवाल नहीं है।  और जैसा कि आप बजट प्रक्रिया के माध्यम से जानते हैं, बजट प्रक्रिया में हमारी सरकार की दो शाखाएं शामिल होती हैं, दोनों की बराबरी की भूमिका है।  कांग्रेस की भी इसमें अपनी भूमिका होती है, और प्रशासन की अपनी।  इसलिए बहुत कुछ है, अंत में, हम बजट वार्ता प्रक्रिया के माध्यम से इसका समाधान करते हैं।

अंतिम बात जो मैं खास तौर से स्टेट डिपार्टमेंट के बजट के बारे में कहूंगा, क्योंकि इसमें बहुत कुछ हुआ – इसमें बहुत सी चर्चा हुई है, मैं लोगों को परिप्रेक्ष्य देना चाहता हूं।  स्टेट डिपार्टमेंट का बजट $55 अरब के रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे उतर रहा है – स्टेट डिपार्टमेंट का अब तक का सबसे बड़ा बजट, और लगभग पांच या छह साल की श्रृंखला में एक के बाद एक रिकॉर्ड बजट से भी बड़ा।  और जो कि मैं लोगों को बताता हूं, और एक अन्य संगठन जिसमें हर दिन बड़ी संख्या में लोगों से जूझना पड़ता है, को चलाने के बाद, इसे अंजाम देना बहुत मुश्किल होता है – स्टेट डिपार्टमेंट के लिए 55 अरब डॉलर का बजट क्रियान्वित कर पाना बेहद मुश्किल होता है।  मेरा मतलब बिल्कुल साफ है, अगर आप इसे अच्छी तरह से करना चाहते हैं और आप कड़ी मशक्कत से कमाए अमेरिकी करदाता के आपको दिए गए पैसे का बढ़िया रखवाला बनना चाहते हैं, तो हमें इसके प्रति सहानुभूति रखने और इसे अच्छी तरह खर्च करने में सक्षम होना चाहिए।  और मामले का खरापन ही उन उन कारणों में से एक है जिस वजह से हमें 2017 में जूझना नहीं पड़ रहा है, क्योंकि हमारे पास पीछे का बहुत अधिक धन बचा हुआ है क्योंकि कोई भी बजट के उस आकार को अंजाम नहीं दे सकता है।  और इसलिए बहुत सा धन है जो चल रहा है।

इसलिए फिलहाल मैं कह सकता हूं कि हम क्रियाशील स्थिति में हैं जहां हम नहीं हैं – हम सबसे महत्वपूर्ण ज़रूरतों को पूरा करने में असमर्थ होने की स्थिति में नहीं हैं, ऐसा हमें भरोसा है।  लेकिन यह आ रहा है और हम आगे की योजना बनाने की कोशिश कर रहे हैं और हम इस प्रयास में हैं कि दुनियाभर के अन्य देश भी ज्यादा-ज्यादा बोझ साझा करें।

सेक्रेटरी राइस:  धन्यवाद।  इससे पहले कि हम आपको जाने दें, एक आखिरी सवाल पूछना चाहती हूं।  मैं चूक जाऊंगी, अगर मैं उस बारे में नहीं पूछूंगी, जहां से आपने अपनी टिप्पणी की शुरुआत की थी: उत्तरी कोरिया।  हवाई में हमें गलत चेतावनी वाली सूचनाएं मिली थीं।  हमने कुछ लोगों को उस इलाके में युद्ध के बारे में बातें करते सुना था।  उसी समय, हमें पता चला कि उत्तरी कोरिया और दक्षिण कोरिया ने ओलंपिक में एक साथ मार्च करने का फैसला किया है।

क्या आपको ज़रा भी समझ है कि हमने जो बयानबाजी की है, तथ्य शायद यह है कि सामने और केंद्र में कूटनीति वैसी नहीं है जैसा कभी-कभी हमारे सैन्य विकल्प आजमाने की बात होती है, कि हम शायद अपने दक्षिण कोरियाई सहयोगियों के साथ उकसावे की कार्रवाई कर रहे हैं?  मैं जानती हूं कि जब मैं सेक्रेटरी थी और छह-पक्षीय वार्ताओं के लिए प्रयासरत थी, उत्तरी कोरियाई कभी चीन को या दक्षिण कोरिया को या रूस को इससे बाहर करने के लिए उकसा देते थे और निश्चित रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण था कि वह अलग-थलग न पड़े।

तो हमें उत्तर और दक्षिण के बीच की इन पहलों को किस नज़रिये से देखना चाहिए?  और हमें कूटनीति के बारे में बताइए, क्योंकि मुझे लगता है किे हम सब इस बात पर सहमत हैं, कि उत्तरी कोरिया के आसन्न खतरे की गंभीरता के बावजूद कोई भी प्रायद्वीप, कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध नहीं चाहता है।

सेक्रेटरी टिलरसन:  अच्छा, हमारे कूटनीतिक प्रयास, जो असल में पिछले साल फरवरी से शुरू हुए, पहले हफ्ते – मेरे पद संभालने के बाद, मैं ओवल में राष्ट्रपति के साथ था और विदेश नीति के मोर्चे पर सबसे पहली चुनौती जो उन्होंने मुझे दी, वह यह थी कि उन्होंने मुझसे कहा था कि मुझे उत्तरी कोरिया को लेकर विदेश नीति तैयार करनी होगी।  और हमने यह किया और हमने इंटर एजेंसी प्रक्रिया के माध्यम से यह काम किया।

और हमने जो बनाया – मैंने उसे शांतिपूर्ण दबाव अभियान का नाम दिया; राष्ट्रपति ने उसके बाद इसे अधिकतम दबाव अभियान नाम दे दिया।  लेकिन यह है – और मैं जानता हूं कि लोग कहते हैं, ‘’ओह, हम पहले भी प्रतिबंध आजमा चुके हैं।  ये कभी काम नहीं करते।”  हमारे पास कभी प्रतिबंध को लेकर इतनी व्यापक व्यवस्था नहीं रही, और हमें प्रतिबंधों को लेकर कभी चीन का ऐसा समर्थन नहीं मिला, जो अब मिल रहा है।  रूस थोड़ा सा अलग मुद्दा है।  लेकिन चीन उत्तरी कोरिया के मामले में थोड़ा सख्ती वाले पक्ष में झुका है – इस प्रयास से चीन को यह अहसास हुआ कि उत्तरी कोरिया पिछले 50, 60 साल से आपके लिए संपत्ति रहा होगा; अब वे आपके लिए बोझ बन गए हैं।  और मेरे कहने का मतलब है कि यह सब कोरियाई प्रायद्वीप में चल रहे घटनाक्रमों के कारण हो रहा है।  यदि चीन इस समस्या को सुलझाने में हमारी मदद नहीं करेगा, तो इसके कई प्रभाव होंगे, और चीन भी इससे अच्छी तरह वाकिफ है।

इसलिए मुझे लगता है कि कूटनीतिक प्रयास इन प्रतिबंधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट करने के बारे में हैं, जो असाधारण रूप से असरकारी रहा है।  जैसा राष्ट्रपति मून ने खुद हमें फोन पर बताया – और मैं आपको बताना चाहूंगा, हम संभवत: हमारे बीच, दक्षिण कोरिया से और चीन से इस मुद्दे पर बातचीत के जिस स्तर पर पहुंचे हैं, वह काफी हद तक असाधारण है।  लोगों को संभवत: यह जानकर आश्चर्य होगा कि हम हफ्ते भर में एक दूसरे से इस मुद्दे पर फोन पर कितनी बार बात करते हैं।  मून ने कहा कि दक्षिण कोरियाई हमारी ओर इसलिए आए क्योंकि उन्हें इन प्रतिबंधों का दर्द महसूस हो रहा है।  और हम इसे कुछ खुफिया जानकारियों में देख रहे हैं, हम वहां से भागकर आने वालों के पास से मिल रहे कुछ असली प्रमाणों में भी इसे देख रहे हैं।

कल जापानियों ने हमारे सत्र में टिप्पणी कि उन्होंने जापानी जलसीमा में बहकर आईं 100 से ज्यादा उत्तरी कोरियाई नौकाएं पकड़ीं – इन नौकाओं पर सवार दो तिहाई लोग मर चुके थे – वे भागने का प्रयास नहीं कर रहे थे – और जो लोग जिंदा थे, वे अपने घर वापस जाना चाहते थे।  इसलिए उन्होंने उन्हें उत्तरी कोरिया को वापस लौटा दिया।  लेकिन उन्होंने जो सीखा है उन्हें सर्दियों के समय के लिए मछली भेजी जा रही है क्योंकि वहां भोजन की कमी है, और उन्हें वापस लाने के लिए अपर्याप्त ईंधन के साथ मछली भेजी जा रही है।

इसलिए हमें बहुत सारे सबूत मिल रहे हैं कि ये प्रतिबंध वास्तव में नुकसान पहुंचाना शुरू कर रहे हैं।  और इसलिए उत्तर की दक्षिण की ओर से नजदीकी बढ़ी है, अब वे रणनीति के तहत हैं जैसा कि आप सभी जानते हैं।  और रणनीति ठीक है, हम बाकी दुनिया के लिए अपना लुभाने की शुरुआत करने जा रहे हैं और उन्हें देखने देते हैं कि हम भी अन्य सभी की तरह ही सामान्य लोग हैं।  हम कुछ सहानुभूति पैदा करने जा रहे हैं।  हम दक्षिण कोरिया और उनके सहयोगियों के बीच उकसावे की कोशिश करने जा रहे हैं।  और हमने कल दक्षिण कोरिया की विदेश मंत्री कांग के साथ सामूहिक चर्चा वाली सुनवाई में अतिरिक्त समय बिताया है कि वे ऐसा होने क्यों नहीं दे रहे हैं।

इसलिए हम समझते हैं कि यह किस बारे में है, और हम इस मेल-मिलाप का समर्थन कर रहे हैं, क्योंकि कूटनीति का दूसरा पहलू यह है कि हम बात करने करने के लिए किम के फैसले का इंतज़ार कर रहै हैं।  हम बहुत स्पष्ट हैं, और हमारे दरवाज़े खुले हुए हैं।  और जैसा कि मैंने कल अपने प्रेस प्रयोजन में कहा था, वह जानते हैं कि अगर उन्हें बात करनी है तो उन्हें मुझ तक कैसे पहुंचना है।  लेकिन उन्हें मुझे बताना होगा कि वे बात करना चाहते हैं।  हम उसका पीछा करने नहीं जा रहे हैं।

तो यह बर्फ को तोड़ने के अपने शुरुआती प्रयास हो सकते हैं; हम देखेंगे।  इसके बारे में कुछ भी नहीं हो सकता, लेकिन – हम इसके समर्थन में हैं, लेकिन मैं आपको बताता हूं कि इस क्षेत्र में सहयोगियों के बीच, लेकिन चीन के साथ समान रूप से, मुझे नहीं लगता कि हम इस खतरे के खिलाफ कभी इतने एकजुट रहे हैं।  क्योंकि चीन इसके संभावित परिणामों को जानता है, जो कि अनपेक्षित परिणामों के रूप में बाद में आ सकते हैं।  और कूटनीति में, जहां आप इस तरह मेज पर किसी के साथ सौदेबाजी कर रहे हैं, और जब हम उस बातचीत की मेज पर जाते हैं – और मुझे विश्वास है कि हम जाएंगे – मैं जानना चाहता हूं कि मेरे पीछे खड़े सेक्रेटरी मैटिस के पास एक बहुत मजबूत सैन्य विकल्प है।  इससे मुझे एक बेहतर स्थिति मिलेगी जिससे इसे हल करने की कोशिश की जा सकती है।

जैसा कि सेक्रेटरी मैटिस और मैंने हमारे चीनी समकक्षों को बताया था कि जब हम मेज पर एक अन्य सुरक्षा और रणनीतिक वार्ता में थे, मैंने अपने समकक्ष यांग जायेची से कहा – मैंने कहा, “स्टेट कांउसलर, अगर आप और मैं इसका समाधान नहीं करते हैं,  तो ये लोग लड़ाई करेंगे, और हम ऐसा नहीं चाहते हैं।  और न ही आप”।

इसलिए हम अत्यधिक उत्साहित हैं।  यह एक लंबी प्रक्रिया है।  इसमें बहुत धैर्य की ज़रूरत है।  हम देखेंगे।  लेकिन हम प्रतिबद्ध हैं, जैसा कि उत्तरी कोरिया को परमाणु-मुक्त बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में हर कोई है।  और हम इस पर तब तक कायम रहेंगे जब तक इसे प्राप्त नहीं कर लेते।

सेक्रेटरी राइस:  बहुत-बहुत धन्यवाद, और सब कुछ अच्छा हो।  हमें पक्की उम्मीद है कि आप सफल होंगे।  आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।  (तालियाँ बजती हैं।)


मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/secretary/remarks/2018/01/277493.htm
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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