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असाद शासन के रासायनिक हथियार उपयोग का अमेरिकी आकलन महत्वपूर्ण तथ्य

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स्टेट डिपार्टमेंट प्रेस कार्यालय
दी व्हाइट हाउस
प्रेस सेक्रेटरी का कार्यालय
तत्काल रिलीज़ के लिए
13 अप्रैल, 2018

 

 

अमेरिका विश्वास के साथ आकलन करता है कि सीरियाई शासन ने 7 अप्रैल, 2018 को डौमा के पूर्वी उपनगर डमासकस में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया, जिसमें दर्जनों पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए तथा सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।  यह निष्कर्ष कई मीडिया स्रोतों में हमले के विवरणों पर आधारित है, पीड़ितों के अनुभव, वीडियो और चित्रों द्वारा बताए गए लक्षण, हमले के संभावित दो बैरल बमों को दर्शा रहे हैं, और विश्वसनीय जानकारी हमले से पहले सीरिया के सैन्य अधिकारियों के बीच समन्वय का संकेत दे रही है।  सूचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, डौमा की बमबारी में शासन द्वारा क्लोरीन के उपयोग किया जाने की ओर इशारा करता है, जबकि कुछ अतिरिक्त जानकारियाँ शासन द्वारा तंत्रिका एजेंट सरीन का उपयोग किए जाने का भी इशारा करती हैं।  यह कोई अकेली घटना नहीं है – सीरियाई शासन का यह वचन देने के बाद भी कि उसने अपने रासायनिक हथियार कार्यक्रम को छोड़ दिया है, रासायनिक हथियारों का उपयोग करने का एक स्पष्ट इतिहास रहा है।

7 अप्रैल, 2018 को रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल

सूचना का एक बड़ा हिस्सा दर्शाता है कि सीरियाई शासन ने 7 अप्रैल, 2018 को डमासकस के पास पूर्वी घौटा के डौमा इलाके में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया था।  हमारी जानकारी विभिन्न स्रोतों द्वारा सुसंगत और परिपुष्ट है।  इन रासायनिक हथियारों का उपयोग विरोधियों के कब्जे वाले इस घनी आबादी वाले इलाके में एक हफ्ते लंबी कार्रवाई के हिस्से के रूप में किया गया था।  इस हमले ने हजारों निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतारा और घायल किया है।

7 अप्रैल को, सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य स्वतंत्र सूचना स्रोतों ने डौमा में रासायनिक हथियारों से बमबारी की सूचना दी।  वीडियो और चित्र हमले से कम से कम दो क्लोरीन बैरल बमों के अवशेषों को दिखाते हैं, जो पिछले हमलों के क्लोरीन बैरल बमों के अनुरूप हैं।  इसके अलावा, डौमा से हाई-रेज़ोल्यूशन, विश्वसनीय फोटो और वीडियो की एक बड़ी संख्या स्पष्ट रूप से दिखाती है कि पीड़ित लोगों का दम घुट रहा है और मुंह से झाग निकल रहा है, जिसमें बाहरी चोटों के कोई निशान नहीं हैं।  विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने यह देखते हुए कि पीड़ितों में ज़हरीले रसायनों के संपर्क में आने के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, सीरिया में संदिग्ध रासायनिक हमलों पर अपनी चिंता के बारे में एक बयान जारी किया है।

7 अप्रैल को डौमा के ऊपर कई सरकारी हेलीकॉप्टर देखे गए थे, जिसमें प्रत्यक्षदर्शियों ने विशेष रूप से एमआई-8 हेलीकॉप्टर की सूचना दी थी, जो जानकारी के मुताबिक सीरियाई शासन के निकटवर्ती डौमायर एयरफील्ड से उड़ा था, जो हमले के दौरान डौमा के ऊपर चक्कर लगा रहा था।  तमाम प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इन हेलीकाप्टरों से बैरल बमों को गिराया गया था, जो कि युद्ध के दौरान नागरिकों को अंधाधुंध रूप से निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की गई एक रणनीति है।  डौमा में गिराए गए बैरल बमों के फोटो उनसे बहुत मिलते हैं जो शासन द्वारा पहले इस्तेमाल किए गए थे।  ये बैरल बम संभावित रूप से रासायनिक हमलों में उपयोग किए गए थे।  विश्वसनीय खुफिया स्रोत भी इंगित करते हैं कि 7 अप्रैल को डौमा में क्लोरीन के इस संभावित उपयोग को सीरियाई सैन्य अधिकारियों ने संयोजित किया था।  इन बैरल बम हमलों के बाद, डौमा में जमीन पर मौजूद डॉक्टरों और सहायता संगठनों ने क्लोरीन की तेज़ गंध की सूचना दी और सरीन के संपर्क के कारण होने वाले लक्षणों का वर्णन किया।

मीडिया, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), और WHO जैसे अन्य स्वतंत्र स्रोतों द्वारा दी गई सूचनाओं में वर्णित लक्षणों में मायोसिस (संकुचित पुतलियां), अकड़न, और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में व्यवधान शामिल हैं।  दर्जनों मौतों और सैकड़ों घायलों की सूचना के अलावा ये लक्षण बताते हैं कि शासन ने 7 अप्रैल के अपने हमले में सरीन का भी इस्तेमाल किया था।

असाद शासन ने विरोधी लड़ाकों तथा नागरिक आबादी दोनों को डराने और काबू में करने के लिए रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को चुना।  यह शासन का अपने हताहतों की संख्या कम करने का प्रयास है, क्योंकि उसकी सेना के पास मज़बूती से बने रहने के लिए इसके अलावा ज़रूरी ताकत की कमी है।  क्योंकि असाद शासन का इरादा आतंकित करना है, इसलिए वह सैन्य और नागरिक ठिकानों के बीच अंतर करने का कोई प्रयास नहीं करता है।  इन प्रतिबंधित हथियारों का उपयोग और नागरिक बस्तियों पर परंपरागत हथियारों तथा क्रूड बैरल बमों के साथ बमबारी करके, असाद अपने ही लोगों को भविष्य के विद्रोह के खिलाफ चेतावनी के रूप में सामूहिक रूप से दंडित कर रहे हैं।  इसके अलावा, असाद तकलीफ को बढ़ाने के लिए रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करते हैं, जैसे कि भूमिगत आश्रयों में शरण लिए परिवारों के खिलाफ, जैसा कि डौमा में देखा गया था—ऐसी आबादी जो पहले से आत्मसमर्पण और निकासी के लिए बातचीत कर रही थी।

शासन के रासायनिक हथियारों के लगातार इस्तेमाल से, विश्व में इनके उपयोग और प्रसार के प्रति असंवेदनशीलता होने, इनके इस्तेमाल के खिलाफ प्रतिबंधों के कमज़ोर होने, और अन्य राष्ट्रों द्वारा इन हथियारों को प्राप्त करने और इन्हें इस्तेमाल करने की संभावना बढ़ने का खतरा है।  इस बिंदु पर ज़ोर देने के लिए, रूस ने न केवल असाद शासन का उसके रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की जवाबदेही पर बचाव किया, बल्कि, रासायनिक हथियारों के खिलाफ प्रतिबंध के प्रति असामान्य बेशर्मी भरी उपेक्षा दर्शाते हुए 4 मार्च, 2018 को यूनाइटेड किंगडम में रूस ने एक हत्या के प्रयास में नर्व एजेंट का इस्तेमाल भी किया।

इस मामले में—जैसाकि शासन के पूर्व के रासायनिक हथियारों के उदाहरणों में—अमेरिकी विशेषज्ञों ने सीरियाई शासन की रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की ज़िम्मेदारी से परे अन्य वैकल्पिक स्पष्टीकरणों पर विचार किया।  7 अप्रैल को रसायन उपयोग के पहले आरोप के कुछ ही घंटों के भीतर, सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ने ऐसी रिपोर्टों को पूर्व घूटा में अंतिम बचे विरोधी समूह जायश अल-इस्लाम की ओर से एक बदनामी अभियान के रूप में चित्रित किया।  हमारे पास यह बताने के लिए कोई जानकारी नहीं है कि इस समूह ने कभी रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया था।  इसके अलावा, यह संभावना नहीं है कि विरोधी इतनी बड़ी संख्या में शासन के रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की मीडिया रिपोर्ट गढ़ सकें।  इस तरह बड़े पैमाने के मनगढ़ंत किस्सों को हमारी पड़ताल से बचते हुए विभिन्न मीडिया संस्थानों को धोखा देने के लिए एक अत्याधित व्यवस्थित और संगठित अभियान की ज़रूरत होती है।  सीरियाई शासन और रूस ने यह भी दावा किया है कि एक आतंकवादी समूह ने हमलों को अंजाम दिया था अथवा यह कि रचे गए हमले विश्वसनीय जानकारी के मौजूदा तंत्र के अनुरूप नहीं हैं।  इसके विपरीत संयुक्त राष्ट्र (UN) जांचकर्ताओं ने पहले ही पिछले और निरंतर रासायनिक हथियारों के हमलों के लिए सीरियाई शासन की निंदा की है।  वह सीरिया में तंत्रिका एजेंट्स की तैनाती की मंशा और मायने दोनों रखने का एकमात्र कर्ता है।  हैलीकॉप्टरों का इस्तेमाल शासन को आगे और फंसाता है; किसी भी गैर सरकारी समूह ने इस संघर्ष में हवाई कार्रवाई नहीं की है।

रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल और संपत्तियों पर कब्जे का उदाहरण

असाद शासन ने उन अंतर्राष्ट्रीय करारों को जारी रखा है, जिनके लिए उसने सहमति दी है, रूस भी शासन के अनुपालन के गारंटर के रूप में कार्य करने के लिए सहमत हो गया और दावा किया कि सीरिया के रासायनिक हथियार कार्यक्रम को निष्प्रभावी कर दिया गया है।  सीरियाई शासन और रूस ने अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षण और जवाबदेही तंत्र को कमजोर करने का काम भी किया है।  जैसा कि सीरिया में रासायनिक उपयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र इकाई का समय समाप्त हो गया,  तो यह सुनिश्चित करते हुए कि रासायनिक हमलों के दोष निर्धारण के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC)–का कोई भी आधिकारिक जांच दल नही बचा है, असाद ने नवंबर 2017 में सरीन का इस्तेमाल किया।  उस समय से, शासन ने कई बार क्लोरीन का इस्तेमाल भी किया।  इन हमलों का अमेरिकी आकलन विश्वसनीय, सार्वजनिक सूचनाओं पर आधारित है, संकुचित पुतलियों सहित पीड़ितों के नर्व एजेंट के संपर्क में आने के लक्षणों की सार्वजनिक सूचना, साथ ही एक ऐसे प्रकार के हथियार जो काफी हद तक पहले मूल्यांकन किए गए रासायनिक हथियारों से मिलते हैं।

सीरियाई शासन ने बार-बार रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल सैन्य बलों की कमी की भरपाई, युद्ध के लक्ष्यों को हासिल करने, और विद्रोहियों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने के लिए किया है, खासकर तब जब शासन को लगता है कि देश के केंद्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा या क्षेत्रों पर जोखिम है।  शासन ने मोर्चाबंद विपक्ष के खिलाफ रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के प्रयास का प्रदर्शन आक्रमण की गति को बरकरार रखने के लिए भी किया है जब यह गणना की कि इस व्यवहार का पता नहीं चलेगा और वह दंडित नहीं होगा।

सीरियाई शासन के डौमा पर रासायनिक हमले, पूर्वी घौटा में राजधानी के लिए खतरा बनने में सक्षम अंतिम विरोधी गढ़ को ध्वस्त करने के लिए, शहर पर कब्जा करने के एक प्रयास का हिस्सा थे।  शासन आगामी विद्रोह को रोकने के लिए डौमा की उस नागरिक आबादी को भी दंडित करना चाहता है, जिसने असाद के वर्चस्व का लंबे समय से विरोध किया है।  शासन ने डौमा पर अपना हमला आगे बढ़ाने के लिए रासायनिक हथियारों का उपयोग करने के लिए रूस के संरक्षण का फायदा उठाया।

अगर रोका नहीं गया, तो सीरिया के पास और अधिक रासायनिक हथियारों के उत्पादन तथा उपयोग करने की क्षमता है।  सीरिया की सेना अपने पारंपरिक रासायनिक हथियार एजेंट कार्यक्रम से विशेषज्ञता को कायम रखती है ताकि वे सरीन का इस्तेमाल तथा क्लोरीन के हथियारों का उत्पादन और तैनाती दोनों कर सकें।  अमेरिका यह भी आकलन करता है कि शासन के पास अभी भी रसायन—खास तौर से, सरीन और क्लोरीन हैं—जिन्हें वह भविष्य के हमलों में इस्तेमाल कर सकता है और यह कि असाद शासन नए हथियारों के विकास के लिए आवश्यक विशेषज्ञता को बदस्तूर बनाए रखता है।  सीरियाई सेना के पास ग्रेनेड, हवाई बम और कामचलाऊ हथियारों सहित कई रसायन-सक्षम हथियार हैं, जिन्हें  वह थोड़ी अथवा बगैर चेतावनी दिए इस्तेमाल कर सकता है।

पिछले शरद में, रासायनिक हथियारों निषेध संगठन (OPCW) -UN संयुक्त जांच तंत्र (JIM) ने निर्धारित किया कि अप्रैल 2017 में खान शायखुन पर सरीन हमले के लिए सीरिया ज़िम्मेदार था।  यह निर्धारण आंशिक रूप से नमूना विश्लेषण पर आधारित था जिसने खान शायखुन के हमले का सीरियाई शासन के सरीन भंडार के पिछले नमूनों का संबंध स्थापित किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि सीरिया ने अपने उस वादे के पहले से ही रासायनिक हथियार अपने पास बनाए हुए है, कि उसने अपने भंडार को नष्ट कर दिया है और अपने कार्यक्रम को समाप्त कर दिया है।

खान शायखुन के कुछ ही हफ्तों बाद क्लोरीन का इस्तेमाल

डौमा में सबसे हालिया हमले सीरियाई शासन के रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के पैटर्न की निरंतरता को दर्शाते है।  खान शायखुन पर सीरियाई शासन के सरीन इस्तेमाल के कुछ हफ्तों बाद, जब असाद शासन की सेना ने खान शायखुन के पास अल लातामिना की तरफ हमला किया, जहां पर सीरियाई शासन ने अप्रैल 2017 में सरीन का इस्तेमाल किया था, उसने 29 अप्रैल और 6 मई, 2017 के बीच विरोधी बलों पर कम से कम तीन बार क्लोरीन बैरल बम गिराए।  अमेरिका के पास ठिकानों के आसपास इस समय शासन के हेलीकॉप्टरों के संकेत हैं, उन हथियारों वाले बिना फटे क्लोरीन बैरल बमों के चित्र हैं जिन्हें शासन द्वारा पूर्व के रासायनिक हमलों में इस्तेमाल किया गया था, और रसायन के फैलने का एक वीडियो है।  यह सबूत OPCW-UN की JIM की शरद 2016 की रिपोर्ट के अनुरूप है जिसमें 2014 और 2015 में क्लोरीन हमलों के लिए असाद शासन को ज़िम्मेदार बताया गया।  2014 से, शासन ने विरोधियों को आतंकित करने और लड़ाई की उनकी इच्छाशक्ति को तोड़ने के लिए इसी तरह के युद्धक्षेत्रों में क्लोरीन का इस्तेमाल किया है।

  • इनमें से कम से कम एक हमले में प्रयुक्त बैरल बम की तस्वीरें पूरी तरह से, संघर्ष के दौरान उपयोग किए गए शासन द्वारा तैयार क्लोरीन बैरल बमों के अनुरूप थीं।
  • शासन के हेलीकॉप्टर उस समय आसपास थे जब रासायनिक हथियारों के हमले हुए थे और उसी क्षेत्र में जहां हमने सार्वजनिक आरोपों की पहचान की थी।  हमले के कम से कम एक सार्वजनिक वीडियो ने इलाके में हेलीकाप्टरों के फुटेज दिखाए हैं।

इन घटनाओं के पीड़ितों ने विशेष रूप से क्लोरीन—जिनमें हमलों के बाद इसकी विशिष्ट गंध—का और सांस लेने में तकलीफ सहित उन लक्षणों का उल्लेख किया है जो क्लोरीन के संपर्क में आने के बाद नज़र आते हैं।

  •  एक हमले में, विरोधी-मर्थक सोशल मीडिया वीडियो फुटेज में एक हथियार का विस्फोट दिखाया गया है जिसके परिणाम में क्लोरीन के फैलने के साथ ही पीले-हरे रंग का एक गुबार शामिल था।

डमासकस इलाके में रासायनिक हथियारों का हमला

18 नवंबर, 2017 को सीरियाई शासन ने कई सालों तक असाद शासन का विरोध करने वाले एक विपक्षी गढ़ पर फिर से कब्जे के लिए, हेरास्टा के डमासकस उपनगर में विपक्षी बलों के खिलाफ सरीन का इस्तेमाल किया था।  इस हमले का परिणाम दर्जनों हताहतों के रूप में हुआ।  यह आकलन विश्वसनीय, सार्वजनिक सूचनाओं- संकुचित पुतलियों सहित पीड़ितों के नर्व एजेंट के संपर्क में आने के लक्षणों की सार्वजनिक सूचना और ऐसे प्रकार के हथियार के विवरणों पर आधारित है, जो काफी हद तक पहले आकलित रासायनिक हथियारों से मेल खाते हैं।

  • एक पश्चिमी एनजीओ के पास विभिन्न प्रकार के लक्षणों से पीड़ित रोगी आए, जिनमें संकुचित पुतलियां, खाँसी, उल्टी, और असामान्य रूप से धीमी श्वास वाले शामिल थे।  कुछ सार्वजनिक वीडियो “तंत्रिका गैस” या “ऑर्गोफॉस्फेट” का संदर्भ देते हैं, जो कि पीड़ितों की संक्रमित पुतलियों का कारण हो सकते हैं। सोशल मीडिया और प्रेस ने हताहतों की अलग-अलग संख्या का अनुमान लगाया, जिनमें 19 मौतें और 37 घायल शामिल थे।
  • वर्णित लक्षण परंपरागत हथियारों के हमले का परिणाम होने की संभावना को नकारते हैं क्योंकि इनमें परंपरागत हथियारों के उपयोग से जुड़ी अन्य चोटों का अभाव है।  उदाहरण के लिए, हमारे पास वैसी गंभीर जलन का अनुभव करने वाले पीड़ितों की सूचना नहीं है जिनके सफेद फॉस्फोरस के संपर्क में आने से होने की संभावना होती है।

सोशल मीडिया द्वारा सूचना दी गई कि सरकारी फौजों ने जहरीली गैस वाले हथगोलों के साथ हमले को अंजाम दिया, जिससे आगे यह पता चलता है कि हमले में सरीन का इस्तेमाल किया गया था।

  • अमेरिका का आकलन है कि असाद शासन ने 2013 के बाद सरीन से भरे हुए हथगोलों का उत्पादन एवं उपयोग किया और उन्हें केमिकल वैपन कन्वेंशन को स्वीकार करने के बाद भी बनाए रखा।
  • अप्रैल 2017 के उत्तरार्ध में एक सार्वजनिक बयान में फ्रांस ने, सरीन की तुलना उसके द्वारा जांचे गए खान शायखुन हमले से संबंधित नमूनों के अप्रैल, 2013 में शासन द्वारा इस्तेमाल किए गए सरीन भरे ग्रेनेड के प्रयोगशाला विश्लेषण से की थी।

22 जनवरी, 2018 को, असाद शासन ने डौमा में कम से कम चार क्लोरीन से भरे रॉकेटों का इस्तेमाल किया, इस तरह कई प्रकार के छोटे-छोटे रासायनिक हथियारों का उपयोग करने की अपनी इच्छा और क्षमता का प्रदर्शन किया।  सोशल मीडिया और प्रेस रिपोर्टिंग के एक बड़े तबके ने न केवल घटना के लिखित दस्तावेज बल्कि चित्र और वीडियो उपलब्ध कराए हैं जिन्होंने हमारे इस विश्वास को बढ़ाया है कि कोई रासायन इस्तेमाल किया गया था और यह कि सीरियाई शासन इसका ज़िम्मेदार था।

  • सोशल मीडिया अकाउंट्स में यह बात सामने आई है कि कम से कम कुछ महिलाएं और बच्चों सहित दसियों शिकार क्लोरीन के संपर्क में आने के कारण सांस की तकलीफ जैसे लक्षणों से पीड़ित हैं।  हमले के बाद चिकित्सा देखभाल प्राप्त करने वाले बच्चों की कई तस्वीरें इस तरह के सोशल मीडिया अकाउंट्स में पोस्ट की गई थीं।
  • इस हमले के हथियारों के टुकड़ों के चित्रों में क्लोरीन से भरे रॉकेटों के समान डिज़ाइन वाली विशेषताएं हैं जो शासन द्वारा 2017 की शुरुआत में डमासकस इलाके में हमले के लिए इस्तेमाल किए गए थे।  22 जनवरी के हमले के कई सार्वजनिक अकाउंट्स ने यह भी दर्ज किया कि पीड़ितों ने क्लोरीन की गंध को सूंघा—जो कि रसायन के उपयोग का एक संकेत है जैसा कि हमने शासन के पूर्व के क्लोरीन हमलों में देखा है।

डौमा और हेरास्टा में हाल के शासन के रसायन इस्तेमाल, डमासकस इलाके में लगातार रसायन इस्तेमाल के आरोपों, और इसी तरह के युद्ध क्षेत्रों में शासन के रसायन उपयोग से हम आश्वस्त हैं कि यहां इलाके में सरीन और क्लोरीन दोनों के इस्तेमाल के अन्य मामले भी हुए हैं जिनका सत्यापन हमने नहीं किया है।  हम इसे लेकर भी आश्वस्त हैं कि असाद शासन इस तरह के हथियारों का उपयोग जारी रखेगा।

  • शासन का संभावित उद्देश्य पूर्वी घौटा क्षेत्र को फिर से कब्जे में लेना था।  पूर्वी घौटा डमासकस के उपनगरों में मोर्चाबंद विरोधी बलों के आखिरी गढ़ों के इलाकों में से एक रहा है।  शासन ने इसी तरह घिरे हुए विपक्षी बलों को शरद 2016 में अलेप्पो हमलों के दौरान हराने का प्रयास किया था, जहां उसने बार-बार क्लोरीन का इस्तेमाल किया।
  • सीरिया का इन ज़हरीले रसायनों को वितरित करने के लिए छोटे, जमीन से लॉन्च करने वाले हथियारों की ओर लौटना उन रासायनिक युद्ध (CW) की रणनीतियों को दर्शाता है, जो संघर्ष में पहले कारगर थीं, जिसने असाद शासन के ज़मीनी बलों को रिहायशी क्षेत्रों जैसे कि इमारतों और सुरंगों में व्यक्तियों को निशाना बनाने की क्षमता प्रदान की थी, वैसी ही जिसका सामना सीरियाई शासन को पूर्वी घौटा में करना पड़ा है।
  • जून 2017 के बाद से, हमने पूर्वी घौटा में रसायन उपयोग की 15 से अधिक रिपोर्टों की पहचान की है।  इसके अतिरिक्त, पूर्वी घौटा में जुलाई और नवंबर 2017 के बीच हेरास्टा और जब्बार शहरों समेत कम से कम चार कथित हमलों मे वैसे रासायनिक हथगोलों का उल्लेख किया गया है, जैसे कि हमारे आकलन के मुताबिक हेरास्टा में उपयोग किए गए थे।

यह इतिहास स्पष्ट रूप से दिखाता है कि असाद शासन ने रासायनिक हथियारों का लगातार इस्तेमाल किया है।  ऐसा उपयोग तब तक जारी रहेगा जब तक कि शासन को इन हथियारों के उपयोग की कीमत ऐसे किसी विचार पर भारी रहेगी जिससे वे सैन्य बढ़त प्राप्त कर सकते हैं।


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