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टोरंटो में जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में पहले दिन की बैठकों के बाद वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी

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यू.एस. डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट
प्रवक्ता का कार्यालय
तत्काल रिलीज़ के लिए
बैकग्राउंड ब्रीफिंग
22 अप्रैल, 2018

 

 

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:

विदेश नीति प्राथमिकताओं की एक श्रंखला पर जी7 मंत्रियों का एक लाभकारी और उपयोगी विचार विनिमय रहा।  संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए, हमने तीन क्षेत्रों, खासतौर पर उत्तर कोरिया, सीरिया, और रूस पर ज़ोर दिया।  वहां – रूस पर, वहां पर एक, मैं कहूंगा कि, रूस के घातक व्यवहार का विरोध करने पर जी7 में एकता थी, और देशों ने क्रेमलिन से उभर रहे उन नकारात्मक रुझानों का विरोध करने के लिए उठाए गए अपने कदमों की समीक्षा की, जिन्होंने शांति और सुरक्षा को जोखिम में डाला है।

सीरिया पर, मंत्रियों ने याद किया कि रूस सीरिया में रासायनिक हथियारों का गारंटर है और वह उस भूमिका में विफल रहा है।  संयुक्त राज्य अमेरिका यह विश्वास नहीं करता कि असद शासन के नियंत्रण वाले किसी भी इलाके में कोई पुनर्निर्माण सहायता जानी चाहिए।

समन्वयक:  यह पुनर्निर्माण है, न कि स्थिरीकरण।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  हां, मेरा मतलब है —

समन्वयक:  बस स्पष्ट करने के लिए।  सही।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  हां।  हां।  हमने ऐसा पहले भी कहा है; यह नया नहीं है।  यह कि जेनेवा प्रक्रिया के लिए, और इसे जितना संभव हो सके, गृहयुद्ध को शांत करने और राजनैतिक समाधान को बढ़ावा देने में एक बेहतरीन संभव तरीके के रूप में मज़बूत करने के लिए व्यापक समर्थन था।

सीरिया पर एक और बात:  13 अप्रेल का संयुक्त हमला एकबारगी नहीं था बल्कि रासायनिक हथियारों के खिलाफ निवारक कार्रवाई को पुनर्स्थापित करने के सतत संयुक्त अभियान का एक हिस्सा था, और ज़रूरी होने पर उसमें सैन्य साधनों का पुन: उपयोग भी शामिल है।

उत्तर कोरिया पर भी एक अच्छी चर्चा हुई, और मैं समझता हूं, आपने आज राष्ट्रपति का ट्वीट देखा है।  आपने देखा है वह, आज का ट्वीट?

समन्वयक:  उत्तर कोरिया पर।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  उत्तर कोरिया।

प्रश्न:  ओह, उत्तर कोरिया पर।

समन्वयक:  इस सुबह।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  तो इस पर एक नज़र डाल लें।  राष्ट्रपति ने आज उत्तर कोरिया से बात की है।  मैं बस उसे रेखांकित करना चाहूंगा।

हमने यह कहा है कि उत्तर कोरिया का रासायनिक परीक्षणों को रद्द करने का समाचार स्वागत योग्य है, और यह उत्तर कोरिया के पूर्व में अमेरिका के साथ मार्च में किए गए वायदे के अनुरूप है।  मैं फिर से उसे रेखांकित करना चाहूंगा जो आज राष्ट्रपति ने कहा है।  हमने कहा था कि हम पूर्व की उन्हीं गलतियों को नहीं करेंगे क्योंकि पिछली वार्ताओं के वृद्धिशील, चरणबद्ध प्रस्ताव सभी असफल रहे हैं।  हम पहले उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के ठोस विघटन के इंतज़ार में हैं, और जब तक परमाणुमुक्त होने का लक्ष्य नहीं पूरा हो जाता, तब तक वैश्विक अधिकतम दबाव अभियान जारी रहेगा।

मेरे पास यही मुख्य बातें हैं।

प्रश्न:  क्या शायद हम उत्तर कोरिया से शुरू कर सकते हैं?  आपका मतलब है कि अधिकतम दबाव अभियान उस क्षण तक जारी रहेगा जब तक उत्तर कोरिया में एक भी परमाणु हथियार या कार्यक्रम या स्थल बाकी न रह जाए?  क्या आप – इससे आपका क्या मतलब है?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  मैं इसे किस रूप में रखूं?  उत्तर कोरिया द्वारा उसके परमाणु और प्रक्षेपास्त्र कार्यक्रम के ज़रिए अमेरिका को धमकाने की क्षमता को नकारने के अपने नीतिगत उद्देश्य को हासिल करने के लिए, हम दो तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं: पहला, अधिकतम दबाव का एक वैश्विक अभियान; और दूसरा, बातचीत।  और मैं उत्तर कोरिया के साथ शिखर सम्मेलन से आगे नहीं बढ़ना चाहता, यदि ऐसा होता है, लेकिन हमने – पूर्व में, लोगों ने बातचीत के लिए वातावरण बनाने के लिए दबाव में छूट दी है।  हम दोबारा वही गलती दोहराने नहीं जा रहे हैं।

प्रश्न:  लेकिन अभी अपने उत्तर में, आपने खासतौर पर बचाव के लिए कहा – संयुक्त राज्य अमेरिका को धमकाने की उनकी क्षमता को रोकने के लिए।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  और हमारे सहयोगी।

प्रश्न:  ओह, और – ठीक है।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  माफ कीजिए।  हां।

प्रश्न:  तो NHK में वहां हमारे सहयोगी (अस्पष्ट) उस वाक्य को सुनना चाहते हैं।

प्रश्न:  क्या मैं उस बिंदु को लेकर सवाल पूछ सकता हूं।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  आगे बढ़ें।

प्रश्न:  आपने कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों का ठोस विघटन सबसे पहले।  क्या यही है – आप उत्तर कोरिया से क्या करने की उम्मीद रखते हैं, और क्या यह उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच होने वाले आगामी शिखर सम्मेलन की एक पूर्वशर्त है?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  मैं यह कहने के अलावा पूर्व शर्तों के भीतर नहीं जाना चाहता कि हम पूर्व की गलतियों को न दोहराने को लेकर बहुत सचेत हैं, और हम वैश्विक दबाव में छूट नहीं देने वाले और रणनीतिक धैर्य की नीति को जारी रखेंगे।

प्रश्न:  किम जोंग-उन, ने अपने बयान में, मध्यम श्रेणी के मिसाइलों की समस्या का समाधान नहीं किया।  यह जापान के लिए एक चिंता है।  यह अमेरिका के लिए भी एक चिंता है?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  हां।  हां, यह चिंता है।

प्रश्न:  आप उनसे क्या करने के लिए कह रहे हैं?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  खैर, हमने – हमने कोरियाई प्रायद्वीप के संपूर्ण, सत्यापन योग्य, और अपरिवर्तनीय रूप से परमाणुमुक्त बनाने की बात की है।  ICBM कार्यक्रम हमेशा एक सैन्य परमाणु कार्यक्रम के साथ चलते हैं; वे अभिन्न हैं।  और तो हमें होना चाहिए –  हम बहुत चिंतित हैं, स्पष्ट रूप से, परमाणु और ICBM  कार्यक्रम के बारे में, क्योंकि वे आवश्यक रूप से जुड़े हैं।

प्रश्न:  क्या आप शिखर सम्मेलन के लिए कोई स्थान ढूंढने के करीब हैं?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  उस पर कोई टिप्पणी नहीं।

प्रश्न:  कृपया, क्या हम अब रूस को ले सकते हैं?  आपने जी7 की एकता पर बात की।  रूस के घातक व्यवहार का विरोध करने को लेकर यह जी7 की एकता थी।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  हां।

प्रश्न:  क्या आप उम्मीद करते हैं कि बैठक से उस पर एक कड़ा संदेश निकल कर आएगा?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  बैठक की समाप्ति के बाद एक वक्तव्य (कम्युनीक़) जारी किया जाएगा जिसमें रूस पर बात होगी।

प्रश्न:  और उसके बाद जेनेवा प्रक्रिया पर विशेष रूप से एक फॉलो-अप होगा।  यहां पर कुछ, जिनमें प्रशासन में भी कुछ लोग शामिल हैं, वे मानते हैं कि आपको जेनेवा प्रक्रिया पर पुनर्विचार करना चाहिए या फिर उसे ऐसे तरीके से अपडेट करना चाहिए कि आप वास्तव में – कि वहां वास्तव में कोई समाधान हो सके।  क्या किसी भी रूप में उसकी चर्चा हुई थी?  या आपने पाया है कि सहयोगियों के बीच भी कुछ रास्ते हैं जिन्हें पार करके – जो इस तरह की चीज़ों को समर्थन करेंगे।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  मैं यह कहूंगा कि स्टाफ़न डी मिस्टुरा को अभी भी जी7 का प्रबल समर्थन हासिल है, और हम मानते हैं कि जेनेवा के माध्यम से ही राजनैतिक मार्ग को गति देने का सबसे बेहतरीन मौका है।

प्रश्न:  क्या?  (हंसते हैं।)

प्रश्न:  लेकिन ऐसा लगता है कि यह कहीं नहीं जा रहा, जबकि अस्ताना कम से कम बैठकें तो कर रही है और इसलिए ज़मीनी स्तर पर कुछ हो रहा है।  क्या इसमें अभी भी जान है, जब अस्ताना में कम से कम कुछ हलचल होती दिख रही है?

समन्वयक:  लेकिन कैरोल, विचार करें कि कौन अस्ताना का हिस्सा है और कौन जेनेवा का हिस्सा है।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  बहुत अलग – बिल्कुल।  इसका गठन यानी शामिल लोगों से लेना-देना है।  और जेनेवा में सही लोग हैं।

समन्वयक:  [वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी] —

प्रश्न:  आपने कहा कि उन क्षेत्रों के लिए कोई पुनर्निर्माण नहीं जो —

समन्वयक:  रुकिये – थोड़ा रुकिये, थोड़ा रुकिये।

प्रश्न:  माफ कीजिए।

समन्वयक:  लेकिन [वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी] और मैं नीचे इसी के बारे में बात कर रहा था – और अगर मैं यहां गलत हूं तो मुझे सही कीजिएगा, और मैं अभी कुछ देर पहले टॉम शैनन से बात कर रहा था – कि देशों ने मान लिया है कि जेनेवा ही आगे बढ़ने का रास्ता है, तब भी जबकि वह उस बिंदु पर नहीं पहुंचा है जहां —

प्रश्न:  हां।

समन्वयक:  — जहां उनके पास महत्वपूर्ण सफलता है, लेकिन यह मानते हुए कि अस्ताना ने बिल्कुल काम नहीं किया और कि सोची ने काम नहीं किया, और यह सभी।  तो यह जेनेवा है।  यही एकमात्र विकल्प है।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने संयुक्त राष्ट्र को सीरियाई राजनीतिक प्रक्रिया में नेतृत्व के रूप में नामित किया है, और यह बदला नहीं है।

प्रश्न:  लेकिन संयुक्त राष्ट्र उस बिंदु पर बना रह सकता है।  सवाल यह है कि क्या आप मानते हैं कि वह समझौता जो पहले अटक गया था, वह सीरिया में पिछले सात सालों में हुए बदलावों को देखते हुए अभी भी प्रासंगिक है।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  मैं कहूंगा कि किसी भी गृह युद्ध से निकलने वाली राजनीतिक प्रक्रिया में उतार-चढ़ाव होते हैं।  यही – राजनीतिक प्रगति को बढ़ाने का वर्तमान फोकस जेनेवा प्रक्रिया है।

प्रश्न:  यह, आपको रूस को शामिल करना पड़ेगा, रूस के साथ फिर से शामिल करना पड़ेगा।  क्या यही वह चीज़ है जो कि निकट भविष्य में हो सकती है?

समन्वयक:  मुझे खेद है।  आपका क्या सवाल था?

प्रश्न:  इसके लिए, अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों को रूस के साथ फिर से जुड़ने की आवश्यकता है – यदि ऐसा निकट भविष्य में हो सकता है?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  खैर, लेकिन हमने – हमने रूस को शामिल कर रखा है।  और अगर आप उस बयान को देखें जो कि हनोई में जारी हुआ था अमेरिका के बीच और – रूसियों ने पुष्टि की है कि जेनेवा ही राजनीतिक रास्ता है।  और उन्होंने सोची में कुछ किया है, और आपके पास अस्ताना में काफी कुछ है, लेकिन, वे – उस तरह का समर्थन नहीं हासिल करते जो कि जेनेवा प्रक्रिया को हासिल है।   वे बहुत अलग हैं।  और फिलहाल इसे बदलने में हमारा विश्वास नहीं है।

प्रश्न:  जब आप कहते हैं कि उन इलाकों के लिए कोई पुनर्निर्माण राशि नहीं, जो कि असद के नियंत्रण वाले हैं, तो क्या उन इलाकों के लिए जो कि असद के नियंत्रण के अंतर्गत नहीं हैं, वर्तमान में कोई पुनर्निर्माण राशि ऐसी है जो रोक ली गई है या सवालों के घेरे में है?

समन्वयक:  सिर्फ स्पष्ट करने के लिए, वह स्थिरीकरण है, जो कि पुनर्निर्माण से भिन्न है।

प्रश्न:  ठीक है।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  और यह क्या है?  दो सौ और —

समन्वयक:  और इसे अभी भी – इसे अभी भी चुकाया जा रहा है।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  यह 200 बिलियन है।

प्रश्न:  दो सौ मिलियन, हां।

प्रश्न:  मिलियन।

प्रश्न:  अभी फरवरी में ही तो इसकी घोषणा की गई थी।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  मुझे खेद है।  दो सौ मिलियन।  जब हम देखते हैं और आगे सर्वेक्षण करते हैं, तो हम नहीं चाहते कि कोई वित्तीय मदद असद सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में जाए।  और मुझे नहीं – मेरा मतलब है, हम इसे पहले ही कह चुके हैं।  मुझे नहीं पता कि और क्या कहना है।

प्रश्न:  हां, हां।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  मुझे पक्का पता नहीं है कि आप क्या पूछ रहे हैं।

प्रश्न:   खैर, अब आप कोई वित्तीय मदद नहीं दे रहे हैं, तो यह अन्य इलाकों से इसे रोक लेने की एक धमकी है —

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  नहीं, मैंने कहा हम – हमारा लगातार मानना है कि यह महत्वपूर्ण है, और तरीकों में से एक है – मेरा मतलब, हम सोचते हैं कि यह राजनीतिक प्रक्रिया को गति देने का हिस्सा है।  यह नहीं है —

प्रश्न:  और यदि एक इलाके को पुनर्निर्माण वित्त पोषण मिलना था, तो पुनर्निर्माण राशि खर्च हो जाने के बाद क्या वह उसे हमेशा कि लिए असद के नियंत्रण में जाने से बचाने का कोई निहित वायदा होगा?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  यही है – यह एक काल्पनिक सवाल है।  मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं, अभी के लिए, हम नहीं चाहते – यह क्या है? -हां, उन क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए जो असद सरकार के नियंत्रण में हैं।

प्रश्न:  लेकिन यदि आपको किसी इलाके का पुनर्निर्माण करना है जो कि, कहें तो, SDF के नियंत्रण के अंतर्गत हैं, और बाद में उन्हें दमिश्क में केंद्रीय शासन के साथ समझौता करना पड़ता है —

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  यह भी एक काल्पनिक सवाल है।  मैं बस यही कह रहा हूं कि फिलहाल के लिए यही है जहां हम हैं।

प्रश्न:  [वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी], रूस के साथ कुछ सहयोग का दरवाज़ा खुला रखने के बारे में कितनी चर्चा हुई थी।  तो रूस को पूरी तरह अलग-थलग नहीं किया जा रहा है बल्कि उनके साथ किसी न किसी तरह का संवाद जारी रखा जाएगा ताकि आप —

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  हां।

प्रश्न:  — आप सीरिया पर उनके साथ काम कर सकते हैं।  और आप —

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  रूस के साथ संवाद के लिए खुलापन है जबकि हम उन्हें उनकी घातक गतिविधियों और देशों को अस्थिर करने के प्रयासों के उनके प्रयासों के लिए उन्हें ज़िम्मेदार ठहराते रहेंगे।

प्रश्न:  उन्हें क्या करना है – बातचीत क्या है —

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  रूस को पता है कि उसे क्या करना है।

समन्वयक:  सिर्फ याद दिलाने के लिए, हमारे पास अभी भी दक्षिण-पश्चिमी युद्धविराम वाला इलाका है जो कि अभी भी – अभी भी लगभग जून से या – पिछले साल जून या जुलाई से हमारे कब्जे में है।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  यह सही है।  सबसे लंबा संघर्षविराम, हां।

प्रश्न:  क्या डाउमा के बारे में पर्याप्त चर्चा हुई थी और क्या रूसी तथा सीरियाई लोगों ने इलाका पूरी तरीके से साफ कर दिया है और क्या आप – क्या आप कुछ भी नहीं – उस जगह से कुछ भी नहीं पाने वाले हैं?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  मैं समझता हूं कि अधिकांश चर्चा सीरिया में रासायनिक हथियारों के खिलाफ प्रतिरोध को पुनर्स्थापित करने के लिए हुए संयुक्त हमले की महत्ता को रेखांकित करने के बारे में थी, जो कि पहले कर लिया जाना था लेकिन अब पिछले साल में दो बार किया गया।

प्रश्न:  और जब आपने शुरुआत में कहा कि यह एकबारगी नहीं है, तो अगर रासायनिक हथियारों का उपयोग हुआ तो आप वापस लौटने के विशेषाधिकार को सुरक्षित रखने के बारे में बात कर रहे थे?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  हां।

प्रश्न:  या कि कोई और नाजुक फर्क है?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  नहीं, नहीं। इस बारे में बस यही है।

समन्वयक:  हम इसे बस एक मिनट में समेटने जा रहे हैं।

प्रश्न:  वेनेज़ुएला?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  वेनेज़ुएला – हां, वेनेज़ुएला विज्ञप्ति में रहेगा।  हमने चर्चा की थी – हां– यह विज्ञप्ति में रहेगा।

प्रश्न:  तो कितनी बार आप – क्या आप प्रतिबंधों के ज़रिए मादुरो को निचोड़ना जारी रखेंगे?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  हां।

प्रश्न:  किसी तरह का राजनीतिक समाधान खोजने की कोशिश में हैं?  चुनाव का इंतज़ार है?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  जैसा कि आप जानते हैं, उपराष्ट्रपति हाल ही में अमेरिकी शिखर सम्मेलन के लिए लीमा गए थे, और वेनेज़ुएला मुद्दा वहां पर एक प्राथमिकता था।  और विज्ञप्ति में वेनेज़ुएला को लेकर एक अध्याय है।

प्रश्न:  हां।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  मुझे नहीं याद आ रहा कि यह कहां है।  मुझे देखने दीजिए कि क्या मैं अपनी याददाश्त ताज़ा करके इसे ढूंढ सकता हूं।

प्रश्न:  यह ठीक है, आप उसे बस हमें ईमेल कर सकते हैं और हम —

प्रश्न:  हां।

(हंसते हैं।)

प्रश्न:  हम देख लेंगे (अस्पष्ट)।  (हंसते हैं।)

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  माफ कीजिए, मुझे नहीं याद आ रहा कि यह कहां है।  यह है —

प्रश्न:  ठीक है।  लेकिन यह वहां होगा?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  हां, यह एजेंडे में था।

प्रश्न:  तथ्य कि यह एजेंडे में था मतलब —

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  हां, यह एजेंडे में था।

प्रश्न:  बहुत जल्दी, आज आपने पहले उल्लेख किया था कि आप ईरान के बारे में और पूरक पर स्थिति के अपडेट के बारे में बात करने जा रहे हैं।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  हां।

प्रश्न:  क्या आपने उस पर कोई प्रगति की है?  क्या आपने ऐसी कोई बात सुनी है जो कि बताती हो कि प्रगति हो रही है या आप उसके करीब हैं?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  जी7 मंत्रियों ने ईरान की घातक गतिविधियों की सीमा पर चर्चा की, उन्होंने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम की चर्चा की और यह किस तरह अस्वीकार्य है, और उन्होंने JCPOA पर और E3 और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा एक पूरक समझौते के विचार के प्रयासों पर भी चर्चा की।

प्रश्न:  क्या वहां चतुष्पक्षीय बैठक को पुनर्निर्धारित करने का कोई प्रयास हो रहा है?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  मुझे पता नहीं।  मुझे पता नहीं।

समन्वयक:  क्या सवाल था?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  क्या वहां चतुष्पक्षीय बैठक को पुनर्निर्धारित करने का कोई प्रयास हो रहा है?  मुझे पता नहीं।

समन्वयक:  ओह।  हमें उनसे सुनने का इंतज़ार है।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  हमें वापस सुनने का इंतज़ार है।

प्रश्न:  आप क्या सोचते हैं, मैक्रों का कल का वाशिंगटन का राजकीय दौरा JOPA के लिए कोई समाधान ढूंढ़ने में कितना महत्वपूर्ण होगा?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  चूंकि फ्रांस एक पूरक समझौते तक पहुंचने की बातचीत का हिस्सा है, राष्ट्रपति ट्रम्प और राष्ट्रपति मैक्रों स्वाभाविक रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करेंगे, लेकिन वे पूरे मध्यपूर्व में ईरान की ओर से जारी अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों पर भी विस्तृत रूप से चर्चा करेंगे।

प्रश्न:  यह ऐसा सुनाई देता है जैसे कि आपने पूरा दिन मूल रूप से उस स्थिति को बरकरार करने में बिताया जिसे आप लंबे समय से रखे हुए थे।  क्या वहां कोई चीज़ – कोई गतिविधि, कोई बदलाव है?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  खैर, यही संयुक्त बयान का उद्देश्य था, आपको यह जानने देना कि वे क्या – वे क्या होते हैं।  मैं इस वक्तव्य (कम्यूनीक़) से आगे नहीं जाना चाहता।   मैं आपको सिर्फ उस चर्चा का अहसास देना चाहता था जो आज हुई है, और वक्तव्य सबसे बेहतरीन ज़रिया है किसी घोषणा को – घोषित करने का।

समन्वयक:  साथियो, हम इसे समेटने जा रहे हैं।

प्रश्न:  जब हम यूरोपीय राजनयिकों से JCPOA के बारे में बात करते हैं, तो वह ये कहते लगते हैं कि कोई भी- आप भी नहीं, शायद – सचमुच जानता है कि राष्ट्रपति ट्रम्प को इन बातचीत के बीच क्या संतुष्ट कर पाएगा?   क्या आप इसे – इस दृष्टिकोण को साझा करेंगे?

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  राष्ट्रपति ने – 12 जनवरी को राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि वे यूरोपीय सहयोगियों के साथ – के साथ एक पूरक समझौता चाहते हैं, और हम उस पर पिछले कुछ महीनों से काम कर रहे हैं।  हम – राष्ट्रपति को कई तरह के विकल्पों के साथ प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि वह निर्णय ले सकें।

प्रश्न:  तो फिलहाल, हम अभी इसे नहीं सुन पाएंगे।  तीन सप्ताह बाकी रहने के साथ, आप मानते हैं कि यह पर्याप्त होगा —

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:  अभी बताना बहुत जल्दबाज़ी होगी।

प्रश्न:  आपका धन्यवाद।  समय निकालने के लिए आभार।


मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/r/pa/prs/ps/2018/04/280685.htm
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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