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मिडिल ईस्ट में परिस्थिति पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भाषण

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राजदूत निक्की हेली
संयुक्त राष्ट्र में संयुक्त राज्य अमेरिका की स्थायी प्रतिनिधि
संयुक्त राष्ट्र को संयुक्त राज्य अमेरिका का मिशन
न्यू यार्क सिटी
15 मई 2018
जैसा दिया गया

 

धन्यवाद, अध्यक्ष महोदया। आज का सत्र मध्य पूर्व में हिंसा के मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाया गया है। हम सभी मध्य पूर्व में हिंसा के बारे में चिंतित हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका मानव जीवन के नुकसान की निंदा करता है। लेकिन पूरे इलाके में बहुत ज्यादा हिंसा है। और मैं ध्यान दूंगी कि इस चैम्बर में डबल स्टैंडर्ड बहुत आम है, और आज कुछ ज्यादा ही दिख रहा है।

पिछले सप्ताह, ईरानी सेनाओं ने सीरिया से रॉकेट दागकर गोलान हाइट्स पर इजरायली ठिकानों पर हमला किया। यह एक लापरवाहीपूर्ण उकसावे और बढ़ावा देने की कार्रवाई थी जिसे हर कीमत पर रोका जाना चाहिए। यह क्षेत्रीय हिंसा का एक उदाहरण है जिस पर यहां सुरक्षा परिषद में हमें ध्यान देना चाहिए। पिछले सप्ताह ही, इरानी छद्म बलों यानी प्रॉक्सी फोर्सेज ने यमन से सऊदी अरब में मिसाइलें दागीं। उन्होंने ऐसा पहली बार नहीं किया था। यह भी क्षेत्रीय हिंसा है जिस पर यहां सुरक्षा परिषद में हमें ध्यान देना चाहिए। हाल के दिनों में हमास आतंकियों ने ईरानी समर्थन से इजरायली सुरक्षा बलों और बुनियादी ढांचों के खिलाफ हमले बढ़ाए हैं। यह वह हिंसा है जिस पर भी, हमें ध्यान देना चाहिए।

इन सबके तार ईरानी शासन के अस्थिरकारी आचरण से जुड़े हैं – यह एक ऐसी सत्ता है जो पूरे मध्य पूर्व में हिंसा को बढ़ावा देने पर ज़ोर देती है, जबकि अपने ही लोगों को मूल मानवाधिकारों से वंचित करती है।
संयुक्त राज्य अमेरिका मध्य पूर्व में इस हिंसा की चर्चा का स्वागत करता है। हम उन तरीकों पर चर्चा का स्वागत करते हैं जिसमें हम एक दूसरे के साथ इस हिंसा को खत्म करने के लिए सहयोग कर सकते हैं। सीरिया में ईरान की अस्थिरकारी उपस्थिति, उसके यमन में हिसा को बढ़ावा देने, उसके गाज़ा में आतंकवाद को समर्थन देने, और उसके लेबनान में खतरनाक और अवैध हथियारों के संग्रह पर सुरक्षा परिषद में बहुत कम चर्चा हुई है।

हालांकि, कुछ लोगों के दिमाग में, आज की बैठक मध्य पूर्व में हिंसा के उनमें से किसी भी उदाहरण पर चर्चा के लिए नहीं बुलाई गई थी। आज की बैठक उस हिंसा की चर्चा के लिए बुलाई गई थी जैसा कुछ लोग सुझाते हैं कि यह कल जेरूसलेम में संयुक्त राज्य अमेरिका के दूतावास की शुरुआत से जुड़ी थी। कुछ लोगों के लिए, दूतावास की शुरुआत कथित रूप से हिंसा में शामिल होने का एक कारण है। यह किस तरह न्यायसंगत है?

जैसा कि हमारे राष्ट्रपति ने दिसंबर में निर्णय की घोषणा करते समय कहा था, हमारे दूतावास के स्थान का जेरूसलेम में इजरायली संप्रभुता की विशिष्ट सीमाओं या विवादास्पद सीमाओं के हल पर कोई असर नहीं पड़ा है। इसका जेरूसलेम के पवित्र स्थलों पर कोई लेनदेन नहीं है। यह इस बात का पूर्व निर्णय नहीं कर सकता कि एक शांति समझौते में सभी पक्ष क्या बातचीत करेंगे। यह किसी भी तरह से शांति की संभावनाओं को कमज़ोर नहीं करता है। और फिर भी, कुछ लोगों के लिए, यह शायद हिंसा का एक कारण है।

लेकिन याद करें कि हमास आतंकी संगठन सालों से हिंसा को बढ़ा रहा है, संयुक्त राज्य अमेरिका के दूतावास को हटाने के फैसले से बहुत पहले से।

हाल के दिनों में, बहुसंख्य समाचार संस्थानों ने गाज़ा में हमास के उकसावे को अभिलेखित किया है। उन्होंने रिपोर्टिंग की है कि हमास के नक्शे और सोशल मीडिया इजरायली समुदाय तक पहुंचने के सबसे तेज़ रास्ते दर्शाते हैं यदि प्रदर्शनकारी सुरक्षा बाड़ से होकर जाना चाहते हैं। उन्होंने लाउडस्पीकरों पर हमास के संदेशों की रिपोर्टिंग की है जो प्रदर्शनकारियों से इस बात का झूठा दावा करते हुए बाड़ के ज़रिए घुसने का आग्रह करते हैं कि इजरायली सैनिक भाग रहे थे, जबकि वास्तव में वे नहीं भाग रहे थे। यही लाउडस्पीकर हमास द्वारा भीड़ से यह अपील करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं कि सुरक्षा दीवार के “और नज़दीक जाओ! और नज़दीक जाओ!”

हमास ने केरेम शालोम क्रॉसिंग पर हमला किया, जो कि गाज़ा में ईंधन, खाद्य और चिकित्सा आपूर्तियों का सबसे बड़ा प्रवेश बिंदु है। वे फिलिस्तीनी लोगों की ज़िंदगी तकलीफदेह बनाने के लिए कितना दृढ़संकल्पित हैं। वे पतंगों में मोलोटोव कॉकटेल जोड़कर उन्हें जलाते हैं और यथासंभव विनाश के लिए उन्हें इजरायल के भीतर उड़ाने का प्रयास करते हैं। कल जब पूछा गया कि उसने अपनी जलती हुई पतंग में एक स्वास्तिक क्यों बनाया, तो आतंकी ने जवाब दिया, “जब आप हिटलर का जिक्र करते हैं तो यहूदी पागल हो जाते हैं।”

यह गाज़ा के लोगों को खतरे में डाल रहा है। यह गलती न करें: हमास कल के परिणामों से खुश है।
मैं यहां सुरक्षा परिषद में मेरे साथियों से पूछती हूं, हममें से कौन अपनी सीमा पर इस तरह की गतिविधियां स्वीकार करेगा? कोई नहीं करेगा। इस चैम्बर में कोई भी देश उतने संयम से काम नहीं करेगा जितना इजरायल ने किया है। वास्तव में, यहां आज कई देशों का रिकॉर्ड सुझाता है कि वे बहुत कम संयम बरतेंगे।
वे लोग जो सुझाव देते हैं कि गाज़ा की हिंसा का अमेरिकी दूतावास के स्थान से कुछ लेना-देना है, वे पूरी तरह गलत हैं। बल्कि, हिंसा उन लोगों की तरफ से हैं जो किसी भी स्थान पर इजरायली राष्ट्र के अस्तित्व को नकारते हैं। ऐसी प्रेरणा – एक संयुक्त राष्ट्र सदस्य राष्ट्र का विनाश – इतनी अवैधानिक है कि सुरक्षा परिषद में हमारे समय के लायक नहीं है, इसकी निंदा करने में लगने वाले समय के अलावा।
जेरूसलेम में कल का हमारे दूतावास का शुभारंभ, अमेरिकी लोगों के लिए एक जश्न की वजह था। अमेरिकी दूतावास को जेरूसलेम में ले जाना एक सही काम था। यह अमेरिकी लोगों की इच्छाशक्ति को प्रतिबिंबित करता है। यह हमारे दूतावास के स्थान को चुनने के हमारे संप्रभु अधिकार को प्रतिबिंबित करता है – एक अधिकार जिसका दावा इस कक्ष में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति अपने देश के लिए करता है। महत्वपूर्ण रूप से, जेरूसलेम में हमारे दूतावास का स्थानांतरण इस वास्तविकता को भी प्रतिबिंबित करता है कि जेरूसलेम इजरायल की राजधानी है। इसने राष्ट्र की स्थापना के समय से ही इजरायल की राजधानी के रूप में कार्य किया है। यह यहूदी लोगों की प्राचीन राजधानी है। ऐसा कोई व्यवहारिक शांति समझौता नहीं है जिसके अंतर्गत जेरूसलेम अब इजरायल की राजधानी नहीं रह जाएगा। इस वास्तविकता की पहचान शांति को अधिक प्राप्ति योग्य बना देती है, कम नहीं।

संयुक्त राज्य अमेरिका हर तरीके से शांति वार्ता और एक शांति समझौते को समर्थन देने के लिए तैयार है। हम शांति से ज्यादा कुछ भी नहीं चाहते। एक ऐसी शांति जिसमें सभी धर्मों के लोग जेरूशलम में उपासना के लिए स्वतंत्र हों। एक ऐसी शांति जिसमें लोगों के अधिकारों का सम्मान हो, और सभी लोगों की भविष्य की संभावनाएं उज्जवल हों। शांति तभी हासिल हो पाएगी जब यह उन वास्तविकताओं पर आधारित हो जिसे बहुत सारे लोग नकारना चाहते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका की कल की कार्रवाई ने इस हकीकत और शांति की चाहत को बढ़ावा दिया है। यह हमारी ईमानदार कामना है कि दुनिया के देश इस विश्वसनीय, यथार्थवादी, और चिरस्थायी शांति के प्रयास में हमारे साथ शामिल होंगे।

समाप्त करने से पहले, मैं इजरायली स्वतंत्रता की 70वीं वर्षगांठ के सम्मान में एक पल लेना चाहती हूं। इस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में, अमेरिकी लोगों की तरफ से, मैं इजरायल में हमारे मित्रों को 70 साल की स्वतंत्रता की उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई देती हूं। एक नम्र और साहसिक शुरुआत से, गौरवान्वित लोगों ने पैगंबर इसाया के राष्ट्रों पर एक प्रकाश की दृष्टि को महसूस किया है। अगले 70 साल, ताकत वाले, आशा वाले, और शांति वाले हों।


मूल सामग्री देखें: https://usun.state.gov/remarks/8431
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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