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सेक्रेटरी ऑफ स्टेट माइक पोम्पेयो समझौते के बाद: एक नई ईरान रणनीति

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अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट
प्रवक्ता कार्यालय
तत्काल रिलीज़ के लिए
टिप्पणियाँ
21 मई 2018
द हेरिटेज फाउंडेशन
वाशिंगटन, डी.सी.

 

सेक्रेटरी पोम्पेयो: ठीक है, आप सभी को मेरा नमस्कार। सर्वप्रथम मैं द हेरिटेज फाउंडेशन और इसके अध्यक्ष, के कोल्स जेम्स का धन्यवाद करना चाहता हूं। आज मेरी मेज़बानी करने के लिए आपको धन्यवाद। पहले एक नागरिक के रूप में और फिर कांग्रेस के एक सदस्य के रूप में, और आज भी द हेरिटेज फाउंडेशन ने विश्व और सार्वजनिक नीतियों के मुद्दों पर मेरी सोच को आकार दिया है। मैं उस बेहतरीन काम के लिए आभारी हूं।

और मुझे याद दिलाने के लिए धन्यवाद कि आज हम जिस बारे में बात कर रहे हैं, उसके अलावा मैं किसी और चीज़ के बारे में बात नहीं कर सकता। (हंसते हैं)। तीन साल के बाद। लेकिन यहां होना सम्मान की बात है।

दो सप्ताह पहले, राष्ट्रपति ट्रम्प ने संयुक्त व्यापक कार्रवाई योजना (जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन) से संयुक्त राज्य अमेरिका की भागीदारी समाप्त कर दी थी, जो ईरान परमाणु समझौता के नाम से ज्यादा चर्चित है।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने समझौते से एक आसान सी वजह से हाथ खींचा है: यह समझौता ईरानी इस्लामिक गणतंत्र द्वारा उत्पन्न खतरे से अमेरिकी लोगों की सुरक्षा की गारंटी देने में नाकाम रहा है।

अब और नहीं। ईरानी भ्रष्ट सत्ताधीशों के लिए धन सृजन अब और नहीं। रियाद और गोलान की पहाड़ियों पर मिसाइलों के अब और हमले मंजूर नहीं। ईरानी सत्ता का लागत-मुक्त विस्तार अब और नहीं। अब और नहीं।

JCPOA ने अपने घातक दोषों की वजह से विश्व को खतरे में डाला है।

और आज वे कुछ हद तक फिर से हिसाब लगाए जाने लायक हैं, सिर्फ यह सुनिश्चित करने के लिए कि आगामी व्यवस्थाएं उन्हें न दोहराएं।

उदाहरण के लिए, JCPOA के कमज़ोर सनसेट प्रावधानों ने ईरानी शासन की अपरिहार्य परमाणु हथियार क्षमता में महज देरी की।

समझौते के सनसेट प्रावधानों की उलटी गिनती समाप्त होने के बाद, ईरान परमाणु बम के विकास में तेजी लाने, क्षेत्र में संभावित विनाशकारी हथियारों की दौड़ शुरू करने के लिए स्वतंत्र होगा। दरअसल ईरानी परमाणु कार्यक्रम में थोड़ी सी देरी ने ही उन्हों ने अपने आप में मध्य पूर्वी प्रसार को बढ़ाया है।

इसके अलावा, जैसा कि हमने इजरायल के हाल ही के उल्लेखनीय खुफिया ऑपरेशन के ज़रिए देखा है, ईरान ने बरसों से परमाणु हथियार कार्यक्रम होने के बारे में झूठ बोला है। ईरान JCPOA में बदनीयती से शामिल हुआ था। यह तो कुछ भी नहीं, आज भी, शासन झूठ बोलना जारी रखे हुए है।

पिछले माह ही, ईरानी विदेश मंत्री ज़रीफ ने रविवार सुबह के एक समाचार कार्यक्रम में कहा, “हम कभी भी बम बनाना नहीं चाहते थे।”

यह दावा – यह दावा हास्यास्पद हो सकता है यदि इसके पीछे कोई जानबूझकर धोखा न हो। न केवल AMAD कार्यक्रम मौजूद था; ईरानियों ने मोहसिन फखरिज़ादेह महाबादी और उसके परमाणु वैज्ञानिकों के गिरोह के कार्यों को बचाने, छिपाने और संरक्षण के लिए बहुत सावधानी बरती – हालांकि, जैसा कि हम अब देख सकते हैं, – इतनी सावधानी पर्याप्त नहीं थी।

JCPOA में इसके अलावा भी कई कमियां थीं।

ईरान के इस समझौते के अनुपालन के पर्यवेक्षण और सत्यापन के तंत्र बहुत पर्याप्त मज़बूत नहीं थे।

समझौते ने ईरान के निरंतर ऐसी बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों के विकास से जुड़े मुद्दे के समाधान के लिए कुछ नहीं किया, जो कि परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हो सकती थीं।

JCPOA ने ईरानी शासन को संघर्षरत लोगों के आर्थिक भविष्य को सुखद बनाने के लिए, JCPOA के पैसे का उपयोग करने की अनुमति दी, लेकिन शासन के नेताओं ने ऐसा करने से मना कर दिया।

इसके बजाय, सरकार ने अपने नए स्थापित खजाने को पूरे मध्य पूर्व में छद्म युद्ध के लिए और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर, हिजबुल्ला, हमास और हौथियों को आर्थिक मदद देने के लिए खर्च किया।

याद रखें: ईरान ने JCPOA के दौरान मध्यपूर्व में अपने पैर फैलाए हैं। क़ासिम सुलेमानी व्यापारिक धनराशि से खेल रहा है जो कि खूनी पैसा बन गया है। पश्चिम द्वारा खड़ी की गई सम्पत्ति ने उसके अभियानों के लिए ईंधन का काम किया है।

रणनीतिक रूप से, ओबामा प्रशासन ने यह दांव खेला था कि यह समझौता ईरान को उसके बुरे राजकीय कामों से रोकने और अंतर्राष्ट्रीय मानकों की पुष्टि के लिए प्रेरित करेगा।

लेकिन यह दांव मध्य पूर्व में रहने वाले सभी लोगों के लिए भारी विपरीत प्रभावों के साथ हारनें वाला निकला।

मध्य पूर्व में स्थिरता के एक रणनीतिक स्तंभ के रूप में JPOA का विचार जॉन केरी द्वारा सही पकड़ा गया था जब उन्होंने कहा था, उद्धरण, “मुझे पता है मध्य पूर्व जो जल रहा है … वह इस समझौते के साथ और भी अधिक संभालने योग्य होगा,” उद्धरण का अंत।

सवाल उठता है कि क्या आज मध्य पूर्व तब की तुलना में अधिक संभालने लायक है, जब उन्होंने JCPOA पर शुरुआत की थी।

लेबनान आज उस समय की तुलना में हिजबुल्ला के लिए और अधिक सुविधाजनक ठिकाना है, जब हमने JCPOA पर शुरुआत की थी। हिजबुल्ला अब ईरान द्वारा और अधिक पूरी तरह से लैस है और उसकी निगाहें इजरायल पर गड़ी हैं।

ईरान के कारण, हिजबुल्ला ने सीरिया में सैन्य विस्तार के लिए जमीनी बल उपलब्ध कराए हैं। IRGC ने भी सीरिया में हत्यारे असद शासन को मज़बूत करने के लिए हज़ारों लड़ाकों को भेजना जारी रखा है और देश के 71,000 वर्ग मील के इलाके को खूनी क्षेत्र बनाने में मदद की है।

ईरान ने उस संघर्ष को बनाए रखा है जिसने 6 मिलियन सीरियाई लोगों को सीरिया के अंदर विस्थापित कर दिया है – और 5 मिलियन लोगों को उसकी सीमा के बाहर शरण की उम्मीद में पहुंचाने का कारण बना है।

इन शरणार्थियों में विदेशी लड़ाके भी शामिल हैं जो यूरोप में घुस गए हैं और उन देशों में आतंकी हमलों की धमकी दी है।

इराक में, ईरान ने ईराकी सुरक्षा बलों को कमज़ोर करने और इराकी संप्रभुता को खतरे में डालने के लिए शिया मिलिशिया समूहों और आतंकियों को प्रायोजित किया – यह सभी JCPOA के दौरान हुआ।

यमन में, हूथी मिलिशिया के लिए ईरान के समर्थन ने उस संघर्ष में आग में घी का काम किया जो कि यमनी लोगों को भूखा और आतंक के साये में रखे हुए है।

IRGC ने हूथीयों को सऊदी अरब और अमीरात में नागरिक ठिकानों पर हमला करने के लिए और लाल सागर में अंतर्राष्ट्रीय नौपरिवहन को खतरा पहुंचाने के लिए मिसाइलें भी दीं।

और अफगानिस्तान में, तालिबान को हथियारों और वित्तपोषण के रूप में ईरान की मदद ने हिंसा को और बढ़ाने में मदद की तथा अफगानी लोगों के लिए शांति और स्थिरता में बाधा पहुंचाई।

आज, ईरानी क्वाड फोर्स यूरोप के बीचोंबीच गुप्त आत्मघाती ऑपरेशन कर रहे हैं।

हमें यह भी याद रखना चाहिए, कि JCPOA के दौरान ईरान ने अमेरिकी बंधकों को बंदी बनाना जारी रखा था: बक़र नमाज़ी, सियामक नमाज़ी, झियु वांग, और बॉब लेविन्सन, जो कि पिछले 11 सालों से गायब हैं।

मैं अमेरिकी लोगों के लिए ध्यान दिलाना चाहूंगा, आपको जानना चाहिए कि हम ईरान में गलत तरीके से बंधक प्रत्येक गायब अमेरिकी को वापस घर लाने के लिए पूरे मनोयोग से काम कर रहे हैं।

सूची आगे भी जारी है। JCPOA के दौरान, ईरान लगातार, दुनिया में आतंक का सबसे बड़ा प्रायोजक बना रहा। वह अल-क़ायदा के लिए अभयारण्य के रूप में काम करता रहा, जैसा कि इसने 9/11 के समय से किया है, और तेहरान में रह रहे अल-क़ायदा के वरिष्ठ सदस्यों को कानून के कटघरे में खड़ा करने का अनिच्छुक बना रहा।

आज हम ईरानी लोगों से पूछते हैं: क्या आप अपने देश के लिए यही पहचान चाहते हैं, हिजबुल्ला, हमास, तालिबान और अल-क़ायदा के साथ सह-अपराधी के रूप में? अमेरिका का मानना है कि आप इससे बेहतर के हकदार हैं।

मेरे पास ईरानी लोगों के विचार करने के लिए एक अतिरिक्त बिंदु है। यहां पश्चिम में, राष्ट्रपति रूहानी और विदेश मंत्री ज़रीफ अक्सर शासन के मूर्खतापूर्ण और विद्वेषपूर्ण व्यवहार से अलग रखे जाते हैं। उनके साथ किसी न किसी तरह का अलग व्यवहार किया जाता है।

पश्चिम कहता है, “अरे, यदि वे अयातुल्ला खुमैनी और क़ासिम सुलेमानी पर नियंत्रण कर पाए तो चीज़ें बढ़ियां हो जाएंगी।” फिर भी, रूहानी और ज़रीफ आपके निर्वाचित नेता हैं। क्या वे आपके आर्थिक संघर्ष के लिए सर्वाधिक रूप से ज़िम्मेदार नहीं हैं? क्या पूरे मध्य पूर्व में ईरानियों की जानें गंवाने के लिए ये दो लोग ज़िम्मेदार नहीं हैं?

ईरानी लोगों का विचार करना उचित है, क्योंकि अपने लोगों की मदद करने के बजाय, शासन ने ईरान की सीमा से भूमध्य सागर के तटों तक एक गलियारे की तलाश जारी रखी है। ईरान इस गलियारे से इजरायल के दरवाज़े तक लड़ाके और उन्नत हथियार प्रणाली पहुंचाना चाहता है। वास्तव में हाल के महीनों में, IRGC ने इजरायली वायु सीमा में एक सशस्त्र ड्रोन उड़ाया है और सीरिया से गोलान की पहाड़ियों में रॉकेटों के धमाके किए हैं। हमारे सबसे पक्के सहयोगी ने जवाब में आत्म-रक्षा के सार्वभौम अधिकार पर ज़ोर दिया है, एक ऐसा रुख जिस पर संयुक्त राज्य अमेरिका स्पष्ट रूप से समर्थन जारी रखेगा।

तो दांव – वह दांव कि JCPOA मध्य पूर्व की स्थिरता को बढ़ाएगा, वह अमेरिका के लिए, यूरोप के लिए, मध्य पूर्व के लिए, और वास्तव में पूरी दुनिया के लिए बुरा था। यह स्पष्ट है कि JCPOA ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षा को नहीं खत्म किया है, न ही इसने उसकी क्षेत्रीय प्राधान्य की भूख को रोका। ईरान के नेताओं ने समझौते को पूरे मध्यपूर्व में विस्तार के लिए एक शुरुआत के रूप में देखा।

तो, आगे का रास्ता। अक्टूबर में राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा ईरान रणनीति के लिए स्थापित की गई अमेरिका की प्रतिबद्धता कायम है। इसे JCPOA के बाहर अंज़ाम दिया जाएगा।

शासन की इलाके मे अस्थिरकारी गतिविधियों का मुकाबला करने, उनकी आतंक को वित्तीय मदद को रोकने, और ईरान के मिसाइल और अन्य उन्नत हथियार प्रणालियों के मुद्दे के समाधान के लिए हम सहयोगियों के साथ काम करना जारी रखेंगे जो शांति और स्थिरता के लिए खतरा हैं। हम इसको भी सुनिश्चित करेंगे कि ईरान के पास परमाणु हथियार के लिए होई रास्ता न हो – न अभी, न फिर कभी।

JCPOA से हटने के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने मुझे ईरान पर इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कहा है। हम उन लक्ष्यों को अलग-अलग स्तर के प्रयास से पूरा करेंगे।

पहला, हम ईरानी शासन पर अभूतपूर्व वित्तीय दबाव लागू करेंगे। तेहरान के नेताओं को हमारी गंभीरता को लेकर कोई शंका नहीं होगी।

डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी के हमारे सहयोगियों का धन्यवाद, प्रतिबंधों की पूर्ण प्रभाव के साथ वापसी होने जा रही है और नए भी आ रहे हैं। पिछले सप्ताह हमने ईरानी केंद्रीय बैंक के प्रमुख और अन्य पदाधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए जो कि IRGC क्वाड फोर्स को पैसा उपलब्ध करा रहे थे। वे हिजबुल्ला और अन्य आतंकी संगठनों को धन भी उपलब्ध करा रहे थे। ईरानी शासन को यह पता होना चाहिए कि यह सिर्फ शुरुआत है।

प्रतिबंधों का यह दंश दर्दनाक होगा, यदि शासन ने लीग ऑफ नेशंस में फिर से शामिल होने के अपने द्वारा चुने हए अस्वीकार्य और अनुत्पादक पथ वाले अपने व्यवहार में परिवर्तन नहीं किया। जब हम पूरा करेंगे तो यह वास्तव में इतिहास के सबसे कठोर प्रतिबंध होंगे।

ईरानी सत्ता सालों से पूरे मध्य पूर्व में लड़ती रही है। हमारे प्रतिबंधों के लागू होने के बाद, वह अपनी अर्थव्यवस्था को जिंदा रखने के लिए संघर्ष कर रहा होगा।

ईरान पर कोई एक विकल्प अपनाने के लिए दबाव डाला जाएगा: या तो घर में अपनी अर्थव्यवस्था की जीवन रक्षा के लिए लड़े या फिर बाहर लड़ने के लिए बहुमूल्य संपत्ति की फिज़ूलखर्ची जारी रखे। उसके पास दोनों को करने के लिए संसाधन नहीं होंगे।

दूसरे, मैं ईरानी आक्रामकता को रोकने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस और हमारे क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ निकटता से काम करूंगा।

हम इलाके में जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करेंगे। हम किसी भी ईरानी विद्वेषपूर्ण साइबर गतिविधि को रोकने और पलटवार करने के लिए काम करेंगे। हम दुनिया भर में ईरानी भाड़े के टट्टुओं और उनके छद्म हिजबुल्ला छापामारों का पता लगा लेंगे और हम उन्हें कुचल देंगे। ईरान को कभी मध्य पूर्व पर हावी होने की पूर्ण स्वतंत्रता नहीं मिलेगी।

और मैं ईरानी नेताओं को याद दिलाना चाहता हूं जो राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है: यदि वे अपना परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू करेंगे, इसका आशय बहुत बड़ी समस्याएं होगा – उनके पास कभी पहले रही मुसीबतों से भी बड़ी मुसीबतें।

तीसरे, हम अनथक रूप से ईरानी लोगों की तरफदारी भी करेंगे। शासन को उस तरीके में सुधार करना होगा जिस तरह वह अपने लोगों से व्यवहार करता है। उसे प्रत्येक ईरानी के मानवाधिकार की रक्षा करनी होगी। उसे विदेशों में ईरान की संपत्ति को बर्बाद करना रोकना होगा।

हम अपने अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों से मांग करते हैं कि वे ईरान के अपने लोगों के साथ व्यवहार की निंदा करने में अपनी आवाज़ शामिल करना जारी रखें।

विरोध – पिछले कुछ महीनों के विरोध दर्शाते हैं कि ईरानी लोग अपनी खुद की सरकार की विफलता से गहरी हताशा में हैं।

खराब ईरानी फैसलों के परिणामस्वरूप ईरानी अर्थव्यवस्था जूझ रही है। कामगारों को भुगतान नहीं किया जा रहा है, हड़तालें रोज़ हो रही हैं, और रियाल धड़ाम से गिर गया है। युवा बेरोज़गारी चौंकाने वाली 25 प्रतिशत की दर पर है।

ईरान के प्राकृतिक संसाधनों के सरकारी प्रबंधन ने सूखे और अन्य पर्यावरणीय संकटों को भी जन्म दिया है।

देखें, ये समस्याएं ईरान के अंदर उस बड़े पैमाने के भ्रष्टाचार से और बढ़ गई हैं, और जिसका ईरानी लोग अनुभव कर सकते हैं। पिछले सर्दियों के विरोध से पता चला है कि बहुत से लोग ऐसे शासन से नाराज हैं जो शासन अपने ही लोगों से चुराकर अपने ही हित में काम करता है।

और ईरानी भी एक शासन के अभिजात वर्ग से नाराज हैं जो विदेशों में सैन्य संचालन और आतंकवादी समूहों के लिए लाखों डॉलर देने का का काम करता है जबकि ईरानी लोग नौकरियों और अवसरों तथा आजादी वाले साधारण से जीवन के लिए कराह रहे हैं।

ईरानी शासन की विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया ने सिर्फ यही उजागर किया है कि देश का नेतृत्व भयभीत हो रहा है। हजारों लोगों को मनमाने ढंग से जेल भेजा गया है, और कम से कम दर्जनों की मौत हो गई है।

जिस तरह हिजाब विरोध प्रदर्शनों में देखा गया कि, शासन के बर्बर दस्तों द्वारा उन ईरानी महिलाओं को खास तौर पर डराया जाता है जो अपने अधिकारों की मांग कर रही हैं। अंतर्निहित गरिमा और अपरिहार्य अधिकारों वाले लोगों की तरह ही, ईरान की महिलाएं उसी स्वतंत्रता के पात्र हैं जो ईरान के पुरुषों के पास है।

लेकिन यह सब कुछ सोच-समझकर तैयार आतंक और यातना के शीर्ष पर है जिसे शासन ने उन लोगों पर दशकों तक थोपा है जो शासन की विचारधारा से असहमति रखते हैं।

ईरानी शासन को आखिरकार आईने में खुद को देखना होगा। ईरानी लोग, खास तौर से इसके युवा, आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तन के लिए बहुत उत्सुक हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका आर्थिक अवसर, सरकारी पारदर्शिता, निष्पक्षता और अधिक आज़ादी चाहने वाले देश के लोगों के साथ खड़ा है।

हमें आशा है, वास्तव में हम उम्मीद करते हैं कि ईरानी शासन अपने नागरिकों की आकांक्षाएं दबाने नहीं, बल्कि अपने विवेक और समर्थन के साथ आएगा।

हम नए कदमों के लिए न केवल हमारे सहयोगियों और भागीदारों के साथ बल्कि ईरान के साथ भी खुले हैं। लेकिन केवल तभी जब ईरान बड़े बदलाव करने को तैयार हो।

चूंकि राष्ट्रपति ट्रम्प ने दो हफ्ते पहले कहा था, वह एक नई डील पर बातचीत करने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम हैं। लेकिन समझौता यानी डील करना ही मकसद नहीं है। हमारा लक्ष्य अमेरिकी लोगों की रक्षा करना है।

कोई भी नया समझौता यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं रखेगा, और शासन के विद्वेषपूर्ण व्यवहार को इस तरह से रोक देगा जो कि JCPOA कभी नहीं कर सकता था। हम पिछले प्रशासन की गलतियों को नहीं दोहराएंगे, और हम खुद JCPOA के लिए फिर से बातचीत नहीं करेंगे। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में विनाश की ईरानी लहर इस बात का सबूत है कि ईरान की परमाणु आकांक्षाओं को समग्र सुरक्षा तस्वीर से अलग नहीं किया जा सकता।

तो इसे कैसा होना चाहिए? हमें यह परिभाषित करना शुरू करना चाहिए कि हम ईरान से क्या चाहते हैं।

सबसे पहले, ईरान को IAEA को अपने परमाणु कार्यक्रम के पूर्व सैन्य आयामों का पूरा विवरण घोषित करना होगा, और स्थायी रूप से और सत्यापन सहित इस तरह के काम को हमेशा के लिए छोड़ देना होगा।

दूसरा, ईरान को संवर्धन रोकना होगा और कभी भी प्लूटोनियम पुन: प्रसंस्करण के लिए आगे नहीं बढ़ना होगा। इसमें उसके भारी पानी वाले रिएक्टर को बंद करना शामिल है।
तीसरा, ईरान को पूरे देश में सभी स्थलों के लिए IAEA को बिना शर्त पहुंच भी प्रदान करनी होगी।

ईरान को बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रसार को समाप्त करना होगा और परमाणु सक्षम मिसाइल प्रणालियों की आगे लॉन्चिंग या विकास को रोकना होगा।

ईरान को सभी अमेरिकी नागरिकों, साथ ही साथ हमारे भागीदारों और सहयोगियों के नागरिकों को उनमें से प्रत्येक को नकली आरोपों पर रखे गए हिरासत से मुक्त करना होगा।

ईरान को लेबनानी हिजबुल्ला, हमास और फिलीस्तीनी इस्लामी जिहाद समेत मध्य पूर्व के आतंकवादी समूहों का समर्थन रोकना होगा।

ईरान को इराकी सरकार की संप्रभुता का सम्मान करना होगा और शिया मिलीशिया के निरस्त्रीकरण, सैन्यविघटन और पुनःएकीकरण की अनुमति देना होगी।

ईरान को हूथी सेना के लिए सैन्य समर्थन भी समाप्त करना होगा और यमन में शांतिपूर्ण राजनीतिक समझौते की दिशा में काम करना होगा।

ईरान को पूरे सीरिया में ईरानी कमान के तहत सभी बलों को वापस लेना होगा।

ईरान को अफगानिस्तान और क्षेत्र में तालिबान और अन्य आतंकवादियों के लिए समर्थन समाप्त करना होगा, और अपने संरक्षण में वरिष्ठ अल-क़ायदा के नेताओं को पालना बंद करना होगा।

ईरान को दुनिया भर में आतंकवादियों और आतंकवादी भागीदारों के लिए IRG क्वाड फोर्स के समर्थन को भी रोकना होगा।

और, ईरान को अपने पड़ोसियों के खिलाफ अपने खतरनाक व्यवहार को भी समाप्त करना होगा – जिनमें से कई अमेरिकी सहयोगी हैं। इसमें निश्चित रूप से इजरायल को नष्ट करने और सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में मिसाइलों की वर्षा करने के उसके खतरे भी शामिल हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी और विध्वंसकारी साइबर हमलों के खतरे भी शामिल हैं।

यह सूची बहुत लंबी है, लेकिन यदि आप इस पर एक नज़र डालें तो पाएंगे कि ये 12 बहुत ही बुनियादी आवश्यकताएं हैं। सूची की सीमा केवल ईरान के विद्वेषपूर्ण व्यवहार का दायरा है। हमने सूची नहीं बनाई, उन्होंने बनाई है।

यूरोपीय मित्रों के साथ मेरी बातचीत से, मुझे पता है कि वे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में स्वीकृति प्राप्त करने के लिए ईरानी शासन को क्या करना होगा, इस बारे में वे समान विचारों को हमारे साथ व्यापक रूप से साझा करते हैं। मैं अमेरिका के सहयोगियों से कहता हूं कि वे ईरानी सरकार से अधिक ज़िम्मेदारी से कार्य करने के आह्वान में हमारे साथ जुड़ें।

ईरान में बड़े बदलावों के बदले में, संयुक्त राज्य अमेरिका उन कार्यों को करने के लिए तैयार है जो ईरानी लोगों को लाभान्वित करेंगे। कार्रवाई के इन क्षेत्रों में कई चीज़ें शामिल हैं।

पहला, एक बार जब यह हासिल हो जाता है, हम शासन के खिलाफ़ हमारे प्रतिबंधों में से प्रत्येक के मुख्य घटकों को खत्म करने के लिए तैयार हैं। हम इस समय बिंदु पर ईरान के साथ राजनयिक और वाणिज्यिक संबंधों को पूरी तरह से पुन: स्थापित करने के लिए खुश हैं। और हम ईरान को उन्नति प्रौद्योगिकी प्राप्त करने के लिए अनुमति* देने को तैयार हैं। यदि ईरान इस मौलिक रणनीतिक बदलाव लाता है, तो हम भी अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक प्रणाली में ईरानी अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण और पुनर्गठन का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।

लेकिन हमारे प्रयासों से राहत केवल तभी आएगी जब हम तेहरान की नीतियों में मूर्त, प्रदर्शन और निरंतर बदलावों को देखते हैं। हम उसके लोगों की रक्षा करने के ईरान के अधिकार को स्वीकार करते हैं। लेकिन इसके कार्यों को नहीं जो दुनिया के नागरिकों को खतरे में डालते हैं।

इसके अलावा, पिछले प्रशासन के विपरीत, हम कांग्रेस को इस प्रक्रिया में भागीदार के रूप में शामिल करना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि हमारे प्रयास अमेरिकी लोगों के साथ व्यापक समर्थन करें और ट्रम्प प्रशासन से आगे तक सहन किये जाएँ। एक संधि आगे जाने का हमारा पसंदीदा तरीका होगा।

JCPOA के विपरीत, जिसे गलियारे के दोनों किनारों पर व्यापक रूप से खारिज कर दिया गया था, राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा प्रस्तावित एक समझौता निश्चित रूप से हमारे निर्वाचित नेताओं और अमेरिकी लोगों से इस तरह के व्यापक समर्थन को प्राप्त करेगा।

आज हमने जो रणनीति तैयार की है, हम इस क्षेत्र और दुनिया भर में हमारे सबसे महत्वपूर्ण सहयोगियों और भागीदारों का समर्थन चाहते हैं। निश्चित रूप से हमारे यूरोपीय दोस्तों से, लेकिन उससे भी कहीं ज्यादा।

मैं ऑस्ट्रेलियाई, बहरीनियों, मिस्र के लोगों, भारतीयों, जापानी, जॉर्डनियों, कुवैतियों, ओमानीस, कतरियों, सऊदी अरबियों, दक्षिण कोरियाईयों, संयुक्त अरब अमीरात और दुनिया भर के अन्य लोगों को ईरान के इस्लामी गणराज्य के खिलाफ इस प्रयास में शामिल होने के लिए प्रेरित करना चाहता हूं। मुझे पता है कि वे देश समान लक्ष्यों को साझा करते हैं। वे चुनौती को उसी तरह समझते हैं जैसे अमेरिका समझता है। दरअसल, हम किसी भी देश का स्वागत करते हैं जो परमाणु खतरों, आतंकवाद, मिसाइल प्रसार, और एक ऐसे शासन की क्रूरता से ग्रस्त है जो विश्व शांति के खिलाफ हैं, एक ऐसा देश जो निर्दोष लोगों पर अराजकता कर रहा है।

दरअसल, कुछ लोगों के लिए जिस ईरानी व्यवहार में बदलावों की हम मांग करते हैं, वे अवास्तविक लग सकते हैं, लेकिन हमें याद रखना चाहिए कि हम जो भी कर रहे हैं वह JCPOA से पहले वैश्विक सर्वसम्मति थी।

उदाहरण के लिए, 2012 में, राष्ट्रपति ओबामा ने कहा, उद्धरण, “समझौता जिसे हम स्वीकार करेंगे [कि] वे अपने परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करते हैं,” उद्धरण का अंत। ऐसा नहीं हुआ। 2006 में, पी5 ने ईरान के लिए सुरक्षा परिषद में सभी संवर्द्धन गतिविधियों को तुरंत निलंबित करने के लिए मतदान किया। ऐसा नहीं हुआ।

2013 में, फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने कहा कि वह ईरान को यूरेनियम संवर्द्धन जारी रखने की इजाजत देने को “बेईमान का खेल” उद्धरण का अंत के रूप में उद्धृत किया।

2015 में, जॉन केरी ने उद्धरण दिया, “हम समृद्ध करने का अधिकार नहीं पहचानते हैं।” उद्धरण का अंत। फिर भी हम आज यहां बैठे हुए भी ईरानियों को समृद्ध कर रहे हैं।

इसलिए हम उस ईरानी व्यवहार के अलावा कुछ भी नहीं मांग रहे हैं जो वैश्विक मानदंडों के अनुरूप है, वैश्विक मानदंड जो JCPOA से पहले व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त हैं। और हम उन परमाणु गतिविधियों के साथ हमारी दुनिया को धमकी देने की उनकी क्षमता को खत्म करना चाहते हैं।

इसकी परमाणु गतिविधियों के संबंध में, हम संयुक्त अरब अमीरात को दी गई अनुमति की तुलना में ईरान को और अधिक क्षमता क्यों देंगे और हम सऊदी अरब के शासन से मांग कर रहे हैं? हम समझते हैं कि प्रतिबंधों के हमारे पुनर्निर्माण और ईरानी शासन पर आने वाले दबाव अभियान से हमारे कई मित्रों को वित्तीय और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। बेशक, यह अमेरिका पर भी आर्थिक चुनौतियों को लागू करता है। ये ऐसे बाजार हैं जिन्हें हमारे व्यवसाय अपने उत्पादों को बेचना पसंद करेंगे। और हम उनकी चिंताओं को सुनना चाहते हैं।

लेकिन हम उन लोगों को पकड़ेंगे जो ईरान में निषिद्ध व्यवसाय कर रहे हैं। आने वाले हफ्तों में, हम प्रशासन नीति की व्याख्या करने के लिए, दुनिया भर के देशों में विशेषज्ञों की टीमों को भेजेंगे, जो हमारे द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के प्रभावों पर चर्चा करेंगे और सुनेंगे।

मुझे पता है। मैंने अपने प्रथम तीन महीनों में हमारे सहयोगियों के साथ काफी समय व्यतीत किया है। मैं जानता हूँ कि वे तेहरान के साथ उनके पुराने परमाणु सौदे को बनाये रखने की कोशिश कर सकते हैं। यह बेशक उनका अपना निर्णय है। वे जानते हैं कि वे कहाँ खड़े हैं।

अगला साल इस्लामिक रिपब्लिक – ईरान में आंदोलन की 40वीं वर्षगांठ को चिन्हांकित करता है। इस मील के पत्थर पर, हमें पूछना होगा: ईरानी आंदोलन ने ईरानी लोगों को क्या फायदा पहुंचाया है? शासन मध्य पूर्व में अपने नागरिकों के व्यय पर पीड़ा और मृत्यु की फसल काटता है। ईरान की अर्थव्यवस्था स्थिर है और दिशा के बिना और बदतर होने वाली है। इसके युवा लोग निराश महत्वाकांक्षाओं के वजन से झुके हुए हैं। वे 21वीं शताब्दी की स्वतंत्रता और अवसरों को आगे बढ़ाने के इच्छुक हैं।

अगर वे ऐसा करने का विकल्प चुनते हैं तो ईरान के नेता ये सब बदल सकते हैं। 1989 से अली खमेनी सर्वोच्च नेता रहे हैं। वह हमेशा के लिए नहीं जीएगा, न ही ईरानी लोग हमेशा के लिए तानाशाही के कठोर नियमों का पालन करेंगे। दो पीढ़ियों के लिए, ईरानी शासन ने अपने लोगों और दुनिया पर भारी टोल लगाया है। नियंत्रण की कठोर पकड़ ऐसी है जिसे लाखों ईरानियों ने हमेशा से जाना है।

अब इस प्राचीन और गर्व राष्ट्र के लिए, सर्वोच्च नेता और ईरानी शासन के लिए ऐतिहासिक रूप से फायदेमंद कुछ करने के लिए साहस को बुलावा देने का समय है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए, हमारा नजरिया इस शासन की प्रकृति के बारे में स्पष्ट हैं, लेकिन हमारे कान जो संभव हो सकता है उसके लिए खुले हैं। पिछले प्रशासन के विपरीत, हम उन परिणामों की तलाश में हैं जो ईरानी लोगों को लाभ देते हैं, न कि सिर्फ शासन को।

यदि कोई भी, विशेष रूप से ईरान के नेताओं, राष्ट्रपति की ईमानदारी या उनकी दृष्टि पर संदेह करते हैं, तो उन्हें उत्तरी कोरिया के साथ हमारी कूटनीति को देखने दें। किम जोंग-उन के साथ मिलने की हमारी इच्छा कूटनीति के लिए ट्रम्प प्रशासन की वचनबद्धता को रेखांकित करती है ताकि हम विरोधियों के साथ भी सबसे बड़ी चुनौतियों का समाधान करने में मदद कर सकें। लेकिन उस इच्छा के साथ-साथ एक दर्दनाक दबाव अभियान चला आ रहा है जो इस चुनौती को हमेशा के लिए हल करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अयाटोल्लाह, राष्ट्रपति रूहानी और अन्य ईरानी नेताओं के लिए: समझें कि आपकी वर्तमान गतिविधियों का सामना दृढ़ संकल्प से किया जाएगा।

वास्तव में, मेरा अंतिम संदेश ईरानी लोगों के लिए है। मैं अक्टूबर के राष्ट्रपति ट्रम्प के शब्दों को दोहराना चाहता हूं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा था कि, “हम ईरानी शासन के लम्बे समय से पीड़ित शिकारों: इनके अपने लोगों के साथ पूर्ण दृढ़ता के साथ खड़े हैं” ईरान के नागरिकों ने अपने नेताओं की हिंसा और उग्रवाद के लिए एक भारी कीमत चुकाई है। ईरानी लोग अपने देश के गर्वीले इतिहास, इसकी संस्कृति, सभ्यता और अपने पड़ोसियों के साथ इसके सहयोग को पुनः प्राप्त करने के लिए लालायित हैं।”

यह अमेरिका की आशा है कि शांति और सुरक्षा की ओर हमारे मजदूर ईरान के लंबे समय से पीड़ित लोगों के लिए फल लेंगे। पिछले दशकों में और वास्तव में, जैसा पहले कभी नहीं था, हम उन्हें समृद्ध और फलते-फूलते देखना चाहते हैं।

आज, संयुक्त राज्य अमेरिका को उस उद्देश्य के प्रति एक नया मार्ग अपनाने पर गर्व है।

धन्यवाद। (तालियाँ बजती हैं)।

सुश्री जेम्स: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। बोल्ड, संक्षिप्त, और स्पष्ट। हम इस संदेश को पहुंचाने के लिए हेरिटेज फाउंडेशन में इस मंच को चुनने के लिए आपकी सराहना करते हैं। आपने अपने भाषण के दौरान हमारे कई सहयोगियों और दोस्तों और भागीदारों को सूचीबद्ध किया है, जिनमें से कई गुस्से में हैं, कुछ निराश हैं। आप उन्हें सहमंच पर कैसे लाएंगे? आप उन्हें हमारे साथ लाने के लिए अपने सर्वोत्तम राजनयिक कौशल का उपयोग कैसे करेंगे?

सेक्रेटरी पोम्पेयो: दुनिया में ये रणनीतिक परिवर्तन एक साथ आते हैं जब देश साझा किये गये उद्देश्य पर निर्णय लेते हैं, और यह हमेशा साझा हित और मूल्यों से शुरू होता है। मैंने अपने समय के पहले कुछ सप्ताह सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के साथ यह देखने के लिए काम किया कि क्या इस सौदे को ठीक करने का कोई तरीका नहीं है। मैंने अपने यूरोपीय समकक्षों के साथ बातचीत की। मैंने वहाँ यात्रा की। सेक्रेटरी ऑफ स्टेट की तरह अपने 13वें घंटे में मैं ब्रुसेल्स में मेरे यूरोपीय समकक्षों के साथ बात कर रहा था। हम ऐसा नहीं कर पाते। हम वहाँ समझौते पर नहीं पहुंच पाते।

संयुक्त राज्य अमेरिका हमारे सभी भागीदारों के साथ काम करते हुए राजनयिक मुद्दे पर कड़ी मेहनत करने का इरादा रखता है। हम यूरोपीय लोगों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन दुनिया भर के ऐसे कई देश हैं जो हमारी चिंताओं को साझा करते हैं और ईरानी शासन द्वारा समान रूप से धमकाये जाते हैं। यह एक साझा हित है, यह मूल्यों का वह सेट है जो अंतत ड्राइव करता है, मेरा मानना है कि आतंकवाद के सबसे बड़े प्रायोजक के प्रति एक वैश्विक प्रत्युत्तर। मुझे पूरा विश्वास है कि ऐसा हो सकता है। मेरी टीम ऐसा करने के लिए कड़ी मेहनत करने वाली है। हम अपने सभी भागीदारों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश के संदर्भ में ऐसा करने जा रहे हैं, और मुझे पूरा विश्वास है कि कुछ समय में यह एक व्यापक मान्यता होगी कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने जो रणनीति निर्धारित की है वह सही है एक ऐसी रणनीति जो ईरान को ऐसे स्थान पर रखेगी जहां वे एक दिन सभ्यता में फिर से जुड़ जाएंगे, जिसकी हम सभी उम्मीद करते हैं कि यह होगा।

सुश्री जेम्स: यह आपकी आज सुबह की टिप्पणियों से स्पष्ट है कि आप वास्तव में कड़े प्रतिबंध चाहते हैं। और मुझे लगता है कि कुछ शेष चिंताएँ है कि आप परमाणु चिंताओं से कैसे निपटेंगे। क्या आप इस बारे में कुछ बता सकते हैं? और मैं हमारे श्रोताओं से कहना चाहूंगी कि, काश मेरे पास आज सेक्रेटरी के साथ कुछ और समय होता, और एक अचानक और कठोर स्टॉप होगा क्योंकि हमें उन्हें सीआईए तक ले जाना है – शपथ ग्रहण समारोह के लिए, और हम इसके लिए देर नहीं करना चाहते हैं।

तो आईये हमसे बात करें —

सेक्रेटरी पोम्पेयो: मुझे एक बार फिर से वापस आना होगा।

सुश्री जेम्स: एक बार और। (हंसते हैं)।

सेक्रेटरी पोम्पेयो: देखिये, परमाणु फाइल अनिवार्य है। यह निश्चित रूप से सबसे बड़ा, सबसे गंभीर खतरा प्रस्तुत करता है। JCPOA इस पर खरा नहीं उतरा। यह एक देरी है। हमारा उद्देश्य इन्हें स्थायी रूप से ठीक करना है। मैंने जल्दी से उल्लेख किया, है न, हम अपने अन्य मध्य पूर्वी भागीदारों से कड़ी मेहनत करने के लिए कहते हैं। हम उनके सामने 123 समझौता रखते हैं और कहते हैं, “आपको यह करना होगा” और वे कहते हैं, “हे, ईरानी लोग समृद्ध हैं।” यह उचित है। यह एक उचित बिंदु लगता है।

खैर, हमारी ईरान से मांगे अनुचित नहीं हैं। अपना प्रोग्राम छोड़ दें। इसे खत्म कर दें। यदि वे वापस जाने का चयन करते हैं, वे समृद्ध बनने का चयन करते हैं, हम उस पर प्रतिक्रिया करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। मैं आपसे इस बात को आज साझा नहीं करूंगा कि हमारा प्रत्युत्तर क्या होगा। लेकिन हम उन्हें बात करते सुनेंगे। हमने उन्हें कहते सुना है – मैं आशा करता हूँ कि वे एक अलग निर्णय लें, कि वे एक अलग मार्ग का चयन करें। हम उन्हें एक ऐसा मार्ग चुनते देखने का स्वागत करते हैं जो उस क्षेत्र के अन्य देशों ने लिया है।

सुश्री जेम्स: क्या आप हमारे लिए प्रतिबंधों के ढांचे का वर्णन कर सकते हैं और आप किस प्रकार हमारे यूरोपीय मित्रों को नुकसान पहुंचाए बिना ईरानी शासन को लक्सित करने का इरादा रखते हैं?

सेक्रेटरी पोम्पेयो: खैर, जब भी प्रतिबंध लगाये जाते हैं, देशों को आर्थिक गतिविधियाँ छोड़ने पड़ती हैं। इसलिए अमेरिकियों ने अब काफी समय से आर्थिक गतिविधि छोड़ दी है, और मैं स्वीकार करूंगा कि अमेरिकी कंपनियां हैं जो ईरान के इस्लामी गणराज्य के साथ व्यापार करना पसंद करेंगी। वहां एक बड़ा बाजार है। यह एक बड़ा, जीवंत, अद्भुत लोग हैं। लेकिन हर किसी को इसमें भाग लेना होगा। हर देश को यह समझना होगा कि हम कासेम सोलेमानी के लिए धन नहीं बना सकते हैं।

ठीक है, यह इस बारे में है। अंतत, यह पैसा उसके पास जाता है। अर्थशास्त्र ने उन्हें मध्य पूर्व में किसी न किसी तरह से हुकूमत चलाने की अनुमति दी है। हमारा प्रयास मध्य पूर्व और दुनिया को नुकसान पहुंचाने की उसकी आर्थिक क्षमता को ख़तम करना है। परमाणु कार्यक्रम सस्ते नहीं होते। कुछ हद तक हम ईरानी शासन पर इसे और अधिक कठिन बनाने में प्रभावी हैं, हम उनकी परमाणु हथियार प्रणाली को भी जारी रखने की उनकी क्षमता को कम कर देंगे।

सुश्री जेम्स: आपने आज सुबह एक बहुत ही साहसी योजना सामने रखी है। क्या यह सब करने के लिए आपने कोई समय सीमा तय की है?

सेक्रेटरी पोम्पेयो: तो प्रतिबंध वापस लगाए गए हैं और अगले 100 और 55 दिनों तक चलेंगे। बहुत अधिक काम स्थापि किया गया है। यह सरकार में चारों ओर से चलने वाला एक प्रयास है। हम निश्चित रूप से नेतृत्व में राजनयिक रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन वाणिज्य विभाग, रक्षा विभाग, हम में से प्रत्येक का राष्ट्रपति ट्रम्प से एक ही मिशन है। मैं इस पर समयसीमा नहीं लगा सकता। लेकिन अंतत:, ईरानी लोग इस समयसीमा को तय करेंगे। अंतत:, ईरानी लोगों को अपने नेतृत्व के बारे में चयन करना है। यदि वे जल्दी से निर्णय कर लेते हैं, तो यह अच्छा होगा। यदि वे ऐसा न करने का चयन करते हैं, तो मेरे द्वारा आज तय किये गये परिणामों के प्राप्त होने तक हम मजबूत बने रहेंगे।

सुश्री जेम्स: खैर, श्रीमान सेक्रेटरी, फिर से, हेरिटेज फाउंडेशन और विद्वानों की तरफ से, जो इन मुद्दों पर बहुत लंबे समय से काम कर रहे हैं, हम आपको धन्यवाद देना चाहते हैं। दोबारा, यह एक साहसी दृष्टिकोण था – स्पष्ट, संक्षिप्त, स्पष्ट – और हम आपको और राष्ट्रपति को बधाई देना चाहते हैं, और हम आपको गॉडस्पीड की कामना करते हैं।

सेक्रेटरी के बाहर निकलने के दौरान मैं आपको बैठने के लिए कहूंगी। मेरे पास यहाँ आठ और सवाल है, लेकिन –

सेक्रेटरी पोम्पेयो: किसी और दिन के लिए।

सुश्री जेम्स: किसी और दिन के लिए।

सेक्रेटरी पोम्पेयो: तो आज यहाँ उपस्थित होने के लिए आप सभी का धन्यवाद।

सुश्री जेम्स: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। (तालियाँ बजती हैं)।


मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/secretary/remarks/2018/05/282301.htm
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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