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राष्ट्रपति ट्रंप का संवाददाता सम्मेलन 

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कैपेला होटल
सिंगापुर
4:15 अपराह्न SGT 

 

राष्ट्रपति : आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। हम आभार व्यक्त करते हैं। हम वापस जाने की तैयारी कर रहे हैं। हमारे पिछले 24 घंटे ज़बरदस्त रहे। वास्तव में, हमारे पिछले तीन महीने ज़बरदस्त रहे, क्योंकि ये सब कुछ समय से चल रहा था। यह एक टेप था जो हमने चेयरमैन किम और उनके लोगों, उनके प्रतिनिधियों को दिया। और इससे बहुत कुछ ज़ाहिर होता है। इससे ज़ाहिर होता है कि क्या किया जा सकता है। और वो एक बेहतरीन – बेहतरीन स्थान है। इसमें संभावना है एक अद्वितीय जगह बनने की। दक्षिण कोरिया – यदि आप इस बारे में सोचें – और चीन के बीच, इसमें ज़बरदस्त संभावनाएं हैं। और मुझे लगता है वह इसे समझते हैं और वह जो सही है वह करना चाहते हैं। 

आज उत्तर कोरिया के चेयरमैन किम जोंग उन के साथ बहुत ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के बाद, दुनिया के लोगों को संबोधित करना मेरे लिए सम्मान की बात है। हमने बहुत गहन घंटे एक साथ बिताए, और मैं समझता हूं आपमें से अधिकतर को हस्ताक्षरित दस्तावेज मिल गए हैं, या आपको जल्दी ही मिल जाएंगे। यह बहुत विस्तृत है। यह होने जा रहा है। 

मैं आपके सामने अमेरिकी जनता के दूत के रूप में खड़ा हूं आशा और कल्पना, और शांति का संदेश देनेI  

आरंभ में मैं सिंगापुर के अपने अतुलनीय मेज़बानों का धन्यवाद करना चाहूंगा, विशेषकर प्रधानमंत्री ली, मेरे मित्र का। यह देश अगाध गरिमा और सुंदरता का है, और हम सिंगापुर के हर नागरिक को शुभकामनाएं देते हैं, जिन्होंने वास्तव में इस दौरे को इतना महत्वपूर्ण और इतना सुखद बना दिया, तमाम कार्यों और काम के लंबे घंटों के बावजूद। 

मैं दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून का भी धन्यवाद करना चाहता हूं। वह बहुत परिश्रम कर रहे हैं। वास्तव में, हमारी यह बात खत्म होने के तुरंत बाद मैं उनसे बात करूंगा। जापान के प्रधानमंत्री आबे – मेरे मित्र – अभी हमारे देश से लौटे हैं, और वह चाहते हैं वही जो जापान और दुनिया के लिए सही हो। वह एक अच्छे व्यक्ति हैं। और एक बहुत विशिष्ट व्यक्ति, चीन के राष्ट्रपति शी, जिन्होंने वास्तव में उस सीमा को बंद कर दिया है – शायद पिछले कुछ महीनों में थोड़ा कम, लेकिन इतना चलेगा। पर उन्होंने सचमुच में किया है। और वह एक बेहतरीन शख्स और हमारे मित्र हैं, और वास्तव में अपने लोगों के एक महान नेता। मैं इस ऐतिहासिक दिन को संभव बनाने में हमारी मदद के लिए इनका धन्यवाद करना चाहता हूं। 

सबसे महत्वूर्ण, मैं अपने लोगों के एक उज्ज्वल नए भविष्य के लिए पहला साहसिक कदम उठाने के वास्ते चेयरमैन किम का धन्यवाद करना चाहता हूं। हमारी अभूतपूर्व बैठक – एक अमेरिकी राष्ट्रपति और उत्तर कोरिया के किसी नेता के बीच पहली – साबित करती है कि वास्तविक बदलाव दरअसल संभव है। 

चेयरमैन किम के साथ मेरी बैठक ईमानदार, सीधी, और फलदायक थी। बहुत ही सीमित समय में, बहुत मज़बूत परिस्थितियों में हम एक दूसरे को अच्छे से जान पाए। हम एक नया इतिहास शुरू करने के लिए तैयार हैं और हम अपने राष्ट्रों के बीच एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार हैं। 

करीब 70 साल पहले – सोचें इस बारे में; 70 वर्ष पहले एक अत्यंत खूनी संघर्ष ने कोरियाई प्रायद्वीप को बर्बाद कर दिया था। अनगिनत लोग संघर्ष में मारे गए, दसियों हज़ार बहादुर अमेरिकियों समेत। फिर भी, युद्धविराम की सहमति तो हो गई थी, पर युद्ध कभी समाप्त नहीं हुआ। आज की तारीख तक, कभी समाप्त नहीं हुआ। लेकिन अब हम सभी उम्मीद कर सकते हैं कि यह शीघ्र ही समाप्त होगा। और ऐसा होगा। यह जल्दी ही समाप्त होगा। 

अतीत को भविष्य को परिभाषित करने की ज़रूरत नहीं है। बीते कल के संघर्ष को आने वाले कल का युद्ध होने की ज़रूरत नहीं है। और जैसा इतिहास ने बार-बार साबित किया है, विरोध वास्तव में मित्र बन सकते हैं। लड़ाई की भयावहता को शांति के वरदान से विस्थापित कर हम अपने पूर्वजों के बलिदान को सम्मानित कर सकते हैं। और यही हम कर रहे हैं और यही हमने किया है। 

उत्तर कोरिया जो हासिल कर सकता है उसकी सीमा नहीं है, यदि वह अपने परमाणु हथियारों को छोड़ता है तथा शेष विश्व के साथ वाणिज्य और व्यवसाय को अपनाता है, उनसे जो वास्तव में व्यवसाय करना चाहते हैं। चेयरमैन किम सामने एक अवसर है जो किसी अन्य के पास नहीं था: एक ऐसे नेता के रूप में याद किए जाने का जो अपनी जनता को सुरक्षा और समृद्धि के एक नए गौरवशाली युग में ले गया। 

चेयरमैन किम और मैंने अभी-अभी एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें उन्होंने “कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी अटल प्रतिबद्धता” की पुष्टि की है। इस समझौते को यथाशीघ्र लागू करने के लिए गहन वार्ताओं पर भी हमारी सहमति बनी। और वह ऐसा करना चाहते हैं। यह अतीत जैसा नहीं है। यह दूसरे प्रशासन जैसा नहीं है जो यह कभी शुरू नहीं कर पाया और इसलिए कभी इसे पूरा नहीं कर पाया। 

चेयरमैन किम ने मुझे बताया कि उत्तर कोरिया पहले ही एक बड़े मिसाइल इंजन परीक्षण स्थल को नष्ट कर रहा है। यह आपको दिए गए हस्ताक्षरित दस्तावेज़ में नहीं है; हम समझौते पर हस्ताक्षर के बाद इस पर सहमत हुए। यह एक बड़ी बात है – उन मिसाइलों के लिए जिनका वे परीक्षण कर रहे थे, परीक्षण स्थल बहुत शीघ्र नष्ट किया जाने वाला है। 

 

आज एक कठिन प्रक्रिया की शुरुआत हुई है। हमारी आंखें पूरी खुली हैं, पर शांति हमेशा ही प्रयास किए जाने लायक है, खासकर इस मामले में। यह वर्षों पहले हो जाना चाहिए था। इसका बहुत पहले समाधान हो जाना चाहिए था, पर अब हम इसका समाधान कर रहे हैं। 

 

 

चेयरमैन किम के पास अपने लोगों के लिए एक अविश्वसनीय भविष्य पाने का अवसर है। कोई भी युद्ध शुरू कर सकता है, पर सिर्फ सर्वाधिक साहसी ही शांति ला सकता है। 

 

मामलों की मौजूदा स्थिति हमेशा के लिए नहीं चल सकती। कोरिया के लोग – उत्तर और दक्षिण कोरिया के – बेहद प्रतिभाशाली, उद्यमी, और गुणवान हैं। वे सचमुच में गुणवान लोग हैं। वे समान विरासत, भाषा, रीति-रिवाज और नियति साझा करते हैं। पर उनकी अद्भुत नियति को सच करने के लिए, उनके राष्ट्रीय परिवार के पुनर्मिलन के लिए, परमाणु हथियारों के खतरे को अब हटा दिया जाएगा। 

 

इस बीच, प्रतिबंध प्रभावी रहेंगे। हम ऐसे भविष्य की कल्पना करते हैं जहां समस्त कोरियाई सद्भाव के साथ मिलकर रह सकते हैं, जहां परिवारों का पुनर्मिलन होता है, उम्मीदों का पुनर्जन्म होता है, और जहां शांति का प्रकाश युद्ध के अंधकार को दूर भगाता है। यह उज्ज्वल भविष्य प्राप्य है – और यही घटित हो रहा है। यह वहीं है। यह हमारी पहुंच में है। यह वहीं रहेगा। यह होने वाला है। लोग सोचते थे कि ऐसा कभी नहीं हो सकता। यह अब हो रहा है। यह बहुत महान दिन है। यह दुनिया के इतिहास में बहुत महान क्षण है। 

 

और चेयरमैन किम वापस उत्तर कोरिया लौट रहे हैं। और मैं एक तथ्य के रूप में जानता हूं, जैसे ही वापस लौटते हैं, वह एक प्रक्रिया शुरू करेंगे जो बहुत सारे लोगों को बहुत खुश और बहुत सुरक्षित बनाएगा। 

इसलिए आज सबके साथ होना सम्मान की बात है। मीडिया – यह मीडिया का एक बड़ा जमावड़ा है, मेरे हिसाब से। यह मुझे बहुत असहज बनाता है। (हंसी।) पर यह जो है सो है। लोग समझते हैं कि यह हम सबके लिए कुछ बेहद महत्वपूर्ण है, आपके और आपके परिवारों समेत। 

इसलिए यहां मौजूद रहने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। हम कुछ सवाल लेंगे। वाह। यहां तो बहुत सारे सवाल हैं। पूछिए। ज़रूर, पूछिए। एनबीसी। 

प्र :    शुक्रिया, राष्ट्रपति महोदय। आपके लिए दो सवाल, यदि ऐतराज नहीं हो तो। पहला, जिस शख्स से आज आप मिले, किम जोंग उन, जैसाकि आप जानते हैं, ने अपने परिजनों को मारा है, अपने लोगों को भूखा रखा है, ऑटो वार्मबियर की मौत के लिए ज़िम्मेवार है। आप क्यों उन्हें “बहुत प्रतिभावान” कहने में इतना सहज हैं? 

राष्ट्रपति ट्रंप : खैर, वह बहुत प्रतिभावान हैं। कोई भी जो उनके जैसी परिस्थिति में सत्ता में आता है, 26 साल की उम्र में, और शासन चलाने में सक्षम है, और दृढ़ता से चलाता है – मैं नहीं कहता कि वे अच्छे थे या मैं इस बारे में कुछ नहीं कहता – उन्होंने चलाया। बहुत कम लोग, उस उम्र में – आप दसियों हज़ार में एक ले सकते हैं, शायद, ऐसा कर सकें। 

ऑटो वार्मबियर मेरे जीवन में एक बहुत विशेष व्यक्ति हैं, और वह लंबे समय तक रहेंगे। उनके पिता मेरे अच्छे मित्र हैं। मैं समझता हूं, बिना ऑटो के, यह नहीं हो पाता। कुछ हुआ, उस दिन से। यह एक भयावह घटना थी। यह जघन्य घटना थी। पर बहुत लोगों ने, उत्तर कोरिया समेत, ध्यान देना शुरू किया कि क्या चल रहा है। 

मुझे सच में लगता है कि ऑटो ऐसा व्यक्ति थे जिनकी मौत व्यर्थ नहीं गई। मैंने यह उनके माता-पिता से कहा। एक विशेष युवक। और मैं कहूंगा, विशेष माता-पिता, विशेष लोग। ऑटो की मौत व्यर्थ नहीं गई। आज हम यहां है इसमें उनका बहुत योगदान है। ओके? आपका बहुत धन्यवादI 

प्र : राष्ट्रपति महोदय, वो दूसरा सवाल आपके लिए, श्रीमान, सुरक्षा पर था – दूसरा सवाल, श्रीमान – 

राष्ट्रपति ट्रंप :  पूछिए। 

प्र :  – सुरक्षा आश्वासनों पर जिसकी आपने अपने बयान में चर्चा की है। क्या आप विस्तार से बताएंगे कि कैसे आश्वासन आप किम जोंग उन को देने के लिए तैयार हैं? क्या उसमें सैन्य क्षमताओं में कटौती शामिल है? 

राष्ट्रपति ट्रंप :  नहीं। 

प्र :    और आपके जवाब से जुड़ा हुआ सवाल – 

राष्ट्रपति ट्रंप : नहीं, हम कुछ भी कम नहीं कर रहे। हम कटौती नहीं कर रहे। भविष्य में कभी, मैं ईमानदारी से कहना चाहूंगा – और मैं अपने चुनाव अभियान के दौरान यह कहा करता था, जैसा कि आप जानते हैं, शायद, बाकियों के मुकाबले ज़्यादा अच्छी तरह से – मैं अपने सैनिकों को निकालना चाहता हूं। मैं अपने सैनिकों वापस स्वदेश लाना चाहता हूं। इस समय, हमारे 32,000 सैनिक दक्षिण कोरिया में हैं, और मैं उन्हें वापस स्वदेश लाने में सक्षम होना चाहूंगाI पर यह इस समय समीकरण का हिस्सा नहीं है। भविष्य में कभी, मुझे उम्मीद है ऐसा होगा, पर इस वक्त नहीं। 

हम युद्धाभ्यास रोक देंगे, जिससे हमें भारी मात्रा में पैसे की बचत होगी, जब तक कि हमें यह नहीं दिखे कि भावी वार्ताएं अपेक्षानुसार नहीं जा रहीं। पर हम भारी मात्रा में पैसा बचा रहे होंगे। साथ ही, मुझे लगता है यह बहुत उकसाऊ है। 

हां, जॉन। हां, जॉन, पूछिए। ओह, पूछिए। मुझे खेद है, मैं समझा आप जॉन रॉबर्ट्स हैं। मैंने आपको देखा, आप बिल्कुल –  

प्र :    कोई बात नहीं। 

राष्ट्रपति ट्रंप : बहुत बेहतर, सही? 

प्र :    अक्सर – हम अक्सर भ्रमित रहते हैं, राष्ट्रपति महोदय। 

राष्ट्रपति ट्रंप : हां। 

प्र :    राष्ट्रपति महोदय, यह संयुक्त बयान सत्यापनीय या अपरिवर्तनीय परमाणु निरस्त्रीकरण की बात नहीं करता। 

राष्ट्रपति ट्रंप : हां। 

प्र :    क्या यह अमेरिका की ओर से दी गई रियायत थी? 

राष्ट्रपति ट्रंप : नहीं, बिल्कुल नहीं। क्योंकि यदि आप इसे देखें, मेरा मतलब, यह कहता है कि हम जा रहे हैं – यहां देखिए – यह चला जाएगा। मुझे नहीं लगता आप इससे और ज़्यादा सरल हो सकते हैं जो हम मांग रहे हैं – “मुद्दे नए अमेरिका-उत्तर कोरिया संबंधों की स्थापना से संबद्ध” – निर्माण। हम गारंटियों की बात करते हैं, और हम बात करते हैं “कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अटल प्रतिबद्धता” के बारे में। यह वो दस्तावेज है जिस पर हमने अभी हस्ताक्षर किए हैं। 

प्र :    क्या आपने चेयरमैन किम के साथ उस प्रक्रिया के सत्यापन, अमेरिका या अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा, के तरीकों पर चर्चा की? और क्या आपके पास कोई समय सारणी है – 

राष्ट्रपति ट्रंप : हां, हमने की। हां, हमने की। और हम सत्यापन करेंगे। 

प्र :    क्या आप वह हमें दे सकते हैं? 

राष्ट्रपति ट्रंप :  हां, हम सत्यापन करेंगे। यह सत्यापित किया जाएगा। 

प्र :    यह कैसे हासिल होगा, राष्ट्रपति महोदय? 

राष्ट्रपति :  ये हासिल होने जा रहा है बहुत से लोगों के वहां होने से, और जब हम एक निश्चित स्तर का विश्वास विकसित करेंगे। और हम समझते हैं हमने ऐसा किया है। विदेश मंत्री पोम्पियो वास्तव में ज़ोरदार काम कर रहे हैं – उनका स्टाफ, हर कोई। जब हम ऐसा कर रहे हैं, हम वहां बहुत से लोग रखेंगे, और हम उनके साथ कई अन्य चीज़ों पर भी काम करेंगे। पर यह उत्तर कोरिया का पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण है, और यह सत्यापित किया जाएगा।  

प्र :    वे लोग अमेरिकी होंगे या अंतरराष्ट्रीय – 

राष्ट्रपति :   दोनों का मिश्रण। और हमने इस बारे में बात की है, हां। 

हां, पूछिए। अच्छे से। शिष्टता से। 

प्र :   मैं बहुत शिष्ट रहूंगा, सर। किम जोंग उन ने क्या आपको भरोसा दिलाने के लिए कि, उत्तर कोरिया के इतिहास में एक बार के लिए, वे सिस्टम को धोखा नहीं दे रहे हैं, और दुनिया के साथ चालाकी नहीं कर रहे, और उनलोगों से चालाकी नहीं कर रहे जो वहां जाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि वे वास्तव में अपने परमाणु हथियार छोड़ रहे हैं? उन्होंने आपसे क्या कहा? 

राष्ट्रपति :  हां, मेरा मतलब, बहुत उचित सवाल। उन्होंने वास्तव में इस तथ्य का ज़िक्र किया कि अतीत में वे एक रास्ते पर चले, और, अंतत: कुछ फायदा नहीं हुआ। एक मामले में , उन्होंने अरबों डॉलर लिए – क्लिंटन प्रशासन के दौरान – अरबों डॉलर लिए और कुछ नहीं हुआ। वह एक भयानक बात थी, और उन्होंने वास्तव में यह विषय मेरे सामने रखा। 

और उन्होंने कहा कि हम कभी इतनी दूर नहीं गए। मुझे नहीं लगता उन्हें कभी विश्वास रहा, स्पष्ट कहूं तो, किसी राष्ट्रपति में जैसाकि इस समय है मामले सुलझाने और काम करवाने की क्षमता को लेकर। और वह इस बात पर बहुत दृढ़ थे कि वे यह करना चाहते हैं। मुझे लगता है वे इसे करना चाहते हों मेरे बराबर या मुझसे ज्यादा ही क्योंकि वे उत्तर कोरिया का बहुत उज्ज्वल भविष्य देखते हैं। 

तो आप कुछ नहीं कह सकते। सही? हम कुछ नहीं कह सकते। पर मैं आपसे यह कहूंगा कि हमने एक विस्तृत दस्तावेज पर आज हस्ताक्षर किए हैं, और मेरा मानना है कि वह इस दस्तावेज के अनुरूप काम करेंगे। वास्तव में, जब वह लैंड करेंगे – जोकि जल्दी ही होनेवाला है .. मैं समझता हूं वह उस प्रक्रिया को तुरंत शुरू करेंगे। 

प्र :    क्या आप उन पर भरोसा करते हैं, राष्ट्रपति महोदय? 

राष्ट्रपति :  मैं करता हूं। मैं करता हूं। मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि मैं उन्हें जानता हूं – बहुत अच्छी तरह से, यह बहुत आलंकारिक रहा है। मैं समझता हूं, बिना शब्दाडंबर के, यह नहीं हो पाता। मुझे लगता है बिना अन्य बातों के साथ-साथ चले – मैं समझता हूं एक नई टीम की स्थापना बहुत महत्वपूर्ण थी। हमारे पास एक बेहतरीन टीम है। पर मुझे लगता है वह इसे होने देना चाहते हैं। मैं यह सचमुच में बहुत दृढ़ता से महसूस करता हूं। 

ओह, जॉन वहां हैं। मुझे लगता है – आप जानते हैं कि आप दोनों एक जैसे दिखते हैं, जब रोशनी बिल्कुल – बालों में बहुत समानता है। मुझे देखने दीजिए, किसके बाल ज़्यादा अच्छे हैं? उनके बहुत अच्छे बाल हैं, जॉन, मुझे घृणा… 

प्र :    यह बैकलाइटिंग की दिव्य चमक है, राष्ट्रपति जी, जो हमें दिखने में इतना समान बनाती है। बेशक, परमाणु निरस्त्रीकरण – परमाणु हथियार और जैविक हथियार और क्या नहीं – उत्तर कोरिया में एक समस्या है। दूसरी बड़ी समस्या है मानवाधिकार में उनका भयानक रिकॉर्ड। क्या उस पर चर्चा हुई भी? 

राष्ट्रपति :  हां। 

प्र :    क्या ये ऐसा विषय है जिससे आप भविष्य में निबटेंगे?  

राष्ट्रपति :  हां, इस पर चर्चा हुई। इस पर भविष्य में और चर्चा होगी – मानवाधिकार। और जिस पर विस्तार से चर्चा हुई, जॉन, वह ये तथ्य कि हमारे पास – और मेरे पास अनगिनत कॉल, पत्र और ट्वीट्स आए होंगे, आप कुछ भी कर सकते हैं – वे अपने बेटों के अवशेष वापस चाहते हैं। वे अपने पिताओं, और माताओं, और उन सभी लोगों के अवशेष चाहते हैं जो उस सचमुच के जघन्य युद्ध में फंस गए थे, जो काफी हद तक उत्तर कोरिया में हुआ था। और मैंने आज ये मांगा, और हमें ये मिला। यह बिल्कुल अंतिम मिनट में हुआ। अवशेष वापस आएंगे। वे यह प्रक्रिया तुरंत आरंभ करने वाले हैं। 

पर इतने सारे लोग, यहां तक कि चुनाव प्रचार के दौरान भी, वे कहते थे, “क्या कोई रास्ता है कि आप उत्तर कोरिया के साथ काम करें मेरे बेटे को या मेरे पिता को वापस लाने के लिए?” अनेक लोगों ने मुझसे ये सवाल किया। और, पता है, मैंने कहा, “देखो, हमारी उस समूह के लोगों के साथ अच्छी नहीं बनती।” पर अब हमारी बनती है। और उन्होंने इस पर इतनी जल्दी और इतनी अच्छी सहमति दी – यह वास्तव में एक बहुत अच्छी बात थी, और वह इसे समझते हैं। वह इसे समझते हैं। 

इसलिए हज़ारों और हज़ारों के लिए – मेरा अनुमान है 6,000 से अधिक जो हम जानते हैं, अवशेषों के संदर्भ में, उन्हें वापस लाया जाएगा।  

प्र :    युद्धबंदी और युद्ध में लापता लोगों का मुद्दा स्पष्टतया हज़ारों अमेरिकियों के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है। 

राष्ट्रपति :  खासकर बहुत सारे लोगों के लिए जो –  

प्र :   पर आप, राष्ट्रपति ट्रंप, क्या उम्मीद करते हैं किम जोंग उन से उत्तर कोरियाई लोगों से संबद्ध मानवाधिकार रिकॉर्ड के बारे में? 

राष्ट्रपति :  सही। इस पर चर्चा हुई। इस पर परमाणु निरस्त्रीकरण के मुकाबले अपेक्षाकृत संक्षेप में चर्चा हुई। ज़ाहिर है, हम शुरू उसी से किए और अंत उसी से। पर वे कई काम करेंगे, और मैं समझता हूं वह काम करना चाहते हैं। मुझे लगता है वह चाहते हैं – आप बहुत चकित होंगे। बहुत स्मार्ट। बहुत अच्छा वार्ताकार। सही काम करना चाहते हैं। 

उन्होंने इस तथ्य को सामने लाया कि अतीत में, वे बातचीत को दूर तक ले गए – वे कभी नहीं गए – वे ऐसी स्थिति में कभी नहीं थे जैसे हम हैं। कभी भी इस तरह का कुछ भी नहीं हुआ जो कि अभी हुआ है। पर वे बात करते गए। अरबों डॉलर दिए गए, और आपको पता है, अगले ही दिन परमाणु कार्यक्रम जारी रहा। पर यह बहुत अलग समय है, और यह बहुत ही अधिक अलग राष्ट्रपति है, निष्पक्षता से कहें तो। यह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह एक – संभवत: उन कारणों में से एक है जो मैं – एक, मैंने इस मुद्दे पर चुनाव प्रचार किया, जैसा कि आप अच्छी तरह जानते हैं, जॉन। 

ओके। वहां जो भी लोग हैं। मैं रोशनी के कारण आपको देख नहीं सकता, पर आप उन दोनों में से नहीं दिखते। हां, पूछिए। ज़रूर। पूछिए। 

प्र :   धन्यवाद, राष्ट्रपति महोदय। और सबसे पहले बधाई। 

राष्ट्रपति :  आपका बहुत धन्यवाद। आभारी हूं। 

प्र :    आप शांति समझौते के मुद्दे पर बता सकते हैं? और साथ ही, आप निकट भविष्य में प्योंगयांग की यात्रा करेंगे? 

राष्ट्रपति :  एक निश्चिति समय में, मैं करूंगा। मैंने कहा उस दिन का मैं बेसब्री से इंतजार करूंगा, किसी उचित समय पर। और मैं चेयरमैन किम को आमंत्रित भी करूंगा व्हाइट हाउस में, किसी उचित समय पर। मैं समझता हूं यह सचमुच ऐसी बात होगी, जो बहुत महत्वपूर्ण होगी। और उन्होंने स्वीकार कर लिया है। मैंने कहा, किसी उचित समय पर। हम थोड़ा और आगे जाना चाहते हैं। 

पर आज जिस पर हमने हस्ताक्षर किए हैं उसमें बहुत बातें शामिल हैं। और फिर कई बातें शामिल नहीं हुई हैं जिन पर समझौते पर हस्ताक्षर के बाद सहमति बनी। मैंने अपने जीवन में पहले भी ऐसा किया है। हमने चीज़ों को करार में शामिल नहीं किया था क्योंकि हमारे पास समय नहीं था। और मैं समझता हूं कि आपमें से अधिकतर को समझौता सौंपा जा चुका है या जल्दी ही सौंपा जाएगा। पर मैं –  

प्र :    (अस्पष्ट।) 

राष्ट्रपति :  ओह, आपको नहीं मिला? ओके। खैर, काश आप तक वे समझौते पहुंचे होते। हमने अभी-अभी उन्हें पूरा किया, बस कुछ ही देर पहले। पर यदि आप तक समझौते पहुंचे होते, हम – आप देखेंगे जिनकी हम चर्चा कर रहे हैं। 

हां, श्रीमान। पूछिए। 

प्र :    मैं बधाई का समर्थन करूंगा, राष्ट्रपति जी। 

राष्ट्रपति :  शुक्रिया। 

प्र :    जापान ने क्या भूमिका निभाई? और क्या अपहरण का मुद्दा सामने  आया था?  

राष्ट्रपति :  हां। 

प्र :    और ईसाइयों की स्थिति भी? 

राष्ट्रपति :  हां। 

प्र :    और अनुवर्ती सवाल है कि कब आप जापानी टीवी को इंटरव्यू देंगे? पचास हज़ार अमेरिकी सैनिक जापान में हैं। एक बार फिर, बधाई। 

राष्ट्रपति :  यह सच है। पचास हज़ार बेहतरीन सैनिक। यह सच है। हां, यह आया था – अपहरण। बिल्कुल। यह प्रधानमंत्री आबे का मुद्दा है – उनके विषयों में से एक, निश्चय ही – संपूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के विषय के अलावा – निश्चय ही उनका, मैं कहूंगा, मुख्य बिंदु। और मैं इसे चर्चा में लाया। पूरी तरह। और वे इस पर काम करेंगे। यह – हमने इसे दस्तावेज में शामिल नहीं किया, पर इस पर बात हुई। 

प्र :  (अस्पष्ट।) 

राष्ट्रपति :  ईसाइयों का, हां। हमने इसे बहुत मज़बूती से उठाया। फ्रैंकलिन ग्राहम ने बहुत समय उत्तर कोरिया में बिताया था और बिताते हैं। यह विषय उनके दिल के बेहद करीब है। यह मुद्दा सामने आया, और इस पर प्रगति होगी। ओके? शुक्रिया। बेहतरीन सवाल। 

हां, जॉन। पूछिए। 

प्र :    धन्यवाद, राष्ट्रपति महोदय। 

राष्ट्रपति :  धन्यवाद, जॉन। 

प्र :    मानवाधिकार के सवाल पर लौटता हूं, आपने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में इस पर ज़बरदस्त बोला था। आपने दिखाया था – फर्स्ट लेडी सेक्शन में, भागकर आए एक व्यक्ति को, बैसाखी के साथ, जो बचकर भाग निकला था। और आपने, उस समय, कहा था कि उत्तर कोरिया ने धरती के किसी भी अन्य शासन के मुकाबले ज़्यादा क्रूरता से अपने लोगों का दमन किया है। किम जोंग उन के साथ बैठने के बाद क्या आप अब भी ऐसा मानते हैं? और क्या उन्हें इसमें बदलाव करने की ज़रूरत है? 

राष्ट्रपति :  अच्छा। जॉन, मुझे लगता है वहां की स्थिति अप्रिय है। इसमें कोई संदेह नहीं। और हमने इस पर मज़बूती से चर्चा की। मेरा मतलब, यह जानते हुए कि हम जो कर रहे थे उसका मुख्य उद्देश्य क्या है: परमाणु निरस्त्रीकरण। पर इस पर अच्छी खासी चर्चा की। हम इस बारे में कुछ करेंगे। यह अप्रिय स्थिति है। वैसे, यह अप्रिय स्थिति कई स्थानों पर है। सिर्फ वहीं नहीं। पर यह अप्रिय है, और हम इस पर काम करना जारी रखेंगे। और मैं समझता हूंष अंतत:, हम किसी बात पर सहमत होंगे। पर परमाणु स्थिति के परे इस पर विस्तार से चर्चा हुई, प्राथमिक विषयों में से एक। 

प्र :    पर आपको लगता है कि जिस शानदार नए युग की आपने बात की है, उसे लाने के लिए इस स्थिति में बदलाव की ज़रूरत है? क्या वे कर रहे –  

राष्ट्रपति :  मैं समझता हूं स्थिति बदलेगी। हां। मैं समझता हूं शायद इसे बदलना है, पर मुझे लगता है यह बदलेगी। हां। धन्यवाद। आपका बहुत धन्यवाद। 

स्टीव। आप हैं, स्टीव? वहां पर। 

प्र :   हां, श्रीमान। धन्यवाद। क्या समय सारणी आप देखते हैं उनके परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए? और इस बीच, आप प्रतिबंधों में किसी तरह की रियायत के बारे में सोच रहे हैं? 

राष्ट्रपति :  आपको पता है, विज्ञान की दृष्टि से, मैं इसके बारे में बहुत कुछ देख और पढ़ रहा था, और पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण में लंबा समय लगता है। इसमें काफी वक्त लगता है। विज्ञान की दृष्टि से, आपको निश्चित अवधि तक इंतजार करना होता है, और अनेक बातें होती हैं। पर… 

प्र :    और प्रतिबंध? 

राष्ट्रपति :  प्रतिबंध तब हटेंगे जब हम निश्चिंत हो जाएंगे कि परमाणु हथियार अब एक कारक नहीं रहे। प्रतिबंधों की बड़ी भूमिका रही है, पर यह उसी बिंदु पर जाकर हटेंगे। मैं उम्मीद करता हूं यह जल्दी ही होगा, पर वे हटेंगे। जैसाकि आप जानते हैं, और जैसाकि मैंने कहा, प्रतिबंध इस समय जारी हैं। पर एक निश्चित समय पर, मैं वास्तव में उन्हें हटाने की प्रतीक्षा करूंगा। और वे तब हटेंगे जब हमें पता होगा कि हम आगे बढ़े हैं – जब तक ऐसा नहीं होता है, कुछ भी नहीं होगा। ओके? 

हां, पूछिए। प्लीज़। 

प्र :    धन्यवाद, राष्ट्रपति महोदय। 

राष्ट्रपति : धन्यवाद। 

प्र :    इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के लिए बधाई। 

राष्ट्रपति :  आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। वैसे, बधाई सभी को। सबको बधाई। 

पूछिए। 

प्र :    आपने किम जोंग उन के सथ एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। यह अनिवार्यत: कागज का एक टुकड़ा है। कल, हमारी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से मुलाकात हुई। उन्होंने यह बात कही: “कई राष्ट्रपतियों ने अतीत में कागज के टुकड़ों पर ही हस्ताक्षर किए, और फिर पता चला उत्तर कोरियाइयों ने या तो वे वायदे ही नहीं किए जो हम समझ रहे थे, या वास्तव में उन वायदों से पीछे हट गए।” इस बार क्या अलग है, राष्ट्रपति महोदय? 

राष्ट्रपति :  ऐसा है, आपके पास एक अलग तरह का प्रशासन है। आपके पास एक अलग तरह का राष्ट्रपति है। आपके पास एक अलग तरह का विदेश मंत्री है।  आपके पास ऐसे लोग हैं जो – यह उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। और हम इसे पूरा करते हैं। अन्य समूहों के लिए, शायद यह प्राथमिकता नहीं थी। स्पष्ट कहूं तो, मुझे नहीं लगता वे कर पाते यदि यह प्राथमिकता होती। ईमानदारी से, मैं नहीं समझता वे ऐसा कर पाते यदि यह एक प्राथमिकता होती तब भी। 

और यह तब ज़्यादा आसान होता। यह होता – मेरे लिए, यह बहुत आसान होता यदि 10 साल पहले या 5 साल पहले की स्थिति होती। और मैं सिर्फ राष्ट्रपति ओबामा को दोष नहीं दे रहा। मेरा मतलब, यह 25 वर्ष पीछे तक जाता है, यह हो जाना चाहिए था। मुझे एक बहुत मुश्किल मुद्दे सौंपे गए। मुझे यह दिया गया, मुझे ईरान समझौता दिया गया, और अनेक अन्य समस्याएं। 

पह हम – हम बहुत बढ़िया कर रहे हैं। और ईरान समझौता, मैं ईमानदारी से कहूंगा, मैंने यह किया क्योंकि परमाणु मुद्दा मेरे लिए हमेशा नंबर वन है। परमाणु मुद्दा नंबर वन है। 

पर ईरान समझौते पर, मैं समझता हूं ईरान अब एक अलग देश है, तीन या चार महीने पहले के मुकाबले। मुझे नहीं लगता वे भूमध्यसागरीय क्षेत्र की ओर ज़्यादा देख रहे हैं। मैं नहीं समझता वे सीरिया की ओर ज़्यादा देख रहे हैं, जैसा वे कर रहे थे, पूर्ण आत्मविश्वास के साथ। मैं नहीं समझता उनमें इस समय इतना आत्मविश्वास है। 

पर मैं उम्मीद करता हूं – ये सब कहने के बाद, मैं उम्मीद करता हूं कि, उचित समय पर, इन प्रतिबंधों के लागू होने के बाद – और वे क्रूर हैं, जो हमने ईरान पर लगाया है – मुझे आशा है कि वे वापस आएंगे और एक वास्तविक समझौते पर बातचीत करेंगे, क्योंकि मैं ऐसा कर पाना पसंद करूंगा। पर इस समय, उसके लिए थोड़ी जल्दबाज़ी होगी। 

हां, प्लीज़। 

प्र :    राष्ट्रपति महोदय, आपने कूटनीति संबंध स्थापति करने, परस्पर राजदूत तैनात करने के बारे में बात नहीं की। ये सब होने में कितना वक्त लगेगा? 

राष्ट्रपति :  बढ़िया सवाल। उम्मीद है जल्दी ही। पर हमें पहले विभिन्न विषयों पर प्रगति देखनी होगी। बहुत – उसके लिए अभी थोड़ी जल्दी होगी। हमें विभिन्न विषयों पर प्रगति देखनी होगी। 

हां, पूछिए। हाय। 

प्र :    क्या आप स्पष्ट कर सकेंगे, जब आपने “युद्धाभ्यास” रोकने की बात की, इसका मतलब आप दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास रोक रहे हैं? 

राष्ट्रपति : हां, हमने लंबे समय तक अभ्यास किए, दक्षिण कोरिया के साथ काम करते हुए। और हम उन्हें “युद्धाभ्यास” कहते हैं, और मैं उन्हें “युद्धाभ्यास” कहता हूं। और ये बहुत ज़्यादा खर्चीले हैं। जितना पैसा हम इन पर खर्च करते हैं वह अविश्वसनीय है। और दक्षिण कोरिया योगदान देता है, पर 100 प्रतिशत नहीं, जो निश्चय ही एक मुद्दा है जिस पर भी हमें उनसे बात करनी है। और यह सैनिक खर्चे तथा व्यापार के बारे में भी होगी। 

तो हम ये कर रहे हैं। हमारे पास वास्तव में दक्षिण कोरिया के लिए एक नया समझौता है, व्यापार समझौते को लेकर, पर हमें उनसे बात करनी होगी। हमें बहुत सारे देशों से हमारे साथ निष्पक्ष व्यवहार किए जाने के बारे में बात करनी होगी। 

पर युद्धाभ्यास बहुत खर्चीले होते हैं। हम उनमें से अधिकतर के लिए भुगतान करते हैं। हम गुआम से बमवर्षक भेजते हैं। मैंने कहा – जब मैंने पहली बार यह विषय उठाया, मैंने कहा, “बमवर्षक कहां से आते हैं?” “गुआम। पास ही।” मैंने कहा, “ओह, बहुत खूब, पास ही। पास ही कहां है?” “साढ़े छह घंटे दूर।” साढ़े छह घंटे दूर – यह बहुत ज़्यादा समय है इन विशालकाय विमानों के लिए, अभ्यास के वास्ते दक्षिण कोरिया तक उड़ान भरना और फिर जगह-जगह बम बरसाना, और फिर गुआम लौटना। मैं विमानों के बारे में बहुत कुछ जानता हूं; यह बहुत महंगा उपक्रम है। और मुझे ये अच्छा नहीं लगा। 

और मैंने जो कहा वह ये – और मैं समझता हूं यह बहुत अकसावे वाली बात है, मैं आपको बताना चाहूंगा, जेनिफर, यह बहुत भड़काऊ स्थिति है जब मैं इसे देखता हूं, और आपके ठीक सामने एक देश है। इसलिए जिन परिस्थितियों में हम एक बहुत विस्तृत, पूर्ण समझौते पर वार्ताएं कर रहे हैं, मैं समझता हूं युद्धाभ्यास करना उचित नहीं होगा। 

इसलिए, पहली बात, हम पैसा बचाएंगे – बहुत ज़्यादा। और दूसरी बात, ये सचमुच ऐसा कदम है जो मैं समझता हूं जिसकी वे बहुत सराहना करते हैं। 

प्र :    पर क्या उत्तर कोरिया बदले में आपको कुछ दे रहा है? 

राष्ट्रपति ट्रंप :  ऐसा है, हमें पता है – मैं सुन चुका हूं। मेरा मतलब, कुछ लोग जो – मैं नहीं जानता, शायद वे सच में ऐसा सोचते हों। मैं हमेशा प्रेस के विरुद्ध जाना नहीं चाहता क्योंकि मैं नहीं चाहता – खासकर आज नहीं, यह बहुत महत्वपूर्ण दिन है। पर मैंने देखा है कि कुछ लोग कह रहे हैं कि राष्ट्रपति मिलने के लिए तैयार हुए, उन्होंने इतना कुछ दिया। मैंने कुछ नहीं दिया। मैं यहां हूं। मैं 25 घंटे से सोया नहीं हूं, पर मुझे लगा ऐसा करना उचित है – क्योंकि हम उनके साथ वास्तव में चौबीसों घंटे वार्ताएं कर रहे हैं, और आपस में, और जॉन के साथ, और माइक के साथ, और बहुत प्रतिभावान लोगों की पूरी टीम के साथ। 

पर हमने कुछ नहीं छोड़ा है, सिवाय इसके – आपने सही कहा, मैं मुलाकात के लिए सहमत हुआ। और मैं समझता हूं यह बैठक अमेरिका के लिए उतनी ही अच्छी थी, जितनी उत्तर कोरिया के लिए। पर मैंने अभी-अभी लिखा है कि उन चीज़ों के बारे में जो हमने प्राप्त किया। और वे – पता है, वे – निश्चय ही, उन्हें मुलाकात का मौका मिला। पर सिर्फ डोनल्ड ट्रंप को नापसंद करने वाला व्यक्ति ही कहेगा कि मैंने एक बड़ी प्रतिबद्धता के लिए सहमत हुआ हूं। 

अवश्य, मैंने वक्त निकालने तथा यहां आने और मुलाकात पर सहमत हुआ, और यह अच्छी बात है। पर मैं समझता हूं एक देश के रूप में यह हमारे लिए बहुत अच्छा है, और मैं समझता हूं यह उनके लिए भी अच्छा है। 

लेकिन इस बैठक का औचित्य सिद्ध करने के लिए उन्होंने क्या किया? उन्होंने पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की वचनबद्धता ली; जोकि बड़ी बात है। उन्होंने तीन अमेरिकी बंधकों की रिहाई सुनिश्चित की। उन्होंने दो महीने पहले ही उन्हें वापस भेज दिया था। ये लोग अब अपने घरों में, अपने परिवारों के साथ खुशीपूर्वक रह रहे हैं। और वे बहुत मुश्किल में थे, यदि सामान्य शब्दों में कहें तो।   

अवशेषों को – जिनमें हमारे वीरगति प्राप्त सैनिक शामिल हैं – प्राप्त करने की प्रतिबद्धता सुनिश्चित की। और वे वायदा कर रहे हैं, वे यह काम तुरंत शुरू कर रहे हैं, उनके अवशेषों को प्राप्त करने का। और मैं बता चुका हूं कि कितने लोगों ने मुझसे इस बारे में पूछा था। मैं विस्मित था, सचमुच। इतने सारे लोग मुझसे पूछते, “क्या यह संभव है? क्या यह संभव है?” उस दौरान हमारा चेयरमैन किम या उत्तर कोरिया में किसी से भी कोई संबंध नहीं था। आप जानते हैं, वह एक बहुत बंद समाज था। इसलिए हम अवशेष वापस ले रहे हैं। 

सुनिश्चित किया मिसाइल और परमाणु परीक्षणों पर रोक —  कितना समय हो गया? सात महीने? आपने एक भी मिसाइल ऊपर जाते देखने को नहीं मिली। सात महीनों से, आपने कोई परमाणु परीक्षण नहीं देखा; आपको कोई परमाणु विस्फोट देखने को नहीं मिला। मुझे याद है एक परमाणु विस्फोट हुआ था – रिक्टर पैमाने पर 8.8 था। और उन्होंने घोषणा की – मैंने रेडियो पर सुनी – उन्होंने कहा कि एक विशाल – एक भूकंप एशिया में कहीं आया है। और बाद में उन्होंने कहा कि यह उत्तर कोरिया में था। और फिर उन्हें पता चला कि यह एक परमाणु परीक्षण था। मैंने कहा, “मैंने कभी नहीं हुआ रिक्टर पैमाने के 8 के ऊपरी हिस्से का आंकड़ा।” 

और यदि आप देखेंगे, कोई मिसाइल नहीं छोड़ी गई। उन्होंने अपने मिसाइल स्थल को नष्ट कर दिया है। ये होने वाला है। यह समझौते में नहीं अंकित है। हम आपको इस बारे में सटीक विवरण देंगे। पर उन्होंने सभी मिसाइल और परमाणु परीक्षणों पर रोक सुनिश्चित किया है। उन्होंने अपने एकमात्र प्रमुख परमाणु परीक्षण स्थल को बंद करना सुनिश्चित किया है। सभी तीन – वे एक ऐसे इलाके में हैं जो परस्पर लगते हैं – उन्होंने उन्हें बंद करना सुनिश्चित किया। 

उन्होंने मिसाइल इंजन परीक्षण स्थल को नष्ट करने की प्रतिबद्धता सुनिश्चित की। ये आपके समझौता दस्तावेज में नहीं है। मैंने कहा, “मेरी एक बात मानो। आपका यह मिसाइल इंजन परीक्षण स्थल है। निकलने वाली उष्मा के कारण हमें पता है यह कहां है।” ईमानदारी से कहूं तो हमारे अविश्वसनीय उपकरण हैं। मैंने कहा, “क्या आप इसे बंद कर सकते हैं?” वे इसे बंद करने जा रहे हैं। 

हमने प्रतिबंध लागू करने की क्षमता को बनाए रखा है। इसलिए हम प्रतिबंध लागू कर रहे थे। अब मेरे पास 300 प्रतिबंध थे जिन्हें हम पिछले हफ्ते लागू करने की तैयारी कर रहे थे। और मैंने कहा, मैं वास्तव में प्रतिबंध नहीं लगा सकता जब मैं मुलाकात कर रहा हूं – मैंने सोचा यह बहुत असम्मानजनक होगा। तीन सौ बहुत बड़े, शक्तिशाली प्रतिबंध। और मैंने कहा यह असम्मानजनक होगा। 

इसलिए, जेनिफर, जब आप उन सारी चीज़ों पर गौर करती हैं जो हमें मिलीं – और जब हमें हमारे बंधक मिले, मैंने 1.8 अरब डॉलर नकद का भुगतान नहीं किया जैसाकि ईरान से आए बंधकों के मामले में हुआ, जोकि एक अपमान स्थिति थी, जो कुछ भी हुआ था। 

सो हमें बहुत कुछ प्राप्त हुआ है। इसलिए जब मैं मीडिया में किसी को यह कहते सुनता हूं कि राष्ट्रपति ट्रंप मुलाकात के लिए सहमत हुए – मानो, मिलना कोई बड़ी बात नहीं है। मुझे लगता है हमें विभिन्न मुद्दों पर मिलना चाहिए, सिर्फ इस पर नहीं। और मुझे सचमुच विश्वास है कि बहुत सी बड़ी बातें हो सकती हैं। 

हां। सवाल करें, प्लीज़। 

प्र :    सर, आपने अभी-अभी बहुत सी बातें गिनाईं जो आप कहते हैं इस बैठक से मिली हैं। पर, ज़्यादा दिन नहीं हुए जब आपने कहा था कि आप इस बैठक की सफलता उत्तर कोरिया के अपने परमाणु हथियार छोड़ने से परिभाषित करते हैं। 

राष्ट्रपति ट्रंप :  पर, वे यही तो कर रहे हैं। 

प्र :    अच्छा, क्या आप बता सकते हैं कैसे –  

राष्ट्रपति ट्रंप :  अवश्य। वे यही तो कर रहे हैं। मेरा मलब, मुझे नहीं लगता –  

प्र :    – कैसे आपने किम जोंग उन को राज़ी किया पूर्ण, सत्यापनीय, अपरिवर्तनीय परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए?   

राष्ट्रपति ट्रंप :  हां, मैंने किया, ईमानदारी से –  

प्र :    और क्या आप बता सकते हैं कि क्यों इस समझौते में इन विवरणों को डालना सुनिश्चित नहीं किया? 

राष्ट्रपति ट्रंप :  क्योंकि समय नहीं था। मैं यहां एक दिन के लिए हूं। हम कई घंटों तक गहनता से साथ रहे, पर प्रक्रिया अब शुरू होगी। और मुझे आश्चर्य होगा, माइक, यदि उन्होंने अब तक शुरू नहीं कर दिया हो। उन्होंने शुरू कर दिया है; उन्होंने नष्ट कर दिया। उन्होंने अपने परीक्षण स्थलों को उड़ा दिया। 

पर मैं कहूंगा, वह जानते थे, यहां आने से पहले – आप जानते हैं, यह कोई विस्मय की बात नहीं थी। यह ऐसा नहीं था कि हमने कभी चर्चा नहीं की। हमने चर्चा की थी। माइक ने उत्तर कोरिया में अपने समकक्ष के साथ बहुत ज़ोर से इस पर चर्चा की थी। वे जानते थे कि यह था – मान लें कि वे इस बात से सहमत नहीं थे कि मैं किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करूं। कोई समझौता नहीं था जिस पर कि हस्ताक्षर होते। इसलिए वे इस बात को समझते थे। 

और यह आज कोई बड़ा मुद्दा नहीं था क्योंकि, वास्तव में, इसका ध्यान रखा जा चुका था, किसी अन्य बात से ज़्यादा। क्योंकि यह सब इसी के लिए था। इस पर काम हो चुका था हमारे यहां आने से पहले। इसलिए जब हमने आज यह बात उठाई, आप भाषा पर गौर करें। यह बहुत सख्त है। यह दस्तावेज में है। 

हां, मैम। 

प्र :    शुक्रिया, राष्ट्रपति महोदय। क्या आप उत्तर कोरिया के लिए सैन्य परिणामों की बात करेंगे, यदि वे उन प्रतिबद्धताओं की दिशा में काम नहीं करते जिसकी आप चर्चा कर रहे हैं? क्या सैनिक कार्रवाई हो सकती है? 

राष्ट्रपति :  मैं इस पर बात नहीं करना चाहता। हां, मैं जानता हूं। यह मुश्किल विषय है बात करने के लिए क्योंकि मैं धमकी देते नहीं दिखना चाहता। वे सब समझ चुके हैं। और आपने देखा, शायद, क्या होने जा रहा था। 

और आपको पता है, सोल में 28 मिलियन लोग रहते हैं। हम समझते हैं हमारे शहर बड़े हैं। आप न्यूयॉर्क को देखें, जहां 8 मिलियन लोग रहते हैं। हम इसे बड़ा शहर मानते हैं। सोल में 28 मिलियन लोग हैं। इस बारे में सोचें। और यह सीमा के बिल्कुल पास है। यह असैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) से लगा हुआ है। यह बिल्कुल वहीं है। मेरा मतलब, यदि ऐसा हुआ होता, मैं समझता हूं – मैंने सुना, ओह, एक लाख लोग। मुझे लगता है आप 20 मिलियन लोग, 30 मिलियन लोग खो सकते थे। मेरे लिए यह करना वास्तव में सम्मान की बात है क्योंकि मैं सोचता हूं, संभावित रूप से, आप गंवा सकते थे 30-, 40-, 50 मिलियन लोग। दुनिया के सबसे बड़े नगरों में से एक, सोल, सीमा के बिल्कुल बगल में है। 

प्र :    आपने एक बार फायर एंड फ्यूरी (शक्ति और आवेश) की बात की थी। क्या अब वैसी स्थिति नहीं है? 

राष्ट्रपति :  उस वक्त शायद हमें फायर एंड फ्यूरी की ज़रूरत थी। क्योंकि हम अमेरिका की दृष्टि से उस तरह की क्षमता की अनुमति नहीं दे सकते थे। और निश्चय ही, जापान भी इसकी इजाज़त नहीं देता। जापान बिल्कुल पड़ोस में है। 

प्र :    एक बात और। राष्ट्रपति महोदय, क्या आप उस वीडियो के बारे में बताएंगे जिसे आपने इससे पहले दिखाया? 

राष्ट्रपति :  हां। 

प्र :    आपने किम को ये कब दिखाया? इसके पीछे लक्ष्य क्या था? 

राष्ट्रपति :  आज। हां, हमने इसे बनवाया था कुछेक – मुझे उम्मीद है ये आपको पसंद आई। मैंने सोचा ये बढ़िया है। मैंने सोचा ये इतना रोचक है कि दिखाया जाए। एक अंग्रेजी में और कोरियन में। और हमने इसे बनवाया था। मैंने यह उन्हें आज दिखाया। वास्तव में, बैठक के दौरान – बैठक के अंत के समय। और मैं समझता हूं उन्हें यह पसंद आया। वे दे रहे थे – हमारे पास बड़ी स्क्रीन नहीं थी जैसाकि आपको रखने की लग्जरी है। हमें उसकी ज़रूरत नहीं थी क्योंकि हमारे पास यह एक कैसेट पर और – एक आईपैड में था। और उन्होंने इसे चलाया। और उनके करीब आठ प्रतिनिधि इसे देख रहे थे, और मैंने सोचा, वे मुग्ध थे। 

पर मैंने सोचा इसे अच्छी तरह बनाया गया था। मैंने आपको ये इसलिए दिखाया क्योंकि यही भविष्य है। मेरा मतलब, बहुत संभावना है भविष्य में इसके होने की। और दूसरा विकल्प है कोई बहुत बढ़िया विकल्प नहीं होना। जो बिल्कुल अच्छा नहीं है। पर मैंने इसे दिखाया क्योंकि मैं वास्तव में चाहता हूं कि वह कुछ करें। अब, मैं नहीं समझता मुझे इसे दिखाना चाहिए था क्योंकि मुझे सचमुच विश्वास है कि वह चाहते हैं – मुझे लगता है वह इसे पूरा करना चाहते हैं। 

हां। पूछिए। कैसी चल रही है स्टैटन आइलैंड फेरी? ठीक है? इन्होंने बेहतरीन स्टोरी लिखी थी मेरे बारे में स्टैटन आइलैंड फेरी के साथ। और उसके बाद, इन्होंने कभी कोई अच्छी स्टोरी नहीं लिखी। 

प्र :    यह बहुत पहले की बात है, सर। 

राष्ट्रपति :  मुझे नहीं पता क्या हुआ था। यह बहुत पहले की बात है। 

प्र :   राष्ट्रपति महोदय, यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर आपके लिए एक व्यस्त सप्ताह रहा है। आप सिंगापुर के इस शिखर सम्मेलन से लौट रहे हैं यह तय करने के बाद कि किम जोंग उन एक प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं। आप कुछ दिन पहले कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन से इस राय के साथ लौटे कि प्रधानमंत्री ट्रूडो कमज़ोर और बेईमान हैं। आप अमेरिका के मित्र राष्ट्रों से क्या कहेंगे जिन्हें चिंता है कि आप हमारे दीर्घावधि के गठजोड़ों को संकट में डाल सकते हैं और जिनको चिंता है कि आप हमारे ऐतिहासिक मित्रों से शत्रुओं जैसा और हमारे ऐतिहासिक शत्रुओं से दोस्तों जैसा व्यवहार कर सकते हैं? 

राष्ट्रपति :  अच्छा, सबसे पहले, मैं समझता हूं यह बहुत ही उचित सवाल है। जी-7 के साथ हमारी बैठक बहुत अच्छी रही। और मैं बैठक से आ गया। और, मैं ईमानदारी से कहूंगा, उन देशों में से लगभग सभी हमारा फायदा उठा रहे हैं। बहुत, बहुत गंभीरता से। अब, अमेरिका, शीर्ष पर कुप्रबंधन के कारण, उन राष्ट्रपतियों के कारण जो व्यापार की परवाह नहीं करते थे या इसको नहीं समझते थे या जिस किसी कारण से भी। अनेक वर्षों तक, चीन के, जाहिर है, इसमें सबसे सफल रहने, पर यूरोपीय संघ दूसरे नंबर पर है – हमने 151 अरब डॉलर गंवा दिए। उनका बैठक में प्रतिनिधित्व था। और व्यापार में हमारा फायदा उठाया जा रहा है। 

कनाडा व्यापार घाटे के मामले में हमारे विरुद्ध बहुत बड़े फायदे की स्थिति में है। कनाडा के साथ हमारा बहुत बड़ा व्यापार घाटा है, मैं पढ़ रहा था, जबकि, ओह, यह वास्तव में अधिशेष है। एक अधिशेष नहीं। यह या तो 17 है, पर ये वास्तव में 100 हो सकता है। मालूम हो कि उन्होंने एक दस्तावेज जारी किया है। मुझे नहीं पता यदि आपने उसे देखा है। वे नहीं चाहते थे कि मैं उसे देखूं, पर मुझे मिल गया। शायद वे अपनी ताकत दिखाना चाह रहे थे। कनाडा के साथ सालाना करीब 100 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है। 

वे हमारे कृषि उत्पाद नहीं लेते – उनमें से अधिकतर। वे शुल्क लगाते हैं जो पहले 270 प्रतिशत था, पर किसी ने पिछले दिनों मुझे बताया कि कुछ महीने पहले उन्होंने डेयरी उत्पादों पर इसे बढ़ाकर 295 प्रतिशत कर दिय़ा। और यह हमारे किसानों के लिए बहुत अनुचित है और यह हमारे देश की जनता – कामगारों, किसानों, कंपनियों – के लिए बहुत अनुचित है। और हम व्यापार करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने भारी अवरोध लगा रखे हैं। उन्होंने भारी शुल्क थोप रखे हैं। 

तो जब मैंने प्रतिकारी शुल्क लगाया खुद को थोड़ा-बहुत बराबरी में लाने के लिए ताकि संतुलन इतना खिलाफ नहीं हो – ऐसा हुआ – उन्होंने कहा, “ओह, यह इतना भयानक है।” मैंने कहा, “क्या है भयानक?” हमें आपसे फासला थोड़ा कम करना होगा। हमें थोड़ा संतुलन लाना होगा। भले ही पूरा नहीं हो, हमें थोड़ा संतुलन तो लाना होगा। मैं यह अनेक देशों से कहता हूं। 

खैर, हम आए – हमने बैठक पूरी की। सचमुच, हर कोई खुश था। और मैं किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर के लिए सहमत हुआ। मैंने बदलावों के लिए कहा; मैंने बदलावों की मांग की। और वे सारे बदलाव किए गए। वास्तव में, एंगेला मेर्कल के साथ वह तस्वीर, जिनके साथ मेरी अच्छी बनती है, जिसमें मैं वहां इस मुद्रा में बैठा हूं, वह तस्वीर उस वक्त की है जब हम उस दस्तावेज का इंतजार कर रहे थे क्योंकि मैं अंतिम दस्तावेज देखना चाहता था कि उसमें मेरे द्वारा सुझाए बदलाव किए गए हैं। 

वह एक दोस्ताना माहौल था – मुझे पता है यह दोस्ताना नहीं दिखता, और मुझे पता है इसकी रिपोर्टिंग ऐसी की गई मानो दोनों ओर से अप्रिय स्थिति थी। मैं उन पर क्रोधित था या वह मुझ पर – वास्तव में, हम बस बातें कर रहे थे, पूरा समूह, सबसे असंबद्ध किसी विषय में, बहुत ही दोस्ताना, इंतजार कर रहा था दस्तावेज के वापस आने का ताकि मैं निकलने से पहले उसे पढ़ सकूं। 

खैर, मैं निकल पड़ा और यह सब बहुत दोस्ताना था। जब मैं विमान में बैठा, मैं समझता हूं जस्टिन को शायद पता नहीं था कि एयरफोर्स वन में करीब 20 टेलीविजन हैं, और मैं टेलीविजन देखता हूं। और वह संवाददाता सम्मेलन कर रहे थे कि कैसे वह अमेरिका को उन्हें धकियाने की इजाज़त नहीं देंगे। और मैंने सोचा, उन्हें धकियाना? हमने सिर्फ हाथ मिलाए थे। यह बहुत दोस्ताना था। 

देखिए, कोई भी देश व्यापार में हमारा फायदा उठाना जारी नहीं रख सकता। आंकड़े आ चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों में, और अतीत में अनेक वर्षों के दौरान – पर पिछले कुछ वर्षों के दौरान, हमारे देश ने अन्य देशों के साथ व्यापार में 800 अरब डॉलर गंवाया, सबसे अधिक चीन के साथ। आठ सौ अरब डॉलर। एक सौ इक्यावन अरब डॉलर यूरोपीय संघ के साथ। वे हमारे कृषि उत्पाद नहीं लेते, मुश्किल से। वे बहुत चीज़ें नहीं लेते जो हमारे पास हैं, और फिर भी वे मर्सिडिज़ अमेरिका भेजते हैं, वे बीएमडब्ल्यू अमेरिका भेजते हैं लाखों में। यह बहुत अनुचित है, और यह हमारे कामगारों के प्रति बहुत अन्यायपूर्ण है। और मैं इसे ठीक करने जा रहा हूं। और यह सख्त भी नहीं होगा। ओके? धन्यवाद। 

पूछिए सवाल। पूछिए। 

प्र :    (अस्पष्ट।) 

राष्ट्रपति :  मैं कांग्रेस को शामिल करना चाहूंगा, हां। और नहीं, मेरा जस्टिन ट्रूडो के साथ बढ़िया संबंध है। मैंने वास्तव में किया। इसके अलावा कि उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन किया क्योंकि उन्हें लगा कि मैं एक विमान में था और मैं नहीं देख रहा था। वह जान गए। उससे कनाडा के लोगों को बहुत पैसों का नुकसान उठाना होगा। उन्हें सीख मिल गई। आप वैसा नहीं कर सकते। आप वैसा नहीं कर सकते। 

हम खूब हंसे। हमारे संबंध बहुत अच्छे थे। मेरा जस्टिन के साथ अच्छा रिश्ता रहा है। मेरा सभी के साथ अच्छे संबंध हैं। मेरा एंगेला मेर्कल के साथ बहुत बढ़िया संबंध है। पर नैटो में, हम 4.2 प्रतिशत खर्च दे रहे हैं; वह 1 प्रतिशत दे रही हैं हमसे बहुत छोटी जीडीपी का। हम 4.2 प्रतिशत दे रहे हैं बहुत बड़े – हम भुगतान कर रहे हैं – मेरा मतलब, कोई भी कहेगा – नैटो के 60 से 90 प्रतिशत तक के खर्च का। और हम यूरोप के देशों की सुरक्षा कर रहे हैं। और इसके बाद भी, वे हमें व्यापार में मारते हैं। इसलिए हम ऐसा चलने नहीं दे सकते। यह हमारे करदाताओं के लिए अन्यायपूर्ण है और हमारे लोगों के लिए। 

लेकिन नहीं, जस्टिन के साथ मेरे रिश्ते अच्छे हैं। और मेरा मानना है कि अब चेयरमैन किम के साथ भी मेरे बहुत अच्छे रिश्ते हैं। सच में मैं ऐसा मानता हूं। मेरा मानना है कि ये अच्छा है क्योंकि हम एक बड़ी समस्या को हल करने जा रहे हैं। मैं समझता हूं कि आज हम इस समस्या के समाधान की दिशा में बहुत आगे आ गए हैं। 

क्या हमें कुछ समय तक ऐसा करते रहना चाहिए? सैरा? मैं नहीं जानता। ये लीजेंडरी सैरा हकेबी सैंडर्स पर निर्भर करता है। क्या हमें ऐसा करते रहना चाहिए? सैरा? ओके, हम ऐसा ही करेंगे। मैं किसी की परवाह नहीं करता। आप जानते हैं कि इसका मतलब ये हुआ कि हम शाम में थोड़ी देर से घर जा पाएँगे। ठीक? 

ठीक है। चलिए ऐसा ही करते हैं। निश्चित रूप से। ऐसा ही करते हैं। ऐसा ही। 

प्र : नमस्ते, राष्ट्रपति महोदय। 

राष्ट्रपति : आप कैसे हैं? 

प्र : मैं ठीक हूं। 

राष्ट्रपति : आपसे मिलकर ख़ुशी हुई। 

प्र : मैं द स्ट्रेट टाइम्स ऑफ़ सिंगापुर से हूं। इस देश में आपका स्वागत है। 

राष्ट्रपति : आपका बहुत बहुत धन्यवाद। 

प्र : मुझे उम्मीद है कि आपको हमारा खाना पसंद आया होगा। 

राष्ट्रपति : सुंदर देश। मुझे पसंद आया। 

प्र : मैं ये जानना चाहता हूं कि आपने इसे एक प्रक्रिया कहा है। इसके बाद तुरंत क्या क़दम उठाए जाएँगे। क्या कुछ स्तर पर बातचीत जारी रहेगी? 

राष्ट्रपति : हां। अगले सप्ताह हम मिलकर इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे। 

प्र : और वो है (सुनाई नहीं दिया)? 

राष्ट्रपति : विदेश मंत्री पोम्पियो, जॉन बोल्टन और हमारी पूरी टीम के साथ अगले सप्ताह इस पर विस्तार से पर काम करेंगे और इस काम को पूरा करेंगे। हम इस काम को पूरा करना चाहते हैं। ये इस काम को पूरा करना चाहते हैं। हम दक्षिण कोरिया के साथ काम कर रहे हैं। हम जापान के साथ भी काम कर रहे हैं। हम चीन के साथ भी थोड़ा काम कर रहे हैं, लेकिन हम कर रहे हैं। 

प्र : क्या आप वापस सिंगापुर आ रहे हैं? 

राष्ट्रपति : मैं ख़ुशी से आना चाहूंगा। आपके प्रधानमंत्री बहुत अच्छे हैं। हमलोग कल उनके साथ थे। उन्होंने बहुत बढ़िया काम किया है। ये काफ़ी स्वागतयोग्य था। शायद इससे काफ़ी मदद मिली। निश्चित रूप से। ये बहुत शानदार जगह है। बहुत-बहुत धन्यवाद। 

प्र : आपका भी धन्यवाद राष्ट्रपति महोदय। 

राष्ट्रपति : हां, मैम। 

प्र : आपका धन्यवाद राष्ट्रपति महोदय। चेयरमैन किम के साथ आज सुबह पहली मुलाक़ात में ऐसा क्या था कि आपने बातचीत जारी रखने का फ़ैसला किया। क्योंकि आपने कहा कि एक मिनट के अंदर आपको पता चल जाएगा कि वे इस बातचीत को लेकर गंभीर हैं या नहीं। 

राष्ट्रपति: हां। मैंने रिश्तों को लेकर ऐसा कहा है। मैंने लोगों को लेकर ऐसा कहा है। आप पहले सेकेंड में ये सब जान जाते हैं। अब मैं उदार हूं। मैंने पाँच सेकेंड कहा था। लेकिन आप कुछ मामलों में पहले सेकेंड में जान जाते हैं। कभी-कभी ये काम करता है। लेकिन कई बार काम नहीं भी करता है। 

शुरुआत से ही हमारा सामंजस्य ठीक रहा। लेकिन इसके लिए काफ़ी काम करना पड़ा। ऐसा नहीं था कि हम वहां गए और हमने बातचीत शुरू कर दी। जैसा कि आप जानते हैं। सच है ना? ऐसा नहीं था कि हम आए और ऐसे जटिल विषयों पर बातचीत शुरू कर दी, जो 70 वर्षों से चल रही हैं। हम कई महीनों से इस पर चर्चा कर रहे थे। और आप जानते हैं एक बार जब बयानबाज़ी रुक गई, उन्होंने बड़ा काम किया। आप जानते हैं, उत्तर कोरिया ने ओलंपिक में शामिल होकर बहुत बड़ा काम किया। क्योंकि ओलंपिक के कारण — और राष्ट्रपति मून आपको इस बारे में बताएँग — ओलंपिक बहुत बड़ा काम नहीं कर रहा था। लोग उदघाटन समारोह से आगे जाने लायक महसूस नहीं कर रहे थे। आप जानते हैं, लोग टिकट तक नहीं बेच पा रहे थे। लेकिन जैसे ही चेयरमैन किम ने कहा- चलिए ओलंपिक में हिस्सा लेते हैं, ये जंगल में आग की तरह बिक गया। और ओलंपिक बहुत सफल साबित हुआ। ये बहुत बड़ी सफलता थी। उन्होंने बड़ा काम किया। 

लेकिन उस समय से, ठीक उसी समय से — क्योंकि जैसा आप जानते हैं दक्षिण कोरिया से एक प्रतिनिधिमंडल आया था, जो उत्तर कोरियाई अधिकारियों से मिला था। वे व्हाइट हाउस आए। उन्होंने मुझे बहुत कुछ बताया, ये भी बताया कि वे परमाणु निशस्त्रीकरण के लिए इच्छुक हैं। आज हमारे साथ उनमें से एक बड़ा आदमी यहां है। और वे परमाणु निशस्त्रीकरण के लिए तैयार थे। और एक बार जब ये शुरू हो गया, हम ओलंपिक की समाप्ति के बाद से ही इस पर बात कर रहे थे, जब से प्रतिनिधिमंडल ने हमें परमाणु निशस्त्रीकरण समेत कई बातें बताई थीं। 

प्र : क्या मैं दूसरा सवाल पूछ सकती हूं। आज आपने जिस दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए, उत्तर कोरिया परमाणु निशस्त्रीकरण पर प्रतिबद्धता के लिए सहमत है। आपसे ही वो मुहावरा उधार ले रही हूं, जिसका इस्तेमाल आपने अपने पूर्ववर्तियों और राजनीतिक विरोधियों की आलोचना के लिए किया था, आप ये कैसे सुनिश्चित करेंगे कि उत्तर कोरिया सिर्फ़ बातें ही नहीं कर रहा है और आगे जाने के लिए कोई कार्रवाई की ज़रूरत नहीं?  

राष्ट्रपति : मेरा मानना है कि क्या आप कोई चीज़ सुनिश्चित कर सकते हैं? क्या मैं ये सुनिश्चित कर सकता हूं कि आप जब बैठेंगी तो ठीक तरह से बैठेंगी? मेरा मतलब ये है कि आप कोई भी चीज़ सुनिश्चित नहीं कर सकते हैं? मैं ये ज़रूर कह सकता हूं कि वे समझौता करना चाहते हैं। और मैं भी यही चाहता हूं। और मैं ये जानता हूं कि जब कोई समझौता करना चाहता है और मैं ये भी जानता हूं जब कोई समझौता करना नहीं चाहता। कई राजनेता ऐसा नहीं चाहते। ये उनकी चीज़ नहीं हैं, लेकिन ये मेरी चीज़ है। 

मेरा मतलब ये है कि ये सचमुच हो सकता था। मै समझता हूं कि ये बहुत पहले आसानी से हो सकता था। लेकिन मैं जानता हूं — मैं ऐसा बहुत मज़बूती से महसूस करता हूं — मेरी सोच, मेरी योग्यता और मेरी प्रतिभा ये कहती है कि वे समझौता करना चाहते हैं।  समझौता करना दुनियाभर के लिए बड़ी बात है। ये चीन के लिए भी बड़ी बात है क्योंकि मैं यह कल्पना नहीं कर सकता कि चीन इस बात से ख़ुश होगा कि उसका कोई क़रीबी परमाणु शक्तिसंपन्न हो। चीन ने भी काफ़ी सहयोग किया। 

इसलिए मैं समझता हूं कि वे समझौता करना चाहते हैं। क्या कोई निश्चित हो सकता है? लेकिन हम जल्द ही निश्चित होंगे क्योंकि बातचीत जारी है। ओके? बहुत-बहुत धन्यवाद। 

पूछिए सवाल। 

प्र : आपने ज़िक्र किया कि आपने चेयरमैन किम के साथ मानवाधिकार का मुद्दा व्यापक रूप से उठाया। 

राष्ट्रपति : हां। 

प्र : मैं सोच रहा हूं कि आप उन लोगों से क्या कहेंगे जिनके पास इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस को देखने या सुनने का कोई माध्यम नही है — वो 100,000 उत्तर कोरियाई, जिन्हें जगह-जगह क़ैद में रखा गया है। क्या आपने उत्तर कोरियाई शासन को वैधता देकर उन्हें धोखा दिया है? 

राष्ट्रपति : नहीं, मेरा मानना है कि मैंने उनकी सहायता की है क्योंकि मैं सोचता हूं कि हालात बदलेंगे। मैं समझता हूं कि मैंने उनकी मदद की है। मैं और कुछ भी नहीं कह सकता। मैं जो कर सकता हूं वो मैं कर सकता हूं। हमें परमाणु शस्त्रीकरण को रोकना है। हमें अन्य चीज़ें भी करनी है, और वो काफ़ी महत्वपूर्ण चीज़ें हैं। इसलिए उम्मीद है आगे किसी समय आप मुझसे और सकारात्मक सवाल पूछ पाएँगी और बात कह पाएँगी। 

लेकिन इस समय मैं बहुत कुछ नहीं कर सकता। आगे किसी समय, मुझे सच में ये भरोसा है कि वे इस बारे में कुछ करेंगे। मेरा मानना है कि वे आज बड़े विजेताओं जैसे हैं, वे लोग जिनके बारे में आप बात कर रहे हैं। मेरा मानना है कि आख़िकार वे एक ग्रुप के रूप में बड़े विजेताओं में से एक होंगे। 

यस, सर। सवाल पूछिए। पूछिए। हां। 

प्र : क्या आप कभी मानवाधिकार की स्थिति में अहम सुधार के बिना प्रतिबंधों को हटाने की सोचेंगे? 

राष्ट्रपति : नहीं। मैं अहम बदलाव चाहूंगा। मैं जानना चाहता हूं कि ये चीज़ें नहीं हो रही हैं। और फिर, एक बार जब आप वो प्रक्रिया शुरू करते हैं, एक समय ऐसा भी होगा जहां आप भले ही आपने फिलहाल काम पूरा न किया हो क्योंकि ये वैज्ञानिक तरीक़े या यांत्रिक तरीक़े से नहीं हो सकता, लेकिन आप वापस लौट नहीं सकते। आप जानते हैं कि एक बार आप उस बिंदु पर पहुँच जाते हैं, मैं उस पर काफ़ी गंभीरता से सोचूँगा। 

हां। सवाल पूछिए। पूछिए। सवाल पूछिए। पहले आप। 

प्र : राष्ट्रपति महोदय। क्या आप परमाणु निशस्त्रीकरण के ख़र्च पर भी चर्चा की और उत्तर कोरिया वो बिल कैसे भरने वाला है, जब तक उसे पंगु बनाने वाला प्रतिबंध लगा रहेगा? मैं (अस्पष्ट) न्यूज़ एजेंसी सिंगापुर से हूं। 

राष्ट्रपति : मेरा मानना है कि दक्षिण कोरिया और मैं ये भी मानता हूं कि जापान उन्हें बड़ी मदद करेंगे। मैं समझता हूं कि वे उनकी मदद करने के लिए तैयार हैं। वे ये जानते हैं कि वे उनकी मदद करने जा रहे हैं। मैं समझता हूं कि वे उनकी बड़ी मदद करने जा रहे हैं। हमें उनकी मदद नहीं करनी पड़ेगी। अमरीका दुनिया के कई अलग-अलग हिस्सों में बड़ी क़ीमत चुका रहा है। लेकिन दक्षिण कोरिया, जो उसके बगल में ही है और जापान, जो उसके बगल में है, वे उनकी मदद करने जा रहे हैं। और मुझे लगता है कि वे ये काम काफ़ी उदारता से करने जा रहे हैं और एक शानदार काम करने जा रहे हैं। इसलिए वे उनकी मदद करेंगे। 

हां, मैम। सवाल पूछिए। पीछे। हां। 

प्र : धन्यवाद राष्ट्रपति महोदय। 

राष्ट्रपति : आपका धन्यवाद।  

प्र : मैं स्टीव के सवाल से जुड़ा सवाल पूछना चाहता हूं। उन्होंने पूछा था कि कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निशस्त्रीकरण में कितना समय लगेगा। आपने कहा लंबा समय लगेगा। इसका क्या मतलब है? 

राष्ट्रपति : मैं नहीं जानता। जब आप कहते हो कि लंबा समय लगेगा, मेरा मानना है कि हम इसे उतनी जल्दी करना चाहेंगे जितना जल्दी वैज्ञानिक तरीक़े से हो सकता है, उतनी जल्दी, जितना यांत्रिक तरीक़े से हो सकता है। मैं नहीं समझता—मेरा मतलब है, मैंने हॉरर कहानियाँ पढ़ी हैं। ये 15 साल की प्रक्रिया है। ओके? मैं ये मान रहा हूं कि आप इसे जल्दी करना चाहते हो, लेकिन मैं इस पर विश्वास नहीं करता। मेरा मानना है कि जिसने भी ये लिखा है, वो ग़लत है। लेकिन एक समय ऐसा आएगा, जब आप 20 प्रतिशत ही काम कर पाओगे लेकिन आप पीछे नहीं लौट सकते। 

मेरे एक अंकल थे, जो एमआईटी में एक बड़े प्रोफ़ेसर थे, मेरे हिसाब से 40 साल तक। मैं उनके साथ परमाणु मामले पर हमेशा चर्चा करता था। वे बड़े विशेषज्ञ थे। वे बहुत बड़े और प्रतिभावान थे। एमआईटी के डॉक्टर जॉन ट्रंप। मेरे हिसाब से वे वहां 40 साल तक थे, ये मुझे बताया गया था। दरअसल एमआईटी के प्रमुख ने मुझे मेरे अंकल पर एक किताब भेजी थी। लेकिन हम परमाणु मामले पर बात किया करते थे। आप एक बेहद जटिल विषय की बात कर रहे हैं। ये ऐसा नहीं है कि जैसे हम कहते हैं कि चलिए हम परमाणु हथियारों से मुक्त हो जाते हैं। इसमें बहुत समय लगता है। 

लेकिन मैं जिस ख़ास समय की बात कर रहा हूं, वो पहली अवधि है. जब आप ऐसे समय तक पहुँच जाते हैं, आप वापस नहीं लौट सकते। वापस लौटना बहुत मुश्किल होता है। 

प्र : और इसमें कितना समय लगेगा? 

राष्ट्रपति : हम नहीं जानते। लेकिन ये जल्द से जल्द होगा। 

अगला सवाल। ज़रूर। 

प्र : धन्यवाद राष्ट्रपति महोदय। मैं एक बार फिर प्रतिबंधों के बारे में सवाल पूछना चाहता हूं। 

राष्ट्रपति : जी 

प्र : आपने शुरू में ही इसका ज़िक्र किया था कि चीन सीमा की सुरक्षा में उतना अच्छा काम नहीं कर रहा है, जैसा वो पहले करता था। आपने उस समय कुछ संदेह व्यक्त किया था जब किम राष्ट्रपति शी से मिलने गए थे। रूस के विदेश मंत्री उत्तर कोरिया में थे और उन्होंने कहा था कि जब बातचीत चल रही हो, तो कोई प्रतिबंध नहीं होने चाहिए। और दक्षिण कोरिया अब किसी रूप में व्यापार शुरू करने की बात कर रहा है। इसलिए ऐसा लग रहा है कि ये सभी पक्ष प्रतिबंध हटाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, तो आप प्रतिबंध कैसे क़ायम रखेंगे?  आपका इन देशों पर क्या प्रभाव है? 

राष्ट्रपति : मेरा मानना है कि हमारा काफ़ी प्रभाव है। मैं समझता हूं कि हमारा बहुत बड़ा प्रभाव है। मैं यह भरोसा करता हूं कि चीन, इसके बावजूद कि राष्ट्रपति शी के साथ अच्छे संबंध हैं- जैसा कि मैंने आपसे कहा था कि इस व्यक्ति के प्रति मेरा काफ़ी सम्मान है और मैं उन्हें पसंद भी करता हूं। लेकिन आप जानते हैं कि व्यापार के मुद्दे पर हमारे बीच काफ़ी कठिन बातचीत हुई है। और मैं ये भी मानता हूं कि इसने चीन को कुछ न कुछ प्रभावित भी किया है। लेकन मुझे जो करना है वो मैंने किया है। मेरा मानना है कि जब हमने बातचीत शुरू की थी, उसके मुक़ाबले पिछले दो महीनों के दौरान सीमा ज़्यादा खुली है। लेकिन जो है, वो यही है। हमें ये करना पड़ा। व्यापार में हमें बड़ा घाटा हुआ है, जिसे हम आम तौर पर व्यापार घाटा कहते हैं। चीन के साथ हमें व्यापार में बड़ा घाटा हुआ है और हमें इस बारे में कुछ करना है। हम इसे ऐसे ही चलते नहीं दे सकते। 

और मैं ये मानता हूं कि हमारे रिश्ते पर भी इसका असर पड़ा है, ख़ासतौर पर सीमा को लेकर। लेकिन मैं नहीं मानता कि इनमें रिश्ते शामिल है—- आप जानते हैं, मैं नहीं मानता कि इससे राष्ट्रपति शी के प्रति मेरी भावना या रिश्ते पर असर पड़ा है। लेकिन जब हमने बातचीत शुरू की थी, तो हम उस रास्ते से होकर जाने को तैयार नहीं थे। लेकिन हमने इसकी तैयारी शुरू की और ऐसा करने के लिए तैयार हुए। 

मेरा मानना है कि इसका असर पड़ा, खुलकर कहूं तो सीमा पर असर पड़ा। ये शर्मनाक है। लेकिन मुझे ऐसा करना पड़ा। मेरे पास दूसरा कोई रास्ता नहीं था। अपने देश के लिए मुझे ऐसा करना पड़ा। 

दक्षिण कोरिया वो सब करेगा जो समझौते के लिए किया जाना ज़रूरी है। और अगर इसका मतलब ये है कि हम व्यापार नहीं कर सकते, तो मैं व्यापार करने नहीं जा रहा। वे भी निश्चित तौर पर व्यापार करने नहीं जा रहे। अगर वे सोचते हैं—और वे हमारी सहमति से ही ऐसा करेंगे—अगर वे सोचते हैं कि वे कुछ काम कर सकते हैं क्योंकि हम काफ़ी नीचे हैं- वास्तव में हम काफ़ी नीचे हैं। आप जानते हैं, वो दस्तावेज़, जब आप आज इसे पढ़ेंगे, हम काफ़ी नीचे हैं। अगर सब चीज़ें मिलाकर कही जाएँ, तो ये ऐसा नहीं है जो एकाएक हो गया है। महीनों तक चले काम के बाद ऐसा हुआ है। और फिर से, बयानबाज़ी काफ़ी महत्वपूर्ण थी और पाबंदियाँ काफ़ी महत्वपूर्ण थी। मैं ये भी नहीं जानता कि कौन ज़्यादा महत्वपूर्ण था। दोनों चीज़ें काफ़ी महत्वपूर्ण थी। 

हां। सवाल पूछिए। 

प्र : राष्ट्रपति महोदय, मैं डेविड सैंगर हूं, न्यूयॉर्क टाइम्स से। मैं ये सोच रहा था अगर आप हमें ये बता पाएँ कि क्या चेयरमैन किम ने आपको ये बताया कि उनके पास कितने परमाणु हथियार हैं, जो वे मानते हैं कि उन्होंने बनाए हैं, क्या वे पहले उन्हें नष्ट करना चाह रहे हैं, और फिर क्या ये आपके दिमाग़ में है कि जैसा कि ईरान समझौते के समय हुआ था, उसके मुक़ाबले आपको ज़्यादा काम करना पड़ेगा ताकि यूरेनियम और प्लूटोनियम प्रक्रिया को पूरी तरह ख़त्म किया जा सके। और क्या आपको लगता है कि चेयरमैन किम वास्तव में ये समझ पाए कि उन्हें क्या करना है और क्या उनके दिमाग़ में इसे ख़त्म करने की कोई समयसीमा है?  

राष्ट्रपति : डेविड, मैं ये कह सकता हूं कि वे इसे समझते हैं। वे इसे अच्छी तरह समझते हैं। वे इसे उन लोगों से ज़्यादा बेहतर तरह समझते हैं, जो उनके लिए काम कर रहे हैं। ये आसान है। और जहां तक ये बात है कि उनके पास क्या है, तो ये बहुत बड़ी मात्रा है। बहुत बड़ी मात्रा में। समय जल्द ही ख़त्म हो जाएगा. मेरा मानना है कि आप कुछ अच्छी कार्रवाई देखेंगे। मेरा मतलब है, उदाहरण के तौर पर मिसाइल ठिकाने को ले लीजिए, मेरा मानना है कि शायद आपको सुनकर ये आश्चर्य होगा कि….कि आख़िर में ये काफ़ी आसान था, मिसाइल ठिकाना। 

लेकिन मैं वास्तव में ये मानता हूं डेविड, कि ये बहुत जल्द ही ख़त्म हो जाएगा। मैं वास्तव में ये मानता हूं कि ये तेज़ी से ख़त्म हो जाएगा। और ये बहुत ही ठोस हथियार हैं। इस पर कोई सवाल नहीं है। आप जानते हैं कि मैं कहा करता था कि शायद ये सिर्फ़ बात है, कोई असलियत नहीं। लेकिन हमारे पास इसके लेकर पर्याप्त ख़ुफिया जानकारी है। हालांकि शायद किसी अन्य देश के मुकाबले कम। आप समझते हैं कि शायद इस कमरे में बैठे किसी के मुक़ाबले बेहतर। शायद किसी अन्य देश के मुक़ाबले कम। लेकिन हमारे पास इसकी पर्याप्त ख़ुफ़िया जानकारी थी कि उनके पास बड़ी मात्रा में परमाणु हथियार हैं। 

इसी कारण डेविड, मैंने हमेशा कहा है कि इस प्रक्रिया को शुरू होने में इतनी देर नहीं होनी चाहिए थी। क्या ये बेहतर नहीं होता अगर ये चीज़ें 5 साल पहले या 20 साल पहले या 15 साल पहले होतीं और हमें इसकी चिंता नहीं करनी पड़ती कि आज की तरह की सफल बैठक पहले नहीं हुई?  इसलिए — और मैं आपके साथ अपने पहले इंटरव्यू को काफ़ी पसंद करता हूं डेविड। दरअसल मेरे पास अभी भी वो इंटरव्यू है।  

हां। सवाल पूछिए। 

प्र : शुक्रिया राष्ट्रपति महोदय। 

राष्ट्रपति : आपका धन्यवाद। 

प्र : (सुनाई नहीं दिया) दूसरा सम्मेलन- अगर चेयरमैन किम के साथ दूसरा सम्मेलन हुआ, तो क्या ये प्योंगयांग में होगा या वॉशिंगटन में? 

राष्ट्रपति : हमने अभी ये तय नहीं किया है। हमें शायद दूसरे सम्मेलन की आवश्यकता है। हमें शायद इसकी आवश्यकता है — या बैठक की। हम दूसरे शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन शायद हमें एक और की आवश्यकता होगी। हमें शायद ज़रूरत होगी- मैं ये कहूंगा, मैंने जितना सोचा था उससे ज़्यादा हम आगे बढ़े हैं। मैंने नहीं सोचा था कि हम वहां होंगे। 

मैंने सोचा था- और मैंने लोगों से कहा था — मैं लोगों की उम्मीदों को बहुत बढ़ाना नहीं चाहता। मैंने लोगों से कहा था कि मेरे हिसाब से अगर सब ठीक रहा तो ये एक सफल बैठक होगी, हमने एक रिश्ता क़ायम किया और शायद अब से दो-तीन महीनों में इस स्थिति में पहुँचते। लेकिन ये सब चीज़ें वास्तव में बहुत तेज़ी से हुई हैं। इसमें ज़्यादा चीज़ें इसलिए हुईं क्योंकि जो आधार तैयार हुआ, आप जानते हैं, वो हमारी मुलाक़ात से पहले से ही तैयार हुआ। कई चीज़ें काफ़ी तेज़ी से हुईं। 

हमारे पास वो नहीं था- उदाहरण के तौर पर, अवशेषों को वापस लाना। ये वो चीज़ नहीं थी, जो आज हमारे एजेंडा में थी। मैंने ये मुद्दा सबसे आख़िर में उठाया, क्योंकि कई लोगों ने मुझसे ये बातें कही थी। और मैंने ये बात सबसे आख़िर में उठाई। और वे इस मुद्दे पर काफ़ी विनम्र थे। ये कहने की बजाए कि अगली बार इस मुद्दे पर बात करेंगे, उन्होंने कहा- ये उचित बात है। हम इसे करेंगे। 

और वे जानते थे – आप जानते हैं, उन्हें ये पता हैं कि उन असाधारण लोगों में से कई लोग कहां हैं। उन्हें कहां दफ़नाया गया है, सड़कों के किनारे, हाई-वे पर, रास्तों पर, आम तौर पर, क्योंकि हमारे सैनिक आगे-पीछे चल रहे थे और उन्हें तेज़ी से निकलना पड़ा था। ये काफ़ी दुखद है। लेकिन वे जानते थे। और ये मुद्दा सबसे आख़िर में लाया गया। और आप जानते हैं, ये बहुत बड़ी बात है कि वे इसे करने को राज़ी थे। बहुत से लोग इससे काफ़ी ख़ुश होने वाले हैं।  

हां। सवाल पूछिए। प्लीज़। 

प्र : आपका धन्यवाद, राष्ट्रपति महोदय। 

राष्ट्रपति : आपका भी धन्यवाद। 

प्र : इमेराल्ड रॉबिन्सन, वन अमेरिका न्यूज़ से। आपको बधाई। 

राष्ट्रपति : आपको भी धन्यवाद। जिस तरह आपलोगों ने हमारे साथ बर्ताव किया, वो काफ़ी अच्छा था। हम इसकी सराहना करते हैं। वास्तव में ये बहुत अच्छा था। आपने जो किया वो काफ़ी सुंदर था। सवाल पूछिए।

प्र : तो आप…. 

राष्ट्रपति : और अब शायद मुझसे मारक सवाल पूछा जाएगा। 

प्र : (हंसी), अच्छा, मैं उत्तर कोरिया के भविष्य के बारे में पूछना चाहती हूं। 

राष्ट्रपति : हां, ठीक है। 

प्र : ख़ासतौर पर जो लोग हैं — किम जोंग उन कह रहे हैं कि वे अपने लोगों के लिए संपन्नता के साथ उज्ज्वल भविष्य चाहते हैं, लेकिन हम जानते हैं कि वे उत्पीड़न में रहे हैं। आपने उन्हें वो वीडियो दिखाया, जिसमें बताया गया है कि उनका भविष्य कैसा होगा। लेकिन क्या आपको ये आइडिया है ख़ासतौर पर उस मॉडल का, जिसके तहत आप उस दिशा में जाना चाहेंगे? आर्थिक रूप से क्या वे ज़्यादा आर्थिक स्वतंत्रता को लेकर उदार हैं? 

राष्ट्रपति : हां, ये अच्छा सवाल है। तो आपने वो टेप देखा और वो, मैं मानता हूं कि काफ़ी अच्छे से तैयार किया गया है। लेकिन वो भविष्य के विकास को लेकर उच्च स्तर पर बनाया गया है। मैंने उनसे कहा कि शायद आप ऐसा नहीं चाहते हैं। आप शायद इसके एक छोटे संस्करण के रूप में काम करना चाहते होंगे। मेरा मतलब है कि आप कुछ तो करने जा रहे हो। लेकिन आप इससे छोटे स्तर पर करना चाहते होंगे। आप शायद इसे ट्रेन या अन्य चीज़ों के साथ नहीं करना चाहते होंगे। आप जानते हैं न, ये काफ़ी उत्कृष्ट है — सब चीज़ें बेहतरीन हैं। और शायद आप ये नहीं चाहते। ये उन पर निर्भर करता है। ये लोगों पर निर्भर करता है कि वे क्या चाहते हैं। वे शायद ये सब चीज़ें न चाहते हों। मैं ये भी समझ सकता हूं। 

लेकिन वो एक ऐसा प्रारूप है, जो ये बताता है कि क्या-क्या किया जा सकता है, क्या-क्या चीज़ें वहां हो सकती हैं।  उदाहरण के तौर पर उनके यहां काफ़ी अच्छे बीच हैं। आप समझते हैं कि वे जो भी कैनन विस्फोट करते हैं, वो समुद्र में गिरते हैं, सही है ना? मैंने कहा- बच्चे, वो नज़ारा देखो। क्या इसके पीछे आपको एक बेहतरीन इमारत बनती नहीं दिख रही?  और मैंने इसे समझाया, मैंने कहा- आप जानते हैं, ये सब करने की जगह, आप दुनिया के बेहतरीन होटल्स वहां बना सकते हैं। इसके बारे में रियल एस्टेट के नज़रिए से सोचिए। आपके पास दक्षिण कोरिया है, आपके पास चीन है और आपके पास बीचों-बीच ज़मीनें हैं। कितना बुरा है ये सब, है ना?  ये प्रारूप बहुत अच्छा है। लेकिन मैंने उनसे कहा कि शायद आप वो सब नहीं करना चाहते, जो उसमे हैं. आप छोटे स्तर पर शायद इसे करना चाहें. आप समझते हैं, और ये हो सकता है।  

हालांकि मैं आपको बताऊँ कि उन्होंने टेप को देखा, उन्होंने आईपैड पर देखा और मैं आपको बता रहा हूं कि उन्होंने इसे वास्तव में बहुत पसंद किया, मुझे ऐसा लगा। ओके? 

हां। सवाल पूछिए। एक-दो और। ओके। हम तीन और सवाल लेंगे। हां। पूछिए। पूछिए। 

प्र : मैं ब्रायन बेनेट हूं टाइम मैगज़ीन से। 

राष्ट्रपति : हां। हाय ब्रायन। क्या मैं इस सप्ताह आपकी पत्रिका के कवर पर हूं? क्या मैं हूं — मुझ पर इतने कवर। 

प्र : ये पूरी तरह संभव है। 

राष्ट्रपति : हुह? मैं जानता हूं। ये ठीक है। 

प्र : क्या आप किंग जोंग उन को अपनी बराबरी का समझते हैं? 

राष्ट्रपति : किस मायने में? 

प्र : आपने अभी एक वीडियो दिखाया, जिसमें आप और किम बराबरी से भविष्य पर चर्चा कर रहे थे — 

राष्ट्पति : नहीं। मैं मानता हूं कि — मैं इसे उस रूप में नहीं देखता। देखिए, मैं उसे उस तरह नहीं देखता। दुनिया को सुरक्षित जगह बनाने के लिए मुझे जो भी करना होगा, मैं करूँगा। अगर मुझे ये कहना पड़े कि मैं एक स्टेज़ पर बैठा हूं — मेरा मतलब है, मुझे पता है कि आप क्या समझ रहे हो। अगर मुझे ये कहना पड़े कि मैं चेयरमैन किम के साथ एक स्टेज पर बैठा हूं और इससे तीन करोड़ लोगों की ज़िंदगी बचने जा रही हो- हो सकता है इससे भी ज़्यादा—तो मैं ऐसे स्टेज पर बैठने को तैयार हूं। मैं गर्व के साथ सिंगापुर आने को तैयार हूं, बहुत ख़ुशी से। 

फिर से, मैं — आप जानते हैं, इस तथ्य के अलावा कि ये मेरा समय ले रहा है, उन्होंने भी बहुत कुछ दिया है। उन्होंने दरअसल पहले से बहुत कुछ दिया है। इसमें ओलंपिक भी जोड़ लीजिए। आप जानते हैं, आप सवाल में ओलंपिक भी जोड़ सकते थे। वे ओलंपिक में गए। वे उस ओलंपिक में शामिल हुए, जो बड़ा असफल होने जा रहा था, जिसका शायद उदघाटन भी नहीं हो पाता, लेकिन उन्होंने इसमें शामिल होने का फ़ैसला करके इसे बहुत सफल बना दिया। उस लिस्ट में इसे भी शामिल किए, जो चीज़ें उन्होंने की है। 

इसलिए ब्रायन, अगर मेरे यहां आने से लाखों लोगों की जान बच सकती है, यहां बैठकर और उस व्यक्ति के साथ संबंध स्थापित करने से, जो बहुत शक्तिशाली व्यक्ति है, जिसके पास देश की सत्ता पर नियंत्रण है और इस देश के पास शक्तिशाली परमाणु हथियार भी हैं. ऐसा करना मेरा सम्मान है। 

प्र : क्या आप इससे चिंतित हैं कि जो वीडियो आपने अभी दिखाया है, उसका इस्तेमाल किम अपने को बराबरी का दिखाने के लिए प्रोपेगैंडा में कर सकते हैं। 

राष्ट्रपति : नहीं, मैं इससे बिल्कुल भी चिंतित नहीं हूं। हम इस वीडियो का इस्तेमाल अन्य देशों के लिए भी कर सकते हैं। 

सवाल पूछिए।  

प्र : राष्ट्रपति महोदय, वर्ष 2000 में राष्ट्रपति क्लिंटन को किम जोंग इल की ओर से एक अनुरोध मिला था। 

राष्ट्रपति : क्या प्रभावित हुए?  

प्र : अनुरोध मिला। 

राष्ट्रपति : ओह। 

प्र : किम जोंग इल से प्योंगयांग आने और उनसे मिलने का अनुरोध मिला था। लेकिन क्लिंटन ने इस नामंज़ूर कर दिया। उन्होंने अपनी विदेश मंत्री अलब्राइट को भेजा। 

राष्ट्रपति : हां। उन्होंने बहुत बड़ा समझौता किया। और उन्होंने तीन अरब डॉलर ख़र्च किया और कुछ नहीं हासिल किया। और इसके एक दिन बाद उन्होंने परमाणु हथियार बनाना शुरू कर दिया। 

प्र : मिस्टर प्रेजिडेंट, दूसरी ओर आपको अनुरोध मिला और आपने यहां आकर उनसे मुलाक़ात की। और क्या आप ये समझते हैं वे लोग जो ये कहते हैं कि आपने उन्हें सर्वश्रेष्ठ उपहार दिया- एक ऐसी सत्ता को वैधता, जो बिना किसी प्रक्रिया के अपने लोगों का उत्पीड़न करती है. आपके अमरीका के राष्ट्रपति के रूप में, एक मुक्त विश्व के नेता के रूप में उत्तर कोरिया के इस नेता से मिलने और हाथ मिलाने से पहले, जो अपने लोगों का क्रूर दमनकारी समझा जाता है? 

राष्ट्रपति : ओके। अच्छा। मेरा मानना है कि हमने इस सवाल का जवाब अभी ही दिया है। 

प्र : लेकिन क्या आप उन लोगों को समझते हैं? 

राष्ट्रपति : ओह, मैं उन लोगों को आपसे बेहतर समझता हूं। 

ओके। हां। सवाल पूछिए। सवाल। आपका बहुत-बहुत शुक्रिया। जी। 

प्र :  मैं एलियाना जॉनसन पॉलिटिको से। 

राष्ट्रपति : अवश्य। हाय। 

प्र : हाय। आपने कुछ राहत का ज़िक्र किया, जो आपको किम की ओर से मिला है- अवशेषों की वापसी, परमाणु ठिकाने का नष्ट करना। और मैं जानता हूं कि आपने कहा कि ये अतिरिक्त चीज़ें थी….. 

राष्ट्रपति : और भी बहुत कुछ। और इससे भी ज़्यादा बहुत कुछ। 

प्र : जी। मैं जानता हूं कि आपने कहा कि आख़िरी चीज़ अतिरिक्त थी और ये समझौते में नहीं थी, और उन्होंने आपको अपनी ज़बान दी है। अगर उन्होंने ये चीज़ें नहीं की, तो जवाब में आप क्या करेंगे?  और क्या आप इस प्रक्रिया में अपना विश्वास खो देंगे? 

राष्ट्रपति : नहीं। मैं मानता हूं कि वे करेंगे। वास्तव में मैं इस पर भरोसा करता हूं। अन्यथा मैं ये सब नहीं कर रहा होता। मैं वास्तव में इस पर विश्वास करता हूं। और वो वास्तव में एक इंजन टेस्टिंग साइट थी. ये उन सब चीजों के अलावा था, जो उन्होंने करने के लिए सहमति जताई है। उनके पास इंजन की टेस्ट करने वाली एक शक्तिशाली साइट थी। फिर से—हम इस साइट को इसलिए देख पाए क्योंकि इससे काफ़ी गर्मी निकलती है। और हां- हम देख पाए— मैं बहुत ख़ुश हूं। मैं आपको बताता हूं कि मैं इन दो बातों से काफ़ी खुश हूं- वो दो बातें जिनका आपने ज़िक्र किया।  

लेकिन मुझे लगता है कि आप उन बातों का ज़िक्र कर रहे थे, जिनकी चर्चा नहीं है, जो इंजन परीक्षण स्थल है। मेरा मानना है, वो — मैं समझता हूं — ईमानदारी से, मैं समझता हूं कि वो ये सब चीजें भी करेंगे। मैं ग़लत भी हो सकता हूं। मेरा मतलब है, मैं छह महीने बाद आपके सामने आकर ये भी कह सकता हूं- मैं ग़लत था। मैं नहीं जानता कि मैं कभी ये स्वीकार कर पाऊँगा, लेकिन मैं किसी तरह का बहाना ढूंढ लूंगा। (हंसी) 

ओके, एक या दो सवाल। एक और। पूछिए। हां, पूछिए। हां। 

प्र : आपका शुक्रिया राष्ट्रपति महोदय। 

राष्ट्रपति : धन्यवाद आपका। आपका धन्यवाद। 

प्र : (अस्पष्ट) शिन्हुआ मीडिया ग्रुप चीन से हूं। मैं ये जानना चाहता हूं कि जब आप वाशिंगटन लौटेंगे, तो क्या आज चेयरमैन किम के साथ जो उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं, उसके बारे में राष्ट्रपति शी से चर्चा करेंगे? 

राष्ट्रपति : हां। मैं करूँगा। 

प्र : दीर्घकालिक शांति के लिए प्रक्रिया में तेज़ी लाने को लेकर चीन की भूमिका के बारे में आपकी क्या उम्मीदें हैं? 

राष्ट्रपति : जी, चीन के बारे में मेरी ये उम्मीदें हैं कि चीन एक महान देश है और उसके नेता भी महान हैं और वे मेरे मित्र हैं। और मैं सच में ये मानता हूं कि वे ख़ुश होंगे कि हमने इस तरह की प्रगति की है। और मैंने ये उनसे ही सुना है। लेकिन मैं जल्द ही उन्हें फ़ोन करूँगा। शायद अमरीका पहुँचने के पहले ही। ओके? 

और मुझे ये भी कहना है, आप जानते हैं- और अमरीका भी एक महान देश है। और हमने आर्थिक रूप से रिकॉर्ड्स स्थापित किए हैं- हमारे पास जो भी है उससे अतिरिक्त हमने 70 खरब डॉलर से अधिक जोड़ा है। और अमरीका की अर्थव्यवस्था का आकार चीन से लगभग दोगुना हो गया है। कोई भी इस बारे में बात नहीं करता, क्योंकि आप चीन के बारे में ज़्यादा चीज़ें सुनते हैं। सही भी है। लेकिन अब अमरीका चीन की अर्थवयस्था के दोगुने आकार का है। हम एक महान देश हैं और हम सही रास्ते पर हैं। 

ओके। एक और। इसके बाद नहीं। 

प्र : राष्ट्रपति महोदय, मैं दक्षिण कोरिया से हूं। 

राष्ट्रपति : ओह। दक्षिण कोरिया? दक्षिण कोरिया कहां हैं? मेरा मानना है कि आपका सवाल पूछना बनता है- पूछिए। पूछिए। आपका एक सवाल पूछना बनता है। हां। एक सवाल पूछना बनता है। 

प्र : आपके लिए मेरे पास दो सवाल हैं राष्ट्रपति महोदय। पहला ये कि आपने पहले कहा था कि आप दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन से फ़ोन पर बात करेंगे। 

राष्ट्रपति : हां। 

प्र : आप उनके साथ क्या चर्चा करेंगे? 

राष्ट्रपति : मैं सिर्फ़ उनसे मीटिंग के बारे में बताना चाहता हूं। और आख़िरी बातचीत में वे भी शामिल रहेंगे। वे बहुत भले व्यक्ति हैं। और मेरे मित्र भी हैं। मैं उनसे बातचीत करने को उत्सुक हूं। वे जब इस बारे में सुनेंगे तो काफ़ी ख़ुश होंगे। मैंने पहले ही उन्हें यहां जो भी हुआ है, उसके बारे में संदेश भेज दिया है। दरअसल मैंने उन्हें दस्तावेज़ भेजे हैं और दस्तावेज़ के पीछे के सभी विवरण भी भेज दिए हैं। इसलिए जल्द ही मैं उनसे बात भी करूँगा। 

प्र : अगर मैं एक और सवाल पूछ सकता हूं। शांति समझौते पर दस्तख़त से आप क्या उम्मीद करते हैं — क्या आप सिर्फ़ उत्तर कोरिया के चेयरमैन किम के साथ मिलकर इस समझौते को लागू करना चाहते हैं या आप ये सोचते हैं कि दक्षिण कोरिया और चीन को भी इस समझौते में हस्ताक्षर करने वाले देशों में शामिल किया जाए?  

राष्ट्रपति : मैं उन्हें भी इसमें शामिल करना चाहूंगा। सवाल ये है कि क्या हमें ऐसा करना चाहिए और क्या हम क़ानूनी रूप से ऐसा करना पड़ेगा? मैं इसकी परवाह नहीं करता। मेरा मानना है कि अगर चीन इसमें शामिल हो तो बहुत बड़ी बात होगी और निसंदेह दक्षिण कोरिया भी। ओके? 

प्र : क्या प्रतिलिपि है (अस्पष्ट।)? 

राष्ट्रपति : क्या? 

प्र : क्या प्रतिलिपि है (अस्पष्ट।)? 

राष्ट्रपति : माइक, क्या उनके पास प्रतिलिपि है? शायद उनके पास कच्ची प्रतिलिपि है, जो आप हमें दे सकते हैं, अगर आपके पास एक है। 

प्र : तो ये रिकॉर्डेड था? 

राष्ट्पति : नहीं, उन्होंने इसे रिकॉर्ड नहीं किया है। मैं नहीं मानता कि उन्होंने इसे रिकॉर्ड किया है। क्या इसकी कोई रिकॉर्डिंग्स हैं? काश, कोई रिकॉर्डिंग होती। क्योंकि ये रोचक सामग्री है। 

प्र : (अस्पष्ट।) 

राष्ट्रपति : फिर से कहिए?  

प्र : (अस्पष्ट।) 

राष्ट्रपति : मेरे पास नहीं है। हमारे पास शायद कुछ नोट्स या कुछ सामग्री हैं। लेकिन मेरे हिसाब से उनके पास दरअसल विस्तृत नोट्स हैं। लेकिन हमारे बीच बेहतरीन बातचीत हुई. ये दिल से महसूस की गई बातचीत थी। 

प्र : आप इस पर कैसे विश्वास करेंगे (अस्पष्ट।) पुष्टि करेंगे- 

राष्ट्रपति : जी, मुझे इसकी पुष्टि करने की आवश्यकता नहीं क्योंकि मेरे पास अब तक की सबसे बेहतरीन यादें हैं। इसलिए मुझे इसकी ज़रूरत नहीं। ओके? ओके? 

प्र : किम जोंग उन के साथ पहले के फ़ोन कॉल्स के बारे में कुछ बताएँगे? आपके साथ फ़ोन कॉल्स (अस्पष्ट।) 

राष्ट्रपति : हां, लेकिन मैं इस पर चर्चा नहीं करना चाहता। लेकिन हमने जो किया, हमारे बीच कई बार चर्चाएँ हुईं। हमारे बीच माइक के स्तर पर और अन्य कई स्तर पर काफ़ी अहम रिश्ते स्थापित हुए। दरअसल वहां से कई लोग यहां मौजूद हैं, जैसा कि आप जानते हैं, उत्तर कोरिया से। वे कमरे में मौजूद हैं। कुछ लोग इस कमरे में पीछे भी मौजूद हैं। 

इसलिए जब हम आख़िरी समझौते के लिए गए, ये काफ़ी अहम है कि हम निराशा में नहीं गए। हम बेहतरीन रिश्ते और बेहतरीन जानकारी के साथ गए। और मैं मानता हूं कि इसी वजह से हम ये सब कर पाए। 

और अब मैं वापस जा रहा हूं। मैं आप सब लोगों के बारे में नहीं जानता लेकिन ऐसा लंबे समय के बाद हुआ है कि मैंने इसे आसानी से लिया है। इसलिए अब हम इसे कुछ और आराम से ले सकते हैं, और इसके बाद फिर से काम शुरू होगा। मैं उन सबकी सराहना करता हूं जो यहां आए। मुझे उम्मीद है कि हमने आपके सभी सवालों के जवाब दिए हैं। और सबका बहुत-बहुत शुक्रिया। और एक तरह से सबको बधाई भी, क्योंकि वास्तव में ये मेरे लिए दुनिया के इतिहास की एक बड़ी अहम घटना है। और मेरे लिए भी वास्तव में ये सच है, मुझे और जोड़ना है, मैं इसे पूरा करना चाहता हूं। 

इसलिए माइक, आपकी पूरी टीम को काम पर लग जाना है और इसे पूरा करना है। क्योंकि हमने एक अच्छा काम किया है। लेकिन अगर आप गोल लाइन से आगे गेंद नहीं ले जाएँगे, तो इसका कोई पर्याप्त मतलब नहीं होगा। ओके? 

तो आपका धन्यवाद और इस कमरे में मौजूद सबको बधाई। आपका बहुत बहुत धन्यवाद।  आभार व्यक्त करता हूं। आपका धन्यवाद। (तालियां) 

समाप्त 


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