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डॉ. जिम ग्रीन मुख्य वैज्ञानिक, NASA

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टेलीफोन द्वारा प्रेस विज्ञप्ति
19 जून 2018

 
 

समन्वयक:  ब्रसेल्स में अमेरिकी-यूरोपीय मीडिया हब से सभी का अभिवादन।  मैं समूचे यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व से फोन के ज़रिए जुड़ने वाले हमारे सभी प्रतिभागियों का स्वागत करना चाहता हूँ और इस चर्चा में शामिल होने के लिए सभी का धन्यवाद करता हूँ।

आज हमें वियना से जुड़ रहे नासा के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. जिम ग्रीन के शामिल होने पर बेहद खुशी हो रही है।  डॉ. ग्रीन पृथ्वी से इतर सौर मंडल में जीवन की खोज के साथ ही साथ नासा के अन्वेषण अभियान और वियेना में 18 से 21 जून के बीच आयोजित हो रहे UNISPACE +50 कार्यक्रम में अमेरिका की भूमिका के बारे में चर्चा करेंगे।

हम आज हमसे बातचीत का समय निकालने के लिए डॉ. ग्रीन का धन्यवाद करते हैं।

हम डॉ. ग्रीन की प्रारंभिक टिप्पणी के साथ इस चर्चा की शुरुआत करेंगे और उसके बाद आपके सवालों को लेंगे।  हमारे पास लगभग 30 मिनट का समय है, इस दौरान हम ज्यादा से ज्यादा जितना कर सकते हैं उतने सवालों को लेने का प्रयास करेंगे।  आपको बता दें कि आज की कॉल रिकॉर्ड पर है।

इसके साथ ही, मैं इसे डॉ. ग्रीन को सौंपता हूँ।

डॉ. ग्रीन:  आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

सबसे पहले मैं आप सभी लोगों को संक्षेप में नासा के कार्यों, मुख्य रूप से पिछले 10 वर्षों से किए जा रहे कार्यों के बारे में बताना चाहूँगा।

हमने यह जानने के दृष्टिकोण से इसकी शुरुआत की थी क्या पृथ्वी से अलग किसी दूसरी जगह पर जीवन है?  वास्तव में हम उस सवाल का जवाब तलाश रहे थे, जिसे हम समस्त मानव समाज का बुनियादी सवाल समझते हैं, और जो कि है: क्या हम इस ब्रह्मांड में अकेले हैं?

संकल्पना यह है कि, यदि हम दूसरे क्षेत्रों, दूसरे ग्रहों या चंद्रमाओं, या कि दूसरे तारों के ग्रहों पर जीवन पा सकते, तो निश्चित रूप से सौर मंडल में जीवन हर कहीं होना चाहिए।

अब, मै आपको बताना चाहूँगा कि, हमें पृथ्वी से अलग किसी और जगह पर जीवन नहीं मिला है, लेकिन, हमने इस दिशा में बहुत ज्यादा जानकारी हासिल कर ली है कि हमें जिंदगी की तलाश में किस दिशा में जाना होगा, वे क्या संकेत हैं जिनकी हमें तलाशने की आवश्यकता है, और हम क्या खोज रहे हैं?

लगभग 15 साल पहले हमने अपने खगोलीय जीव वैज्ञानिकों से जीवन को परिभाषित करने को कहा था।  हमारे ऐसा करने के पीछे यह कारण था कि हम अंतरिक्ष यान पर ऐसा उपकरण तैयार करना चाहते थे, जो ऐसे माप तैयार करे, जिनसे हमें जीवन के बारे में निर्याणक उत्तर मिल सकें।

खगोलीय जीव वैज्ञानिकों से उस सवाल का जो जवाब मिला वह वास्तव में काफी निराशाजनक था।  जीवन की परिभाषा है, पहला, यह चयापचय करता है, दूसरा, यह संतान के रूप में जन्म लेता है और तीसरा, यह विकसित होता है।  इसमें निराशा की वजह यह है कि वास्तव में हम असल में ऐसा कोई उपकरण तैयार करने में समर्थ नहीं हो पाए हैं, जिससे इन तीनों मापों का पता चले, जिनका जिंदगी में अहम योगदान है, जैसा कि हमारे खगोलीय जीव वैज्ञानिकों का कहना है।

अत: हम इसके पहले घटक को अच्छे से समझेंगे, जो है: जीवन अवश्य ही चयापचय करता है।  इसका अर्थ यह है कि पानी और पदार्थ में ले जाने पर यह सामग्री को गला सकता है, ऊर्जा को अलग कर सकता है और तब पानी का इस्तेमाल कचरा निकालने में हो सकता है।  इसलिए, वास्तव में पानी जीवन की उस परिभाषा का एक मुख्य तत्व है।

तो हमने करीब 10 साल पहले “जल का अनुसरण करें” नाम से एक प्रक्रिया शुरू की थी।  अगर हम अपने सौर मंडल में उस क्षेत्र में पहुंचने में सफल होते हैं, जहां पानी तरल रूप में मौजूद हो, या अतीत में वहां कभी पानी रहा हो, तो शायद वहां आज भी जीवन मौजूद हो या अतीत में कभी वहां विकसित हुआ और मौजूद रहा हो।

तो अब मैं आपको यह बताने के लिए यहां हूँ कि हमने क्या सीखा है।  हमने, पिछले 10 वर्षों में, काफी बड़ी संख्या में माप तैयार किए हैं और वास्तव में उसे पूरा किया है जिससे मैं कहना चाहूँगा कि हम सौर मंडल की प्रमुख वस्तुओं (ऑब्जेक्ट्स) को पहली बार असल में सही तरीके से देख सके हैं।  प्लूटो के बारे में नई जानकारियाँ सामने आने के साथ, हमने सभी प्रमुख ग्रहों, अनेकों छुद्र ग्रहों और इन विशालकाय ग्रहों के चारों तरफ चक्कर लगा रहे चंद्रमाओं का पर्यवेक्षण किया है।

हमें इस डेटा से तलाश कर रहे हैं कि हम वर्षों के दौरान इन पिंडों के साथ जो कुछ भी होता आया है, उसका मॉडल तैयार कर सकते हैं।  इसलिए इसे करना अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

शुक्र, जैसा कि आज हम इसे जानते हैं, मानव के रहने लायक नहीं है।  इसकी सतह इतनी गर्म है कि शीशा पिघल जाए।  इसका दबाव बहुत ज्यादा है।  शुक्र के वातावरण के कुचल देने वाले दबावों को समझने में सक्षम होने के लिए हमें समुद्र में गहरे जाने जैसे कामों के लिए हमें भारी भरकम बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होगी।

दूसरी तरफ, मंगल ग्रह कहीं अधिक शुष्क है, वह रेगिस्तान जैसा ग्रह है, जहां का वातारण बहुत महीन है।

लेकिन वे आज इसी रूप में है।  पर्यवेक्षणों से हमें यह जानकारी मिली है कि शुक्र, मंगल और पृथ्वी सभी अपने अतीत में नीले ग्रह थे।  सभी महासागरीय संसार थे।  सभी अपने अतीत में पहले कभी कहीं अधिक पृथ्वी जैसे थे।

इससे अब ऐसा प्रतीत होता  है कि सौर मंडल में शुक्र हमारा पहला रहने योग्य ग्रह था, जिसकी सतह पर पानी की पर्याप्त मात्रा थी।  और लगभग 800 मिलियन वर्ष पहले, यह बहुत सारे ग्रीन हाउस प्रभावों से गुजरकर उस स्थिति में पहुंचा, जिस स्थिति में वह आज हमारे सामने है।  क्या अतीत में शुक्र पर जीवन रहा हो सकता है?  निश्चित रूप से यह प्रतीत होता है कि इसमें वे सारे गुण हैं, चाहे वह ग्रह का आकार हो, वहां पाई जाने वाले पदार्थ हों या फिर महासागर, जिनकी हमें इस पर होने की उम्मीद थी।  लेकिन वर्तमान में यह बहुत ही अलग रूप में विकसित हुआ है।

मंगल की तरह, इसके उत्तरी गोलार्ध का दो तिहाई हिस्सा पानी के नीचे था।  वास्तव में, कुछ स्थान तो एक मील से भी ज्यादा गहरे थे।  वास्तव में, मंगल पर जलवायु प्रणालियां थीं — वर्षा, बादल, बर्फ की चोटियां और बड़े-बड़े महासागर वहां लंबे समय तक थे।  लेकिन, इसके इतिहास के शुरुआती दौर में वहां बहुत ही तेजी से जलवायु परिवर्तन हुआ।  शायद यह 800 मिलियन वर्ष तक नीला ग्रह था — जो उस ग्रह पर भी जीवन की शुरुआत होने के लिए पर्याप्त लंबा समय है।

हम अब इस वास्तविकता पर आ रहे हैं कि जो कुछ भी शुक्र पर घटित हुआ, वह पृथ्वी पर भी घटित हो सकता है।  जो मंगल पर हुआ वह धरती पर भी हो सकता है।  और इसके लिए हमें इन ग्रहों को उन्हीं के तरीके से समझने की आवश्यकता है, इसके अतिरिक्त यह समझने का प्रयास करने की भी जरूरत है कि क्या इन ग्रहों पर अतीत में जीवन पनपा था या शायद आज भी वहां जीवन पनप रहा है।

हम अपने सौर मंडल का एक और चौंकाने वाली हिस्सा भी ढूंढ रहे हैं, कि इसमें रहने योग्य संसार भी हो सकते हैं, और यह मंगल की कक्षा से बाहर की बात है।  इन बड़े ग्रहों के चंद्रमा हैं, और हम लंबे समय तक यह मानते रहे हैं कि ये चंद्रमा कहीं अधिक बर्फीले पिंड थे, अगर आप वहां गए तो जम जाएंगे, और बिना तरल पानी के, हम जीवन पनपने या जीवन के होने की प्रत्याशा नहीं करते।  लेकिन, अब हमें पता चल रहा है कि इनमें से अधिकतर चंद्रमा वास्तव में बर्फीले भूपटल (क्रस्ट) वाले महासागरीय संसार हैं।  हमने चंद्रमा यूरोपा को देखा है, जो बृहस्पति का चंद्रमा है, और उस चंद्रमा के तल में बर्फीला भूपटल है, अब हमारा मानना है कि पृथ्वी पर जितना पानी है शायद उससे दोगुना पानी उस महासागर में है, और जबकि बृहस्पति के उस चंद्रमा का आकार पृथ्वी के चंद्रमा  के बराबर है।

सौर मंडल में जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हम पा रहे हैं कि शनि ग्रह पर बड़ी संख्या में बर्फ से आच्छादित, महासागरीय संसार हैं, अगर हम वहां पहुंचते हैं, आज हम उन्हें जो कहेंगे, उनके नीचे दबे बर्फीले भूपटल, से ऐसा यकीन होता है कि वहां ठीक संख्या में महासागर हैं और बहुत अधिक पानी है।

उदाहरण के लिए, इंसीलेडस से वहां दरारें नज़र आई हैं, जो पानी के संबंधों को दर्शाती हैं, जहां इन दरारों से होकर पानी गुज़रता है, जहां चंद्रमा और उसकी कक्षा में दिन भर पानी बरसता है।  वास्तव में यह शनि ग्रह के चारों तरफ एक नया घेरा बनाता है, जिस ई-रिंग कहा गया है, जो बर्फ के कणों से बना है।

शनि में एक और चांद बहुत ही आकर्षक है और यह चांद टाइटन है।  टाइटन का आकार देखें, तो वास्तव में यह बुध ग्रह से बड़ा है।  इसका अपना वातावरण है, जिसमें अधिकतर नाइट्रोजन है, और सौर मंडल में पृथ्वी के अलावा यह ऐसा इकलौता ग्रह है, जिसकी सतह पर द्रव पाया गया है।  लेकिन यह द्रव पानी नहीं, बल्कि मीथेन है।  और वास्तव में, इन मीथेन झीलों में से कुछ हमारे काला सागर से भी बड़ी हैं।

टाइटन पर, जलीय (हाइड्रोलॉजिकल) चक्र है, पानी के सिवाय मीथेन का, जहां महासागरों का वाष्पन हो रहा है, उस वाष्प का परिवहन हो रहा है, और वहां अभी बारिश हो रही है – टाइटन के दक्षिणी गोलार्द्ध – मीथेन, नए समुद्रों का निर्माण कर रही है जैसा कि हम आज इसे जानते हैं।

टाइटन पर नज़र बनाए रखने के सबसे महत्वपूर्ण कारणों में से एक यह है कि अगर कहीं किसी स्थान पर भी जीवन के लिए तलाश करेंगे भले ही हमारे जैसा नहीं, तो यह टाइटन ही होगा क्योंकि यहां चयापचय में शामिल होने वाला द्रव पानी नहीं होगा, बल्कि तरल मीथेन हो सकता है।

इसलिए ये सचमुच रोमांचक स्थान हैं और हमने उनके माध्यम से अत्यधिक जानकारी अर्जित की है।  हमारे पास मंगल ग्रह पर जाने वाले भविष्य के अभियान हैं।  हम सोच रहे हैं कि कैसे शुक्र (वीनस) पर जाएं और यह पता लगाएं कि क्या इसमें आज भी जीवन बरकरार है।  हमारे पास अभियान हैं, हम यूरोपा पर जाने की योजना बना रहे हैं।  हमारे पास अभियान हैं, हम फिर से वापस टाइटन और शनि प्रणाली में जाने की सोच रहे हैं।  और जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते हैं, ये सभी भारी प्रगति कर रहे हैं।

अब इसके अलावा, मनुष्य सौर मंडल के अध्ययन में भूमिका निभाते हैं।  अब हम इस अवधारणा के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि हम पृथ्वी की निचली कक्षा से वहां जा रहे हैं, जिसे हम सिसलूनर अंतरिक्ष कहते हैं।  यह चंद्रमा के इर्द गिर्द का क्षेत्र है, जहां हम पता कर सकते हैं और हम ग्रहों के सतह पर रहना और काम करना सीख सकते हैं, और ऐसी पहली सतह चंद्रमा ही होगा।  और ऐसा आखिरकार हमारे मंगल पर जाने से पहले किया जाएगा।

ये सभी हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए सचमुच रोमांचक समय हैं।  हम भारी प्रगति करना जारी रखें, इसके लिए बेहद कड़ी मेहनत कर रहे हैं।  हमारे पास आगे बढ़ने के लिए अमेरिकी लोगों, प्रशासन और कांग्रेग का ज़बर्दस्त समर्थन है।

मुझे लगता है कि इसके साथ अब मुझे सवालों को लेना शुरू करना चाहिए।

समन्वयक:  उन टिप्पणियों के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद!  अब हम आज के कार्यक्रम में सवाल और जवाब का दौर शुरू करेंगे।

हमारा पहला सवाल मोहम्मद अताया से हमारे पास आ रहा है, जो मिस्र से कॉल कर रहे हैं।

प्रश्न:  मैं मोहम्मद अताया बलदाना एल-युम अख़बार से।  मैं यह पूछना चाहता हूँ कि मंगल ग्रह पर कार्बनिक पदार्थों की खोज के बाद क्या वहां किसी प्रकार का जीवन है?

डॉ. ग्रीन:  सचमुच एक अच्छा सवाल।  आपका धन्यवाद।

क्यूरियोसिटी यान ने मंगल ग्रह से जो सबसे नवीनतम अवलोकन भेजे हैं, वे बहुत ही उत्साहजनक हैं।  क्यूरियोसिटी ने वहां जो ढूंढ निकाला है वे जटिल कॉर्बन अणु हैं।  कई तरह से ये अणु जीवन द्वारा तैयार किए गए हो सकते हैं।  वे वास्तव में प्राकृतिक रूप से बनाए गए हो सकते हैं।  हम नहीं जानते, लेकिन हम उस शोध को करना जारी रखे हुए हैं।

उन मापों के साथ-साथ ग्रह की सतह के ज़रिए रिस रही मीथेन का भी क्यूरियोसिटी द्वारा मापन किया गया था।  अब यह बहुत ही रोमांचक है क्योंकि यहां पृथ्वी पर पूरी मीथेन का 95 प्रतिशत जीवविज्ञान द्वारा, जीवन द्वारा निर्मित है।  सूक्ष्म जीवों (माइक्रोब्स) से लेकर दीमक, गायों से लेकर मनुष्यों तक।  तो यद्यपि मीथेन को अजैविक रूप से, दूसरे शब्दों में बगैर जीवन के, बनाया जा सकता है, यह सोचना बहुत ही रोमांचक है कि मंगल की सतह के नीचे जीवन हो सकता है।

जो हम यहां धरती पर खोज रहे हैं जब हम पृथ्वी पर बायोमास की मात्रा का अध्ययन करते हैं जो इस विषय से संबंधित है वह इस तरह है: हमारे खगोल जीव वैज्ञानिक पृथ्वी में गहराई तक गए और काफी ऐसे दूरस्थ स्थानों तक गए जो कि तापमान और सूखेपन में यहां पृथ्वी पर चरम हैं, और हर जगह जहां वे गए और पानी पाया, वहां उन्हें जीवन मिला।  वास्तव में वर्तमान अनुमान यह है कि जो इस पृथ्वी की सतह पर चल रहा है, या पौधों से अधिक बायोमास हमारे पैरों के नीचे है।  यह हमें बताता है कि जब चरम वातावरण होता है, तो जीवन चट्टानों के भीतर चला जाता है।  इसलिए, आज मंगल पर निश्चित ही जीवन हो सकता है, लेकिन यह सतह के नीचे है।

समन्वयक:  आपका धन्यवाद।

हमारे अगले सवाल के लिए हम क्रोएशिया में इंडेक्स पत्रिका के विज्ञान संपादक  नेनाद जैरिक डाएनहावर द्वारा पहले ही प्रस्तुत किए गए एक सवाल पर मुड़ेंगे।  प्यू रिसर्च सेंटर की ओर से विज्ञान दर्शाता है कि अमेरिकियों का एक काफी बड़ा हिस्सा अंतरिक्ष अन्वेषण के महत्व को समझता है।  नासा के पास विभिन्न अभियानों का व्यापक पोर्टफोलियो है, लेकिन जब उनमें से नौ की रेटिंग करने वाले अधिकांश अमेरिकी कहते हैं कि वे ज्यादातर पृथ्वी के पास के अभियानों में दिलचस्पी रखते हैं और कहते हैं कि जलवायु प्रणाली की निगरानी और संभावित टकराव के लिए क्षुद्र ग्रहों और अन्य पृथ्वी के पास के पिंडों की निगरानी करना शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए।

क्या संयुक्त राज्य अमेरिका में गहन अंतरिक्ष और परग्रहियों (एलियंस) में दिलचस्पी घट रही है?  कृपया क्या आप टिप्पणी करेंगे?

डॉ. ग्रीन:  जैसा कि मैने बहुत संक्षेप में छुआ है, और यह एक बहुत महत्वपूर्ण अध्ययन था, प्यू रिसर्च ने अपने अध्ययन के निष्कर्ष प्राप्त करने का एक बहुत अच्छा काम किया है।  हम जो खोज रहे हैं वह ग्रहों का अध्ययन है और उन पर बसने की संभावना पृथ्वी के लिए महत्वपूर्ण है।  यह हमारी जलवायु के विकास की तरह ही पृथ्वी के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।

जैसा कि मैने उल्लेख किया, शुक्र, सिर्फ लगभग 700 मिलियन साल पहले, बेलगाम ग्रीन हाउस प्रभाव से शुरू हुआ और अब यह पूरी तरह जीवन रहित है।  तो हम समझना चाहते हैं कि इसकी शुरुआत कैसे हुई।  शुक्र पर कौन से तत्व थे जिन्होंने उसे होने दिया?

मंगल पर जो हो रहा है वह भी प्रासंगिक है।  वर्तमान में मंगल पर कोई चुंबकीय क्षेत्र नहीं है, और सौर हवाएं उसके वायुमंडल को अलग कर दूर ले जाती रही हैं।  वास्तव में मंगल पर अधिकांश वाष्पीकृत महासागर वातावरण से बाहर सौर हवाओं में जाकर खत्म होते हैं क्योंकि वाष्पीकृत गैसें उड़ जाती हैं, कभी वापस न आने के लिए।  हम मानते हैं कि प्राथमिक रूप से ऐसा इसलिए है क्योंकि मंगल ने अपना चुंबकीय क्षेत्र गंवा दिया है और अपनी सुरक्षा गंवा दी है।

जैसा कि हम पृथ्वी का अध्ययन करते हैं और हम जानते हैं कि जलवायु परिवर्तन हो रहा है, ग्रहीय वैज्ञानिकों मैं आपको बता सकता हूँ कि पृथ्वी पर जलवायु ने परिवर्तन के अलावा कुछ नहीं किया है और हम समझते हैं कि यह परिवर्तन के बारे में नहीं है, यह परिवर्तन की दर के बारे में है और यह कि वे कौन से सहयोगी कारक हैं जो उसे बढ़ा रहे हैं।

जब हम पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को देखते हैं तो हम तेज़ी से पलटने (फ्लिपिंग) की प्रक्रिया शुरू करने वाले क्षेत्र (फील्ड) की प्रवृत्तियों को देखते हैं।  हम जानते हैं कि पृथ्वी का क्षेत्र पहले कई बार उलटा-पलटा है।  हम सटीक रूप से नहीं जानते कि वास्तव में वह कैसे या क्यों होता है।  हम जानते हैं कि क्षेत्र का तेज़ी से पलटना, जब वह होता है, पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र आभासी रूप से शून्य हो जाता है जैसा कि जो हम मानते हैं पृथ्वी के केंद्र की गहराई के भीतर धाराएं ध्रुवों के ऊपर घूम रही हैं और उलटी दिशा में घूमना शुरू करके नए क्षेत्र बनाती हैं।

तो एक ऐसा समय होगा जब पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र विलुप्त हो जाएगा और वह मंगल की तरह दिखेगा, और इसलिए हमें सौर हवाओं द्वारा अलग कर उड़ा लिए जाने के प्रति भी अति संवेदनशील होगा।

तो मंगल पर हम जो सीख रहे हैं वह पृथ्वी के लिए महत्वपूर्ण है और जो हम शुक्र पर सीख रहे हैं वह भी पृथ्वी के लिए महत्वपूर्ण है।  ये हमें नए और महत्वपूर्ण दृष्टिकोण दे रहे हैं जिन्हें हमें ज़रूर जारी रखना चाहिए।  मैं समझता हूँ कि वह पृथ्वी और उसके परिवर्तनों के अध्ययन में सक्षम होने की जनता की आकांक्षा के साथ वास्तव में अच्छे से मेल खाता है।

समन्वयक:  आपका धन्यवाद।

अपने अगले सवाल के लिए हम पीटर मोरवे की तरफ मुड़ेंगे जो कि हंगरी में हेटेक पत्रिका की तरफ से कॉल कर रहे हैं।

प्रश्न:  गुड मॉर्निंग, डॉ. ग्रीन  मेरा सवाल हमारे सौरमंडल के एक और रोमांचक पहलू से संबंधित है।  गोल्डमैन सैक्श की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, निजी कंपनियां क्षुद्रग्रहों पर सोने की नई होड़ में प्रवेश करने की उम्मीद कर रही हैं।  इस बारे में नासा क्या सोचता है?  क्या आपकी इस होड़ में शामिल होने की योजना है?  क्या यह आर्थिक रूप से उचित और कानूनी रूप से संभव है?  आपका धन्यवाद।

डॉ. ग्रीन:  मुझे देखने दीजिए कि क्या मैं आपके सवाल को अलग ढंग से कह सकता हूँ।  संयुक्त राज्य अमेरिका में कई तरह की कंपनियां हैं जो कि व्यावसायिक रूप से अंतरिक्ष में जा रही हैं, और नासा उनसे कैसे बातचीत करता है?

प्रश्न:  हां, बिल्कुल सटीक।

डॉ. ग्रीन:  बिल्कुल ठीक।  हम संयुक्त राज्य अमेरिका में कंपनियों द्वारा चुनौतियों का सामना करने को लेकर काफी खुश हैं लेकिन इसके साथ ही इस ग्रह से बाहर जाने और क्षमताएं विकसित करने से भी जिनका कई अलग-अलग तरीके से फायदा उठाया जा सकता है, नासा निश्चित रूप से, उन सेवाओं को खरीद सकता है और इसलिए खुद के संसाधनों का रखरखाव करने के बजाय, जो हमारे पास अतिरिक्त पैसा है वह निश्चित रूप से अन्य क्षेत्रों के अन्वेषण पर खर्च करेगा।  चांद पर और फिर मंगल पर जाने के लिए।

तो यह वास्तव में रोमांचक समय है जहां व्यावसायिक इकाइयां अब आ रही हैं और हम उनके साथ मैं समझता हूँ बहुत अच्छे से काम कर रहे हैं।  हमारे पास, मैं आपको सिर्फ एक उदाहरण दूंगा, SpaceX है।  SpaceX की सौरमंडल का अन्वेषण करना जारी रखने, अंतरिक्ष स्टेशनों पर सामान और आखिरकार मनुष्यों को पहुंचाने में सहयोग करने, और मंगल पर जाने में भी काफी दिलचस्पी है।  और हम उनके साथ चर्चा कर रहे हैं, और हमारे पास स्पेस एक्ट समझौते हैं जो कि सही संपर्क हैं जिन्हें हमें बनाने की आवश्यकता है।

तो एक बार फिर, यह वास्तव में रोमांचक समय है और नासा की इन कंपनियों का पूरा फायदा उठाने की योजना है।

समन्वयक:  आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

हमारे अगले सवाल के लिए हम वॉयस ऑफ अमेरिका रूस से संज़रहमीदोव द्वारा एक पहले से प्रस्तुत सवाल की ओर मुड़ेंगे।  DoD और पेंटागन एक अंतरिक्ष बल स्थापित कर रहे हैं, अंतरिक्ष में प्रभुत्व रखने के लिए सशस्त्र बलों की एक 6 वीं शाखा के रूप में एक अंतरिक्ष बल, इस बारे में सोमवार की राष्ट्रपति ट्रम्प की घोषणा को लेकर आपका आकलन क्या है।

डॉ. ग्रीन:  एक नागरिक अंतरिक्ष एजेंसी के रूप में नासा ने हमेशा हमारे रक्षा विभाग से संवाद किया है, और यह संवाद जारी रहेगा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि रक्षा विभाग खुद को कैसे व्यवस्थित करता है।

तो इस दृष्टिकोण से मैं समझता हूँ कि, नासा उस स्थान पर काम करना जारी रखेगा और वे जानकारियां और सेवाएं प्रदान करता रहेगा जिनकी रक्षा विभाग को आवश्यकता होगी।

समन्वयक:  आपका धन्यवाद।

हमारा अगला सवाल हमारे पास आया है गिदो लाफ़्रैंची की ओर से जो डिप्लोमैट पत्रिका से कॉल कर रहे हैं।

प्रश्न:  डॉ. ग्रीन,आपके अपडेट्स के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

मेरा सवाल नासा के बजट पर होगा।  तो बजट उपायों में संघीय बजट, समग्र अमेरिकी बजट का एक हिस्सा है।  यह पिछले कुछ सालों में ऐतिहासिक निचले स्तर पर है, संघीय बजट का सिर्फ 0.5 ले रहा रहा है, अतीत के बहुत ऊंचे आंकड़ों से नीचे है।

तो आप कैसे योजना बनाते हैं, यदि आप ऐसे चलन को उलटने और राजनेताओं और सामान्य रूप में अमेरिकियों को अंतरिक्ष विज्ञान में और अधिक निवेश करने के लिए राजी करने का प्रयास करने की योजना बनाते हैं?  आपका धन्यवाद।

डॉ. ग्रीन:  मैं समझता हूँ कि आप इंगित कर रहे हैं कि किस तरह नासा का बजट बदल गया है इस बात को देखते हुए कि नासा ने किस तरह निवेश किया है, या देश ने नासा में 60 के दशक में किस तरह निवेश किया था, चांद पर जाने के लिए बड़े धक्के के रूप में।

बेशक आपको समझना होगा कि 60 के दशक में एक शुरुआती एजेंसी के रूप में नासा के पास कोई क्षमता नहीं थी, कोई सुविधा नहीं थी और वास्तव में वह रॉकेट संबंधी आवश्यकताओं को विकसित करने की महज़ शुरुआत थी।  तो संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा उन तकनीकों को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त निवेश किए गए।

तब से जो हो रहा है उससे निश्चित ही, अब हमारे पास एक बुनियादी ढांचा है, नासा इसका उपयोग कर रहा है।  नतीजतन सकल राष्ट्रीय उत्पाद में इसके हिस्से के संदर्भ में इसका बजट 60 के दशक से नीचे चला गया है। लेकिन असल में, प्रशासन नासा की गतिविधियों का पूरा समर्थक है और यह कांग्रेस को लगभग $20मिलियन का बजट प्रस्तावित कर रहा है – नासा की दस साल से अधिक के क्रियाकलापों का उच्चतम बजट।  पिछले कई सालों में कांग्रेस ने न सिर्फ इसे लिया है बल्कि अतिरिक्त फंडिंग भी जोड़ी है।

तो नासा के दृष्टिकोण से मैं समझता हूँ, हम वास्तव में बहुत बढ़िया कर रहे हैं।  हम बहुत बड़े पैमाने पर खोजें कर रहे हैं।  हम उस शुरुआती निवेश का लाभ उठा रहे हैं जो कि देश ने अंतरिक्ष कार्यक्रम में किया है।  और मैं मानता हूँ कि हमारा भविष्य उज्जवल है।

समन्वयक:  आपका धन्यवाद।

हमारे अगले सवाल के लिए हम मार्लो हुड की ओर मुड़ेंगे जो AFP से कॉल कर रही हैं।

प्रश्न:  नमस्कार। डॉ. ग्रीन।  खुद को इन सवालों के लिए उपलब्ध कराने की खातिर आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

आपने बेलगाम जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में उल्लेख किया है, आपने कहा कि हम अब महसूस करते हैं कि जो शुक्र और मंगल पर हुआ वह पृथ्वी पर हो सकता है, जिसने मुझे पूछने के लिए प्रेरित किया है, नासा हमेशा मानवजनित जलवायु परिवर्तन पर अंतरिक्ष-आधारित शोध में सबसे आगे रहा है, और मुझे लगता है कि यदि आप हमें बता सकें कि क्या उसी तरह की प्राथमिकता आज भी बची है जैसी कि उसकी अतीत में थी।

और बहुत संकीर्ण सा सवाल उस बारे में जो आपने क्यूरियोसिटी द्वारा खोजे गए जटिल कार्बन अणुओं पर उल्लेख किया था।  क्या यह संभव है कि उन कार्बन अणुओं में किसी प्रकार के चिह्न हो सकते हैं जो कि आपको निश्चित रूप से यह कहने में सक्षम बनाएं कि उनकी उत्पत्ति या तो जीवन-आधारित थी या प्राकृतिक रूप से हुई थी?

डॉ. ग्रीन:  मुझे अपने पहले सवाल के हिस्से करके जवाब देने दीजिए।  वास्तव में, नासा का अर्थ साइंस प्रोग्राम अद्भुत रूप से सेहतमंद है और हम पृथ्वी, पृथ्वी के जलवायु और इसके महासागरों और इसके जलीय चक्र और पृथ्वी के कई अन्य पहलुओं की निगरानी और असाधारण रूप से ऐसे महत्वपूर्ण अवलोकन करना जारी रखेंगे जो कि अध्ययन के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं और वह जानकारी हमारे नीति-निर्माताओं को प्रदान करेंगे उस संदर्भ में कि वे उस जानकारी के साथ आगे क्या करते हैं।

आपके सवाल का दूसरा भाग, जटिल कार्बनिक अणु जो कि क्यूरियोसिटी द्वारा खोजे गए हैं वास्तव में नासा द्वारा उठाए जा रहे अगले बड़े कदम को समर्थन देने में मदद  करते हैं, और उसका मतलब हमारे लिए यह निर्धारित करने में सक्षम होना है कि यदि जीवन ने वास्तव में उन्हें निर्मित किया है तो हमें उन्हें वापस यहां पृथ्वी पर प्रयोगशाला में लाने की आवश्यकता है।

तो नासा वर्तमान में एक अभियान तैयार कर रहा है जिसे हम Mars 2020 कहते हैं।  यह एक रोवर है जो चट्टानों के बीच में खुदाई करेगा और उन नमूनों की एक श्रृंखला बनाएगा जिन्हें कि अगले दशक तक हम पृथ्वी पर वापस लाने और यहां पर अध्ययन करने की योजना बना रहे हैं।  जो प्रयोगशालाएं हमने विकसित की हैं और जो क्षमताएं हमारे पास आज हैं, वे जो कुछ भी हम रोवर पर डाल सकते हैं उससे कहीं अधिक हैं, नमूनों को वापस लाना यह निर्धारित करने का अगला सर्वोत्तम तरीका है कि क्या मंगल पर उसके अतीत में जीवन था और शायद उसमें आज जीवन है।

समन्वयक:  आपका धन्यवाद।  हम फिर से इटली में गैलीलियो जर्नाले डिसेंज़ा से सिमोन वैलेसिनी की ओर से पहले से प्रस्तुत सवाल पर मुड़ेंगे।  वे पूछते हैं: यूरोपा और मंगल जैसे सर्वाधिक आशाजनक लक्ष्यों के अलावा, क्या हमारे सौर मंडल में कोई अन्य ग्रह या ग्रहिकाएं हैं जिनमें परग्रही जीवन स्वरूपों के छिपे होने की आशा है?  क्या आपके पास इन स्थानों के अन्वेषण के लिए योजनाएं हैं?

डॉ. ग्रीन:  बहुत बढ़िया सवाल।  ऐसे कई स्थान हैं जहां हम नहीं गए हैं जो कि अविश्वसनीय रूप से आशाजनक हैं।  आपको मालूम है, विशालकाय यूरेनस और नेप्च्यून, लंबे समय से हमारे पास उन इलाकों में ऑर्बिटर्स नहीं थे जो कि हमें उनके अध्ययन में समर्थ बना सकें, लेकिन हम सोचते हैं कि संभवत: वहां पर महासागरीय संसार हैं।

उदाहरण के लिए ट्राइटन, नेप्च्यून का एक विशाल चंद्रमा, जो कि असल में प्लूटो से भी बड़ा है, हम मानते हैं कि वह कई मायनों में प्लूटो की तरह कब्जाया हुआ कुइपर घेरे का पिंड है, और उसमें एक बर्फीले भूपटल वाला महासागर हो सकता है।  और हम समझते हैं कि अब, प्लूटो के साथ भी यही है।

तो वास्तव में, जितना ज्यादा हम अपने सौर मंडल के बाहरी भाग को देखते हैं, उतना ज्यादा हम समझते हैं कि तरल स्वरूप में पानी इन कई उपग्रहों का अभिन्न हिस्सा हो सकता है और इसलिए इनमें वास्तव में जीवन के पनपने की संभावना है।

समन्वयक:  आपका धन्यवाद।

हमारे अगले सवाल के लिए हम हंगरी में 444 के अंद्रासतोथ की ओर मुड़ेंगे।

प्रश्न:  आपका धन्यवाद।

डॉ. ग्रीन, किस तरह नासा का आगामी अभियान यूरोपा क्लिपर बृहस्पति के चंद्रमा  यूरोपा को लेकर हमारी समझ को बेहतर बनाएगा और किस तरह निर्धारित करेगा कि वह बसने के लायक है?  आपका धन्यवाद।

डॉ. ग्रीन:  आज क्लिपर बनाया जा रहा है।  इसमें ऐसे उपकरणों की एक श्रृंखला है जो अविश्वसनीय रूप से परिष्कृत और कैसिनी की तुलना में अधिक शक्तिशाली हैं।  हमारी योजना सचमुच इसके बर्फ भेदने वाले रडार का उपयोग बर्फीली परत को देखने में करने की है जिसमें कई फ्लाय-बाय हैं जिन्हें हम बृहस्पति की परिक्रमा करने वाले अंतरिक्ष यान के रूप में बनाएंगे और फिर उसके चंद्रमा, यूरोपा से मिलाएंगे।

अब बर्फ की परत, हम मानते हैं, कई स्थानों पर काफी पतली होगी।  इतनी ज्यादा पतली कि शायद इसमें दरारें होंगी जहां से गीज़र्स भी निकल रहे हों।  यह पता चला है, हबल द्वारा हाल के अवलोकनों ने संकेत दिया है कि यूरोपा, जो एक विशाल चंद्रमा लगभग हमारे अपने चंद्रमा के आकार के बराबर है, में निश्चित रूप से गीज़र हैं जिनमें से पानी बाहर निकल रहा है, सतह पर कीचड़ कर रहा है और चंद्रमा की सतह फिर से तैयार कर रहा है।

इसके अतिरिक्त, जैसे ही दरारें खुलती हैं वह बर्फ की एक चादर के नीचे दूसरी बर्फ की चादर को भी धकेलता है।  यह यहां पृथ्वी पर प्लेट टेक्टॉनिक्स के समान है जो जीवन के बढ़ने में सक्षम होने और भोजन और अन्य तत्व उपलब्ध कराने के लिए अति आवश्यक सामग्रियों को प्रसार करने देता है।

तो हमारी योजना है पंखों के आकार वाले बादलों को ढूंढना, इनके बीच से उड़ना, लैंडर्स डालने की जगहें तलाशना, और अंतत: एक दरार में गिरना और यूरोपा के महासागर में जाना।

समन्वयक:  आपका धन्यवाद।

हम अब रसिया सिवोदन्या मीडिया ग्रुप से इंसाफ बासिरोव की ओर मुड़ेंगे।

प्रश्न:  गुड मॉर्निंग, श्रीमान ग्रीन।  मेरे दो सवाल हैं लेकिन मैं निश्चित नहीं हूँ कि आप उन्हें पूछने के लिए सही व्यक्ति हैं या नहीं।  लेकिन फिर भी, तो एक परियोजना है, लूनर ऑर्बिटल प्लेटफॉर्म गेटवे, जिसका रूस और अमेरिका के लिए भविष्य का सहयोग क्षेत्र बनना तय है।  तो सवाल यह है कि, फिलहाल यह परियोजना किस चरण में है, और क्या आप रूसी वैज्ञानिकों को इस परियोजना में काम करने के लिए आमंत्रित करेंगे?  और किस क्षेत्र में?  तो उनका काम क्या होगा?

और एक दूसरा सवाल है कि, क्या नासा के पास इस परियोजना के पूरा होने के बाद अंतरिक्ष शटल ओरियन पर पहले टेस्ट पायलटों के लिए रूसी अंतरिक्ष यात्रियों को आमंत्रित करने की योजना है?

डॉ. ग्रीन:  आपके सवालों के लिए धन्यवाद।  दरअसल, गेटवे नासा के मानव अन्वेषण कार्यक्रम के महत्वपूर्ण तत्वों में से एक है जो हमें अंतरिक्ष में रहने और पृथ्वी की निचली कक्षा से बंधनमुक्त होकर अंतरिक्ष में काम करने में सक्षम बनाएगा।

अब उस विशिष्ट क्षमता में कई उन्नत इंजन हैं जो कि ऐसी कई गतिविधियां करने में सक्षम बनाएंगे जो कि हम चंद्रमा की सतह पर करेंगे जो गेटवे से अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा दूर से संचालित की जाएंगी।  यह हमें उसका अभ्यास करने में समर्थ बनाएगा जो हम मंगल पर करेंगे।

वर्तमान में गेटवे को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई तरह से चर्चा की जा रही है।  कई देश गेटवे के विभिन्न हिस्सों और पहलुओं में शामिल होने के लिए अपनी रुचि जता रहे हैं।  अभी तक कोई घोषणा नहीं की गई है कि कौन सी एजेंसी क्या करेगी, लेकिन मैं समझता हूँ कि अगले साल तक आप जल्दी ही देखेंगे कि आपके द्वारा पूछे गए कई सवालों के निश्चित रूप से जवाब मिल जाएंगे।

समन्वयक:  हम अब ग्रीस में आर्मीवॉयस से जोआनाइयादी द्वारा पहले से प्रस्तुत एक सवाल की ओर मुड़ेंगे।

प्रश्न:  उपग्रहों के ज़रिए बाहरी अंतरिक्ष की जानकारी के ट्रांसपोंडर्स पर यूरोपियन स्पेस एजेंसी के साथ सहयोग का वर्तमान ढांचा क्या है?

डॉ. ग्रीन:  मुझे उल्लेख करने दीजिए कि ESA और नासा के बीच रेडियो प्रसारणों के क्षेत्र में एक बहुत लंबा सहयोग रहा है।  एक उदाहरण के रूप में, वह सहयोग ESA डिशों के नासा उपग्रहों को ट्रैक करने के लिए उपयोग करने देता है और यहां पृथ्वी पर नासा डिशों के ESA उपग्रहों की ट्रैकिंग के लिए भी।  तो यह कुछ के बदले में कुछ की व्यवस्था कई दशकों से चली आ रही है।  यह क्षमताओं और सुविधाओं को साझा करने का एक शानदार तरीका है।  और हम वास्तव में इस तरह से हमारे साथ काम करने की ESA की क्षमता की सराहना करते हैं।

अंतिम बात यह है कि इस तरह के सहयोग वास्तव में हमारे दोनों अंतरिक्ष कार्यक्रमों को बढ़ावा देते हैं।  वास्तव में, ये क्षमताएं, अब हमने उन्हें समानता में विकसित किया है, ताकि अंतरिक्ष यान संबंधी आपात स्थितियों के दौरान एक एजेंसी को दूसरी एजेंसी की मदद कर सके।

मैं समझता हूँ इस तरह का अंतर्राष्ट्रीय सहयोग निश्चित रूप से जारी रहने वाला है और इसमें सहयोग के कई उदाहरण रहे हैं जो कि हम वास्तव में इस दृष्टिकोण की (के साथ) सराहना करते हैं।  तो मुझे लगता है कि यह जारी रहने वाला है।

समन्वयक:  आपका धन्यवाद।  दुर्भाग्य से, यह आखिरी सवाल था जिसके लिए हमारे पास समय है।

डॉ. ग्रीन, क्या आपके कोई समापन से जुड़े शब्द हैं जिन्हें आप प्रस्तुत करना चाहेंगे?

डॉ. ग्रीन:  मैं सचमुच आपको हमारे द्वारा खोजी गई कुछ नई और रोमांचक चीज़ों को बताने के लिए मिले इस अवसर की सराहना करता हूँ।  ये चीज़ें अभी तक कई सालों तक पाठ्यपुस्तकों में नहीं दिखाई देने जा रही हैं, और फिर भी हम इतने बड़े पैमाने पर और तेज़ी से प्रगति कर रहे हैं, यह वास्तव में मेरे लिए एक अद्भुत अवसर है कि मैं उन कुछ कामों की जानकारी सामने लाऊं जो हम क्या कर रहे हैं और आपको मुझसे और अधिक विस्तार में सवाल पूछने की अनुमति दूं।

तो आपके समय के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।

समन्वयक:  और मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूँ, डॉ. ग्रीन, हमसे जुड़ने के लिए।  मुझे लगता है कि काश हम आपको पूरे दिन यहां सवालों के साथ रख सकते।  मैं हमारे सभी पत्रकारों को भाग लेने और आपके सवालों के लिए भी धन्यवाद देना चाहूँगा।


मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/r/pa/ime/useuropeanmediahub/283351.htm
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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