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एक आघात-सूचित दृष्टिकोण लागू करना

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मानव तस्करी के शिकार लोगों ने अक्सर आघात की ऐसी तीव्रता झेली है जो कि स्थायी मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रभाव डालने के लिए काफी महत्वपूर्ण है।  तस्करी के शिकार लोगों की उपयुक्त मदद के लिए, एक आघात-सूचित दृष्टिकोण सभी तस्करी-रोधी प्रयासों में शामिल किया जाना चाहिए, आपराधिक न्याय प्रक्रिया के दौरान और पीड़ित को सेवाएं उपलब्ध कराते समय सहित।  रोकथाम रणनीतियाँ लागू करते समय और जन जागरूकता गतिविधियों और मीडिया रिपोर्टिंग के संदर्भ में तस्करी के शिकार लोगों के साथ संलग्न होते समय एक आघात-सूचित लेंस का उपयोग करना भी महत्वपूर्ण है।

आघात किसी भयावह घटना के प्रति एक भावनात्मक प्रतिक्रिया है।[1]  अधिकांश लोगों ने अपने जीवन में किसी न किसी तीव्रता के आघात का अनुभव किया है, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति आघात से जुड़ी घटना के लिए अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया करता है।  किसी आघात वाली घटना का अनुभव करने के बाद तनाव प्रतिक्रियाओं की एक श्रृंखला प्रदर्शित की जा सकती है; कई लोग बगैर स्थायी परिणामों के उबर जाते हैं जबकि अन्य दीर्घकालीन प्रभावों का अनुभव करते हैं, जिसमें अवसाद, आघात-पश्चात तनाव विकार, और आत्मघाती विचार शामिल हैं।

तस्करी के शिकार लोग अक्सरजटिल आघात का अनुभव करते हैं, जो कि व्यापक और दीर्घकालिक प्रभावों के साथ अक्सर आक्रामक, आंतरिक प्रकृति वाली विभिन्न आघाती घटनाओं के प्रति एक्सपोजर होता है।[2]  तस्करी के शिकार लोगों ने अक्सर कई तरह के उत्पीड़न का भी अनुभव किया है, जहां पर वे विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न या सामुदायिक हिंसा को झेलते हैं – जिसमें विभिन्न लोगों द्वारा भावनात्मक, शारीरिक, या यौन दुर्व्यवहार शामिल हैं।[3]  शोध बताते हैं कि जटिल आघात कैसे उसे बदल देता है कि कोई किस तरह सोचता है, कोई किस बारे में सोचता है, और दिमाग की संग्रहण करने और स्मृतियां बनाने की क्षमता, स्वस्थ लगाव का अनुभव, और विश्वास विकसित करना।

आघात तर्कसंगत विचार प्रक्रिया को भंग करता है और तनाव को संभालने, समझने कि कब अतीत में कोई खतरा हुआ था, और भावनाओं के नियंत्रण  की क्षमता को बाधित करता है।  पीड़ित अक्सर पुनर्आघातीकरण का अनुभव करते हैं जब वे “ट्रिगर” होते हैं या उनके पास उनके आरंभिक आघात के अनुभव को दोहराने वाली बीती यादें या घुसपैठ करने वाले विचार होते हैं।  तस्करी का शिकार व्यक्ति जो कि असहयोगी, आक्रामक, या कठिन प्रतीत होता है, वह आघात से संबंधित ऐसे ज़बर्दस्त लक्षणों का अनुभव कर रहा हो सकता है।  इससे पहले कि व्यक्ति से किन्हीं भी तंत्रों या सेवाओं के साथ रचनात्मक रूप से संलग्न होने की अपेक्षा की जा सके, स्थिरता और सुरक्षा का एक भाव प्राप्त किया जाना आवश्यक है।  यह भी जानना महत्वपूर्ण है कि ड्रग या अल्कोहल के दुर्व्यवहार जैसे खतरनाक व्यवहारों सहित दुर्भावनापूर्ण व्यवहार, किसी व्यक्ति के जीवन तंत्र का एक हिस्सा हो सकते हैं।

वे सभी जो तस्करी-रोधी कार्य में संलग्न हैं उन्हें मानव तस्करी पीड़ितों की अधिक प्रभावी सहायता करने के लिए आघात के व्यापक प्रभाव को ज़रूर समझना चाहिए और अपने कार्य में एक आघात-सूचित दृष्टिकोण शामिल करना चाहिए।  कानून प्रवर्तक अधिकारी, अभियोजक, सेवा प्रदाता, और अन्य सहयोगी पेशेवर तस्करी के शिकार लोगों के साथ उनके काम के दौरान संभवत: आघात से संबंधित प्रतिक्रियाओं की एक व्यापक श्रृंखला का सामना करेंगे।  तस्करी के शिकार व्यक्ति की गतिविधियों के पीछे के कारणों को समझना, घनिष्ठता और विश्वास निर्मित करने में अत्यधिक योगदान देगा, चाहे परीक्षण के लिए एक पीड़ित-गवाह तैयार करना हो या उचित सेवाएं उपलब्ध कराना हो।[4]

एक आघात-सूचित दृष्टिकोण के बगैर, आपराधिक न्याय पेशेवर और सेवा प्रदाता महत्वपूर्ण संकेत खो सकते हैं और अनजाने में व्यक्ति को पुनर्आघात में डाल सकते हैं।  व्यक्तिगत सुरक्षा और आत्म-संरक्षण तस्करी पीड़ित के प्राथमिक फोकस हैं; जो कि बचाव के मूल तत्वों से संदर्भित हैं, क्योंकि पीड़ित उदासीन या जुड़ने में अनिच्छुक लग सकता है।  तस्करी के शिकार हुए कई लोग खुद को पीड़ित के रूप में नहीं पहचान सकते हैं, और हो सकता है कि आरंभिक बयान ऐसा दें जो आरोपी को बचाने वाला लगे, या फिर कानून प्रवर्तन या सेवा प्रदाताओं से भागें या बचें जो कि उनकी सहायता करने का प्रयास कर रहे हैं।  इस तरह की वास्तविकताओं को, आम मामलों की अपेक्षा समय, धैर्य, और घनिष्ठता-निर्माण में अधिक वक्त देने की आवश्यकता होती है।[5]

आघात-सूचित होना एक क्षमता-आधारित पहल है जो कि किसी व्यक्ति के जीवन में आघात के प्रभाव के प्रति उत्तरदायी होती है।  इसमें आघात के लक्षणों को पहचानने और मानव तस्करी के पीड़ित के साथ सभी वार्तालापों को इस तरह तैयार करने की आवश्यकता है जो कि पुनर्आघातीकरण की संभावना को न्यूनतम कर दे।  विशिष्ट रूप से, यह दृष्टिकोण तस्करी के शिकार लोगों के विशिष्ट अनुभव और आवश्यकताओं के समाधान के लिए शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, और भावनात्मक सुरक्षा और कल्याण निर्मित करने पर ज़ोर देता है।  इसमें एक सुरक्षित भौतिक स्थान बनाना जिसमें तस्करी के शिकार लोगों के साथ वार्तालाप के साथ तस्करी के शिकार लोगों के लिए नियंत्रण की भावना को पुनर्निर्मित करने के लिए सेवाओं और नीतियों के सभी स्तरों का मूल्यांकन और यथासंभव अधिक अवसर तैयार करना शामिल है।[6]  सर्वाधिक महत्वपूर्ण रूप से, यह तस्करी के शिकार लोगों के सशक्तीकरण और आत्म-निर्भरता को बढ़ावा देता है।  मानव तस्करी के पीड़ित लोगों को जहां भी संभव हो सके यह निर्धारण करने की क्षमता के साथ विकल्प से सशक्त करना चाहिए कि आपराधिक न्याय प्रक्रिया में भाग लें अथवा नहीं।  उन्हें उन सेवाओं तक भी पहुंच होनी चाहिए जो स्वायत्ता को बढ़ावा देती हैं और व्यापक, पीड़ित केंद्रित, और सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त हों।

इसके अतिरिक्त, तस्करी के शिकार साझा करते हैं कि आघात-सूचित होने का एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण कदम है तस्करी शिकार-सूचित होना।  किसी तस्करी का शिकार-सूचित अभ्यास में विकास, कार्यान्वयन, और मूल्यांकन सहित एक कार्यक्रम या परियोजना के सभी चरणों में तस्करी के शिकार लोगों के एक विविध समुदाय से सार्थक इनपुट शामिल है।[7]  जब भी संभव हो, कानून प्रवर्तन प्राधिकारियों, अभियोजकों, सेवा प्रदाताओं, और अन्य सहयोगी पेशेवरों को संगठनात्मक नीतियों और कार्यक्रमों पर तस्करी के शिकार लोगों से फीडबैक मांगना चाहिए।  तस्करी के शिकार लोगों को भी सेवा डिलीवरी की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने के लिए मूल्यांकन गतिविधियों, फोकस समूहों, और अन्य प्रयासों में शामिल होना चाहिए।  इसके अलावा, जब इनपुट या परामर्श प्रदान करने की मांग की जाती है, तो तस्करी के शिकार लोगों को उनकी विशेषज्ञता और समय के लिए भुगतान किया जाना चाहिए।

अभियोजन, रोकथाम, और सुरक्षा प्रयासों में एक आघात-सूचित दृष्टिकोण लागू करने के लिए न्याय संसाधन संस्थान में आघात केंद्र द्वारा विकसित की गई एक चेकलिस्ट नीचे दी गई है।

एक आघात-सूचित दृष्टिकोण के लिए चेकलिस्ट

मानव तस्करी के शिकार लोगों के साथ वार्तालाप के लिए*

  • ध्यान रखें कि यदि व्यक्ति चुप हो जाता है या उदासीन हो जाता है; तो यह संकेत हो सकता है कि व्यक्ति पूरी तरह हारा हुआ है।
  • ऐसी सामग्री उपलब्ध रखें जो बैठक, वार्तालाप, या साक्ष्य के दौरान प्रभाव और आवेगों के नियंत्रण को सहयोग कर सके।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए जांचें कि तस्करी का शिकार व्यक्ति आपके बयानों और सवालों को सुन और समझ रहा है और लगातार विराम उपलब्ध कराएं।
  • ध्यान रखें कि याददाश्त में परिवर्तन आवश्यक नहीं है कि झूठ या कहानियां सुनाने का संकेत हो, लेकिन एक आघात प्रतिक्रिया का संकेत हो सकता है।
  • साक्षात्कार और अन्य महत्वपूर्ण वार्तालापों को उस समय करने की कोशिश करें जब तस्करी का शिकार व्यक्ति सर्वाधिक स्थिर और सुरक्षित हो।
  • कार्य विभाजन सही तरीके से करने में मदद करें; अनुमान करें कि छोटे से कार्य भी बहुत भारी लग सकते हैं। कार्य पूरा करने के साथ मदद तक पहुंचने में तस्करी के शिकार व्यक्ति की मदद करें।
  • आपराधिकता का निर्धारण करने में व्यक्ति की भावनात्मक प्रतिक्रियाओं या घटनाओं की धारणाओं में फंसने की बजाय, अनुभवों के तथ्यों पर फोकस करें।
  • अपराधी के साथ व्यक्ति की अक्सर भ्रमित करने वाली प्रकृति से अवगत रहें; अनुमान न लगाने को लेकर सचेत रहें।
  • कड़ी प्रतिक्रियाओं को व्यक्तिगत रूप से न लें; अपने खुद की भावनात्मक प्रतिक्रियाओं का प्रबंधन करने में बहुत सतर्क रहें।
  • जब भी संभव हो नियंत्रण और सशक्तिकरण के लिए अवसर उपलब्ध कराएं।
  • शारीरिक के साथ साथ भावनात्मक सहयोग के महत्व से अवगत हों।

* जस्टिस रिसोर्स इंस्टीट्यूट से अंगीकृत, तस्करी-संबंधी कार्य के लिए आघात-सूचित दृष्टिकोण का उपयोग करना। http://www.traumacenter.org/clients/projectreach/H-O%20Trauma-Informed%20Case%20Study_final.pdf

[1] http://www.apa.org/topics/trauma/

[3] Turner, H, Finkelhor, D, and Ormrod, R. (2010). बच्चों और युवाओं के एक राष्ट्रीय नमूने में बहुउत्पीड़न। अमेरिकन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन, V 38, issue 3, 323-330।

[4] डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस।  मानव तस्करी टास्क फोर्स ई-गाइड, सहयोगी प्रतिक्रियाओं को सुदृढ़ बनाना। 5.4, एक सफल अभियोजन करना। https://www.ovcttac.gov/taskforceguide/eguide/5-building-strong-cases/54-landing-a-successful-prosecution/the-victim-as-a-witness/

[5] डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज।  मानव तस्करी टास्क फोर्स ई-गाइड, सहयोगी प्रतिक्रियाओं को सुदृढ़ बनाना। 5.4, एक सफल अभियोजन करना।

[7] https://www.acf.hhs.gov/otip/resource/htlasipractice


मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/j/tip/rls/fs/2018/283551.htm
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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