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धार्मिक स्वतंत्रता को आगे बढ़ाने के लिए मंत्रिस्तरीय वार्ता

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चीन पर वक्तव्य

 
 

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के प्रतिनिधि के तौर पर चीन में धार्मिक आजादी पर खासे प्रतिबंधों को लेकर हमें गहरी चिंता है और हम चीन सरकार से हर व्यक्ति के मानवाधिकार का सम्मान करने की अपील करते हैं। उइगुर, हुई, और कजाख मुस्लिम; तिब्बती बौद्ध; कैथलिक; प्रोटेस्टेंट; और फालुन गोंग समेत चीन में धार्मिक अल्पसंख्यक समूहों के कई सदस्य अपनी धार्मिक आस्था के कारण भारी दमन और भेदभाव का सामना करते हैं। ये समुदाय लगातार ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट करते हैं जिनमें अधिकारी कथित रूप से परेशान करते हैं, शारीरिक तौर पर उत्पीड़ित करते हैं, मनमाने ढंग से गिरफ्तार करते हैं, बंदी बना लेते हैं, जेल की सजा सुनाते हैं, या पंजीकृत और गैर पंजीकृत दोनों तरह के धार्मिक समूहों के मानने वालों को उनकी धार्मिक आस्था से जुड़ी गतिविधियों और शांतिपूर्ण प्रथाओं के लिए भी परेशान करते हैं। अधिकारी कई धार्मिक समूहों के धार्मिक नेताओं की यात्राओं को भी प्रतिबंधित कर देते हैं और उनके चयन, शिक्षा और पूजा में व्यवधान पैदा करते हैं। हम उइगुर मुस्लिम और तिब्बती बौद्धों की धार्मिक, भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को दबाने की सरकार की लंबे समय से चली आ रही नीति को लेकर चिंतित हैं।

हम चीन में उइगुरों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों पर चीन सरकार की सख्त कार्रवाइयों की खबरों से खास तौर से परेशान हैं। इन कार्रवाइयों में धार्मिक आजादी पर अनुचित पाबंदी; मस्जिदों को ध्वस्त करना; अभूतपूर्व निगरानी; अन्य सरकारों पर दबाव बनाना कि वे उइगुरों को जबर्दस्ती चीन भेज दें या अब भी शिनजियांग में रह गए उइगरों के परिवार के सदस्यों को प्रताडि़त करना और बाहर रह रहे उइगुरों को वापसी के लिए मजबूर करना; हजारों को हिरासत में लेना, और शिनजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र में प्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक बदलाव के लिए संभवत: लाखों उइगुरों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों को अस्थायी कारागार से लेकर जेलों तक में बंद रखना जैसी कार्रवाइयां शामिल हैं। इन केंद्रों यानी फैसिलिटीज पर मौतों की खबरें हैं। हम चीन सरकार से उन सभी लोगों तत्काल रिहा करने की अपील करते हैं जिन्हें मनमाने ढंग से हिरासत में रखा गया है।

हम इस बात से भी चिंतित हैं कि सरकार प्रोटेस्टेंट और कैथलिक चर्च और सामुदायिक भवनों समेत पूजा स्थलों को ध्वस्त कर रही है या वहां पाबंदियां लगा रही है। अधिकारियों ने लारुंग गार और याचेन गार में 2016 से अब तक कम से कम 11,500 भिक्षुओं और ननों को तिब्बती बौद्ध संस्थानों से निकाल दिया है। अधिकारियों ने बाइबल, कुरान और अन्य धार्मिक सामग्रियों तक पहुंचने पर बंदिश लगाते हैं, जब्त करते हैं और उन्हें नष्ट भी करते हैं। हम सभी धार्मिक समूहों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए संशोधित नियमों और चीन में विदेशियों की धार्मिक गतिविधियों से जुड़े नियमों के मसौदे के प्रभाव को लेकर चिंतित हैं।

हम धार्मिक आजादी के सम्मान के प्रति चीन की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के अनुरूप चीन सरकार से सभी लोगों की धार्मिक आजादी की रक्षा करने और सभी धार्मिक समूहों के सदस्यों के मानवाधिकारों का सम्मान करने की पुरज़ोर अपील करते हैं। ऐसे विकासक्रम चीन और उसके पड़ोसियों के बीच सिर्फ शांति, सुरक्षा तथा स्थिरता को ही आगे बढ़ाएंगे।


मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/j/drl/irf/religiousfreedom/284557.htm
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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