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इंडो-पैसीफिक (हिंद-प्रशांत) व्यापार फोरम में अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी के प्रशासक मार्क ग्रीन की टिप्पणियाँ

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प्रेस रिलेशंस का कार्यालय
तत्काल रिलीज़ के लिए
30 जुलाई 2018

 

अमेरिकी वाणिज्यिक मंडल (चैंबर ऑफ कॉमर्स)
वाशिंगटन, डीसी

प्रशासक ग्रीन: धन्यवाद, और गुड मार्निंग परिचय देने के लिए धन्यवाद, सेलिना। आप सभी को मेरा नमस्कार। इसलिए जैसा कि सेलिना ने शालीन शब्दों में सुझाव दिया है, मेरे पास एक अलग करियर था, जिसमें कई क्षेत्र और कई किनारे शामिल रहे हैं। जो कुछ भी इस मार्ग पर नहीं बदला है वह है हमारे चैंबर के लिए मेरी प्रशंसा और अमेरिकी कारोबार की आवाज़ के रूप में यह अनमोल भूमिका निभाता है। और इसलिए, यह आपके साथ रहने और हिंद-प्रशांत में USAID के मिशन पर कुछ विचार साझा करना सम्मान की बात है।

आज सुबह, मैं आप सभी से कहूंगा कि USAID के बारे में जो कुछ भी आप जानते हैं, या कम से कम आप जो मानते हैं कि USAID के बारे में आपको पता है, उसे एक तरफ रख दें। इसके स्थान पर, मैं आपके साथ साझा करने जा रहा हूं कि हम किस प्रकार अमेरिकी नेतृत्व को आगे बढ़ाने में एजेंसी और उसकी भूमिका को नई दिशा देने जा रहे हैं। किसी और चीज़ से ज्यादा, मैं आप सभी को इस क्षेत्र में साझेदारी की संभावनाओं के लिए अपने दिमाग खुले रखने के लिए कहूंगा, क्योंकि वे सचमुच असीमित हैं।

अब, जब मैं USAID में शामिल हुआ था, हमने अपने विकास कार्यों को दो बहुत ही सरल सिद्धांतों के तहत नई दिशा देने की कोशिश की है। सबसे पहले, हमारी विदेशी सहायता का उद्देश्य इसके ही अस्तित्व की आवश्यकता को समाप्त करना होना चाहिए, इसलिए नहीं कि अमेरिका दुनिया से हाथ खींचना चाहता है, और निश्चित रूप से नहीं क्योंकि हम सहायता करना चाहते हैं – हम अपने दोस्तों की सहायता नहीं करना चाहते हैं। इसके बजाय, हम ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि हमारा अपने दोस्तों पर भरोसा है। हम हर व्यक्ति, हर समुदाय और हर देश की अपने स्वयं के उज्ज्वल भविष्य का नेतृत्व करने की अंतर्निहित इच्छा में विश्वास करते हैं।

और क्योंकि आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता की यह भावना हमारे देश के DNA में है, हम यह भी मानते हैं कि जब हमारे दोस्त “आत्मनिर्भरता की यात्रा” कहने के लिए तैयार होते हैं, तो हमें इस रास्ते पर उनके साथ चलना चाहिए। हमारा विकास का दूसरा संस्थापक सिद्धांत हमारा विश्वास है, काफी आसानी से कहें कि निजी उद्यम जीवन स्तर को ऊपर उठाने, समुदायों को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए अकेली सबसे दमदार शक्ति है।

इन दो सिद्धांतों का संयोजन हमारे काम के हर पहलू को नया आकार प्रदान कर रहा है, विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में। आप इसे हमारे अपनी साझेदार सरकारों के साथ जुड़ने के तरीके में देख सकते हैं। आत्मनिर्भरता की दिशा में उनकी प्रगति में तेजी लाने के लिए, हम ऐसे कार्यक्रमों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो सुधारों को प्रोत्साहित करते हों, देश की क्षमता को मजबूत करते हों, निजी निवेश में बाधाओं को हटाते हों, और उन देशों को अपने घरेलू संसाधनों को संगठित करने में सहायता करते हों।

आप इस अभिनव वित्त पोषण उपकरण को हमारे अंगीकरण में देख सकते हैं जो विकास चुनौतियों के लिए उद्यम संचालित समाधानों को उत्प्रेरित करता है। यह महज एक उदाहरण है। भारत में वैश्विक उद्यमिता शिखर सम्मेलन में कई महीने पहले, USAID ने स्वास्थ्य के लिए नया डेवलपमेंट इम्पैक्ट बॉन्ड लॉन्च किया, दुनिया का पहला इम्पैक्ट बांड मातृत्व और नवजात के स्वास्थ्य, और विकास परिणामों के लिए निजी उद्यम को काम में लाने का शानदार तरीका है।

यह DIB, जैसा कि इसे कहा जाता है, विशेष रूप से भारत के राजस्थान राज्य में मातृत्व और मृत नवजात शिशुओं की संख्या में कमी लाने के लिए तैयार किया गया है। यह इस तरह काम करता है: UBS ऑप्टिमस फाउंडेशन निजी निवेशकों से पूंजी जुटाएगा और राजस्थान की 400 निजी स्वास्थ्य सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल मानकों को पूरा कर पाएं यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक धन को सामने रखेगा। इसके बाद टीमें समुचित प्रशिक्षित स्टाफ जीवन रक्षक उपकरण और दवाएं उपलब्ध कराने में मदद करने के लिए इन 400 में से प्रत्येक सुविधाओं के साथ काम करती हैं।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रत्येक सुविधा उच्च प्रमाणीकरण मानकों को पूरा कर चुकी है, उसे एक कठोर समीक्षा प्रक्रिया से गुज़रना होगा। और जब वे करते हैं, USAID वापस UBS ऑप्टिमस को भुगतान करेगा। तो, अमेरिकी करदाता उस स्तर की जवाबदेही प्राप्त करते हैं जिसके वे लायक हैं, क्योंकि हम तभी भुगतान करते हैं जब लक्ष्य पूरे कर लिए जाते हैं। राजस्थान के नागरिक वह देखभाल और वर्धित सेवाएं प्राप्त करेंगे जिसके वे लायक हैं और जिनकी उन्हें ज़रूरत है। और चूंकि USAID क्रियान्वयन का सूक्ष्म प्रबंधन नहीं कर रहा है, सिर्फ परिणामों को प्रोत्साहित करने के लिए, निजी-क्षेत्र के स्वास्थ्य देखभाल साझेदार अपनी बहुप्रतीक्षित नवाचार की स्वतंत्रता प्राप्त करेंगे।

आप इसे खरीद और उद्यम साझेदारियों के लिए हमारी पहल के माध्यम से हमारे संयोजन सिद्धांतों के अमल में लाने में भी देख सकते हैं। अब, जो भी मुझे अच्छे से जानता है वह प्रमाणित कर सकता है कि विकास में मेरे सबसे कम पसंदीदा शब्दों में से एक है “सार्वजनिक-निजी भागीदारियां” और ऐसा इसलिए, क्योंकि वर्षों से कोई भी भागीदारी शामिल नहीं रही है। USAID और अन्य दानदाताओं ने ऐसे कार्य किया जैसे कि सिर्फ सरकारी दानदाता ही प्रगति के एकमात्र संचालक थे।

निजी उद्यम कुछ दूरी बनाकर रखी जाने वाली चीज़ थे, या यदि हम, अपनी इच्छाओं को झुका सकते। अब, मुझे गलत मत समझिए। हमने निजी उद्यमों से आने वाले दान का खुले दिल से स्वागत किया है। हमें कारोबार को हमारे सम्मेलनों और कार्यक्रमों के सह-आयोजक बनाने में खुशी होती है। हम निजी कारोबारों के साथ वस्तुएं या कुछ सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अनुबंध भी करना चाहते थे। लेकिन वह यही था। मैं आपसे वादा करता हूं, यह बदल रहा है, और यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र से ज्यादा सच कहीं और नहीं हो सकता है।

आज, हम महज अनुबंध करने और सहयोग को अंगीकार करने से बढ़कर आगे जा रहे हैं। आज, हम यह जान रहे हैं कि USAID जैसी एजेंसियों को विकास के क्षेत्र में एकमेव कर्ता बनने की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय हम निजी निवेश को प्रोत्साहित करने और उसका माध्यम बनने वाले उत्प्रेरक कर्ता हो सकते हैं। हम पुनर्विचार कर रहे हैं कि किस तरह अंतर्राष्ट्रीय विकास पहलों को डिज़ाइन किया, जांचा और आगे बढ़ाया जाए, और हम उस रचनात्मकता और उद्यमिता को अंगीकार कर रहे हैं जो कि निजी क्षेत्र सामने लाता है।

नहीं, सच में। वास्तव में हम यही करना चाहते हैं। एक सरकारी एजेंसी के रूप में हमारा पारंपरिक दृष्टिकोण विकास की आवश्यकता या अवसर की पहचान करना था, यह दावा करना कि हमीं अकेले समाधान जानने वाले थे, और फिर आप में से एक या दो को यह देखने के लिए खोजना कि क्या आप काम को अंजाम दे सकते हैं, बेशक, बिलकुल उसी तरह जैसा हम चाहते हैं कि आप उसे करें, सभी नियमों और विनियमों और उसके साथ चलने वाली कागजी कार्यवाहियों के साथ। जब आप में से कई ने इसमें शामिल होने में हिचकिचाहट दिखाई तो फिर हम आश्चर्य व्यक्त करेंगे।

वे दिन अब बीत चुके हैं, या कम से कम वे खत्म हो रहे हैं। हम चाहते हैं कि आप विकास की चुनौतियों से निपटने में हमारे साथ शामिल हों क्योंकि हम मानते हैं कि यह आपके हितों और हमारे हितों को पूरा कर सकता है। हम आपको कार्यक्रमों और पहलों को मिलकर डिज़ाइन करने, दृष्टिकोणों का सह-निर्माण करने, और कार्यान्वयन और आपूर्ति में सह-वित्त पोषण के अवसर प्रस्तुत करना चाहते हैं। दूसरे शब्दों में, हम सच्ची, सहयोगपरक साझेदारी के लिए तैयार हैं जिसमें दोनों पक्षों को लाभ होगा, साझेदार देश आत्मनिर्भरता की अपनी यात्रा में अपनी प्रगति को रफ्तार दे सकते हैं, और अमेरिकी कारोबारी अपने बाज़ारों का विकास कर सकते हैं और साथ ही साथ थोड़ा पैसा बना सकते हैं।

अंत में, आप हमारे संयोजन सिद्धांतों को कार्यरत देखेंगे कि किस तरह हम अपने निवेश को मापते और प्राथमिकता देते हैं। आत्मनिर्भरता निर्माण पर हमारे नए बढ़े फोकस के भाग के रूप में, हम मैट्रिक्स और डेटा को एक साथ ला रहे हैं जो हमारे काम के प्रत्येक प्रमुख क्षेत्र में हर देश की क्षमताओं को मापने में हमारी मदद करेंगे। हम विकास विश्लेषण में स्वतंत्र अवरोधों के उपयोग को भी बढ़ा रहे हैं जो उन नियमों और नीतियों की पहचान करेंगे जो उद्यम विकास निवेश को बाधित करते हैं, और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के कई हिस्सों में हम यह अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ और उसके माध्यम से कर रहे हैं।

यह सब उन उपकरणों और पहलों को डिज़ाइन करने की दिशा को नज़र में रखते हुए किया जा रहा है जो कि उन अवरोधों को कम करेंगे, प्रतिस्पर्धी माहौल को मज़बूत करेंगे। हमारे नए मैट्रिक्स और कारोबारी समुदाय के साथ हमारा सहयोग यह सुनिश्चित करेगा कि हम उन सुधारों को लक्षित कर रहे हैं जहां पर वे सबसे बड़े बदलाव करेंगे। अब, मैं काफी आश्वस्त हूं कि आज यहां पर आप में से कई संशय में हैं; आपने बदलाव के वादे पहले भी सुने हैं।

आखिरकार, जैसा कि राष्ट्रपति रीगन कहा करते थे, अंग्रेज़ी भाषा में 10 सबसे डरावने शब्द हैं, “हेलो, आई एम फ़्रॉम द गवर्नमेंट (मैं सरकार से हूं), और आई एम हियर टू हेल्प (मैं यहां मदद के लिए हूं)।” हास्य कलाकार विल रोजर्स यह दावा करते थे कि मैं चुटकुले नहीं बनाता; मैं बस सरकार को देखता हूं और तथ्यों को सूचना के रूप में सामने रख देता हूं। और स्वयं एक विकास-समर्थक कंजर्वेटिव के रूप में, मैं मानता हूं कि ऐसा संशय गुणकारी है। यह भी कारण है कि हम इस अधिकार को पाने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ हैं।

आपको यह दिखाने के लिए कि ट्रम्प प्रशासन इस नवीन पहल के लिए गंभीर है, मुझे उन पहलों में से दो को कुछ विस्तार में रखने दीजिए जो कि सेक्रेटरी पोम्पेयो ने आज सुबह घोषित की थीं और जिसमें USAID ने हमारा दृष्टिकोण निर्मित करने में मदद की: एशिया ऐज और ITAN। पहले, एशिया ऐज, ऊर्जा के माध्यम से विकास और प्रगति को बढ़ा रहा है। जैसा आप अच्छी तरह जानते हैं, एशिया के ऊर्जा बाज़ार की प्रगति अमेरिकी ऊर्जा और ऊर्जा संबंधी निर्यात की दुनिया के कुछ सबसे बड़े अवसरों का प्रतिनिधित्व करती है, खासतौर पर उन्नत ऊर्जा तकनीकों और तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी।

भारत, जो कि दुनिया का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश होने की राह पर है, 2050 तक उसकी ऊर्जा आवश्यकताएं 250 प्रतिशत तक बढ़ जाएंगी। बाज़ार के अवसरों में लगभग $3 ट्रिलियन का प्रतिनिधित्व करने वाले वियतनाम की बिजली की मांग पहले ही लगभग 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष बढ़ रही है। आपमें से जो पहले ही एशिया में काम कर रहे हैं वे जानते हैं कि इस तरह की मांगों को पूरा करने के लिए हम सभी को कुछ गंभीर चुनौतियों से निपटने की आवश्यकता होगी। लॉजिस्टिक्स की एशिया में बस शुरुआत हो रही है। ऊर्जा अवसंरचना पुराने ढर्रे की है और यह इलाका असंख्य चुनौतियां प्रस्तुत करता है। और जबकि यह सूची लंबी होती जाती है, USAID उन सभी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास नहीं कर सकता और न ही करना चाहिए। लेकिन जो हम कर सकते हैं वह कि भ्रष्टाचार और अनुचित बाज़ार प्रथाओं से मुकाबला करने में मदद करें ताकि जब आप कोई निविदा डालें तो निष्पक्ष अवसर प्राप्त करें और जब आप किसी समझौते पर हस्ताक्षर करें तो मन की अधिक शांति मिले। हम जटिल लेनदेनों के लिए क्षमता बनाने में मेज़बान देश की सहायता कर सकते हैं। हम ऐसे कानूनी और विनियामक ढांचे विकसित करने में उनकी मदद कर सकते हैं जो आप सभी को आत्मविश्वास के साथ निवेश करने देंगे।

एशिया ऐज के माध्यम से, हम यह सुनिश्चित करने में अपने हिस्से का काम कर रहे हैं कि एशिया अमेरिकी व्यापार के लिए मुक्त, निष्पक्ष और खुला है। खैर, मुझे बताने दीजिए कि किस तरह। हम एशिया में क्षेत्रीय बाज़ारों को एकीकृत करने के लिए काम कर रहे हैं। बड़े अवसर उत्पन्न करने के अलावा, जैसे ही देश अंतर-सीमा ट्रांसमिशन लाइनों और कनेक्शनों के लिए आवश्यक अवसंरचना का निर्माण शुरू करते हैं, हम अपने अनुभव से जानते हैं कि एक क्षेत्र में सहयोग और एकीकरण को बढ़ावा देना दूसरों में सहयोग और एकीकरण के लिए गुणक का काम करता है। मध्य एशिया-दक्षिण एशिया परियोजना के अंतर्गत, उदाहरण के लिए, USAID चार सटे हुए देशों: किर्गीज़ रिपब्लिक, तज़िकिस्तान, अफ़गानिस्तान, और पाकिस्तान की प्रणालियों को जोड़ने के लिए $1.2 बिलियन वाली एक परियोजना को सहयोग दे रहा है। एक सुव्यवस्थित और निष्पक्ष खरीद प्रक्रिया को हमारे सीधे समर्थन के कारण, जनरल इलेक्ट्रिक जैसी अमेरिकी कंपनियों में निविदा डालने के लिए पर्याप्त आत्मविश्वास था।

दूसरे, हम स्मार्ट ग्रिडों, कुशल प्रौद्योगिकियों, और बिजली भुगतान के लिए मोबाइल ऐप में निवेश करके एशियाई साझेदार देशों को दशकों-पुरानी अवसंरचना से लंबी छलांग लगाने और उनके ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण में मदद कर रहे हैं। इन परियोजनाओं को वैसे उच्च-तकनीकी यानी हाईटेक समाधानों की आवश्यकता होगी, जैसे कि अमेरिकी कंपनियां खास तौर से प्रदान करने के लिए मौजूद हैं।

तीसरे, अमेरिकी कंपनियों के लिए मुकाबले का समतल मैदान निर्मित करने वाली खुली, पारदर्शी, और सर्वोत्तम मूल्य खरीद प्रक्रिया की स्थापना के लिए देशों के साथ काम करके USAID अमेरिकी निर्यात को बढ़ावा देने के हमारे प्रयास को दोगुना करेगा। कंपनियों और सरकारों की लक्षित मिलान के ज़रिए, हम अमेरिका की आधुनिकतम तकनीकों का प्रदर्शन करते हैं। हम सरकारों को उनकी ऊर्जा आवश्यकताओं को मापने और उनके भविष्य को वित्त पोषित करने में मदद के लिए अमेरिकी विशेषज्ञों को भी लाते हैं। हम अमेरिका के लिए अध्ययन यात्राओं को आयोजित करते हैं, जहां एशियाई नेता आते हैं और आप सभी से सीखते हैं। हम उन व्यक्तिगत संपर्कों और (अस्पष्ट) को हमारे दीर्घ-कालिक व्यावसायिक संबंधों के लिए गढ़ेंगे।

अंत में, हम पूरे इलाके में अपने अभियानों में ऊर्जा विशेषज्ञों को रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वे अपने क्षेत्र को बेहतर जानते हैं। उनके पास USAID के अनुभव अग्रणी पॉवर अफ्रीका से सीखने का फायदा भी है, जिसे आप में से अधिकांश जानते हैं। पॉवर अफ्रीका ने हमें सिखाया है कि किस तरह सौदों की पहचान की जाए, आगे बढ़ाया जाए और सौदों को हासिल किया जाए। हमने उन सभी सब सबकों को काम में लाने के लिए पॉवर अफ्रीका 2.0 लॉन्च किया है।

लेकिन एशिया में अमेरिकी कारोबारों को फलने-फूलने के लिए सिर्फ ऊर्जा ही एकमात्र क्षेत्र नहीं है। दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते क्षेत्र के रूप में, एशिया अवसंरचनात्मक निवेश के लिए शायद कभी न पूरी होने वाली मांग प्रस्तुत करना है। एशियाई विकास बैंक के विशेषज्ञों द्वारा — अनुमान लगाया गया है कि, विकास की गति बनाए रखने और गरीबी समाप्त करने के लिए अगले दर्जनों साल तक उन्हें निवेश के लिए हर साल $1.7 ट्रिलियन चाहिए।

आज, एशिया $881 बिलियन निवेश करता है — अपनी आवश्यकताओं का महज़ आधा। मेरी मुख्य विशेषज्ञता के क्षेत्र में, हम बहुत अच्छी तरह जानते हैं कि पर्याप्त अवसंरचना न केवल आर्थिक विकास को तेज़ करने के लिए अनिवार्य है, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विकास परिणामों को हासिल करने के लिए एक पूर्व शर्त है। और यही कारण है कि हम अवसंरचना लेनदेन और सहायता नेटवर्क का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हैं, जिसे सेक्रेटरी पोम्पेयो ने आज सुबह घोषित किया है। हमारी भूमिका है — बहुत आसान शब्दों में — आपके लिए एशिया में अवसंरचनात्मक कारोबार करना आसान बनाना। ITAN के अंतर्गत, हम आप और आपके जैसी कंपनियों के लिए बराबरी का खेल मैदान बनाने के लिए काम करने में कड़ी मेहनत करेंगे। हम साझेदार सरकारों के साथ अवसंरचना वित्तपोषण के लिए बातचीत करने के लिए नियम-आधारित और पारदर्शी माहौल को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे। और कानूनी, विनियामक, और खरीद क्षमताओं को मज़बूत करके हम ऐसा करेंगे।

और हम भ्रष्टाचार जैसी निवेश की बाधाओं को पहचानने और समाधान करने के लिए भी निवेश करना जारी रखेंगे। उदाहरण के लिए, इंडोनेशियाा में हमने भ्रष्टाचार सहित लोक सेवाओं की शिकायतों के लिए एक राष्ट्रीय प्रणाली को पुनर्स्थापित करने, लॉन्च करने, और विस्तार करने के लिए सरकार और नागरिक समितियों में सुधारकों के साथ साझेदारी की है। अब यह प्रणाली 20,000 से अधिक नागरिक शिकायतों का प्रतिमाह समाधान करती है — जो कि USAID द्वारा सहायता प्रदान करने की शुरुआत के पहले से दस गुना वृद्धि है। सीधे-सीधे कहें तो हमारा काम आपका काम आसान बनाना है और (अस्पष्ट) और प्रस्तावों के संदर्भ में इसे और अधिक पारदर्शी बनाना है।

आज सुबह एक अंतिम विचार — वास्तविक कड़ी चुनौतियों को स्वीकार किए बिना, हिंद-प्रशांत क्षेत्र के भविष्य, और वहां अमेरिका की भूमिका के बारे में बात करना असंभव है। अन्य ताकतें — और अन्य हित — भी पहुंच रहे हैं, और न सिर्फ चीन और न सिर्फ एशिया में। हालांकि हम स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रयास करते हैं, तो भी वे एक बिलकुल अलग ही सौदा पेश करते हैं। एक जो कि अल्पकाल में बहुत ही लुभावना लगता है लेकिन हम दोनों ही जानते हैं कि वह आने वाले सालों में भारी कीमत वसूलेगा। आइए स्पष्ट करते हैं: गैर-पूंजीवादी ताकतें प्रभाव खरीदने और रणनीतिक संसाधनों तक पहुंच को बंद करने की तलाश में हैं। वे देशों को आसान पैसा, एकमुश्त नगदी पेश करते हैं, लेकिन यह धन अक्सर इसके साथ जुड़ी परेशानियों के साथ आता है: ये हैं असुरक्षित ऋण, घटती पारदर्शिता, बाज़ार अर्थव्यवस्था पर प्रतिबंध, और प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण में कमी। सार रूप में, वे एक बंधक भविष्य की पेशकश करते हैं। अमेरिका की हिंद-प्रशांत रणनीति हमारे साझीदारों को उद्यम-संचालित भविष्य की पेशकश करती है — और आखिरकार निजी उद्यम जीवन को ऊपर उठाने और समुदायों के निर्माण के लिए मनुष्य को अब तक ज्ञात सबसे ज़बर्दस्त चीज़ है।

हमारा दृष्टिकोण उन सिद्धांतों पर आधारित निर्माण करना है जो कि बहुत कुछ अमेरिकी सपनों की एक शास्त्रीय परिभाषा के जैसे लगते हैं। यह मालूम हुआ है कि यह सिर्फ अमेरिकी सपना नहीं है। यह बहुत से अन्य देशों और बहुत से अन्य लोगों का सपना है। और जब वे इसे हासिल करते हैं, तो वे न केवल अपने खुद के लोगों के उत्थान में मदद करते हैं, बल्कि वे अमेरिकी विदेश नीति के लिए मज़बूत रणनीतिक साझीदारों और सहयोगियों का निर्माण करते हैं और, हां, अमेरिकी कंपनियों के लिए मज़बूत आर्थिक साझीदारों और ग्राहकों का भी।

आप सभी का धन्यवाद, उसके लिए जिसकी बदौलत हम आज इस दिन तक आ सके। इससे भी महत्वपूर्ण, उसके लिए आप सभी का धन्यवाद जो आज के बाद आप इस दृष्टिकोण को हकीकत बनाने के लिए करने जा रहे हैं। आपको धन्यवाद।


यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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