rss

USTDA अमेरिकी उद्योग को भारत में ऊर्जा अवसरों से जोड़ती है।

English English

तत्काल रिलीज़ के लिए
30 जुलाई 2018

 
 

मीडिया पूछताछ:
एलिसन गेटी-क्लेन | (703) 875-4357
[email protected]

वाशिंगटन, डी.सी. – आज, अमेरिकी व्यापार एवं विकास एजेंसी (USTDA) ने भारत के आंध्र प्रदेश में एक 41-मेगावॉट हाइब्रिड पवन, सौर, और ऊर्जा भंडारण विद्युत संयंत्र के लिए तकनीकी डिज़ाइन और परियोजना नियोजन के कार्य में सहायता देने के एक अनुदान पर हस्ताक्षर किए। अनुदानदाता IL&FS एनर्जी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (IEDCL) भारत में एक निजी क्षेत्र की ऊर्जा कंपनी है। तकनीकी सहायता संयंत्र के लिए क्रियान्वयन-पूर्व और निर्माण-पूर्व गतिविधियों को आगे बढ़ाएगी, जिससे 1040 मेगावॉट क्षमता स्थापित होने की उम्मीद है।

IEDCL ने तकनीकी सहायता करने के लिए, केन्सास-स्थित इंजीनियरिंग फर्म Black & Veatch का चयन किया है। यह पूर्व की USTDA समर्थित परियोजना की अनुवर्ती है जिसने भारत के गुजरात और आंध्र प्रदेश राज्यों में पवन, सौर और ऊर्जा भंडारण हाइब्रिड विद्युत परियोजनाओं में तकनीकी, वित्तीय और व्यावसायिक व्यवहार्यता का आकलन किया था। उस विश्लेषण के पूरा होने के बाद, IEDCL और आंध्र प्रदेश सरकार ने एक 1040 मेगावॉट परियोजना विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

अमेरिकी चैम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित हिंद-प्रशांत व्यापार मंच में अनुदान पर हस्ताक्षर किए गए थे, जहां अमेरिकी कैबिनेट सचिवों और वरिष्ठ सरकारी और कारोबारी नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की थी। USTDA के कांग्रेस संबंधी और सार्वजनिक मामलों के निदेशक थॉमस आर. हार्डी और IEDCL के मुख्य परिचालन अधिकारी, श्री केशव प्रसाद ने हस्ताक्षर समारोह में भाग लिया। Black & Veatch के अधिकारी इस अवसर पर मौजूद थे।

श्री हार्डी ने कहा, “हम भारत के ऊर्जा अवसंरचना लक्ष्यों में सहायता करने के अवसर की कद्र करते हैं,” “साथ ही साथ, अमेरिकी उद्योग के लिए नए अवसरों और बाज़ार में पहुंच बनाने के लिए भी।”

Black & Veatch के वितरित ऊर्जा संसाधन निदेशक जेसन अबीकुनास ने कहा, “ऐसी हाइब्रिड परियोजनाओं के माध्यम से ग्रिड का आधुनिकीकरण भारत में स्थायी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगा, और 2022 तक नवीकरणीय स्रोतों से 175 GW क्षमता तक पहुंचने के सरकार के लक्ष्य को सहयोग देगा।” “उत्पादन को अनुकूलित और परिवर्तनशीलता को कम करके, हाइब्रिड समाधान, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादों की लाभप्रदता में भी सुधार करेंगे।”

यह परियोजना USTDA, भारत सरकार और अमेरिकी निजी क्षेत्र द्वारा 2010 में शुरू किए गए अमेरिकी-भारतीय ऊर्जा सहयोग कार्यक्रम (ECP) के लक्ष्यों का समर्थन करती है।


यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
ईमेल अपडेट्स
अपडेट्स के लिए साइन-अप करने या अपने सब्सक्राइबर प्राथमिकताओं तक पहुंचने के लिए कृपया नीचे अपनी संपर्क जानकारी डालें