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टिप्पणियाँ सेक्रेटरी ऑफ स्टेट माइक पोम्पेयो एक प्रेस उपलब्धता पर

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अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट
प्रवक्ता कार्यालय
तत्काल रिलीज़ के लिए      
04 दिसम्बर 2018    

 

नाटो मुख्यालय
ब्रसेल्स, बेल्जियम

सेक्रेटरी पोम्पेयो:  सभी को गुड इवनिंग।  मैं इस शाम की शुरुआत बुश परिवार को एक महान व्यक्ति राष्ट्रपति जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त करके करना चाहता हूं।  उन्होंने सार्वजनिक सेवा में अपने समर्पण और अपनी उत्साही देशभक्ति से सचमुच अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ को प्रदर्शित किया।  मेरी पत्नी सुसान और मैं राष्ट्रपति ट्रम्प तथा हमारे सभी साथी अमेरिकियों के साथ शोक व्यक्त करते हैं जब हम उनके अद्भुत जीवन को याद करते हैं।  कल मैं अमेरिकी राष्ट्रीय शोक दिवस के दौरान उनके सम्मान में राष्ट्रपति और अपने साथी कैबिनेट सदस्यों के साथ शामिल रहूंगा।

राष्ट्रपति बुश अपने पूरे जीवनकाल के दौरान ट्रांस अटलांटिक सुरक्षा के एक कभी न थकने वाले पैरवीकार थे।  आज, हम अपने लोगों और अपने सहयोगियों की ओर से दमदार अमेरिकी नेतृत्व का दृढ़ता से दावा करके उनके उदाहरण के अनुकरण का प्रयास करते हैं।  जब 1987 में INF संधि पर दस्तखत किए गए थे, तो यह परमाणु युद्ध के खतरे को कम करने के लिए दो प्रतिद्वंद्वियों के बीच एक नेक नीयत कोशिश को दर्शाता था।  राष्ट्रपति रीगन ने इसका जिक्र “एक असंभव विजन” को पूरा करने के तौर पर किया, और मिखाइल गोर्बाचेव ने कहा कि इसका “मानव जाति के लिए सार्वभौमिक महत्व” था।

हालांकि इस संधि ने जो भी सफलताएं हासिल करने में मदद की, मगर आज हमें रूसियों को अपने हथियार नियंत्रण दायित्वों के साथ धोखाधड़ी का विरोध करना होगा।  जैसा कि मैंने आज अपने साथी मंत्रियों से पहले कहा था कि हमारे राष्ट्रों के पास एक विकल्प है।  हम या तो अपना सिर रेत में छिपा लें या फिर INF संधि की स्पष्ट शर्तों के लिए रूस की खुली अनदेखी का जवाब हम व्यावहारिक ज्ञान आधारित कार्रवाई करके दें।

यह ध्यान देने योग्य है कि रूस के ये उल्लंघन रातोंरात नहीं हुए।  रूस 2000 के दशक के मध्य से SSC-8 क्रूज मिसाइल का उड़ान परीक्षण करता रहा है।  वे संधि के अंतर्गत अनुमत रेंज से अतिरिक्त क्षमता वाली मिसाइल का परीक्षण करते रहे हैं।  SSC-8 के सभी परीक्षण अचल और सचल दोनों तरह के लॉन्चर से कपस्टिन यार साइट से किए गए हैं।  इसकी रेंज इसे यूरोप के लिए सीधा खतरा बनाती है।

2017 में, जॉइंट चीफ़्स ऑफ स्टाफ़ के जनरल सेल्वा ने कांग्रेस को बताया था कि रूस ने अपनी मिसाइल तैनात की है, और मैंने उनका ही उद्धरण दिया है- “नाटो और नाटो की ज़िम्मेदारी वाले क्षेत्र के भीतर स्थित सुविधाओं को खतरा पैदा करने के मकसद से”।  रूस आगे बढ़ता जा रहा है, और 2018 के अंत तक SSC-8 मिसाइलों की कई बटालियने भर दी हैं।

इस सब के दौरान, संयुक्त राज्य अमेरिका संधि के अनुपालन में बना रहा है।  और रूस के उल्लंघनों के बावजूद, हम रूस को इसकी शर्तों का पालन करने के लिए मनाने हेतु काम करने का अत्यधिक धीरज दिखाया और प्रयास किया है।  2013 के बाद से कम से कम 30 मौकों पर, हमने नेतृत्व के उच्चतम स्तर तक जा करके रूस के इस गैर-अनुपालन को उठाया है और ज़ोर दिया है कि अनुपालन वापसी न करने के गंभीर परिणाम होंगे।

रूस के जवाब लगातार समान रहे हैं: किसी भी गलत काम से इनकार करना, अधिक जानकारी मांगना, और आधारहीन प्रत्यारोप लगाना।  चार साल से भी ज्यादा समय से, मॉस्को ने नाटक किया है कि उसे यह भी नहीं मालूम कि संयुक्त राज्य अमेरिका किस मिसाइल या परीक्षण के बारे में बात कर रहा है, भले ही हमने मिसाइल की खूबियों और परीक्षण इतिहास के बारे में व्यापक जानकारी उन्हें उपलब्ध करा दी हो।  ऐसा तब तक चला जब तक कि हमने 2017 के नवंबर में मिसाइल के रूसी नाम को प्रचारित करना शुरू नहीं कर दिया, इसके बाद ही रूस ने अंततः इसके अस्तित्व को स्वीकार किया।  तब रूस ने मिसाइल न मौजूद होने की अपनी छद्म कहानी को बदलकर ऐसी मिसाइल से जोड़ दिया जो मौजूद है मगर संधि के अनुपालन में है।

INF संधि के इन उल्लंघनों को विश्व स्तर पर रूसी अराजकता के बड़े पैटर्न से अलग करके नहीं देखा जा सकता है।  रूस के कुख्यात कारनामों की सूची खासी बड़ी है: जॉर्जिया, यूक्रेन, सीरिया, चुनावी दखलंदाजी, स्क्रीपाल, और अब कर्च स्ट्रेट, ये बस कुछ नाम हैं।

इन तथ्यों की रोशनी में, संयुक्त राज्य अमेरिका आज घोषणा करता है कि उसने रूस को संधि का वास्तविक उल्लंघन करते हुए पाया है और इसके उपचार के तौर पर तब तक के लिए अपने दायित्वों को 60 दिनों में प्रभावी रूप से स्थगित कर देगा जब तक कि रूस इसके पूर्ण और सत्यापन योग्य अनुपालन में नहीं लौट आता।

हम कई कारणों से ये कदम उठा रहे हैं।  सर्वप्रथम, रूस की कार्रवाइयां अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और हमारे सहयोगियों तथा भागीदारों की गंभीर रूप से कमज़ोर करती हैं।  इसका कोई अर्थ नहीं है कि संयुक्त राज्य अमेरिका एक ऐसी संधि में बना रहे जो रूस के उल्लंघनों का जवाब देने की हमारी क्षमता को सीमित करे।  रूस ने उस यूरोप में परमाणु खतरे को कम करने वाले पथ से उलटी दिशा अपना ली है, जहां अमेरिका के हजारों सैनिक तैनात हैं और जहां लाखों अमेरिकी नागरिक रहते और काम करते हैं।  ये अमेरिकियों रूसी मिसाइल प्रणाली से खतरे में आए लाखों यूरोपीय लोगों के साथ रहते और काम करते हैं।

दूसरा, हालांकि संधि के इस खात्मे के लिए रूस जिम्मेदार है, इसके अलावा चीन, उत्तरी कोरिया और ईरान समेत कई अन्य देश भी हैं जो INF संधि का हिस्सा ही नहीं हैं।  इससे उन्हें वे सभी मध्यम रेंज वाली मिसाइलों को बनाने की खुली छूट मिल जाती है जो वे बनाना चाहते हैं।  इसका कोई कारण नहीं है कि संयुक्त राज्य अमेरिका को चीन जैसे संशोधनवादी ताकतों को इस महत्वपूर्ण सैन्य लाभ को सौंप देना चाहिए, खासकर तब जब इन हथियारों का उपयोग संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके एशियाई सहयोगियों को धमकाने और मज़बूर करने के लिए किया जा रहा हो।

यदि आप सवाल पूछते हैं कि क्यों चीन समेत ज्यादा से ज्यादा राष्ट्रों को शामिल करने के लिए संधि को विस्तारित नहीं किया गया था, तो ध्यान रहे इसके लिए तीन बार कोशिश की गई है, और यह हर बार विफल रही है।

तीसरा, जड़ता से ट्रम्प प्रशासन में नीति संचालित नहीं होगी।  चूंकि राष्ट्रपति ट्रम्प ने साफ कर दिया है और जैसा कि मैंने आज सुबह बात की थी, संयुक्त राज्य अमेरिका उन अंतर्राष्ट्रीय समझौतों का समर्थन नहीं करेगा जो हमारी सुरक्षा, हमारे हितों या हमारे मूल्यों को कमज़ोर करते हैं।

अंत में, और मैं इसको लेकर स्पष्ट रहना चाहता हूं कि अमेरिका कानून के शासन को कायम रख रहा है।  जब हम अपनी प्रतिबद्धताएं तय करते हैं, तो हम उनसे बाध्य रहने के लिए सहमत होते हैं।  हम हर जगह इस चीज़ की अपने संधि के समकक्षों से अपेक्षा रखते हैं और जब भी उनकी कथनी अविश्वसनीय साबित होगी, हम उन्हें जवाबदेह बनाएंगे।  अगर हम ऐसा नहीं करते, तो हमें अन्य राष्ट्रों से धोखा मिलेगा, अमेरिकियों को ज्यादा बड़े खतरे में धकेल देंगे और अपनी विश्वसनीयता खो देंगे।

आज इससे पहले, मैंने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अमेरिका के स्थायी नेतृत्व की भूमिका पर बात की और मैं फिर दोहराता हूं कि शक्तिशाली अमेरिकी नेतृत्व का मतलब है कि हमारी सुरक्षा और हमारे राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए अपनी ज़िम्मेदारी कभी न छोड़ना।  मैंने बिलकुल साफ शब्दों में हमारी स्थिति को स्पष्ट कर दिया है।  संयुक्त राज्य अमेरिका को उम्मीद बनी हुई है कि रूस के साथ हमारा रिश्ता बेहतर हो सकता है, हम बेहतर स्थिति में हो सकते हैं।

ऐसा कहे जाने के बाद, गेंद रूस के पाले में जाती है कि अब वह ज़रूरी बदलाव करे।  केवल वही इस संधि को बचा सकते हैं।  अगर रूस अपने उल्लंघनों को स्वीकार कर लेता है और पूर्ण तथा सत्यापन योग्य रूप से अनुपालन में आता है, तो हम यकीनन उसकी इस कार्रवाई का स्वागत करेंगे।  लेकिन इस कदम को केवल और केवल रूस ही उठा सकता है।

हम अमेरिकी निर्णय के प्रति नाटो के उस मज़बूत समर्थन की सराहना करते हैं जो आज जारी इस बयान में व्यक्त किया गया है।  संयुक्त राज्य अमेरिका और हमारे नाटो सहयोगी सतर्क रहते हैं कि रूस के अराजक आचरण को अस्त्र नियंत्रण के क्षेत्र में अथवा कहीं भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आपको धन्यवाद।

सुश्री न्यूअर्ट:  अब हमारा समय कई सवालों के लिए है।  पहला सवाल डायचे वेले की टेरी शुल्ज का होगा।  टेरी।

प्रश्न:  हैलो।  आपको धन्यवाद।  सेक्रेटरी पोम्पेयो, मैं यहां हूं।

सेक्रेटरी पोम्पेयो:  आपको देख लिया।

प्रश्न:  इसका ठोस रूप में क्या मतलब है?  अगले कदम क्या होंगे?  क्या आप बस 60 दिनों का इंतज़ार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि रूस को वापस अनुपालन की स्थिति में लाने में यूरोप मदद कर सकता है?  असल में क्या – असल में कैसे यह करवट लेगा?  और फिर छह महीने 60 दिनों में शुरू होंगे?  इस पर बस कुछ और जानकारी।  आपको धन्यवाद।

सेक्रेटरी पोम्पेयो:  जी बिलकुल।  जैसाकि मैंने अपनी टिप्पणियों में कहा, हम रूसियों के हृदय परिवर्तन, दिशा में बदलाव, उनके कार्यक्रम को खत्म करने और संधि की शर्तों का पालन आगे भी जारी रखने का स्वागत करेंगे।  और इसलिए अगले 60 दिनों के दौरान उनके पास ऐसा करने का हर मौका है।  और हम उसका स्वागत करेंगे।

मैं आपको बताऊंगा, हमारे यूरोपीय सहयोगी इस अतिरिक्त समय की कद्र करेंगे।  हम उनके साथ निकटता से मिलकर काम करेंगे।  उन्होंने एक विस्तारित अवधि की मांग की, और हम यह सुनिश्चित करने के अपने प्रयासों में कि हमारे बीच पूर्ण एकता है – और मैं आपको बता दूंगा, जैसा कि आप आज यहां मौजूद अन्य 28 मंत्रियों से बात करते हैं, इसको लेकर पूरी एकता है – हम मानते हैं कि यह सही परिणाम है।  छह महीने की अवधि आज के 60 दिनों बाद से शुरू होगी।  60 दिनों के दौरान, हम किसी भी प्रणाली का परीक्षण या उत्पादन या तैनाती नहीं करेंगे, तथा हम देखेंगे कि इस 60 दिवसीय अवधि के दौरान क्या होता है।

हमने रूसियों से काफी बातचीत की है।  हमें उम्मीद है कि वे अपनी कार्रवाई में बदलाव करेंगे, लेकिन आज की तारीख तक उनकी ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं है कि उनका ऐसा करने का कोई इरादा है।

सुश्री न्यूअर्ट:  जेसिका डोनाटी वॉल स्ट्रीट जर्नल से।

प्रश्न:  जी।  आपको धन्यवाद।  INF संधि से हाथ खींचने- या अपनी सदस्यता को निलंबित करने से परे, रूस के हाथों पीड़ित यूक्रेन को मदद करने के लिए आप ऐसे कौन से अन्य कदम उठा सकते हैं?

सेक्रेटरी पोम्पेयो:  तो उसके बारे में आज बहुत सी चर्चा हुई थी।  मैं वार्ताओं के बारे में बात करने का जिम्मा कुछ लोगों पर छोड़ूंगा।  लेकिन उस समय से दो चीज़ें बेहद साफ थीं जब हमने यूक्रेनी विदेश मंत्री के साथ एक समूह के तौर पर समय बिताया था, यह कि इस पर पूरी सर्वसम्मति है कि रूसी कार्रवाई गैरकानूनी और अस्वीकार्य थी तथा अवरोधकों को बहाल करना चाहिए, और यह यूरोप तथा विश्व की सामूहिक प्रतिबद्धता है कि रूस को अंतर्राष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन जारी रखने की क्षमता से महरूम कर दे।  हमें उम्मीद है कि रूसी उन नाविकों को तुरंत लौटा देंगे जो आज उनकी गिरफ्त में हैं।  और हम सामूहिक रूप से जवाबों का एक ऐसा सेट तैयार करेंगे जो रूस को दिखाएगा कि यह व्यवहार बिल्कुल ही अस्वीकार्य है।

सुश्री न्यूअर्ट:  वन अमेरिका न्यूज़ से एमेराल्ड रॉबिन्सन।

प्रश्न:  धन्यवाद, श्रीमान सेक्रेटरी।  हां, आपने अमेरिका और उसके सहयोगियों के संबंध में संधियों को लेकर प्रतिबद्धताओं के बारे में बातचीत की।  लेकिन आपने अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के बारे में भी बात की और इस पर अमेरिका का नज़रिया सामने रखा।  आपने खास तौर पर IMF और विश्व बैंक तथा संयुक्त राष्ट्र की आलोचना की।  आपको यह कैसे लगता है कि इतने सारे बड़े-बड़े अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों को आज सुधारा जा सकता है?  क्या यह नए नेतृत्व का सवाल है?

सेक्रेटरी पोम्पेयो:  प्रत्येक संस्था का लगातार मूल्यांकन करते रहना चाहिए, ठीक है।  इसका मतलब है – बहुपक्षीय, अंतर्राष्ट्रीय संगठन भी इसके अपवाद नहीं हैं।  ये संगठन अब विस्तारित अवधि के लिए आसपास चल रहे हैं, और उनमें से हर एक पूर्ण समीक्षा के लायक है।  क्या वे अब भी- क्या वे अभी भी अपने उद्देश्य के हिसाब से उपयुक्त हैं।  क्या वे अभी भी अपने अभिप्रेत अर्थों को पूरा करते हैं।  यही बात मैंने इस सुबह कही थी।

राष्ट्रपति ट्रम्प का मानना है कि यदि हम अमेरिकी नेतृत्व तथा अमेरिकी राष्ट्रीय संप्रभुता का पालन करते हैं और हम दुनिया भर में समृद्धि एवं शांति कायम करने के मकसद से इन संस्थानों का मूल्यांकन करते हैं, तो उनमें से हर एक किसी न किसी तरह के सुधार के लिए परिपक्व स्थिति में है।  और हम उन हिस्सों को देखेंगे जो काम कर रहे हैं जैसा कि मैंने उन कई संस्थाओं के कार्यों का जिक्र किया है जो काम कर रही हैं।  हम उनको बनाए रखेंगे।  हम उनको बढ़ाएंगे।  हम उनका हिस्सा बनना चाहेंगे।

लेकिन अगर यह टूटी हैं और यह अमेरिका तथा दुनिया को परिणाम नहीं दे पा रही हैं, तो फिर हमें अपनी ख्यातियों पर नहीं थम जाना चाहिए और सोचना चाहिए, “दोस्त, यह अच्छा है,” सिर्फ इसलिए कि यह बहुपक्षीय है।  यह धारणा अपने आप में अच्छी नहीं है कि किसी चीज़ का बहुपक्षीय होना ही ठीक प्रृकृति के ठीक होने की निशानी है।  अच्छी चीज़ें वे हैं, जो काम करें जो कि उस काम का पालन करें जिन्हें राष्ट्र-राज्य उन बहुपक्षीय संगठनों के हिस्से के रूप में करते हैं, और संयुक्त राज्य अमेरिका का एक अग्रणी के तौर पर यह सुनिश्चित करने का इरादा है कि वे सभी संस्थाएं डिलीवर करें जिनका आपने उल्लेख किया है।

सुश्री न्यूअर्ट:  अंतिम सवाल, वॉशिंगटन टाइम्स की ओर से गाय टेलर का।

प्रश्न:  धन्यवाद, श्रीमान सेक्रेटरी।  एक पल के लिए वापस INF संधि पर लौटते हैं।  आपने अमेरिका की उन प्रणालियों को विकसित और तैनात करने का जिक्र किया है जो कि अन्यथा संधि का उल्लंघन करने वाली होंगी।  एक सामरिक परिप्रेक्ष्य से, क्या वैसी तैनाती जैसा कुछ है जिसकी प्रशासन, ट्रम्प प्रशासन, असल में अब करने की तैयारी कर रहा है?  और क्या आप शायद पश्चिमी यूरोप में मध्यम दूरी के परमाणु हथियारों की तैनाती की संभावना को लेकर यूरोपीय चिंताओं के बारे में बात कर सकते हैं, उदाहरण के लिए, जो इस संधि के द्वारा इतने समय से प्रतिबंधित हैं?

सेक्रेटरी पोम्पेयो:  तो मैं इसके बारे में दो चीज़ें कह सकता हूं।  यूरोपीय राष्ट्र आश्वास्त रह सकते हैं कि जब हम उसके लिए तैयारी करते हैं कि कैसे हम सभी इंटरमीडिएट परमाणु रेंज वाली मिसाइलों के खतरे से, खास तौर से रूस से आने वाली, यूरोप और दुनिया भर में स्थिरता की रक्षा और उसका निर्माण करेंगे, और , यह कि हम अपने यूरोपीय सहयोगियों और दुनिया भर के उन अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेंगे जिन्हें भी इन मिसाइल प्रणालियों से खतरा लगता है।  और इसलिए इस पर किसी को ताज्जुब नहीं होगा कि अमेरिका क्या सोच रहा है, हम कैसे इस तक पहुंच रहे हैं, और हम इसमें उनकी सहायता, उनकी मदद, उनके इनपुट की अपेक्षा करेंगे कि कैसे एक सुरक्षा ढांचे को विकसित करें – एक ऐसा ढांचा जो वास्तव में डिलीवर करे।

मेरा मतलब है, हम – बस स्पष्टता के लिए, हमारे पास एक पक्ष है – एक ऐसी संधि जिसमें दो पक्ष थे, जिसमें से केवल एक ही अनुपालन मे था।  यह कोई समझौता नहीं है।  यह बस आत्म-संयम है, और इसका रणनीतिक रूप से उस स्थिति में बने रहने का कोई मतलब नहीं रह गया है और हम आगे अपनी कदमों की तैयारी करेंगे।  मैं अमेरिकी नीति के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता हूं क्योंकि अभी भी बहुत से लोग हैं जिनसे बात की जानी है।  और मैं इसे भी डिपार्टमेंट ऑफ़ डिफ़ेंस पर ही छोड़ूंगा जिस प्रकृति और जिस तरह की प्रणालियों पर वे काम कर रहे हैं जो कि अंततः संभावित रूप से अनुपालन में नहीं होंगी।

सुश्री न्यूअर्ट:  ठीक है, आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।  आपको धन्यवाद।


मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/secretary/remarks/2018/12/287873.htm
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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