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सेक्रेटरी ऑफ स्टेट माइकल आर. पोम्पेयो ईरान के संबंध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में

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अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट
प्रवक्ता कार्यालय
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12 दिसम्बर, 2018

 

 

संयुक्त राष्ट्र

न्यूयॉर्क, न्यूयॉर्क

सेक्रेटरी पोम्पेयो:  बहुत बहुत धन्यवाद, और नमस्कार।  कृपालु बातों के लिए धन्यवाद।  मैं इनके लिए आभारी हूँ।

बस दो दिन पहले, IRGC के हवाई प्रभाग के प्रमुख, आमिर हाजीज़ादेह ने डींग मारी कि ईरान 2,000 किलोमीटर से अधिक रेंज वाली मिसाइलें बनाने में सक्षम है।  उन्होंने कहा, उद्धरण, “ हम में व्यापक रेंजों वाली मिसाइलों का निर्माण करने की योग्यता है।  किसी तकनीकी परिदृश्य से हमारी सीमाएं नहीं हैं।  उद्धरण की समाप्ति।  उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के 800 किलोमीटर के भीतर – अन्य शब्दों में, ईरानी मिसाइलों की आक्रमण की दूरी के भीतर बहुत से “शत्रु मोर्चे” हैं।  उन्होंने शेखी बघारी कि ईरान प्रति वर्ष 40 से 50 परीक्षण करता है।

जैसे कि मैं इसके बारे में आगे बात करूँगा, यह स्पष्ट है कि ईरानी शासन की बैलिस्टिक मिसाइल की गतिविधि परमाणु समझौते के बाद से बढ़ी है।  ईरान ने राष्ट्रों की सद्भावना का दोहन किया है और सुदृढ़ बैलिस्टिक मिसाइल बल की अपनी खोज में सुरक्षा परिषद के बहुत से संकल्पों का उल्लंघन किया है।  अमेरिका कभी इसका समर्थन नहीं करेगा।

मध्य पूर्व में शांति और समृद्धि चाहने वाले किसी भी राष्ट्र को भी ऐसा नहीं करना चाहिए।

2006 से, यह परिषद ईरान से किसी एक रूप या अन्य रूप में बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण करने और इनका प्रसार करना रोकने के लिए कहती रही है।  2010 से 2015 तक, ईरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संकल्प 1929 का विषय था – जो आज तक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों के मुद्दे पर ध्यान देने वाला सबसे कड़ा संकल्प है।

उस संकल्प में, सुरक्षा परिषद ने निर्णय किया कि, “ईरान ऐसी बैलिस्टिक मिसाइलों से संबंधित कोई कार्यकलाप नहीं करेगा जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हों, जिनमें बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए दागा जाना शामिल है, और अमेरिका ईरान को … ऐसे कार्यकलापों से संबंधित प्रौद्योगिकी या तकनीकी सहायता के हस्तांतरण को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करेगा।  UNSCR 1929 के इस प्रावधान ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यकलाप पर कानूनी प्रतिबंध लगा दिया।  इन शब्दों के पीछे कानून का बल था।

बहरहाल, ईरान ने उस संकल्प के घोर उल्लंघन में 2010 से 2015 के बीच बहुत-सी बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।

तो इसके प्रत्युत्तर में हमने क्या किया?  क्या अंतरराष्ट्रीय कानून के इन लगातार उल्लंघनों के लिए हमने ईरान पर जवाबदेही में वृद्धि की।  इसके ठीक विपरीत।  वास्तव में, ईरान पर जवाबदेही के स्तर का – घटने की बजाए ह्रास हुआ है, जबकि जोखिम में वृद्धि हुई है।

परमाणु वार्ताओं में ईरानी शासन की संलग्नता के संबंध में और ओबामा प्रशासन के आग्रह पर, सुरक्षा परिषद ने संकल्प 1929 को संकल्प 2231 से बदल दिया।  संकल्प 2231 बैलिस्टिक मिसाइलों से संबंध ऐसा कोई भी कार्यकलाप न करने के लिए ईरान का “आह्वान” करता है जिसे परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम होने के लिए निर्मित किया गया हो।  भाषा में उस परिवर्तन के बावजूद विश्व की चिंता बनी हुई है।

जब हम ईरान से उसका बैलिस्टिक मिसाइल कार्यकलाप बंद करने का “आह्वान” करते हैं, तब हमें इस समाप्त करने पर सहमत होना होगा।  लेकिन ईरान हमेशा की तरह विश्व के निरंतर आग्रह की अवहेलना कर रहा है।  हम यहाँ लगातार 12वें वर्ष मौजूद हैं, और अविश्वसनीय रूप से समस्याप्रद डेटा सेट पर ध्यान देते हुए ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों के बारे में बैठक कर रहे हैं।

मिसाइल दागने और परीक्षणों सहित ईरान के मिसाइल कार्यकलाप की गति JCPOA के बाद से कम नहीं हुई।  वास्तव में, ईरान का मिसाइल परीक्षण और मिसाइल प्रसार बढ़ रहा है।  आज ईरान के पास मध्य पूर्व में विशालतम बैलिस्टिक मिसाइल बल है।  इसके पास अपनी मालसूची में 10 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियाँ हैं या इनका विकास किया जा रहा है।  इसके पास ऐसी सैंकड़ों मिसाइलें हैं जो क्षेत्र में हमारे भागीदारों के लिए खतरा उत्पन्न करती हैं।

हाल के समय से:  2016 में, JCPOA के समय के दौरान, ईरान ने दो नई छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का अनावरण किया जिनके बारे में यह दावा करता है कि ये 500 से 700 किलोमीटर के बीच लक्ष्यों पर निशाना साधने में सक्षम हैं।  2017 की जनवरी में, JCPOA के समय के दौरान, ईरान ने मध्यम दूरी की एक मिसाइल छोड़ी जो 500 किलोग्राम से अधिक वज़न ले जाने के लिए निर्मित की गई थी और जिसका परमाणु वारहैड ले जाने के लिए उपयोग किया जा सकता था।  इसकी संदिग्ध रेंज 2,000 किलोमीटर तक भी पहुँच जाती है जो एथेंस, सोफिया, बुखारेस्ट और अन्य यूरोपीय नगरों पर निशाना साधने के लिए पर्याप्त है।  यदि IRGC के हवाई कमांडर सच बोल रहे हैं, तो ईरान के पास 2,000 से अधिक किलोमीटर की क्षमताएं हैं, अन्य यूरोपीय राजधानियाँ भी जोखिम में हैं।

2017 की जुलाई में, जब अमेरिका अभी भी  JCPOA में था, तब ईरान ने एक सिमोरघ स्पेस लाँच वेहिकल का परीक्षण किया।  अमेरिका, फ्रास, जर्मनी और UK  ने सभी ने यह निर्धारित किया कि इसे दागा जाना 2231 से असंगत था क्योंकि स्पेस लाँच वेहिकल – में अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों के समान प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाता है।

ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों का निर्यात भी किया है, उसने सबसे हाल में यमन को इनका निर्यात किया है।  हमारे पास इसका स्पष्ट प्रमाण है कि ईरान हाउथियों को मिसाइलें, प्रशिक्षण और सहायता प्रदान कर रहा है और ईरानी-हाउथी मिसाइल बल पूरी तरह संलग्न है।   इससे -रियाध, अबु धाबी, दुबई में रह रहे अमेरिकियों सहित मासूम नागरिकों और ऐसी सभी राष्ट्रीयताओं वाले लोगों के लिए खतरा उत्पन्न हो जाता है जो उस क्षेत्र में सिविलियन विमान में यात्रा करते हैं।

ईरान बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों का ईराक में शिया उग्रवादियों को भी हस्तांतरण कर रहा है।

और बस पिछले दो सप्ताह देखें।  ईरानी शासन ने मध्यम रेंज की ऐसी बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया जो बहुत से वारहैड ले जाने में सक्षम है।

हमारे सद्भावना प्रयास निष्फल रहे हैं, ये ईरानी शासन के अंधाधुंध मिसाइल कार्यकलाप और इसके विध्वंसात्मक व्यवहारों को सुधारने में निष्फल रहे हैं।     कोई भी राष्ट्र इस पर विवाद नहीं कर सकता कि ईरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प 2231 का खुला उल्लंघन कर रहा है।

अमेरिका इन चिंताओं को उठाने में अकेला नहीं है।  मैं ईरानी मिसाइल प्रसार के बारे में सचिवालय के समक्ष चिंताएं प्रस्तुत करने के लिए फ्रांस और जर्मनी और युनाइटेड किंगडम को धन्यवाद देना चाहूँगा।

मैं सउदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के हमारे भागीदारों को भी धन्यवाद देना चाहूँगा जो यमन में हाउथी बलों द्वारा उनके देशों में ईरान द्वारा आपूर्त मिसाइलों, रॉकेटों और UAVs का सामग्री मलबा बरामद करने में संयुक्त राष्ट्र निरीक्षकों के साथ काम कर रहे हैं।

हमारे इस्रायली सहयोगी ईरान द्वारा लगातार ऐसी बैलिस्टिक मिसाइलों को दागने के बारे में और अधिक प्रमाण लाए हैं जो परमाणु हथियारों को वहन करने में सक्षम हैं।  इस्रायल ने सचिवालय को ईरान द्वारा पूरे मध्य पूर्व में और हमारे द्वारा उसके द्वारा की जाने वाली बल दी गई बातों की अवहेलना में अपने प्रतिनिधियों को हथियार प्रणालियों के ईरान के हस्तांतरण को प्रमाण भी दिए हैं।

तो प्रश्न – तो प्रश्न अब यह है:  ईरान के इस दुर्भावनापूर्ण कार्यकलाप का सामना करने लिए हमें क्या पहल करनी चाहिए?  यदि ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों का अंबार लगाना जारी रखता है, तो हमें अपने लोगों की सुरक्षा का जोखिम है।  यदि हम उसे विचलित करने में विफल रहते हैं, तो हमें क्षेत्र में टकराव में वृद्धि होने का जोखिम है।  और यदि हम कुछ नहीं करते, तो हम सभी दुर्भावनापूर्ण कर्ताओं को यह संप्रेषित करते हैं कि वे भी दंड मुक्त के साथ सुरक्षा परिषद की अवहेलना कर सकते हैं।

जैसा कि आप सभी भली-भाँति जानते हैं, संयुक्त राष्ट्र का घोषणापत्र सुरक्षा परिषद को “अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के रखरखाव की प्राथमिक ज़िम्मेदारी” – देता है – सौंपता है।  हम सभी इस ज़िम्मेदारी को गम्भीरता से लेते हैं।  अमेरिका संकल्प 1929 में वर्णित बैलिस्टिक मिसाइल प्रतिबंध ईरान पर दोबारा लगाने के लिए परिषद के सभी अन्य सदस्यों के साथ कार्य करना चाहता है।

ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यकलापों पर ध्यान देने से परे, परिषद को ईरान पर 2010 में लगाई गई हथियार रोकों को नहीं उठाना चाहिए।  यह वह देश है जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बहुत से संकल्पों का अनुपालन नहीं कर रहा है जिनमें अल-कायदा, अफगानिस्तान, लेबनान, यमन और सोमालिया से संबंधित संकल्प सम्मिलित हैं।  ईरान अल-कायदा को शरण दे रहा है, अफगानिस्तान में तालिबान के उग्रवादियों की मदद कर रहा है, लेबनान में आतंकवादियों को हथियार मुहैया करा रहा है, सोमाली चारकोल में अवैध व्यापार में सहायता कर रहा है और इस प्रकार अल-शाबाद को लाभ पहुँचा रहा है, और जब हम यहाँ बैठे हुए हैं, तब इराक में शिया उग्रवादियों को प्रशिक्षण दे रहा है और हथियारों से लैस कर रहा है।

यह सीरिया और यमन में संघर्ष को भी भड़का रहा है।  परिषद को इन दुर्भावनापूर्ण कार्यकलापों पर अवश्य ध्यान देना चाहिए: यह हथियार रोक उठाकर ईरान को पुरस्कृत नहीं कर सकती।

हम परिषद का इसके लिए भी आह्वान करते हैं कि वह मौजूदा हथियार प्रतिबंधों से बचने के ईरान के लगातार प्रयासों को निष्फल करने के लिए बंदरगाहों और गहन सागर में निरीक्षण और प्रतिबंध उपाय लागू करे।

कुछ व्यक्तियों ने JCPOA से हटने के हमारे निर्णय पर प्रश्नचिह्न लगाया है?  हम यह उत्तर देते हैं कि यह स्वयं स्पष्ट है कि हमारे द्वारा आज यहाँ की जा रही बातचीत के आधार पर हमने ऐसा क्यों किया।  समझौते से पहले, पश्चिमी नेतृत्वकर्ताओं ने इसके बड़े-बड़े दावे किए हैं कि JCPOA ईरानी शासन से मध्यस्थता के नए युग में कैसे प्रवेश करेगा।

वास्तव में, अमेरिका के स्वयं के राष्ट्रपति ने कहा था, उद्धरण, “आदर्श रूप से, हम एक ऐसी स्थिति देखेंगे जिसमें ईरान प्रतिबंधों को घटते हुए देखते हुए अपनी अर्थव्यवस्था पर, अपने लोगों को प्रशिक्षित करने पर, विश्व के समुदाय में दोबारा प्रवेश करने पर, क्षेत्र में अपने भड़काऊ कार्यकलापों को कम करने पर ध्यान देना आरंभ करेगा।”  लेकिन हम वास्तव में क्या देखते हैं?

JCPOA ने निःसंदेह आज तक उन जोखिमों से जवाहदेही से ईरानी इस्लामिक गणतंत्र की रक्षा की है जो यह विश्व के समक्ष प्रस्तुत करता है।

ईरानी शासन उन्हीं विध्वंसात्मक, क्रांतिकारी लक्ष्यों का अनुसरण कर रहा है जो इसके पिछले 39 वर्षों से रहे हैं – सिवाए अब इसके पास परमाणु समझौते के कारण उन्हें प्राप्त करने के लिए अधिक धन है।

मैं आज यहाँ सबसे पहले और सबसे प्रमुख रूप से अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट की हैसियत से हूँ।  राष्ट्रपति ट्रम्प के अंतर्गत हमारे लोगों और हमारे सहयोगियों की सुरक्षा सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

लेकिन अमेरिकी नेतृत्व की सबसे उत्कृष्ट परम्पराओं में, अमेरिका संप्रभु राष्ट्रों को उनके स्वयं के लोगों की शांति और सुरक्षा और स्थिर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए काम करने की उनकी ज़िम्मेदारी में एकीकृत करना जारी रखेगा।

अमेरिका ऐसे ज़िम्मेदार राष्ट्रों का गठबंधन बनाने में अनथक प्रयास जारी रखने जा रहा है जो ईरानी शासन के अंधाधुंध बैलिस्टिक मिसाइल कार्यकलाप का सामना करने में गंभीर हैं।

इसमें इसके स्वयं के लोगों से बर्ताव किया जाना भी सम्मिलित है।  इस प्रकार का दुर्भावनापूर्ण कार्यकलाप कोई ऐसी बात है जिसके लिए अमेरिका ईरान के लोगों के साथ खड़ा रहेगा।  वे लगभग 40 वर्षों से शासन के बदतरीन शिकार रहे हैं और उनके पास अमेरिका का अटल समर्थन है।

अंत में, ट्रम्प प्रशासन ने मई में उन 12 क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जिनमें हम ईरान से परिवर्तन की माँग कर रहे हैं।

यदि ईरान मूलभूत कार्यनीतिक बदलाव करता है और इन माँगों का सम्मान करता है, तो हम अपने दबाव अभियान में नरमी लाने और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रणाली में ईरानी अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण और पुनःएकीकरण का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।

लेकिन राहत – हमारे प्रयासों से राहत केवल तब आएगी जब हम तेहरान की नीतियों में मूर्त्त, प्रदर्शित और लगातार बदलाव देखते हैं।

धन्यवाद।


मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/secretary/remarks/2018/12/288053.htm
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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