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स्टेट डिपार्टमेंट क़ुद्स फोर्स सहित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को अपनी पूर्णता में एक विदेशी आतंकवादी संगठन के रूप में नामित करने का इरादा रखता है। यह दुनिया भर में ईरान समर्थित आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम है।

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स्टेट डिपार्टमेंट की फैक्ट शीट
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को नामित किया जाना
8 अप्रैल, 2019


स्टेट डिपार्टमेंट क़ुद्स फोर्स सहित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को अपनी पूर्णता में एक विदेशी आतंकवादी संगठन के रूप में नामित करने का इरादा रखता है। यह दुनिया भर में ईरान समर्थित आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम है।

  • 15 अप्रैल को, IRGC को स्टेट डिपार्टमेंट की FTO सूची में जोड़ा जाएगा, जिसमें हिज़्बुल्ला, हमास, फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद, काताइब हिज़्बुल्ला और अल-अश्तर ब्रिगेड समेत 67 अन्य आतंकवादी संगठन शामिल हैं।
  • IRGC को FTO नामित किया जाना इस बात को रेखांकित करता है कि ईरान एक गैरकानूनी शासन है जो आतंकवाद को राजनीति के प्रमुख औजार के रूप में इस्तेमाल करता है और यह कि IRGC जो कि ईरान की आधिकारिक सेना का अंग है, 40 साल पहले अपनी स्थापना के बाद से ही आतंकवादी गतिविधि या आतंकवाद में लिप्त है।
  • IRGC सीधे तौर पर आतंकवादी साजिश में शामिल रहा है; आतंकवाद के लिए इसका समर्थन बुनियादी और संस्थागत तौर पर है, और इसने अमेरिकी नागरिकों को मारा है। यह कई अमेरिकी व्यक्तियों को बंधक बनाने और गलत तरीके से हिरासत में लेने के लिए भी ज़िम्मेदार है, जिनमें से कई आज ईरान में कैद में हैं।
  •  ईरानी सत्ता ने अपने ही लोगों की कीमत पर पर मध्य पूर्व और दुनिया भर में न केवल पैसे और हथियार मुहैया कराने, बल्कि आतंकवाद, हिंसा और अशांति को बढ़ावा देने का एक स्पष्ट विकल्प अपनाया है।
  • 2003 से इराक में कम से कम 603 अमेरिकी सैनिकों की मौत के लिए ईरानी सत्ता जिम्मेदार है। यह 2003 से 2011 तक इराक में हुई अमेरिकी सैन्यकर्मियों की सभी मौतों का 17% हिस्सा है, और IRGC के गुर्गों द्वारा मारे गए हजारों इराकियों के अलावा है।
  • यह कार्रवाई ईरानी शासन के खिलाफ हमारे अधिकतम दबाव अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम वित्तीय दबाव को बढ़ाना जारी रखेंगे और ईरानी सत्ता पर आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने की लागत तब तक बढ़ाएंगे, जब तक कि तेहरान इस अस्वीकार्य व्यवहार को छोड़ नहीं देता।

ईरानी सरकार के समर्थन के साथ IRGC 40 साल पहले हुई अपनी स्थापना के बाद से आतंकवादी गतिविधि में लिप्त रहा है।

  • The IRGC-सबसे प्रमुखता से अपने क़ुद्स फोर्स के ज़रिए-की वैश्विक आतंकवादी अभियान को निर्देशित और संचालित करने में ईरानी कर्ताओं के बीच सबसे बड़ी भूमिका है।
    • हाल के वर्षों में, IRGC कुद्स फोर्स आतंकवादी योजना का जर्मनी, बोस्निया, बुल्गारिया, केन्या, बहरीन और तुर्की सहित कई देशों में खुलासा किया गया और बाधित किया गया है।
    • IRGC क़ुद्स फोर्स ने 2011 में अमेरिकी धरती पर सऊदी राजदूत के खिलाफ एक आतंकवादी हमले की साजिश रची थी। सौभाग्य से, इस साजिश को नाकाम कर दिया गया था।
    • सितंबर 2018 में, एक अमेरिकी संघीय अदालत ने ईरान और IRGC को 1996 के खोबार टावर्स पर बमबारी के लिए ज़िम्मेदार ठहराया, जिसमें 19 अमेरिकी मारे गए थे।
    • 2012 में, तुर्की में एक हमले की साजिश रचने और केन्या में बमबारी की योजना बनाने को लेकर IRGC क़ुद्स फोर्स के गुर्गों को गिरफ्तार किया गया था।
    • जनवरी 2018 में, जर्मनी ने अपने यहां आतंकी साजिश में शामिल IRGC के दस गुर्गों का पता लगाया, और एक जर्मन-इजरायली समूह पर निगरानी रखने के लिए IRGC के एक और गुर्गे को दोषी ठहराया।
  • IRGC आतंकवादी संगठनों की एक ऐसी विस्तृत श्रृंखला के लिए वित्तीय और अन्य महत्वपूर्ण सहायता, प्रशिक्षण, तकनीकी हस्तांतरण, उन्नत पारंपरिक हथियार, मार्गदर्शन, या निर्देशन जारी रखे हुए है, जिनमें हिज़्बुल्ला, फलस्तीनी आतंकवादी समूह जैसे हमास और फलस्तीनी इस्लामी जिहाद, इराक में काताइब हिज़्बुल्ला, बहरीन में अल-अश्तर ब्रिगेड और सीरिया तथा खाड़ी के आसपास अन्य आतंकवादी समूह शामिल हैं।
  • छद्म युद्ध और विदेशी आतंकी समूहों को समर्थन देने के अलावा ईरान ने अपनी सीमा के भीतर आतंकियों को शरण भी दी और उनकी गतिविधियों में मदद दी। ईरान ने अल कायदा (AQ) के आतंकियों को अपने यहां रहने की अनुमति देनी जारी रखी है, वहां वे धन जुटाने में सफल हैं और दक्षिण एशिया और सीरिया में लड़ रहे हैं। 2016 में, ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरान में रह रहे AQ के तीन वरिष्ठ आतंकियों को चिह्नित करके प्रतबंधित किया और यह नोट किया कि ईरान ने 9/11 के कई अपहर्ताओं समेत AQ के सदस्यों को जानबूझकर अपने यहां रहने की अनुमति दी ताकि वे ईरानी सीमा से लगे अफगानिस्तान में प्रशिक्षण और संचालन गतिविधियों की योजना पर काम कर सकें।

IRGC को FTO की संज्ञा ईरानी शासन के खिलाफ हमारे अधिकतम दबाव अभियान में आगे की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • यह नई FTO संज्ञा पिछले प्रतिबंधों पर आधारित है, जो दुनिया को एक स्पष्ट संदेश भेजती है कि अमेरिकी प्रशासन ईरानी सत्ता पर अधिकतम दबाव बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, और IRGC में उन लोगों पर रोशनी डालती है जो आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं।
    • यह मानवाधिकार हनन, सेंसरशिप, बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधियों, आतंकवाद को समर्थन, या ईरान सरकार के साथ सहयोग के लिए इस प्रशासन द्वारा 900 से अधिक ईरान से संबंधित व्यक्तियों, संस्थाओं, विमानों और पोतों के पिछले प्रतिबंध पर आधारित है।
    • 19 जनवरी, 1984 के बाद से, अंतर्राष्ट्रीय आतंकी कृत्यों के लिए समर्थन प्रदान करने के लिए ईरान को आतंकवाद का एक राज्य प्रायोजक (SST) नामित किया गया है। इस संज्ञा के परिणामस्वरूप, ईरान कई प्रतिबंधों और बंदिशों के अधीन है, जिनमें अमेरिकी विदेशी सहायता पर बंदिशों समेत रक्षा निर्यात और बिक्री पर रोक; दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं पर निर्यात नियंत्रण; और विविध वित्तीय और अन्य बंदिशें शामिल हैं।
    • 2017 में, ट्रेज़री डिपार्टमेंट ने IRGC-क़ुद्स फोर्स के समर्थन में अपनी गतिविधियों के लिए अपने आतंकवाद-विरोधी प्रतिबंध प्राधिकरण (कार्यकारी आदेश 13224) के लिए विशेष रूप से वैश्विक आतंकवादी के रूप में IRGC को नामित किया था, जिसे पहले इसी प्राधिकरण के तहत 2007 में हिज़्बुल्ला और हमास सहित कई आतंकवादी समूहों को सहायता प्रदान करने के लिए नामित किया गया था।
    • IRGC को फिलहाल ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों के समर्थन के लिए 2007 में प्रतिबंध संबंधी हिदायतों सहित और 2011 और 2012 में ईरान के मानवाधिकारों के हनन के संबंध में विभिन्न कार्यकारी आदेशों के अनुसार नामित किया गया है।

मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/r/pa/prs/ps/2019/04/290963.htm
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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