rss

सेक्रेटरी ऑफ स्टेट माइकल आर. पोम्पेयो प्रेस को टिप्पणियाँ

Español Español, English English, العربية العربية, Português Português, Français Français, Русский Русский, اردو اردو

यू.एस. डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट
प्रवक्ता कार्यालय
तत्काल रिलीज़ के लिए 08 अप्रैल, 2019

टिप्पणियाँ

सेक्रेटरी ऑफ स्टेट माइकल आर. पोम्पेयो
प्रेस को टिप्पणियाँ
8 अप्रैल, 2019
प्रेस ब्रीफिंग कक्ष
वाशिंगटन, डी.सी.

 
 

सेक्रेटरी पोम्पेयो:  नमस्कार।  मैं इस्लामी गणतंत्र ईरान से संबंधित विदेश नीति की एक महत्वपूर्ण घोषणा करने के लिए यहां हूं।  आज संयुक्त राज्य अमेरिका ईरानी शासन के खिलाफ अपना अधिकतम दबाव” बनाने का अभियान जारी रखे हुए है।  मैं क़ुद्स फोर्स समेत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को नामित करने के अपने इरादे की घोषणा कर रहा हूं, जो कि आव्रजन और राष्ट्रीयता अधिनियम की धारा 219 के अनुसार एक विदेशी आतंकवादी संगठन है।  यह संज्ञा यानी नामकरण आज से एक सप्ताह बाद लागू हो जाएगा।

यह पहली बार है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने किसी अन्य सरकार के एक हिस्से को FTO के रूप में नामित किया है।  हम कर रहे हैं क्योंकि कि ईरानी सत्ता की ओर से आतंकवाद का राजनीति के औजार के तौर पर इस्तेमाल किसी अन्य सरकार से बुनियादी तौर पर अलग है।  यह ऐतिहासिक कदम दुनिया में आतंक के अग्रणी प्रायोजक देश को दुनिया भर में मुसीबत और मौत फैलाने के लिए वित्तीय साधनों से महरूम करेगा।

दुनिया भर के व्यवसायों और बैंकों का अब यह स्पष्ट कर्तव्य है कि वे जिन कंपनियों के साथ वित्तीय लेनदेन करते हैं, वे IRGC से किसी भी महत्वपूर्ण रूप से जुड़े नहीं हों।  यह अमेरिकी सरकार को ईरान समर्थित आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अतिरिक्त औजार भी मुहैया कराती है।

यह संज्ञा एक गैरकानूनी शासन को एक सीधा जवाब है और किसी को भी चौंकाती नहीं है, तथा यह 970 से अधिक ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं पर आधारित है जिन्हें ट्रम्प प्रशासन ने पहले ही प्रतिबंधित कर चुका है।

40 सालों से, इस्लामी गणतंत्र का रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर सक्रिय रूप से आतंकवाद में संलिप्त रहा है और इसने अन्य आतंकवादी समूहों को बनाया, समर्थित दिया और उन्हें निर्देशित किया है।  IRGC एक वैध सैन्य संगठन होने का स्वांग रचता है, लेकिन हममें से किसी को भी मूर्ख नहीं बनना चाहिए।  यह नियमित तौर पर सशस्त्र संघर्ष संबंधी कानूनों का उल्लंघन करता है; यह दुनिया भर में आतंकी अभियानों की योजना बनाता, आयोजित करता और उन्हें अंजाम तक पहुंचाता है।  अपनी स्थापना के काल से, IRGC का अधिदेश हर संभव साधनों से ईरानी शासन की क्रांति का बचाव और इसका निर्यात करना था।  IRGC ने अपनी स्थापना के तुरंत बाद आतंकवाद को संस्थागत बना दिया, 1983 में बेरुत में मरीन बैरकों के खिलाफ और 1984 में अमेरिकी दूतावास के एनेक्सी को अपने संपोषित आतंकी समूह हिज़्बुल्ला के साथ भयानक हमलों का निशाना बनाया।  इसके गुर्गों ने इराक से लेबनान से लेकर सीरिया और यमन तक मध्य पूर्व को अस्थिर करने का काम किया है। 

इस नामकरण के साथ, ट्रम्प प्रशासन बस एक बुनियादी हकीकत को मान्यता दे रहा है।  IRGC को भी उसी सूची में सही जगह मिलेगी जहां इसके समर्थन से तैयार ये आतंकवादी समूह पहले से हैं: लेबनानी हिज़्बुल्ला, फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद, हमास, कताइब हिज़्बुल्ला, और अन्य। इन सभी को पहले ही विदेशी आतंकवादी संगठनों की संज्ञा दी जा चुकी है। 

IRGC समर्थित आतंकवादी घटनाओं की लंबी सूची ही आज के ताज़ा निर्णय के लिए पर्याप्त औचित्य प्रदान करती है।  मैं आपको मुट्ठीभर उदाहरण देना चाहता हूं।

विगत सितंबर में संयुक्त राज्य अमेरिका में एक संघीय अदालत ने ईरान और IRGC को 1996 के खोबार टावर्स बमबारी के लिए जिम्मेदार ठहराया। इसमें अमेरिकी सैन्य सेवा के 19 सदस्य मारे गए थे।  2011 में संयुक्त राज्य अमेरिका ने वाशिंगटन, डी.सी. में बिल्कुल यहीं एक एक रेस्तरां को बम से उड़ाने की IRGC क़ुद्स फोर्स की साजिश को नाकाम कर दिया था।  इसके ज़रिए संयुक्त राज्य अमेरिका में सऊदी राजदूत को मारने का प्रयास किया गया था।

संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर भी IRGC का आतंक अभियान उतना ही सक्रिय है।  2012 में तुर्की में इज़रायली ठिकानों पर हमला करने की साजिश रचने के बाद क़ुद्स फोर्स के चार गुर्गो को पकड़ा गया था।  उसी साल, केन्या में बम हमले की योजना बनाने के लिए क़ुद्स फोर्स के दो अन्य गुर्गों को गिरफ्तार किया गया, जबकि क़ुद्स फोर्स ने एक बम हमले का निर्देश दिया, जिसमें इज़रायली राजनयिकों को निशाना बनाया गया।  और हाल ही में जनवरी 2018 में, जर्मन अधिकारियों ने अपने देश में सक्रिय क़ुद्स फोर्स के 10 संदिग्ध आतंकियों के नामों का खुलासा किया।  IRGC उन फलस्तीनी आतंकी समूहों का समर्थन करता है जो निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाते हैं, और इसने लेबनान और ईरान दोनों में वे आतंकवादी समूह बनाने में मदद की जो अमेरिका द्वारा नामित हैं।  और IRGC भी उस हत्यारे असद शासन का समर्थक है जो अपने ही लोगों को जहरीली गैस से मारता और कत्लेआम करता है।

हमारा यह नामकरण दुनिया को स्पष्ट करता है कि ईरानी सत्ता न केवल आतंकवादी समूहों का समर्थन करती है, बल्कि खुद आतंकवाद में भी संलिप्त है।  यह नामकरण ईरानी शासन के आतंक अभियान का नेतृत्व करने वाले कासिम सोलेमानी जैसे व्यक्तियों पर भी अभूतपूर्व दबाव डालता है।  वह क़ुद्स फोर्स का कमांडर है और आतंकवाद तथा अन्य प्रकार की हिंसा के ज़रिए इस्लामी क्रांति को आगे बढ़ाने के लिए तैनात ईरानी सेनाएं उसी की निगरानी में हैं।  वह पूरे क्षेत्र और दुनिया भर में आतंकवादी समूहों को ईरानी शासन के मुनाफे की खैरात बांटता है। 

इराक में मारे गए 603 अमेरिकी सैनिकों के खून में ईरानी सत्ता का हाथ होने का पता चला है और मोटे तौर पर इसमें IRGC के हाथ खून से सने थे।  इसकी कोई वजह नहीं कि क्यों ईरानी शासन पर उन मौतों के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की ओर से कोई जवाबदेही नहीं आयद की गई।  ईरान पर कोई मनमाना हमला होने से बहुत दूर, हमारा दबाव अभियान ईरानी सत्ता की दुर्भावनापूर्ण गतिविधि के लिए उचित और लंबे समय लंबित परिणामों को लागू करता है। 

हमें IRGC की देशव्यापी ठग विद्या और ईरानी शासन के नेताओं के उस भ्रष्टाचार को भी नहीं भूलना चाहिए, जो कि वे खुद अपने ही शासन वाले लोगों के खिलाफ करते हैं।  अन्य सरकारों तथा निजी क्षेत्र को अब और अधिक साफ तौर पर नज़र आएगा कि IRGC ने वैध और अवैध दोनों साधनों के ज़रिए ईरानी अर्थव्यवस्था में खुद को कितनी गहराई से लिप्त कर रखा है।

अभी इसी पिछली जुलाई में, तेहरान की नगर परिषद ने घोषणा की कि IRGC कोऑपरेटिव फाउंडेशन, जो IRGC के निवेश का प्रबंधन करता है, ने तेहरान शहर से $1 बिलियन से अधिक हड़प लिए हैं।  इसके अगले ही महीने, एक पूर्व पार्षद ने तेहरान के लंबे समय तक मेयर रहे एक व्यक्ति पर ठेके IRGC को दिलाने का आरोप लगाया।  यह कोई संयोग नहीं है कि यही मेयर पूर्व में IRGC कमांडर और ईरान के पुलिस स्टेट के प्रमुख के तौर पर भी काम कर चुका था।  2017 में, तेहरान ने कोऑपरेटिव फंड के साथ भ्रष्टाचार में संलिप्त कई IRGC कमांडरों को गिरफ्तार किया था, जिनमें IRGC के वित्तीय शिल्पकार, मसूद मेहरदादी भी शामिल था। 

फिर महमूद अहमदीनेजाद का कॉलेज के जमाने का पुराना दोस्त सादिक महसौली है।  वे उसे “अरबपति जनरल” कहकर पुकारते हैं।  वह निम्न स्तर के IRGC अधिकारी से चलकर ईरान के सबसे दौलतमंद व्यक्तियों में शुमार हो गया, इसका सारा श्रेय IRGC से जुड़ी कंपनियों से सभी निर्माण और तेल ठेके हासिल करने को जाता है। 

ईरानी नेता रंगदारी वसूलने वाले हैं, न कि क्रांतिकारी।  ईरानी लोग इस पाखंडी और भ्रष्ट अधिकारियों के काडर द्वारा शासित होने से कहीं बेहतर के लायक हैं।  वे अवसरवादी हैं।

और एक अंतिम नोट पर, IRGC अमेरिकी व्यक्तियों को गलत तरीके से हिरासत में लेने के लिए भी जिम्मेदार है, जिनमें से कई ईरान में अभी भी कैद में हैं।  अमेरिकी लोगों को पता होना चाहिए कि हम उनमें से हर एक को घर लाने के लिए तत्परतापूर्वक काम कर रहे हैं। 

इस नामकरण यानी संज्ञा के साथ, हम एक साफ संकेत, ईरान के नेताओं को एक साफ संदेश भेज रहे हैं, जिसमें कासिम सोलेमानी और उनके ठगों का गिरोह शामिल है, कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरानी शासन के गैरकानूनी व्यवहार को रोकने के लिए सभी तरह के दबाव लेकर आ रहा है।  हम दुनिया भर में हमारे सहयोगियों और भागीदारों से भी ऐसा करने के लिए कह रहे हैं। धन्यवाद।


मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/secretary/remarks/2019/04/290966.htm
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
ईमेल अपडेट्स
अपडेट्स के लिए साइन-अप करने या अपने सब्सक्राइबर प्राथमिकताओं तक पहुंचने के लिए कृपया नीचे अपनी संपर्क जानकारी डालें