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राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान पर बयान ग्रैंड फोये

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प्रेस सचिव का कार्यालय
तत्काल जारी करने के लिए
जनवरी 8, 2020

 

11:28 पूर्वाह्न ईएसटी
 
राष्ट्रपति: जब तक मैं अमेरिका का राष्ट्रपति हूं, ईरान को कभी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सुप्रभात। मुझे ये बताते हुए खुशी हो रही है: अमेरिकी लोगों को अत्यंत आभारी और खुश होना चाहिए कि ईरानी शासन के कल रात के हमले में किसी भी अमेरिकी को नुकसान नहीं पहुंचा। हमारी कोई जनहानि नहीं हुई, हमारे सारे सैनिक सुरक्षित हैं, और हमारे सैन्य ठिकानों को बस न्यूनतम क्षति पहुंची।

 
हमारे महान अमेरिकी बल किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं। ईरान पीछे हटता दिख रहा है जोकि सभी संबद्धित पक्षों के लिए अच्छी बात है और दुनिया के लिए बहुत ही अच्छी बात है।

ऐहतियात बरते जाने, सैनिकों के फैलाव और बहुत अच्छी तरह से काम करने वाली पूर्व चेतावनी प्रणाली के कारण किसी अमेरिकी या इराक़ी की जान नहीं गई। मैं अमेरिका के महिला और पुरुष सैनिकों के असाधारण कौशल और साहस को सलाम करता हूं।

बहुत लंबे समय तक – सही कहें तो 1979 से ही – राष्ट्रों ने मध्य पूर्व और उसके आगे ईरान के विध्वंसकारी और अस्थिरकारी व्यवहार को सहन किया है। वे दिन बीत गए हैं। ईरान आतंकवाद का अग्रणी प्रायोजक रहा है, और परमाणु हथियार हासिल करने का उसका प्रयास सभ्य विश्व के लिए ख़तरा है। हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे।

विगत सप्ताह, हमने एक निर्दयी आतंकवादी के अमेरिकी लोगों पर ख़तरा बनने से रोकने के लिए निर्णायक कार्रवाई की। मेरे निर्देश पर, अमेरिकी सेना ने दुनिया के शीर्ष आतंकवादी क़ासिम सुलेमानी को ख़त्म कर दिया। क़ुद्स फ़ोर्स के प्रमुख के रूप में सुलेमानी निकृष्टतम अत्याचारों के लिए व्यक्तिगत रूप से ज़िम्मेदार था।


उसने हिज़बुल्ला समेत विभिन्न आतंकवादी सेनाओं को असैन्य ठिकानों पर आतंकवादी हमले करने के लिए प्रशिक्षित किया। उसने पूरे क्षेत्र में ख़ूनी गृहयुद्धों को बढ़ावा दिया। उसने दुष्टतापूर्वक हज़ारों अमेरिकी सैनिकों को घायल करने और मार डालने का काम किया, जिनमें सड़क किनारे बम लगाना शामिल था जो चपेट में आए लोगों को अपंग बनाते हैं, उनका अंग भंग करते हैं।

सुलेमानी ने इराक़ में अमेरिकी कार्मिकों पर हाल के हमलों को निर्देशित किया था जिनमें चार सैनिक बुरी तरह घायल हो गए और एक अमेरिकी की मौत हो गई, और उसने बग़दाद में अमेरिकी दूतावास पर हिंसक हमले को अंजाम दिया था। हाल के दिनों में, वह अमेरिकी लक्ष्यों पर नए हमलों की योजना बना रहा था, पर हमने उसे रोक दिया।

     
सुलेमानी के हाथ अमेरिकी और ईरानी दोनों ही के ख़ून से भरे हुए थे। उसे लंबे समय पहले ख़त्म कर दिया जाना चाहिए था। सुलेमानी को ख़त्म कर हमने आतंकवादियों को एक प्रबल संदेश दिया है: यदि तुम्हें अपनी जान प्यारी है, तो तुम हमारे लोगों की जान पर ख़तरा नहीं बनोगे।

अभी जब हम ईरानी आक्रमण के जवाब में विकल्पों का मूल्यांकन कर रहे हैं, अमेरिका ईरानी शासन पर तत्काल अतिरिक्त कड़े प्रतिबंध लगाएगा। ये असरदार प्रतिबंध ईरान के अपना व्यवहार बदलने तक जारी रहेंगे।


अभी हाल के महीनों में ही, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा से जहाज़ों को ज़ब्त करने, सऊदी अरब पर अकारण हमला करने और दो अमेरिकी ड्रोनों को मार गिराने का काम किया है।


 ईरान की शत्रुता तब से काफी बढ़ गई जब एक मूर्खतापूर्ण ईरान परमाणु समझौते पर 2013 में हस्ताक्षर किए गए, और उसे 150 अरब डॉलर दिए गए, जिनमें से 1.8 अरब डॉलर की रकम नकदी में थी। अमेरिका को “धन्यवाद” कहने के बजाय उन्होंने “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे लगाए। वास्तव में, जिस दिन समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे उस दिन भी उन्होंने “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे लगाए थे।


उसके बाद ईरान समझौते में मिले धन से आतंकवाद फैलाने लगा, और उसने यमन, सीरिया, लेबनान, अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में नारकीय स्थिति बना दी। कल रात हमारे और हमारे सहयोगियों पर जो मिसाइलें दागी गईं उनमें पिछली सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया धन शामिल था। ईरानी शासन ने अपने ख़ुद के देश पर भी नकेल ख़ूब कस दी है, यहां तक कि हाल ही में पूरे ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में 1,500 लोगों को मार डाला गया।   


वैसे भी, बहुत ही दोषपूर्ण जेसीपीओए समझौता शीघ्र ही ख़त्म हो रहा है, और यह ईरान को परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए एक स्पष्ट और त्वरित अवसर मुहैय्या कराता है। ईरान को अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं का त्याग करना चाहिए और आतंकवाद को अपना समर्थन ख़त्म कर देना चाहिए। ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, रूस, और चीन के लिए इस वास्तविकता को स्वीकार करने का समय आ गया है।


उन्हें अब ईरान समझौते – या जेसीपीओए – के शेष बचे भाग से हट जाना चाहिए और हम सबको मिलकर ईरान के साथ एक ऐसे समझौते पर काम करना चाहिए जोकि विश्व को अधिक सुरक्षित और अधिक शांतिपूर्ण स्थान बनाए। हमें ऐसा समझौता भी करना चाहिए जोकि ईरान को फलने-फूलने और समृद्धि हासिल करने, और इसकी विशाल अप्रयुक्त संभावनाओं का फ़ायदा उठाने का अवसर दे। ईरान एक महान देश बन सकता है।


मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता तब तक क़ायम नहीं हो सकती जब तक कि ईरान हिंसा, अशांति, घृणा और युद्ध को भड़काना जारी रखता है। सभ्य विश्व को ईरानी शासन को एक स्पष्ट और एकजुट संदेश देना चाहिए: आतंक, हत्या और तबाही के तुम्हारे अभियान को अब और सहन नहीं किया जाएगा। इन्हें आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं जाएगी।

 
आज मैं नैटो से मध्य पूर्व प्रक्रिया में और अधिक शामिल होने के लिए कहने जा रहा हूं। पिछले तीन वर्षों के दौरान, मेरे नेतृत्व में, हमारी अर्थव्यवस्था पहले से कहीं अधिक मज़बूत है और अमेरिका ने ऊर्जा की आज़ादी हासिल कर ली है। इन ऐतिहासिक उपलब्धियों ने हमारी सामरिक प्राथमिकताओं को बदल दिया है। ये ऐसी उपलब्धियां हैं जिन्हें कोई भी संभव नहीं मान रहा था। और मध्य पूर्व में अवसर उपलब्ध हो गए। हम अब पूरी दुनिया में तेल और प्राकृतिक गैस के शीर्ष उत्पादक हैं। हम आत्मनिर्भर हैं, और हमें मध्य पूर्व के तेल की आवश्यकता नहीं है।


मेरे प्रशासन के तहत अमेरिकी सेना को 2.5 खरब डॉलर की लागत से पूरी तरह पुनर्निर्मित किया गया है। अमेरिकी सशस्त्र सेनाएं पहले से अधिक मज़बूत हैं। हमारी मिसाइलें बड़ी, ताक़तवर, सटीक, घातक और तेज़ हैं। कई हाइपरसोनिक मिसाइलें निर्माणाधीन हैं।


हालांकि हमारे पास एक महान सेना और साज़ो-सामान होने के तथ्य का ये मतलब नहीं है कि हमें इनका इस्तेमाल करना होगा। हम इनका उपयोग नहीं करना चाहते हैं। अमेरिकी ताक़त, सैनिक और आर्थिक दोनों, सबसे अच्छी निवारक है।


तीन महीने पहले, आइसिस और इसकी क्षेत्रीय ख़िलाफ़त को 100 फ़ीसदी नष्ट करने के बाद, हमने आइसिस के बर्बर नेता अल-बग़दादी को मार डाला, जोकि बड़ी संख्या में मौतों के लिए ज़िम्मेदार था, जिनमें ईसाइयों, मुसलमानों और उसकी राह में बाधक हर किसी का सामूहिक रूप से सिर कलम किया जाना शामिल है। वह एक राक्षस था। अल-बग़दादी फिर से आइसिस की ख़िलाफ़त स्थापित करने का प्रयास कर रहा था, और वह नाकाम रहा।

 
मेरे प्रशासन के कार्यकाल में आइसिस के दसियों हज़ार लड़ाकों को मारा या बंदी बनाया गया। आइसिस ईरान का स्वाभाविक शत्रु है। आइसिस का विध्वंस ईरान के लिए अच्छा है, और हमें इस दिशा में तथा अन्य साझा प्राथमिकताओं पर मिलकर काम करना चाहिए।

 
अंत में, ईरान के लोगों और नेताओं के लिए: हम चाहते हैं कि आपका भविष्य हो और एक महान भविष्य हो – जिसके कि आप हक़दार हैं, जब आपके यहां समृद्धि हो, और दुनिया के राष्ट्रों के साथ सद्भाव हो। अमेरिका हर किसी के साथ शांति स्थापित करने के लिए तैयार है जोकि ऐसा चाहते हों।

 
मैं आप सबका धन्यवाद करना चाहता हूं, और ईश्वर अमेरिका को आशीष दें। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। धन्यवाद। धन्यवाद।

समाप्त। 11:37 पूर्वाह्न ईएसटी।


यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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