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ईरान के लोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के हक़दार हैं

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अमेरिकी विदेश विभाग
तत्काल जारी करने के लिए
फरवरी 20, 2020

 

विदेश मंत्री माइकल आर. पोम्पियो का बयान:

अमेरिका ने आज ईरान की गार्डियन काउंसिल (शूरा-ए-निगहबान) और उसकी चुनाव पर्यवेक्षण समिति के उन पांच सदस्यों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिनकी भूमिका ईरानियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के उनके हक़ से वंचित करने में रही है। इन लोगों में गार्डियन काउंसिल का सचिव अहमद जन्नती शामिल है जिसने पूर्व में राजनीतिक असंतुष्टों की हत्या किए जाने की सराहना की थी और ईरानी अधिकारियों से और अधिक संख्या में असंतुष्टों को ख़त्म करने का आह्वान किया था।  

जन्नती जैसे मौलवियों ने पिछले 41 वर्षों से ईरानी लोगों को चुनावों में अपनी वास्तविक पसंद के लोगों को चुनने के अवसरों से वंचित रखा है। आज जिन लोगों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं वे या तो ईरान के ग़ैर-निर्वाचित सर्वोच्च नेता के सहयोगी हैं या उनके द्वारा नियुक्त किए गए हैं। वे एक ऐसी चुनावी प्रक्रिया संचालित करते हैं जिसमें ईरानी जनता की आवाज़ को दबाया जाता है और उनकी राजनीतिक भागीदारी को सीमित किया जाता है। ईरान के 21 फरवरी के संसदीय चुनावों से पहले गार्डियन काउंसिल ने 7,000 से अधिक उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने तक से रोक दिया। इनमें से कई वैसे लोग थे जिन्होंने सर्वोच्च नेता के नीतियों पर सवाल उठाए थे। ये चुनाव एक धोखा है। यह स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं है।

ईरानी जनता स्वदेश में इस शासन की क्रूरता और विदेशों में इसके हिंसक कृत्यों का विरोध करती है। उन्हें अलग-थलग किए जाने या मार डाले जाने के डर के बिना अपनी राय देने के अवसरों का हक़ है। ईरानी जनता की आवज़ सुनी जानी चाहिए। अमेरिका, ईरान के स्वाभिमानी लोगों के साथ खड़ा है और हम स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की उनकी मांग का समर्थन करते हैं।


मूल सामग्री देखें: https://www.state.gov/the-iranian-people-deserve-free-and-fair-elections/
यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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