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कोविड-19 के मद्देनज़र मानवीय एवं स्वास्थ्य सहायता देने में अमेरिका की अग्रणी भूमिका

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अमेरिकी विदेश विभाग
तत्काल जारी करने के लिए
मार्च 27, 2020

तथ्य पत्रक

 

अमेरिकी सरकार कोविड-19 महामारी के मद्देनज़र दुनिया में मानवीय एवं स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही है। हम देश और विदेश दोनों ही जगह तेजी से क़दम उठाने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। एक व्यापक और उदार अमेरिकी पहलक़दमी के रूप में, विदेश विभाग और यूएसएड ज़रूरतमंद देशों को आपातकालीन स्वास्थ्य और मानवीय सहायता में लगभग 274 मिलियन डॉलर का आरंभिक योगदान कर रहे हैं। यह राशि पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ़ जैसे बहुपक्षीय संगठनों को हमारे द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे धन के अतिरिक्त है।

अभी तक प्रदान की गई कुल सहायता, जोकि वैश्विक महामारी के सर्वाधिक ख़तरे का सामना कर रहे क़रीब 64 देशों को दी जाएगी, इसमें क़रीब 100 मिलियन डॉलर का हिस्सा यूएसएड के वैश्विक स्वास्थ्य आपात आरक्षित कोष से आया है जबकि 110 मिलियन डॉलर यूएसएड के अंतरराष्ट्रीय आपदा सहायता कार्यक्रम से। विदेश विभाग के जनसंख्या, शरणार्थी एवं प्रवासन ब्यूरो के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) को मौजूदा मानवीय संकट की परिस्थितियों में कोविड-19 के संकट से उत्पन्न चुनौतियों के मद्देनज़र दुनिया के सर्वाधिक कमज़ोर समुदायों में से कुछ की मदद के लिए 64 मिलियन डॉलर उपलब्ध कराए जाएंगे।

अमेरिकी सरकार की एजेंसियां समन्वय और संभावित प्रभाव के अनुरूप विदेशी सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। आज अतिरिक्त धन उपलब्ध कराए जाने के साथ ही अमेरिका निम्नानुसार विशेष सहायता प्रदान कर रहा है:

अफ़्रीका:

  • अंगोला: स्वास्थ्य सहायता के रूप में दिए गए 570,000 डॉलर की मदद से अंगोला में जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था, जल एवं स्वच्छता तथा मुख्य स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण में मदद मिलेगी। ये सहायता अंगोला में अमेरिका के दीर्घकालिक निवेश के अतिरिक्त है, जिसमें स्वास्थ्य सहायता के 613 मिलियन डॉलर और विगत 20 वर्षों में देश में कुल 1.40 अरब डॉलर के निवेश शामिल हैं।
  • बुर्किना फ़ासो: स्वास्थ्य और मानवीय सहायता के रूप में क़रीब 2.1 मिलियन डॉलर जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था, जल एवं स्वच्छता संबंधी गतिविधियों, संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी संदेशों के प्रसार पर ख़र्च किए जाएंगे। विगत 20 वर्षों में अमेरिका ने बुर्किना फ़ासो में सिर्फ़ स्वास्थ्य सेक्टर में ही 222 मिलियन डॉलर और देश में कुल 2.4 बिलियन डॉलर का निवेश किया है।
  • कैमरून: स्वास्थ्य सहायता के 1.4 मिलियन डॉलर से मुख्य स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमण नियंत्रण, प्रयोगशालाओं को बेहतर बनाने और निगरानी, समुदायों की तैयारी, और स्थानीय स्तर पर संदेशों के प्रसार की व्यवस्था को मज़बूत करने के कार्य किए जा सकेंगे। यह सहायता अमेरिका द्वारा पहले से ही दी जा रही 390 मिलियन डॉलर स्वास्थ्य सहायता और विगत 20 वर्षों में देश में किए कुल निवेश के अतिरिक्त है।
  • आइवरी कोस्ट: अमेरिका की 1.6 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता लैबोरेटरी व्यवस्था स्थापित करने, संक्रमण के मामले ढूंढने और निगरानी की व्यवस्था लागू करने, तैयारी और कार्रवाई के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद करने, जोख़िम के बारे में संदेशों के प्रसार और संक्रमण निवारण एंव नियंत्रण जैसे कार्यों में सरकार की सहायता के लिए है। विगत 20 वर्षों में अमेरिका ने आइवरी कोस्ट के स्वास्थ्य क्षेत्र में 1.2 बिलियन डॉलर का और देश के दीर्घकालीन विकास और अऩ्य सहायता मदों में 2.1 बिलियन डॉलर का निवेश किया है।
  • इथियोपिया: कोविड-19 से मुक़ाबले के लिए दी जा रही 1.85 मिलियन डॉलर की सहायता जोख़िम के बारे में संदेशों के प्रसार, जल एवं स्वस्छता, संक्रमण निवारण और समन्वय के कार्यों में लगाए जाएंगे। ये सहायता विगत 20 वर्षों में इथियोपिया में अमेरिका के 13 अरब डॉलर के दीर्घकालिक निवेश के अतिरिक्त है, जिनमें कि करीब 4 अरब डॉलर की स्वास्थ्य सहायता शामिल रही है।
  • कीनिया: देश को दी जा रही 1 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता जोख़िम संबधी सूचना व्यवस्था को प्रभावी बनाने, संभावित मामलों के लिए स्वास्थ्य-संवाद और मीडिया नेटवर्क तैयार करने तथा मीडिया, स्वास्थ्यकर्मियों और समुदायों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सूचनाओं की व्यवस्था में मदद करेगी। कोविड-19 संबंधी ये विशेष सहायता विगत 20 वर्षों में कीनिया को अमेरिका द्वारा दी गई 6.7 अरब डॉलर की स्वास्थ्य सहायता और 11.7 अरब डॉलर की विकास एवं अन्य सहायता के अतिरिक्त है।
  • मोज़ांबिक़: आपात स्वास्थ्य सहायता के रूप में दिए जा रहे 2.8 मिलियन डॉलर मोज़ांबिक़ में जोख़िम से जुड़ी सूचना व्यवस्था, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा मुख्य स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण के प्रयासों को मज़बूत करने में लगाए जाएंगे। अमेरिका बीते 20 वर्षों में देश को स्वास्थ्य सहायता में 3.8 बिलियन डॉलर तथा विकास एवं अन्य सहायताओं की मद में क़रीब 6 बिलियन डॉलर का निवेश कर चुका है।
  • नाइजीरिया: स्वास्थ्य एवं मानवीय सहायता के7 मिलियन डॉलर जोख़िम संबंधी संवाद, जल एवं स्वच्छता कार्यों, संक्रमण निवारण, और समन्वय पर ख़र्च किए जाएंगे। अमेरिका बीते 20 वर्षों में नाइजीरिया में स्वास्थ्य सहायता में 5.2 बिलियन डॉलर तथा अन्य सहायता मदों में 8.1 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश कर चुका है।
  • रवांडा: देश को1 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता कोविड-19 को लेकर निगरानी एवं संक्रमण मामलों के प्रबंधन में मदद करेगी। ये बीते 20 वर्षों में रवांडा को दी गई 1.5 बिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता तथा 2.6 बिलियन डॉलर की अन्य सहायताओं के अतिरिक्त है।
  • सेनेगल: स्वास्थ्य एवं मानवीय सहायता के 1.9 मिलियन डॉलर जोख़िम संबंधी संवाद, जल एवं स्वच्छता कार्यों, संक्रमण निवारण और नियंत्रण, और सार्वजनिक स्वास्थ्य संदेशों पर ख़र्च किए जाएंगे। अमेरिका बीते 20 वर्षों में सेनेगल में स्वास्थ्य सहायता में करीब 880 मिलियन डॉलर के निवेश समेत कुल 2.8 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश कर चुका है।
  • दक्षिण अफ़्रीका: कोविड-19 से मुक़ाबले के लिए स्वास्थ्य सहायता में दिए जा रहे 2.77 मिलियन डॉलर जोख़िम संबंधी संवाद, जल एवं स्वच्छता संबंधी योजनाओं, संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी जागरुकता अभियान आदि पर ख़र्च किए जाएंगे। यह बीते 20 वर्षों में दक्षिण अफ़्रीका में अमेरिका द्वारा स्वास्थ्य सहायता पर ख़र्च किए गए 6 बिलियन डॉलर तथा 8 बिलियन डॉलर की कुल सहायता के अतिरिक्त है।
  • तंज़ानिया: स्वास्थ्य सहायता में दिए जा रहे 1 मिलियन डॉलर जोख़िम संबंधी संवाद, जल एवं स्वच्छता, संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी संदेशों आदि पर ख़र्च किए जाएंगे। बीते 20 वर्षों में अमेरिका तंज़ानिया में स्वास्थ्य सहायता में 4.9 बिलियन डॉलर तथा कुल 7.5 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेशकर चुका है।
  • ज़ांबिया: स्वास्थ्य सहायता में दिए जा रहे 1.87 मिलियन डॉलर जोख़िम संबंधी संचार व्यवस्था, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों, संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी संदेशों आदि पर ख़र्च किए जाएंगे। नया निवेश बीते 20 वर्षों में अमेरिका द्वारा ज़ांबिया में स्वास्थ्य सहायता में 3.9 बिलियन डॉलर तथा कुल क़रीब 4.9 बिलियन डॉलर की मदद के अतिरिक्त है।
  • ज़िम्बाब्वे: देश को दी जा रही 470,000 डॉलर की स्वास्थ्य सहायता सरकार को बड़े पैमाने पर परीक्षण के लिए लैबोरेट्रीज़ स्थापित करने, इन्फ़्लूएंज़ा जैसी अस्वस्थता के मामलों का पता लगाने तथा देश में प्रवेश के केंद्रों पर सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन योजना लागू करने में मदद करेगी। ये ज़िम्बाब्वे में विगत 20 वर्षों में अमेरिका के निवेश के अतिरिक्त है, जिनमें क़रीब 1.2 बिलियन डॉलर अकेले स्वास्थ्य सहायता के रूप में और क़रीब 3 बिलियन डॉलर की सकल सहायता शामिल है।
  • स्वास्थ्य सहायता के अलावा सेंट्रल अफ़्रीकन रिपब्लिक (3 मिलियन डॉलर), कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (6 मिलियन डॉलर), सोमालिया (7 मिलियन डॉलर), दक्षिण सूडान (8 मिलियन डॉलर)और सूडान (8 मिलियन डॉलर) को मानवीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह सहायता प्रधानत: जल एवं स्वच्छता संबंधी क्रिया-कलापों को मज़बूत करने के लिए स्वास्थ्य संबंधी मदद और आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। इन देशों के नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण में निवेश का अमेरिका का एक लंबा, उदार इतिहास रहा है, और यह मानवीय सहायता पिछले 20 वर्षों में दी गई निम्नांकित अमेरिकी सहायता के अतिरिक्त है: सेंट्रल अफ़्रीकन रिपब्लिक के लिए स्वास्थ्य सहायता में 4.5 मिलियन डॉलर और कुल 822.6 मिलियन डॉलर की सहायता; कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के लिए स्वास्थ्य सहायता में लगभग 1.6 बिलियन डॉलर और कुल सहायता में लगभग 6.5 बिलियन डॉलर; सोमालिया के लिए स्वास्थ्य सहायता में लगभग 30 मिलियन डॉलर और कुल सहायता में 5.3 बिलियन डॉलर; दक्षिण सूडान के लिए स्वास्थ्य सहायता में 405 मिलियन डॉलर से अधिक और कुल सहायता में लगभग 6.4 बिलियन डॉलर से अधिक; और सूडान के लिए स्वास्थ्य सहायता में 3 मिलियन डॉलर से अधिक और  कुल सहायता में 1.6 बिलियन डॉलर से अधिक।

यूरोप और यूरेशिया:

  • अल्बानिया: लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता, जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था को मज़बूत करने जैसे कार्यों के वास्ते स्वास्थ्य सहायता के रूप में 700,000 डॉलर दिए जा रहे हैं।  बीते 20 वर्षों में अमेरिका ने अल्बानिया को स्वास्थ्य सहायता में 51.8 मिलियन डॉलर से अधिक तथा कुल 693 मिलियन डॉलर से अधिक की मदद दी है।
  • आर्मीनिया: 1.1 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता से लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता और जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था को मज़बूत करने जैसे कार्यों में मदद मिलेगी। अमेरिका ने बीते 20 वर्षों में आर्मीनिया में स्वास्थ्य सहायता के मद में क़रीब 106 मिलियन डॉलर तथा कुल मिलाकर 1.57 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है।
  • अज़रबैजान: देश को 1.7 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता और जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था को मज़बूत करने में मदद करेगी। बीते 20 वर्षों में अमेरिका ने अज़रबैजान में सिर्फ़ स्वास्थ्य सेक्टर में क़रीब 41 मिलियन डॉलर तथा कुल 890 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है।
  • बेलारूस: 1.3 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता बेलारूस को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता तथा जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था को मज़बूत करने आदि कार्यों में मदद करेगी। ये नई सहायता बेलारूस को दशकों से दी जा रही अमेरिकी मदद के अतिरिक्त है और गत 20 वर्षों में उसे सिर्फ़ स्वास्थ्य सेक्टर में क़रीब 1.5 मिलियन डॉलर तथा कुल 301 मिलियन डॉलर की सहायता दी जा चुकी है।
  • बोस्निया और हर्जेगोविना: देश को 1.2 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने और जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था को मज़बूत करने आदि के काम आएगा। बीते 20 वर्षों में अमेरिका ने बोस्निया और हर्जेगोविना को स्वास्थ्य सहायता के रूप में 200,000 डॉलर तथा कुल 1.1 बिलियन डॉलर से अधिक की सहायता दी है।
  • जॉर्जिया: देश को 1.1 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता तथा जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था को मज़बूत करने आदि कार्यों में मदद करेगी। बीते 20 वर्षों में अमेरिका ने जॉर्जिया को स्वास्थ्य सहायता के रूप में क़रीब 139 मिलियन डॉलर तथा कुल 3.6 बिलियन डॉलर से अधिक की कुल सहायता दी है।
  • कोसोवो: 1.1 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता कोसोवो को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता तथा जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था को मज़बूत करने आदि कार्यों में मदद करेगी। कोविड-19 से लड़ने के लिए ये सहायता कोसोवो में अमेरिका के दीर्घकालिक निवेश के अतिरिक्त है जिसके पिछले 20 वर्षों में अमेरिका ने कोसोवो को स्वास्थ्य सहायता के रूप में क़रीब 10 मिलियन डॉलर तथा कुल 773 मिलियन डॉलर की सहायता दी है।
  • मोल्दोवा: 1.2 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता मोल्दोवा को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने तथा जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था को मज़बूत करने आदि कार्यों में मदद करेगी।  कोविड-19 से लड़ने के लिए ये सहायता बीते 20 वर्षों में अमेरिका द्वारा मोल्दोवा को स्वास्थ्य सहायता के रूप में क़रीब 42 मिलियन डॉलर तथा कुल 1 बिलियन डॉलर की सहायता के अतिरिक्त है।
  • उत्तर मेसेडोनिया: 1.1 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता उत्तर मेसेडोनिया को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था स्थापित करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने तथा जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था को मज़बूत करने आदि कार्यों में मदद करेगी।  बीते 20 वर्षों में अमेरिका ने उत्तर मेसेडोनिया में सिर्फ़ स्वास्थ्य सेक्टर में क़रीब 11.5 मिलियन डॉलर तथा कुल 738 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है।
  • सर्बिया: देश को 1.2 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता से लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता तथा जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था को मज़बूत करने आदि कार्यों में मदद मिलेगी। बीते 20 वर्षों में अमेरिका ने सर्बिया को स्वास्थ्य सहायता के रूप में क़रीब 5.4 मिलियन डॉलर तथा कुल 1 बिलियन डॉलर से अधिक की कुल सहायता दी है।
  • यूक्रेन: 1.2 मिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता से यूक्रेन को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता तथा जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था को मज़बूत करने आदि कार्यों में मदद मिलेगी। अमेरिका ने बीते 20 वर्षों में यूक्रेन में स्वास्थ्य सेक्टर में 362 मिलियन डॉलर का दीर्घकालिक निवेश किया है, और इसी अवधि में कुल 5 बिलियन डॉलर से अधिक की कुल सहायता दी है।
  • उज़बेकिस्तान: लगभग 848,000 डॉलर की स्वास्थ्य सहायता से उज़बेकिस्तान को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता तथा जोख़िम संबंधी संवाद व्यवस्था को मज़बूत करने आदि कार्यों में मदद मिलेगी। ये नई सहायता बीते 20 वर्षों में अमेरिका द्वारा उज़बेकिस्तान को दी गई 122 मिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता तथा कुल 962 मिलियन डॉलर से अधिक की सहायता के अतिरिक्त है।

एशिया:

  • अफ़ग़ानिस्तान: लगभग 5 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य और मानवीय सहायता आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) में कोविड-19 का पता लगाने और उपचार करने पर ख़र्च की जाएगी। साथ ही, अमेरिका ने मौजूदा संसाधनों में से 10 मिलियन डॉलर कोविड-19 को लेकर संयुक्तराष्ट्र (डब्ल्यूएचओ) की आपात उपाय योजना के लिए आवंटित किया है। इससे निगरानी कार्य, लैबोरेट्रीज़ में सुधार, संक्रमण के मामलों के प्रबंधन, संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण, सामुदायिक भागीदारी तथा अफ़ग़ानिस्तान सरकार को तकनीकी सहायता से जुड़े कार्य किए जा सकेंगे।
  • बांग्लादेश: 3.4 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता संक्रमण के मामलों के प्रबंधन और निगरानी संबंधी कार्यों में मददगार होगी। ये नई सहायता बीते 20 वर्षों में अमेरिका द्वारा बांग्लादेश को दी गई 1 बिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता तथा कुल 4 बिलियन डॉलर से अधिक की सहायता के अतिरिक्त है।
  • बर्मा: लगभग 3.8 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता जलापूर्ति एवं स्वच्छता कार्यों, कोविड-19 मामलों के प्रबंधन, घटना आधारित निगरानी और समन्वय जैसे कामों में लगाई जाएगी। ये सहायता बीते 20 वर्षों में बर्मा को अमेरिका द्वारा दी गई 176 मिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता तथा कुल 1.3 बिलियन डॉलर से अधिक की सहायता के अतिरिक्त है।
  • कंबोडिया: लगभग2 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने तथा तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने आदि कार्यों में लगाई जाएगी। अमेरिका ने कंबोडिया में स्वास्थ्य सेक्टर में 730 मिलियन डॉलर का दीर्घकालिक निवेश किया है, और बीते 20 वर्षों में उसे कुल 1.6 बिलियन डॉलर से अधिक की सहायता दी है।
  • भारत: 2.9 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता भारत में लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं घटना विशेष की निगरानी करने तथा तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने आदि कार्यों में लगाई जाएगी। ये सहायता बीते 20 वर्षों में भारत को अमेरिका द्वारा दी गई 1.4 बिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता तथा कुल 2.8 बिलियन डॉलर से अधिक की सहायता के अतिरिक्त है।
  • इंडोनेशिया: 2.3 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता इंडोनेशिया में लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं घटना विशेष की निगरानी करने तथा तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने आदि कार्यों में ख़र्च की जाएगी। अमेरिका ने इंडोनेशिया में स्वास्थ्य सेक्टर में 1 बिलियन डॉलर का निवेश किया है, और बीते 20 वर्षों में उसे कुल 5 बिलियन डॉलर से अधिक की सहायता दी है।
  • कज़ाख़स्तान: 800,000 डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता से कज़ाख़स्तान को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता आदि कार्यों में मदद मिलेगी। ये नई सहायता बीते 20 वर्षों में कज़ाख़स्तान को अमेरिका द्वारा दी गई 86 मिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता तथा कुल 2 बिलियन डॉलर से अधिक की सहायता के अतिरिक्त है।
  • किर्गिज़स्तान: लगभग883,000 डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता से किर्गिज़स्तान लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता आदि कार्यों को कर सकेगा। अमेरिका ने स्वास्थ्य सहायता के रूप में किर्गिज़स्तान में 120 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है, और बीते 20 वर्षों में उसे कुल 1.2 बिलियन डॉलर से अधिक की सहायता दी है।
  • लाओस: लगभग2 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता से लाओस को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता आदि कार्यों में मदद मिलेगी। ये सहायता लाओस में अतीत में किए गए अमेरिकी निवेश के अनुरूप है जिसके तहत बीते 20 वर्षों में अमेरिका ने 92 मिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता तथा कुल 348 मिलियन डॉलर से अधिक की सहायता दी है।
  • मंगोलिया: लगभग 1.2 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता से सरकार को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता आदि कार्यों में मदद मिलेगी। बीते 20 वर्षों में अमेरिका ने मंगोलिया में स्वास्थ्य सहायता के रूप में क़रीब 106 मिलियन डॉलर का निवेश किया है तथा उसे कुल 1 बिलियन डॉलर की सहायता दी है।
  • नेपाल: 1.8 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता से सरकार को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता आदि कार्यों में मदद मिलेगी। विगत 20 वर्षों में अमेरिका ने सिर्फ़ स्वास्थ्य सहायता के रूप में ही नेपाल में 603 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है तथा उसे कुल 2 बिलियन डॉलर की सहायता दी है।
  • पापुआ न्यू गिनी: 1.2 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता पापुआ न्यू गिनी की सरकार को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने, जोख़िम संबंधी संवाद की सुचारू व्यवस्था करने, संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण आदि कार्यों में मदद करेगी। विगत 20 वर्षों में अमेरिका ने पापुआ न्यू गिनी में सिर्फ़ स्वास्थ्य सहायता के रूप में ही 52 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है तथा उसे क़रीब 90 मिलियन डॉलर की सहायता दी है।
  • प्रशांतीय द्वीप देश: 1.2 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता सरकारों को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने, जोख़िम संबंधी संवाद की सुचारू व्यवस्था करने, संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण आदि कार्यों के लिए दी गई है। बीते एक दशक में अमेरिका ने प्रशांतीय द्वीप देशों को स्वास्थ्य सहायता के रूप में 620 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है। विगत 20 वर्षों में अमेरिका ने प्रशांतीय द्वीप देशों को कुल 5.21 बिलियन डॉलर की सहायता दी है।
  • पाकिस्तान: 1 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता पाकिस्तान को निगरानी व्यवस्था मज़बूत करने तथा संभावित प्रकोप को पहचानने के लिए समुदायों को बेहतर तैयार करने में मदद कर सकेगी। पाकिस्तान की कोविड-19 कार्य योजना को सुदृढ़ करने के लिए अमेरिका ने उपलब्ध धन में से 1 मिलियन डॉलर स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण और तात्कालिक ज़रूरत के अन्य कार्यों के लिए आवंटित किया है। बीते 20 वर्षों में अमेरिका ने पाकिस्तान में दीर्घकालिक निवेश के तहत अकेले स्वास्थ्य सेक्टर को 1.1 बिलियन डॉलर की सहायता दी है तथा उसे कुल 18.4 बिलियन डॉलर की सहायता दी है।
  • फ़िलीपींस: लगभग 4 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता सरकार को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने, जोख़िम संबंधी संवाद की सुचारू व्यवस्था करने, संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण आदि कार्यों के लिए दी गई है। अमेरिका ने बीते 20 वर्षों में फ़िलीपींस में अकेले स्वास्थ्य सेक्टर में 582 मिलियन डॉलर का निवेश किया है तथा उसे कुल 4.5 बिलियन डॉलर की सहायता दी है।
  • श्रीलंका: 1.3 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता सरकार को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने, जोख़िम संबंधी संवाद की सुचारू व्यवस्था करने, संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण आदि कार्यों के लिए दी गई है। बीते 20 वर्षों में श्रीलंका में अमेरिका के निवेश में अकेले स्वास्थ्य सहायता के रूप में 26 मिलियन डॉलर तथा कुल 1 बिलियन डॉलर की सहायता शामिल हैं।
  • ताजिकिस्तान: लगभग866,000 डॉलर की स्वास्थ्य सहायता सरकार को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने, जोख़िम संबंधी संवाद की सुचारू व्यवस्था करने आदि में मदद मिलेगी। ये सहायता बीते 20 वर्षों में ताजिकिस्तान को अमेरिका द्वारा दी गई 125 मिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता तथा कुल 1 बिलियन डॉलर से अधिक की सहायता के अतिरिक्त है।
  • थाईलैंड: लगभग1.2 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता सरकार को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने, जोख़िम संबंधी संवाद की सुचारू व्यवस्था करने, संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण आदि कार्यों के लिए दी गई है। ये सहायता बीते 20 वर्षों में थाईलैंड में अमेरिका के दीर्घकालीन निवेश के तहत दी गई 213 मिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता तथा कुल 1 बिलियन डॉलर से अधिक की सहायता के अतिरिक्त है।
  • तुर्कमेनिस्तान: लगभग920,000 डॉलर की स्वास्थ्य सहायता लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने, जोख़िम संबंधी संवाद की सुचारू व्यवस्था करने आदि में मदद के लिए है। अमेरिका ने बीते 20 वर्षों में तुर्कमेनिस्तान को 21.5 मिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता तथा कुल 207 मिलियन डॉलर से अधिक की सहायता दी है।
  • तिमोर लेस्ते: लगभग1.1 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता सरकार को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने, जोख़िम संबंधी संवाद की सुचारू व्यवस्था करने, संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण जैसे कार्यों में मदद कर सकेगी। अमेरिका ने बीते 20 वर्षों में तिमोर लेस्ते को क़रीब 70 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता तथा कुल 542 मिलियन डॉलर से अधिक की सहायता दी है।
  • वियतनाम: लगभग3 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता सरकार को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने, जोख़िम संबंधी संवाद की सुचारू व्यवस्था करने, संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण जैसे कार्यों में मदद कर सकेगी। विगत 20 वर्षों में वियतनाम में अमेरिका के निवेश में अकेले स्वास्थ्य सहायता के रूप में 706 मिलियन डॉलर से अधिक तथा कुल 1.8 बिलियन डॉलर की सहायता शामिल हैं।
  • एशिया में क्षेत्रीय प्रयास: 1.6 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता क्षेत्र की सरकारों को लेबोरेट्रीज़ की व्यवस्था तैयार करने, संक्रमण के मामलों का पता लगाने एवं निगरानी का काम शुरू करने, तैयारियों और कार्रवाई के वास्ते तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता करने, जोख़िम संबंधी संवाद की सुचारू व्यवस्था करने तथा संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण जैसे कार्यों में मदद कर सकेगी। विगत 20 वर्षों में अमेरिका ने क्षेत्र के देशों को अलग-अलग सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सहायता के रूप में 226 मिलियन डॉलर से अधिक तथा कुल 3 बिलियन डॉलर से अधिक की सहायता दी है।

लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र:

  • जमैका: 700,000 डॉलर की स्वास्थ्य सहायता  जोख़िम संबंधी संदेशों के प्रसार, जल और स्वच्छता, संक्रमण का निवारण और नियंत्रण करने, कोविड-19 मामलों का प्रबंधन करने, लैबोरेट्रीज़ को प्रभावी बनाने और वायरस के प्रसार का सर्वेक्षण करने में मदद करेगी। यह सहायता पिछले 20 वर्षों में जमैका में अमेरिका द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में 87 मिलियन डॉलर के निवेश और लगभग 619 मिलियन डॉलर के कुल अमेरिकी निवेश के अतिरिक्त है।
  • पराग्वे: 1.3 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता जोख़िम संबंधी संदेशों के प्रसार, संक्रमण का निवारण और नियंत्रण करने, कोविड-19 मामलों का प्रबंधन करने, लैबोरेट्रीज़ को प्रभावी बनाने और वायरस के प्रसार का सर्वेक्षण करने में मदद करेगी। पराग्वे में दीर्घकालिक अमेरिकी निवेश में 42 मिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता और पिछले 20 वर्षों में कुल 456 मिलियन डॉलर से अधिक की सहायता शामिल हैं।
  • हैती: 2.2 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता हैती की सरकार को अपने जोख़िम संबंधी संदेशों के प्रसार, जल और स्वच्छता, संक्रमण को रोकने और नियंत्रित करने, कोविड-19 मामलों का प्रबंधन करने, लैबोरेट्रीज़ को प्रभावी बनाने आदि कार्यों में मदद करेगी। अमेरिका ने हैती में स्वास्थ्य सेक्टर में 1.8 बिलियन डॉलर का निवेश किया है और पिछले 20 वर्षों में उसे लगभग 6.7 बिलियन डॉलर की कुल सहायता दी है।
  • कैरिबियन क्षेत्र: 1.7 मिलियन डॉलर की स्वास्थ्य सहायता पूर्वी कैरिबियन की सरकारों को जोख़िम संबंधी संदेशों के प्रसार, जल और स्वच्छता, संक्रमण का निवारण और नियंत्रण करने, कोविड-19 मामलों का प्रबंधन करने, लैबोरेट्रीज़ को प्रभावी बनाने और वायरस के प्रसार का सर्वेक्षण करने में मदद करेगी। यह इस क्षेत्र में दशकों के रणनीतिक अमेरिकी निवेश के अतिरिक्त है, जिसमें 236 मिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता और पिछले 20 वर्षों में कुल 840 मिलियन डॉलर से अधिक की सहायता शामिल हैं।
  • इसके अतिरिक्त, कोलंबिया (8.5 मिलियन डॉलर) और वेनेज़ुएला (9 मिलियन डॉलर) को वायरस के प्रसार का सर्वेक्षण करने, जल एवं स्वच्छता संबंधी कार्यक्रमों और कोविड-19 मामलों का प्रबंधन करने जैसे कार्यों के लिए मानवीय सहायता दी जा रही है। कोलंबिया में, अमेरिका ने पिछले 20 वर्षों में स्वास्थ्य सहायता के रूप में लगभग 32.5 मिलियन डॉलर का निवेश किया है, और इस दौरान लगभग 12 बिलियन डॉलर की कुल सहायता दी है। वेनेज़ुएला में, अमेरिका ने प्रत्यक्ष स्वास्थ्य सहायता के रूप में 1.3 मिलियन डॉलर से अधिक और पिछले 20 वर्षों में कुल दीर्घकालिक सहायता में 278 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है।

मध्य पूर्व और उत्तरी अफ़्रीका:

  • मोरक्को: 670,000 डॉलर की स्वास्थ्य सहायता लैबोरेट्रीज़ को प्रभावी बनाने, संक्रमण के मामलों की पडताल करने और घटना आधारित निगरानी को सक्रिय करने, प्रतिक्रिया और तैयारियों के लिए तकनीकी विशेषज्ञों का सहयोग करने और जोख़िम संबंधी संवाद को मज़बूत करने जैसे कार्यों में मदद करेगी। यह सहायता मोरक्को में दीर्घावधि के अमेरिकी निवेश के अतिरिक्त है, जिसमें स्वास्थ्य सहायता में 64.5 मिलियन डॉलर और पिछले 20 वर्षों में कुल सहायता में 2.6 बिलियन डॉलर से अधिक के निवेश शामिल हैं।
  • ट्यूनीशिया: 700,000 डॉलर की स्वास्थ्य सहायता से प्रयोगशाला प्रणालियों को तैयार करने, संक्रमण के मामलों की पड़ताल करने और घटना आधारित निगरानी को सक्रिय करने, प्रतिक्रिया और तैयारियों के लिए तकनीकी विशेषज्ञों का सहयोग करने और जोख़िम संचार को मज़बूत करने जैसे कार्यों में मदद मिल सकेगी। अमेरिका ने प्रत्यक्ष स्वास्थ्य सहायता के रूप में 7 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है और पिछले 20 वर्षों में ट्यूनीशिया के लिए 1.3 बिलियन डॉलर की कुल सहायता दी है।
  • इराक़: 15.5 मिलियन डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य और मानवीय सहायता प्रयोगशालाओं को तैयार करने, देश में प्रवेश के केंद्रों पर एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात योजना लागू करने, इन्फ़्लूएंज़ा जैसी बीमारियों के मामलों की पडताल करने और घटना आधारित निगरानी को सक्रिय करने जैसी परियोजनाओं में मदद करेगी। यह नई सहायता इराक़ में दीर्घकालिक निवेश के अतिरिक्त है, जिसमें अकेले स्वास्थ्य सेक्टर में लगभग 4 बिलियन डॉलर का निवेश और पिछले 20 वर्षों में कुल 70 बिलियन डॉलर से अधिक की अमेरिकी सहायता शामिल हैं।
  • लीबिया (6 मिलियन डॉलर) और सीरिया (16.8 मिलियन डॉलर) को भी मानवीय सहायता प्रदान की जा रही है। यह सहायता दोनों देशों के स्वास्थ्य और समग्र विकास में दशकों से किये जा रहे अमेरिकी निवेश के अतिरिक्त है। अमेरिका ने पिछले 20 वर्षों में लीबिया के लिए कुल सहायता में 715 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है, और इसी दौरान सीरिया के लिए कुल सहायता में 6.1 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है।

संयुक्तराष्ट्र के संगठन एवं एजेंसियां:

  • डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ़ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के माध्यम से वैश्विक एवं क्षेत्रीय कार्यक्रमों के लिए 24.3 मिलियन डॉलर की सहायता।
  • अफ़्रीका, एशिया, मध्य पूर्व और दक्षिण अमेरिका के पहले ही जटिल मानवीय संकटों का सामना कर रहे देशों के शरणार्थी, आईडीपी और मेज़बान समुदायों पर कोविड-19 महामारी के ख़तरों के मद्देनज़र संयुक्तराष्ट्र की कोविड-19 वैश्विक मानवीय सहायता योजना में यूएनएचसीआर के हिस्से के 64 मिलियन डॉलर।

वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंडे के तहत अमेरिकी निवेश, जिसमें इस वैश्विक संकट के प्रत्युत्तर में हमारा योगदान शामिल है, का उद्देश्य प्रभावित देशों में बीमारी के प्रसार को कम करने और संक्रामक रोगाणुओं के प्रकोप के खिलाफ़ स्थानीय और वैश्विक उपायों को बेहतर बनाने में मदद करके अमेरिकी जनता की रक्षा करना है।

यह नई सहायता वैश्विक स्वास्थ्य और मानवीय सहायता के क्षेत्र में नेतृत्व के अमेरिका के रिकॉर्ड के अनुरूप है। यह सहायता रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र (सीडीसी) सहित विभिन्न विभागों और एजेंसियों के माध्यम से अमेरिकी सरकार के व्यापक वैश्विक प्रतिक्रिया पैकेज के तहत दी जा रही है। 2009 के बाद से, अमेरिकी करदाताओं ने स्वास्थ्य सहायता में 100 बिलियन डॉलर से अधिक और विश्व स्तर पर मानवीय सहायता में लगभग 70 बिलियन डॉलर का योगदान किया है। हमारा देश दीर्घकालिक विकास और साझेदारों के साथ क्षमता निर्माण के प्रयासों, तथा बारंबार आने वाले संकटों की स्थिति में आपातकालीन उपायों संबंधी प्रयास, इन दोनों ही दृष्टि से स्वास्थ्य और मानवीय सहायता के क्षेत्र में सबसे बड़ा दाता बना हुआ है। इस धन ने लोगों की जान बचाई है, बीमारियों के सर्वाधिक जोख़िम वाले लोगों की रक्षा की है, स्वास्थ्य संस्थानों का निर्माण किया है, तथा समुदायों और देशों की स्थिरता को बढ़ावा दिया है।

इस संकट के प्रत्युत्तर में अमेरिकी सरकार की विस्तृत वित्तीय सहायता के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया [email protected] र संपर्क करें।

देश विशेष के लिए विस्तृत कार्यक्रमों के विवरण के लिए यूएसएड से [email protected] र संपर्क करें।

यूएनएचसीआर को उपलब्ध कराई गई मानवीय सहायता के विवरण के लिए विदेश विभाग के जनसंख्या, शरणार्थी एवं प्रवासन ब्यूरो से कृपया [email protected] र संपर्क करें।


यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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