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अमेरिकी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा की कमांडर तथा रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र के कोविड-19 अंतरराष्ट्रीय टास्क फ़ोर्स की प्रमुख सारा बेनेट की टेलीफ़ोन के ज़रिए विशेष ब्रीफ़िंग

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तत्काल जारी करने के लिए
मार्च 26, 2020
अमरीकी विदेश मंत्रालय

 

रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र के कोविड-19 अंतरराष्ट्रीय टास्क फ़ोर्स की प्रमुख डॉक्टर सारा बेनेट की टेलीफ़ोन के ज़रिए प्रेस ब्रीफ़िंग:

मॉडरेटर: सभी को अमेरिकी विदेश मंत्रालय के इंटरनेशनल मीडिया इंगेजमेंट कार्यालय की ओर से सुप्रभात। मैं उन सभी लोगों का स्वागत करना चाहता हूं जो दुनिया के अन्य हिस्सों से फ़ोन लाइन के ज़रिए जुड़ रहे हैं।

आज हम स्वागत कर रहे हैं डॉक्टर सारा बेनेट का, जो अमेरिकी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा की कमांडर हैं और रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र (सीडीसी) के कोविड-19 अंतरराष्ट्रीय टास्क फ़ोर्स की प्रमुख हैं। दुर्भाग्यवश, आज डॉक्टर मेसोनिये हमसे नहीं जुड़ पाएंगी।

आज डॉक्टर बेनेट अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सीडीसी के समन्वय पर चर्चा करेंगी। साथ ही वह कोविड-19 महामारी को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालयों के साथ सहयोग पर भी बात करेंगी।

मैं आपसे ये कहना चाहूंगा कि आप अपने सवाल कोविड-19 को लेकर सीडीसी द्वारा उठाए गए अंतरराष्ट्रीय क़दमों तक ही सीमित रखें। डॉ. बेनेट अमरीका के भीतर के कार्यों पर कुछ नहीं बोल पाएंगी। हम ये सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि अगले किसी दिन डॉ. मेसोनिये पत्रकारों से बातचीत करें।

आज की बातचीत की शुरुआत हम डॉ. बेनेट की शुरुआती टिप्पणी से करेंगे इसके बाद हम आपके सवाल लेंगे। हम क़रीब 30 मिनट की अवधि में जितने ज़्यादा सवाल ले सकते हैं, वो लेने की कोशिश करेंगे।

आख़िर में एक बार फिर आपको याद दिला रहा हूं कि आज की ये बातचीत ऑन रिकॉर्ड है। इसके साथ ही मैं डॉ. बेनेट से शुरुआत करने को कहना चाहूंगा। शुरू कीजिए मैम।

डॉ. बेनेट:  आपका धन्यवाद। सभी को सुप्रभात। फ़ोन लाइन से जुड़ने वाले सभी लोगों का धन्यवाद। कोविड-19 हममें से अधिकतर लोगों के लिए, सभी के लिए – आप हों, हम हैं या समाज के अन्य लोग – एक ऐतिहासिक घटना है, जो 1918 की इन्फ़्लूएंजा माहामारी के बाद से नहीं देखी गई है।

हम समझ सकते हैं कि ये महामारी कई लोगों के लिए कितनी भयावह और चिंताजनक हो सकती है, ख़ासकर जब आपके प्रियजन उम्रदराज़ हों या उन्हें पहले से अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ हैं और फिर वो कोरोना से संक्रमित हो जाएं। अमेरिका सरकार अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और दुनियाभर में सरकारों के साथ मिलकर काम करती है और विभिन्न देशों को स्वास्थ्य ख़तरों के लिए तैयार करने, उनकी रोकथाम, पहचान और उनके खिलाफ़ क़दम उठाने के लिए मदद करती है।

ख़ासकर इस महामारी के लिए अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र (सीडीसी) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), स्वास्थ्य मंत्रालयों के हमारे सहयोगियों और अन्य साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि कोविड-19 से निपटने और उसके खिलाफ़ तैयारी में सहायता के देशों के अनुरोध पर काम किया जा सके।

हमारे कार्मिक दुनियाभर के 60 से अधिक देशों में तैनात है, वे उन देशों में मौजूद साझेदारों के साथ काम कर रहे हैं ताकि उनकी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर ध्यान दिया जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके।

सीडीसी विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफ़ारिशों के अनुरूप कोविड-19 से संभावित संक्रमण वाले लोगों की पहचान, मरीज़ों में रोग के लक्षणों की जांच और उनकी देखभाल के साथ महामारी की ट्रैकिंग में इन देशों की मदद कर रहा है। पहले भी सीडीसी का सहयोग पा चुके कई देश ली गई सीखों और हुनर के इस्तेमाल से कोविड-19 के खिलाफ़ तैयारी, उसकी पहचान और फिर उसके खिलाफ़ कार्रवाई पर काम कर रहे हैं।

उदाहरण के तौर पर आपात उपायों के समन्वय के लिए मदद, सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्मिकों की ट्रेनिंग और लैबोरेट्रीज़ के लिए सहयोग। अमेरिका और विदेशों में हमारे कार्मिक कोविड-19 महामारी के खिलाफ़ पहल में सहयोग के लिए जो भी संभव है, वो सब कर रहे हैं।

अब मैं अपनी बात ख़त्म कर रही हूं। मैं अब आपके सवालों के जवाब देने को तैयार हूं।

मॉडरेटर: आपका धन्यवाद। अब हम सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू करेंगे। सवाल पूछने वाले कृपया अपना नाम और अपने मीडिया प्रतिष्ठान का नाम बताएं और कृपया एक ही सवाल पूछें।

एक बार फिर मैं आपसे कहना चाहता हूँ कि आप अपने सवाल सीडीसी के अंतरराष्ट्रीय कार्यों तक ही सीमित रखें, क्योंकि डॉ. बेनेट अमेरिका में स्वदेश में उठाए गए क़दमों पर नहीं बोल सकेंगी।

पहला सवाल पूछ रहे हैं निक टर्स। कृपया पूछिए।

सवाल:  मैं निक टर्स हूं, द इंटरसेप्ट से। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वे ईस्टर तक देश के अधिकतर हिस्से को खोलना चाहते हैं। मैं सोच रहा हूं कि ये कितना वास्तविक है और ये भी कि इतनी जल्दी देश में पाबंदियों में ढील देने की बात से बाक़ी दुनिया में क्या संदेश जाएगा?

डॉ. बेनेट:  इस समय सीडीसी कई देशों में साझेदारों की मदद कर रहा है ताकि वे अपने देश में महामारी पर नियंत्रण के लिए उन क़दमों का इस्तेमाल कर सकें या उन्हें लागू कर सकें, जिन्हें सर्वोत्तम माना जाता है। इस समय मैं वास्तव में घरेलू फ़ैसलों पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकती हूं।  

मॉडरेटर:  धन्यवाद। एक बार फिर मैं आपसे कहना चाहता हूं कि आप अपने सवाल सीडीसी के अंतरराष्ट्रीय कार्यों के बारे में ही सीमित रखें न कि घरेलू मामलों पर।  

अगला सवाल पूछ रहे हैं हनोई में वीएनएक्सप्रेस के विएताह फान। कृपया अपना सवाल पूछिए।

सवाल:  नमस्कार। मैं चाहता हूँ कि आप वियतनाम से मेडिकल उपकरणों के आयात की अमेरिकी योजना के बारे में जानकारी दें। धन्यवाद।  

डॉ. बेनेट:  नमस्कार। मैं सारा बेनेट बोल रही हूं। इस समय मैं वियतनाम से वेंटिलेटर्स मंगाने के लिए अमेरिका की स्थानीय योजना में शामिल नहीं हूँ। इसलिए मैं आपसे अनुरोध करूंगी कि आप ये सवाल विदेश विभाग से पूछें।

मॉडरेटर:  धन्यवाद। अगला सवाल पूछेंगे थॉमस नेल्स। ऑपरेटर, कृपया फ़ोन लाइन खोलिए।

ऑपरेटर: कौन सी लाइन, कृपया बताएंगे? 

मॉडरेटर: थॉमस नेल्स।

सवाल:  मैम?

मॉडरेटर: जी, हम आपको सुन रहे हैं।

सवाल:  क्या अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों के कारण ईरान में पीड़ितों के लिए मानवीय सहायता में रुकावटें आ रही हैं, अमेरिका की ओर से सहायता, यूरोपीय देशों की ओर से सहायता और ख़ासकर जर्मनी की ओर से सहायता?  

डॉ. बेनेट:  नमस्कार। प्रतिबंधों और इससे देशों को मानवीय सहायता में संभावित रुकावटों के बारे में फ़िलहाल सीडीसी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। इस मामले पर अमेरिकी विदेश विभाग बेहतर जवाब दे सकता है।   

मॉडरेटर:  आपका धन्यवाद। अगला सवाल पूछेंगे जॉन पावर। जॉन पावर, मुझे लगता है कि आपकी फ़ोन लाइन खुली है। आप सवाल पूछ सकते हैं।

सवाल:  जी, अमेरिकी विदेश मंत्री समेत अमेरिका में कई लोगों ने आलोचना की है कि चीन से कम सूचना आ रही है और वो मदद भी कम कर रहे हैं। सीडीसी के नज़रिए से क्या कोई ऐसा सहयोग है या कोई सूचना है, जो सीडीसी चाहता है कि उससे शेयर किया जाए या फिर इन मामलों में कोई सुधार की गुंज़ाइश है, जिससे दोनों पक्ष इस समस्या पर मिलकर काम कर सकें?  

डॉ. बेनेट:  सीडीसी और चीन की सरकार पिछले 30 सालों से अमेरिका, चीन और बाक़ी दुनिया के देशों को प्रभावित करने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर परस्पर सहयोग करते रहे हैं। सीडीसी चीन के साथ निकट साझेदारी में काम करता है। सीडीसी के नेशनल इन्फ़्लूएंजा एपिडेमियोलॉजी, वायरलॉजी एंड पैन्डेमिक प्रीपेयर्डनेस केंद्र तथा चीन की प्रांतीय और स्थानीय सीडीसी संस्थाएं, अस्पतालों और अकादमिक संस्थान परस्पर मिलकर काम करते हैं। इनके अलावा सीडीसी मौसमी और नोवेल इन्फ़्लूएंजा वायरस की निगरानी के लिए चीन के साझेदारों के साथ सहयोग करता है। साथ ही यह ऐसे मौसमी एवियन और अन्य नोवेल इन्फ़्लूएंजा वायरसों की खोज की कोशिशों को बढ़ावा देने में भी मदद करता है जोकि महामारी फैलाने की क्षमता रखते हों।

सीडीसी के कर्मचारी कोविड-19 के प्रसार और उसकी गंभीरता की बेहतर समझ के लिए की जा रही कोशिशों में सहयोग के लिए चीन गए डब्ल्यूएचओ के मिशन में भी शामिल थे। सीडीसी लगातार महामारी की स्थितियों के लिए खुद को तैयार करता रहता है। उसके लिए ये मायने नहीं रखता कि ये महामारी कहां से या किस वजह से शुरू होती है। हम कोविड-19 से लड़ रहे विभिन्न देशों के प्रभावी तरीकों और उनके द्वारा ली गई सीखों से सबक लेने के लिए तैयार हैं।

मॉडरेटर धन्यवाद, मैम। मैं सैम मेडनिक का एक सवाल लेना चाहूंगा जो उन्होंने पहले से भेज रखा है। सवाल है, “वैसे नाज़ुक देशों के लिए सीडीसी की क्या सलाह है जहां लोग ख़ुद को अलग-थलग करने में सक्षम नहीं हैं और शासन लोगों के लिए आइसोलेशन होटल या केंद्र बनाने में सक्षम नहीं है?”  

डॉ. बेनेट:  सीडीसी कोविड-19 महामारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालयों और डब्ल्यूएचओ जैसे साझेदारों को सर्वोत्तम तरीक़ों के पालन और उपयोग में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। वायरस से बचने के लिए निवारक उपायों को अपनाना ही सबसे अच्छा तरीक़ा है। यही कारण है कि हम लगातार हाथ धोने पर ज़ोर दे रहे हैं, और जिन्हें लगता है कि वे बीमार हैं उन्हें मास्क पहनना चाहिए। मास्क की अनुपस्थिति में, उन्हें अपनी नाक और मुंह को रुमाल या इसी तरह की किसी चीज़ से ढंकना चाहिए।

सीडीसी और डब्ल्यूएचओ दोनों की ही वेबसाइटों पर दिशा-निर्देशों वाले कई दस्तावेज़ मौजूद हैं जिनका उपयोग सरकारों द्वारा अपने देश के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं और नियंत्रण उपायों को अपनाने में किया जा सकता है, और सीडीसी इस काम में देशों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मॉडरेटर धन्यवाद। हमारे पास अगला सवाल जेम्स मैककार्टन का होगा।

सवाल:  नमस्कार। मैं कैनेडियन प्रेस से हूं और मैं ये जानना चाहूंगा कि क्या सीडीसी ने अमेरिका से निकटता के कारण संक्रमण मामलों की आमद के बारे में कनाडा को कोई सलाह दी है?

डॉ. बेनेट:  अमेरिका से निकटता के कारण कनाडा एक मज़बूत साझेदार बना हुआ है। सामान्य तौर पर, हम अनुशंसा करते हैं कि सभी देश कोविड-19 की महामारी से निपटने और वायरस के प्रसार के मामले में उनसे पहले संक्रमण का शिकार हुए देशों से सीखे गए सर्वोत्तम तरीक़ों और सीखों को लागू करें।

जहां तक अमेरिका से कनाडा में आयातित संक्रमण को नियंत्रित करने के उपायों की बात है, तो मैं उन वार्ताओं का हिस्सा नहीं रही हूं इसलिए मैं अभी उन पर टिप्पणी नहीं कर सकती।

मॉडरेटर धन्यवाद। हमारा अगला सवाल अल हुर्रा के माइकल ग़ैनदोर की तरफ़ से। माइकल आपकी लाइन खुली है।

ऑपरेटर: कृपया मुझे लाइन नंबर बताएं।  

मॉडरेटर 44 

सवाल:  सुन पा रहे हैं? 

मॉडरेटर हां, माइकल। हम आपको सुन सकते हैं। सवाल पूछिए।

सवाल:  मेरे दो सवाल हैं। पहला, अमेरिका दुनिया के देशों की क्या सहायता कर रहा है? क्या आप कोई चिकित्सा सहायता दे पा रहे हैं? क्या आपके पास पर्याप्त चिकित्सा सामग्री है? और दूसरा सवाल उपचार के बारे में। क्या आपने क्लोरोक़्विन और अन्य दवाओं के अमेरिका में इस्तेमाल शुरू होने के बाद से इस बारे में कोई परिणाम प्राप्त किया है? क्या इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है? क्या इनसे मदद मिलती है?

डॉ. बेनेट:  जहां तक दूसरे सवाल की बात है, मैं पहले उसका जवाब देती हूं। मुझे लगता है इसका डॉ. मेसोनिये बेहतर जवाब दे सकती हैं, जब दोबारा उनकी मीडिया ब्रीफ़िंग का कार्यक्रम बनेगा।

आपके पहले सवाल के बारे में, सीडीसी के दुनियाभर के 60 से अधिक देशों में स्थानीय कार्यालय हैं, और हम कोविड महामारी के दौरान लोगों की जान बचाने के लिए अपनी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों के अनुरूप क़दम उठाने के लिए अपने इन स्थानीय साझेदारों के साथ काम करना जारी रखेंगे। इस समय, हम अपने अमेरिकी सरकारी एजेंसी के साझेदारों, डब्ल्यूएचओ और स्वास्थ्य मंत्रालयों के साथ काम कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रत्येक देश की विशेष जरूरतों को कैसे पूरा किया जाए, और हम जो भी सहायता प्रदान करने में सक्षम हैं उसके लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।  

मॉडरेटर:  धन्यवाद। अगला सवाल सैंगमिन ली का।

सवाल:  [अस्पष्ट] उत्तर कोरिया के कोविड मामले।  उत्तर कोरिया का दावा है कि उसके यहां कोविड-19 का कोई मामला नहीं है। पर, कोरिया में अमेरिकी बलों के कमांडर रॉबर्ट अब्रैम्स का कहना है कि उत्तर कोरिया में कोविड-19 मामले होने को लेकर उन्हें पूरा विश्वास है। क्या उत्तर कोरिया में कोविड-19 मामलों के बारे में आपके पास कोई सूचना है?

और दूसरा सवाल, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह उत्तर कोरिया को कोविड-19 से लड़ने में मदद करने को तैयार हैं। तो सीडीसी की दृष्टि से अमेरिका उत्तर कोरिया को कैसी मदद दे सकता है?

डॉ. बेनेट:  हम विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों द्वारा उल्लिखित आधिकारिक मामलों के आंकड़ों के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन पर निर्भर हैं। इसलिए मुझे वास्तव में नहीं पता है कि क्या उत्तर कोरिया अपने मीडिया में विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों से इतर कुछ रिपोर्ट कर रहा है। मैं कोविड-19 को लेकर उत्तर कोरिया की वर्तमान स्थिति के बारे में जानने के लिए उसी से संपर्क करने की सलाह दूंगी।

इस संबंध में कि क्या हम उत्तर कोरिया को सीडीसी की सहायता प्रदान करेंगे, सीडीसी डब्ल्यूएचओ और अपने अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर दुनिया के देशों को कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। और यदि कोई देश सहायता का अनुरोध करता है, तो हम अनुरोध पर विचार करेंगे।

मॉडरेटर:  धन्यवाद। फिर एक बार, मैं आग्रह करूंगा कि आप सीडीसी के अंतरराष्ट्रीय क़दमों के बारे में ही और सिर्फ़ एक सवाल पूछें।

अगला सवाल ज़ैकलिन चार्ल्स का है। 

सवाल:  शुक्रिया। क्या आप बता सकती हैं कि हैती में सीडीसी क्या कर रहा है और कैसी सहायता प्रदान कर रहा है? और क्या आपकी जानकारी में वहां आबादी की जांच के लिए पर्याप्त किट उपलब्ध हैं?

डॉ. बेनेट:  माफ़ करें। हैती में कोविड-19  की मौजूदा स्थिति के बारे में मेरे पास आंकड़े नहीं हैं। हालांकि, मैं समझती हूं कि यदि किसी देश को टेस्ट किट की आपूर्ति संबंधी कोई समस्या है तो वहां अतिरिक्त किट हासिल करने में मदद के लिए साझेदार मौजूद हैं।

चूंकि सीडीसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किट नहीं भेज रहा है, इसलिए उन्हें अतिरिक्त किट हासिल करने में मदद के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन से या उसके क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।

मॉडरेटर:  धन्यवाद। अगला सवाल ब्लूमबर्ग के टिम कल्पान का।

सवाल:  धन्यवाद। मैं विशेष कर ताइवान के बारे में पूछना चाहूंगा। अपनी असाधारण स्थिति के कारण वह डब्ल्यूएचओ का सदस्य नहीं है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से अमेरिकी सीडीसी का ताइवान और ताइवानी सीडीसी से अच्छे संबंध रहे हैं। क्या आप कोविड-19 के बारे में संक्षेप में बताएंगी कि संक्रमण के मामलों और चिकित्सा सुविधाओं के बारे में आपका उनसे क्या संवाद हुआ है? धन्यवाद।

डॉ. बेनेट:  सवाल के लिए धन्यवाद। हम कोविड-19 का दीर्घावधि तक सामना कर चुके देशों से ख़तरे में पड़ी आबादी, संक्रमण या मौत के बढ़े ख़तरे वाले लोगों, सामुदायिक उपायों, नियंत्रात्मक क़दमों और चिकित्सा सुविधाओं के बारे में भी सूचनाओं की अपेक्षा करते हैं।

मैं ये नहीं कह सकती कि ताइवान के साथ हमारी बातचीत से क्या जानकारी मिली है, लेकिन मेरी समझ से ये महत्वपूर्ण है कि सभी देशों से, क्योंकि उनके पास ऐसी अतिरिक्त जानकारी है जिनसे कि अन्य देश लाभान्वित हो सकते हैं, हम जल्द-से-जल्द उस जानकारी को साझा करते हैं ताकि अन्य देश अपने संदर्भ में उस जानकारी पर विचार कर सकें।

मॉडरेटर:  धन्यवाद। अगला सवाल अलेजांद्रा एरेदोंदो का।

सवाल:  सवाल लैटिन अमेरिका में सीडीसी के उठाए क़दमों के बारे में है। कोविड-19 से लड़ाई में सीडीसी लैटिन अमेरिकी सरकारों की किस तरह मदद कर रहा है? धन्यवाद।

डॉ. बेनेट:  सीडीसी उन देशों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है जो कोविड-19 महामारी के सिलसिले में सहायता का अनुरोध करते हैं। विशेष रूप से लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में, हमारा ग्वाटेमाला में एक बड़ा क्षेत्रीय कार्यालय है जो संपर्कों की ट्रेसिंग, महामारी संबंधी परीक्षणों और प्रयोगशालाओं को प्रभावी बनाने सहित कई मामलों में क्षेत्र के देशों को तकनीकी सहायता प्रदान करता रहा है।

अब जबकि पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशनल क्षेत्र में प्रकोप फैलता दिख रहा है, हम सर्वोत्तम तरीक़ों और डब्ल्यूएचओ के दिशा-निर्देशों के कार्यान्वयन में अपने पड़ोसी देशों की मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मॉडरेटर:  बढ़िया, धन्यवाद। अगला सवाल बिंगरु वांग का।

सवाल:  क्या आरंभ में जिस अंतरराष्ट्रीय सहायता की आपने बात की उसमें चीन भी शामिल है?

साथ ही, जैसाकि आपने बताया कि सीडीसी की चीन के साथ बहुत पहले से साझेदारी है। सीडीसी का चीन में एक ऑफ़िस भी है। तो क्या सीडीसी को चीन में शुरुआती दिनों में कोविड-19 के प्रकोप का पता था, जिससे कि अमेरिका को पहले से तैयारी करने और वायरस से लड़ने के लिए पर्याप्त समय मिली हो? धन्यवाद।

डॉ. बेनेट:  हां, अमेरिका, चीन और दुनिया को प्रभावित करने वाली कई सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने के लिए सीडीसी और चीन सरकार पिछले 30 वर्षों से परस्पर निकट सहयोग कर रहे हैं। हमारा चीन में एक कार्यालय है जहां बहुत ही समर्पित सीडीसी कर्मचारी तैनात हैं जो चीन की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और साथ ही वे चीन के अनुभव से भी सीखते हैं ताकि मौक़ा पड़ने पर अमेरिका अपनी कार्रवाई को और प्रभावी बना सके। वे हमें अन्य देशों के लिए उनके यहां लागू करने के वास्ते तैयार योजनाओं को बेहतर करने में भी मदद करते हैं, और हमें डब्ल्यूएचओ के दिशा-निर्देशों को उन देशों की स्थितियों के अनुकूल ढालने में भी योगदान देते हैं।

अमेरिका ने चीन के लिए डब्ल्यूएचओ के मिशन में भागीदारी की थी और उससे मिली जानकारियों की रिपोर्ट डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट पर सबके लिए उपलब्ध है।

मॉडरेटर: धन्यवाद। अगला सवाल मोनालिसा फ़्रीहा का।

सवाल:  लेबनान के बारे, जैसाकि आपको पता है देश गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। क्या चिकित्सा – कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अमेरिका द्वारा चिकित्सा उपकरण भेजे जाने की कोई संभावना है?

डॉ. बेनेट:  सवाल के लिए धन्यवाद। इस समय मुझे लगता है कि सीडीसी विभिन्न देशों में मंत्रालय स्तर पर अपने सहयोगियों से संपर्क कर रहा है, कि प्रत्येक देश को सर्वाधिक ज़रूरत किस चीज़ की है, और हम अपने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोगियों और अन्य क्षेत्रीय साझेदारों के साथ काम करेंगे ताकि देशों को आवश्यक मदद और उपकरण मिल सके।

मॉडरेटर: धन्यवाद। अगला सवाल ईएना केली का। ईएना केली, मैं समझता हूं आपकी लाइन खुली हुई है।

सवाल: माफ़ करें, हां। क्या आप मुझे सुन पा रहे हैं? मैं फ़ोन म्यूट किए हुए था। माफ़ करें।

मॉडरेटर: हां।

सवाल:  नमस्कार। मेरा सवाल सीडीसी के अनुसंधान प्रयासों के बारे में है, कि क्या कोरोना वायरस के लिए बजट है, और इसे दुनिया भर में कैसे खर्च किया जा रहा है। संभव हो तो मैं इसकी एक रूपरेखा चाहूंगा। धन्यवाद।

डॉ. बेनेट:  वास्तव में आपने एक महत्वपूर्ण बात उठाई है, कि इस वायरस के बारे में अनेकों सवाल अनुत्तरित हैं। और सीडीसी उन देशों की मदद कर रहा है जो इनमें से कुछ जानकारियों को इकट्ठा करने और इसे दुनिया के साथ साझा करने में रुचि रखते हैं।

इस समय मैं आपको हमारी अनुसंधान गतिविधियों की विश्व स्तर पर योजना की कोई रूपरेखा नहीं दे सकती। लेकिन ये शोध गतिविधियां भविष्य के क्रिया-कलापों का हिस्सा होंगी।

मॉडरेटर: अगला सवाल त्सोआनेलो जोमाने का।

सवाल: मेरा सवाल लेसोथो के बारे में है। बेशक, ये देश दक्षिण अफ़्रीका के बीच ज़मीन से घिरा हुआ है, और ये जानकारी आई है कि दक्षिण अफ़्रीका में कोविड-19 की शुरुआत इटली से वापस आए यात्रियों से हुई, और ये भी जानकारी सामने है कि कोविड-19 के वायरस का स्वरूप चीन और इटली में अलग-अलग है, और ऐसी रिपोर्टें हैं कि लेसोथो जल्दी ही या आगे चलकर इटली वाले वायरस से होने वाले संक्रमण का सामना करेगा। सीडीसी लेसोथो को किस तरह की तैयारी करने की सलाह देता है जहां कि अभी कोविड-19 का कोई संदिग्ध या पुष्ट मामला सामने नहीं आया है।

डॉ. बेनेट:  वर्तमान में विश्व स्वास्थ्य संगठन और अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र द्वारा देशों के लिए कई उपायों की सिफ़ारिश की गई है, जिन्हें वे अपने यहां वायरस को आने देने से रोकने के लिए, और एक बार उसके वहां पहुंच जाने पर समुदायों में उसके प्रसार को नियंत्रित करने के लिए कार्यान्वित करने पर विचार कर सकते हैं।

और मुझे लगता है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने संबंधी क़दमों के बारे में लोगों को जानकारी देने में पत्रकारों की वास्तव में महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जैसे कि लोगों को बार-बार हाथ धोने, एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने, खांसते या छींकते समय अपनी कोहनी या कंधे से चेहरा ढंकने या टिश्यू का उपयोग करने और फिर हाथ धोने, और अक्सर छुई गई सतहों को साफ करने के बारे में याद दिलाना।

सरकारों को उन उपायों के बारे में सोचना चाहिए जिनका उपयोग उन्हें संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए करना पड़ सकता है, और उन्हें इसके लिए प्रकोप फैलने का इंतज़ार नहीं करना चाहिए। उन्हें अभी से तैयारी कर लेनी चाहिए। सीडीसी उस तैयारी में सरकारों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मॉडरेटर: धन्यवाद। अगला सवाल नताशा ख़ान का।

सवाल: मैं वॉल स्ट्रीट जर्नल से हूं। मैं जानना चाहती हूं कि क्या प्रकोप के आरंभिक दिनों – जनवरी – में आपको चीन के सीडीसी से समय पर और पूर्ण जानकारी मिली थी।

डॉ. बेनेट: मैं समझती हूं चीन के अनुभव से बहुत कुछ सीख लगी गई है। हम वर्तमान में चीन से आ रही सूचनाओं का लगातार अध्ययन कर रहे हैं जो न सिर्फ़ यहां अमेरिका के अपने उपायों की दृष्टि से बल्कि दूसरे देशों में हमारी गतिविधियों में भी मददगार होंगी। हम वायरस के बारे में अध्ययन करने और कोविड-19 की गंभीरता और उसके प्रसार को बेहतर समझने के लिए चीन गए डब्ल्यूएचओ के मिशन में शामिल थे और उस मिशन के बाद सीडीसी के कार्मिकों और मिशन के अन्य सदस्यों द्वारा तैयार रिपोर्ट डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट पर सबके लिए उपलब्ध है।

मॉडरेटर:  बढ़िया। अगला सवाल शुजुन यू का।

सवाल:  हमें चीन के साथ सीडीसी के सहयोग के बारे में बताएं। आपके अनुसार किन क्षेत्रों में सीडीसी और चीन इस समय मिलकर काम कर सकते हैं, क्योंकि चीन में स्थिति नियंत्रण में आ भी चुकी है, जबकि अमेरिका महामारी का केंद्र बनने जा रहा है? और क्या दोनों पक्षों के साथ मिलकर काम करने में बाधाएं हैं? धन्यवाद।

डॉ. बेनेट:  सीडीसी और अमेरिकी सरकार का सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों में परस्पर सहयोग करने का एक लंबा इतिहास है, न सिर्फ़ अमेरिका में प्रकोप फैलने को लेकर बल्कि चीन और अन्य देशों के संबंध में भी। हमारी चीन से उनके अपने सर्वोत्तम तरीक़ों और महामारी से ली गई सीखों के बारे में जानकारी साझा करने की निरंतर उम्मीद रहती है ताकि हम अमेरिका में महामारी को नियंत्रित करने के लिए उन उपायों का बेहतर उपयोग कर सकें, और इनमें से कुछ उपायों को अन्य देशों में लागू करने के लिए भी सर्वोत्तम तरीक़े सीख सकें।

मॉडरेटर: अगला सवाल गोंज़ैलो ज़ेगारा का। कृपया पूछिए, आपकी लाइन खुली है।

सवाल:  सुप्रभात। दुनिया एक ऐसी स्थिति में खड़ी है जिसमें हरेक देश की अपनी एक अलग पद्धति है और [अस्पष्ट] बड़े पैमाने पर और बाक़ी अन्य देश परीक्षणों के नकारात्मक परिणामों की संख्या की रिपोर्ट नहीं करते हैं। इन विभिन्न तरीक़ों के मद्देनज़र सीडीसी  महामारी के प्रसार का आकलन करने के लिए कैसे काम करता है?

डॉ. बेनेट:  यह सच है कि विभिन्न देश अपने यहां वायरस का पता लगाने और उसके प्रसार को समझने के लिए अपनी अलग रणनीति और परीक्षण किट का उपयोग कर रहे हैं। इस समय, मुझे लगता है कि हमारे लिए वास्तव में महत्वपूर्ण ये है कि हम अपने पास उपलब्ध सर्वोत्तम सामुदायिक नियंत्रण उपायों को लागू करने और उनका उपयोग करने के लिए मामलों की संख्या की परवाह किए बिना देशों के साथ काम करते रहें, और उन देशों द्वारा ली गई सीखों का फ़ायदा उठाएं जो बहुत पहले से इस वायरस से जूझ रहे हैं। हर देश में इस वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए यही सबसे बढ़िया रणनीति है।

मॉडरेटर: अगला सवाल मेलो अकुना का।

सवाल: मैं फ़िलिपींस से हूं। कोविड-19 को रोकने के लिए विभिन्न सरकारों के साथ अपनी साझेदारी में, ख़ासकर एशिया में जहांकि सांस्कृति भिन्नताएं हैं, आप कितने सफल रहे हैं; और इस महामारी से हमने क्या सीख ली है? धन्यवाद।

डॉ. बेनेट:  इसलिए किसी भी संक्रामक बीमारी के प्रकोप से निपटने के लिये सांस्कृतिक और सामाजिक भिन्नताओं को ध्यान में रखना बहुत महत्वपूर्ण है, और मुझे लगता है कि इसीलिये यह बहुत महत्वपूर्ण है कि सरकारें और साझेदार, डब्ल्यूएचओ की सिफारिशों और सीडीसी के दिशा-निर्देशों से परिचित हों और ये सारी सामग्री उनकी वेबसाइटों पर उपलब्ध हैं। प्रत्येक देश को ये सोचने की आवश्यकता है कि वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए वे मार्गदर्शन वाले इन दस्तावेजों को कैसे अपने देश के अनुरूप सर्वोत्तम तरीके अपनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं।

कई देशों में हमारे सीडीसी के समर्पित कर्मचारी हैं जो सरकारों को उन तरीकों से संबंधित सर्वश्रेष्ठ उपायों के बारे फ़ैसले लेने और वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मॉडरेटर:  धन्यवाद। और अंतिम सवाल करेंगे सर्गियो मोरालेस।

सवाल:  मैं ग्वाटेमाला से बोल रहा हूं। हमारी संस्कृति में, हमारी मुख्य चिंता ये है कि वायरस निर्वासितों की वापसी के ज़रिए देश में प्रवेश करेगा। और क्या आपको पता है कि प्रवासियों के साथ हिरासत केंद्रों में इस आपात स्थिति में कैसा व्यवहार किया जा रहा है ताकि इसे रोका जा सके?

डॉ. बेनेट:  कई देशों ने अपने देश में वायरस के विदेशों से आगमन या उसके प्रवेश को रोकने के लिए यात्रा प्रतिबंधों पर ध्यान केंद्रित किया है, लेकिन सीडीसी और डब्ल्यूएचओ में हमारा मानना है कि अकेले यात्रा प्रतिबंध कोविड-19 वायरस के दुनिया भर में प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। देशों को उन उपायों के बारे में सोचना होगा जो वायरस के एक बार प्रवेश कर जाने पर उसके अपने समुदायों में प्रसार को नियंत्रित करने के लिए उन्हें देश के अंदर उठाने होंगे। डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट और सीडीसी की वेबसाइट पर देशों के लिए कई दस्तावेज़ उपलब्ध हैं, जिसे विभिन्न देश अपने-अपने हिसाब से अपना सकते हैं, जिससे वे अपने देश के लिए प्रभावी उपायों को लागू कर सकें, और सीडीसी उन देशों को यह पता लगाने में मदद के लिए प्रतिबद्ध है कि वे किन उपायों को अपना सकते हैं और देश विशेष में उन्हें कैसे लागू किया जा सकता है।

मॉडरेटर:  बहुत-बहुत धन्यवाद। दुर्भाग्य से, हमारे पास प्रश्नों के लिए इतना ही समय है। मुझे पता है कि अभी भी बहुत सारे सवाल मौजूद हैं, इसलिए मैं माफ़ी चाहता हूं अगर हम आपका सवाल नहीं ले पाए, लेकिन हमें – डॉ. बेनेट को आज अन्य काम करने हैं।

डॉ. बेनेट, मैं आप पर छोडता हूं यदि आपके पास इस समूह के साथ साझा करने के लिए कोई अंतिम टिप्पणी हो।

डॉ. बेनेट:  आज के कॉल में शामिल होने के लिए, सभी का धन्यवाद। विभिन्न देशों से सहयोग के लिए सीडीसी का काम जारी रहेगा, और जब तक हर देश कोविड-19 से मुक्त नहीं हो जाता, तब तक हम सभी पर ख़तरा बना रहेगा। कृपया जो आप कर सकते हैं, वो अवश्य करें, अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोते रहें, अपने और दूसरों के बीच दूरी बनाकर रखें, अगर आप बीमार हैं तो घर पर रहें और अन्य सुरक्षात्मक निर्देशों का पालन करें, जिनकी हमने आज चर्चा की।

हमारे साथ जुड़ने के लिए आप पत्रकारों का एक बार फिर धन्यवाद। आप स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें।

मॉडरेटर:  बहुत-बहुत धन्यवाद, डॉ. बेनेट। इसी के साथ आज का ये कॉल समाप्त होता है। मैं डॉ. बेनेट का उनकी भागीदारी के लिए आभार व्यक्त करना चाहता हूं, और इस आयोजन में शामिल होने के लिए मैं हमारे सभी कॉलर्स का भी धन्यवाद करता हूं। यदि आपके पास आज की कॉल के बारे में कोई सवाल है, तो आप [email protected] पर इंटरनेशनल मीडिया इंगेजमेंट कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।


यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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