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ईरान पर संयुक्तराष्ट्र के प्रतिबंधों की पुनर्बहाली

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अमेरिकी विदेश विभाग
प्रवक्ता का कार्यालय
अमेरिकी विदेश विभाग
विदेश मंत्री माइकल आर. पोम्पियो का बयान
शनिवार, सितंबर 19, 8:00 ईडीटी तक जारी करना निषिद्ध

 

ट्रंप प्रशासन ने हमेशा ये माना है कि मध्य पूर्व में शांति को सबसे बड़ा ख़तरा ईरान से है, जिसके क्रांति फैलाने के हिंसक प्रयासों ने हजारों लोगों की जान ले ली और लाखों निर्दोष लोगों के जीवन को बर्बाद कर दिया है। इतिहास गवाह है कि तुष्टीकरण इस तरह के शासन को केवल बढ़ावा ही देता है। इसलिए अमेरिका आज आतंक और यहूदी-विरोधवाद के दुनिया के अग्रणी सरकारी प्रायोजक ईरान पर पूर्व में समाप्त संयुक्तराष्ट्र के लगभग सभी प्रतिबंधों की पुनर्बहाली का स्वागत करता है।

ईरान पर फिर से प्रतिबंध संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव (यूएनएससीआर) 2231 के तहत स्नैपबैक (पुनर्बहाली) प्रक्रिया के अनुरूप लगाए जा रहे हैं। अमेरिका ने 20 अगस्त को, सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को ईरान द्वारा जेसीपीओए समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं के गंभीर अनिष्पादन की अधिसूचना दी थी। इस अधिसूचना से संयुक्तराष्ट्र के पूर्व में समाप्त प्रतिबंधों की पुनर्बहाली हेतु 30-दिवसीय प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जोकि 19 सितंबर की रात 8 बजे पूर्वी डेलाइट टाइम में प्रभावी हो गई। इसका मतलब है कि आज से यूएनएससीआर 1696, 1737, 1747, 1803, 1835 और 1929 के वे सभी प्रावधान फिर से प्रभावी हो गए हैं जो यूएनएससीआर 2231 द्वारा समाप्त कर दिए गए थे। इसके अलावा, यूएनएससीआर 2231 के पैराग्राफ़ 7, 8, और 16 से 20 में निहित उपायों को अब समाप्त कर दिया गया है।

अमेरिका ने यह निर्णायक कार्रवाई इसलिए की, क्योंकि अपनी जेसीपीओए प्रतिबद्धताओं को निभाने में ईरान की विफलता के अलावा, सुरक्षा परिषद भी ईरान पर 13 वर्षों से लागू संयुक्तराष्ट्र के हथियार प्रतिबंधों की अवधि बढ़ाने में नाकाम रही है। सुरक्षा परिषद की निष्क्रियता 18 अक्टूबर को ईरान के लिए सभी तरह के पारंपरिक हथियार खरीदने का मार्ग प्रशस्त कर देती। दुनिया के लिए ये सौभाग्य की बात है कि ऐसा नहीं होने देने के लिए अमेरिका ने ज़िम्मेदारीपूर्ण कार्रवाई की है। यूएनएससीआर 2231 के तहत अपने अधिकारों के अनुसार, हमने हथियार प्रतिबंधों समेत पूर्व में समाप्त लगभग सारे प्रतिबंधों को फिर से बहाल करने के लिए स्नैपबैक प्रक्रिया शुरू की है। इसके परिणामस्वरूप दुनिया अधिक सुरक्षित हो सकेगी।

अमेरिका संयुक्तराष्ट्र के सभी सदस्य राष्ट्रों से इन उपायों को लागू करने के लिए अपने दायित्वों के पूर्ण अनुपालन की अपेक्षा करता है। शस्त्र प्रतिबंधों के अलावा इसमें ईरान के यूरेनियम संवर्धन और पुनर्संसाधन संबंधी गतिविधियों में शामिल होने पर रोक, ईरान द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण एवं विकास पर प्रतिबंध, तथा ईरान को परमाणु और मिसाइल प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण पर रोक जैसी पाबंदियां भी शामिल हैं। यदि संयुक्तराष्ट्र के सदस्य राष्ट्र इन प्रतिबंधों को लागू करने के अपने दायित्वों को पूरा करने में विफल रहते हैं, तो अमेरिका उन विफलताओं के परिणामों के कार्यान्वयन के वास्ते अपने घरेलू प्राधिकारों का इस्तेमाल करने, और यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार है कि ईरान संयुक्तराष्ट्र-निषिद्ध गतिविधियों का लाभ नहीं उठा पाए।

प्रतिबंधों की आज हुई वापसी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की दिशा में एक क़दम है। 2015 का परमाणु समझौता ईरान को ‘राष्ट्रों के समुदाय’ में शामिल होने के लिए प्रेरित नहीं कर पाया, जैसा कि वादा किया गया था। इसके बजाय, मुल्लाओं ने फिर से उन्हें मिले धन का इस्तेमाल यमन से लेकर इराक़ तथा लेबनान और सीरिया तक मौत और विनाश फैलाने में किया – जोकि एक अपेक्षित परिणाम था। यदि संयुक्तराष्ट्र के प्रावधानों को पुनर्बहाल करने के लिए अमेरिका ने कार्रवाई नहीं की तो ईरानी शासन जल्दी ही दुनिया भर में अधिक आसानी से हथियारों की खरीद-बिक्री करने में सक्षम हो जाएगा। जेसीपीओए समझौते की विफलताओं के कारण, ईरान यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम और पुनर्संसाधन संबंधी गतिविधियों पर पाबंदियों की समाप्ति के करीब पांच साल क़रीब पहुंच गया है, और इस प्रकार वह एक ख़तरनाक परमाणु ब्रेकआउट क्षमता के अस्वीकार्य रूप से निकट आ गया है। हालांकि, संयुक्तराष्ट्र के प्रतिबंधों की पुनर्बहाली के परिणामस्वरूप, ईरान अब यूरेनियम संवर्धन, पुनर्संसाधन और भारी जल से संबंधित गतिविधियों को निलंबित करने के लिए बाध्य है। हम दुनिया में आतंकवाद के अग्रणी सरकारी प्रायोजक को कभी भी दुनिया के सबसे घातक हथियार हासिल नहीं करने देंगे।

आने वाले दिनों में, संयुक्तराष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू करने और उल्लंघनकर्ताओं को जवाबदेह ठहराने के लिए अमेरिका अतिरिक्त उपायों की घोषणा करेगा। ईरानी शासन पर हमारा अधिकतम दबाव अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान परमाणु प्रसार के ख़तरों पर लगाम लगाने के लिए हमारे साथ एक व्यापक समझौते पर सहमत नहीं होता, तथा अराजकता, हिंसा और रक्तपात फैलाना बंद नहीं कर देता।


यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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