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ईरान स्नैपबैक प्रतिबंधों पर संवाददाता सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्री माइकल आर. पोम्पियो, वित्त मंत्री स्टीवन मनूशिन, रक्षा मंत्री मार्क एस्पर, वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस, संयुक्तराष्ट्र में अमेरिकी प्रतिनिधि केली क्राफ़्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ’ब्रायन

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अमेरिकी विदेश विभाग
प्रवक्ता का कार्यालय
प्रेस को संबोधन
सितंबर 21, 2020

विदेश मंत्री माइकल आर. पोम्पियो, वित्त मंत्री स्टीवन मनूशिन, रक्षा मंत्री मार्क एस्पर, वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस, संयुक्तराष्ट्र में अमेरिकी प्रतिनिधि केली क्राफ़्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ’ब्रायन, ईरान स्नैपबैक प्रतिबंधों पर संवाददाता सम्मेलन के दौरान

सितंबर 21, 2020
बेन फ़्रैंकलिन कक्ष
वाशिंगटन, डी.सी.

 

विदेश मंत्री पोम्पियो:  सुप्रभात। सबसे पहले मैं मंत्रीगण मनूशिन, एस्पर और रॉस, राजदूत क्राफ़्ट और राजदूत ओ’ब्रायन का उनके नेतृत्व के लिए और इस अहम मौक़े पर विदेश विभाग में आने के लिए धन्यवाद व्यक्त करना चाहता हूं।

गत सप्ताह मैं अब्राहम समझौते के अवसर पर व्हाइट हाउस में था, जोकि मध्य पूर्व में शांति की दिशा में एक बड़ा क़दम है। और आज, मुझे ये घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि उस लक्ष्य की दिशा में और अमेरिकी जनता की रक्षा के लिए ट्रंप प्रशासन और भी क़दम उठा रहा है।

सप्ताहांत के दौरान अमेरिका ने संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 के तहत ईरान पर हथियार प्रतिबंधों समेत पूर्व में समाप्त लगभग सारे प्रतिबंधों को पुनर्बहाल कर दिया – ट्रंप प्रशासन हमेशा ही इस बारे में ईमानदार रहा है कि ईरानी शासन वास्तव में क्या है: कट्टरपंथी, राजनीतिक क्रांति फैलाने वाला तथा आतंकवाद और यहूदी-विरोधवाद का दुनिया का अग्रणी सरकारी प्रायोजक।

राष्ट्रपति ट्रंप को पता है कि जेसीपीओए समझौता पूरी तरह विफल रहा है। यह ईरान को ‘राष्ट्रों के समुदाय’ में लाने, या तेहरान के परमाणु हथियार हासिल करने के रास्ते को अवरुद्ध करने में नाकाम रहा।

इसके विपरीत, इसने तुष्टीकरण का काम किया। इसने ईरानी शासन को अरबों डॉलर उपहार में दे दिए और मात्र पांच वर्षों के भीतर इसने ईरान के लिए दुनिया भर के आतंकवादी गुटों और तानाशाहों का पसंदीदा हथियार डीलर बनने का रास्ता तैयार कर दिया।

ज़रा कल्पना कीजिए कि ईरान को अधिक उन्नत हथियार ख़रीदने का मौक़ा मिले तो वो क्या करेगा। हमारा ऐसा होने देने का कोई इरादा नहीं है।

आज घोषित राष्ट्रपति का कार्यकारी आदेश संयुक्तराष्ट्र के हथियार प्रतिबंधों को लागू करने, तथा संयुक्तराष्ट्र के प्रतिबंधों को धता बताने का प्रयास करने वालों को जवाबदेह ठहराने के लिए हमें एक नया और शक्तिशाली साधन मुहैय्या कराता है।

आज ईरानी रक्षा एवं सशस्त्र बल सैन्य-तंत्र मंत्रालय, तथा ईरानी रक्षा उद्योग संगठन और उसके निदेशक के खिलाफ़ प्रतिबंध लगाकर मैं इस नए कार्यकारी आदेश के तहत पहली कार्रवाई करूंगा।

हम वेनेज़ुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर भी प्रतिबंध लगा रहे हैं। क़रीब दो वर्षों से, तेहरान स्थित भ्रष्ट अधिकारी वेनेज़ुएला के अवैध शासन के साथ काम करते हुए संयुक्तराष्ट्र के प्रतिबंधों की अवहेलना कर रहे हैं। हमारी आज की कार्रवाइयां एक चेतावनी है जिस पर दुनिया को ध्यान देना चाहिए: आप चाहे जो भी हों, यदि आप ईरान पर हथियार प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हैं, तो फिर आप प्रतिबंधों का ख़तरा मोल ले रहे हैं।

मैं महाविनाश के हथियारों के प्रसार के खिलाफ़ पहले से ही मौजूद एक अमेरिकी प्राधिकार के तहत हामिद रज़ा ग़दीरियन और अहमद शिवाई पर प्रतिबंधों की भी घोषणा कर रहा हूं। ये लोग ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रमों से जुड़े केंद्रीय पात्र हैं।

जब हमने 2018 में राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अधिकतम दबाव का अभियान शुरू किया तो आलोचकों ने उसके कारगर नहीं होने की बात कही थी। वे ग़लत निकले।

हमारे प्रतिबंधों ने तेहरान को 70 बिलियन डॉलर से वंचित करते हुए, जोकि अन्यथा आतंक के काम में लगाया जाता, असंख्य मुस्लिम, यहूदी और ईसाई ज़िंदगियों की रक्षा की है।

हमने यह सब मानवीय सहायता और इससे जुड़े व्यापार का रास्ता खुला रखते हुए किया है। जैसा कि आज की हमारी कार्रवाई से स्पष्ट है, हम तब तक अपना अभियान जारी रखेंगे जब तक कि ईरानी शासन बातचीत के लिए तैयार नहीं हो जाता और अपने व्यवहार को बदलने के लिए एक वास्तविक समझौता करना स्वीकार नहीं कर लेता। अमेरिकी लोगों को पता होना चाहिए कि हम हमेशा उनकी सुरक्षा को सबसे आगे रखेंगे।

मैं अब मंच वित्त मंत्री मनूशिन को सौंपता हूं। स्टीवन।

वित्त मंत्री मनूशिन: धन्यवाद, विदेश मंत्री पोम्पियो। यहां विदेश विभाग में आपके साथ उपस्थित होना मेरे लिए खुशी की बात है।

अमेरिकी प्रशासन ईरान को बैलिस्टिक मिसाइलों और परंपरागत हथियारों की नए सिरे से आपूर्ति होने देकर शेष विश्व को ख़तरे में डालने की अनुमति नहीं देगा।

वित्त विभाग आज ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों में सहयोग करने वाले उपक्रमों तथा ईरान के परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल विकास कार्यक्रम की देखरेख कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा रहा है। हम आज जिनको निशाना बना रहे हैं उनमें से अनेक ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) से संबद्ध हैं, जिसका परमाणु कार्यक्रम पर ऑपरेशनल और नियामक नियंत्रण है, और जिनकी परमाणु अनुसंधान और विकास की ज़िम्मेदारी है। आज इसके तीन उपनिदेशकों पर, और साथ ही एईओआई के अधीन तीन उपक्रमों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं जोकि ईरान के असैन्य परमाणु कार्यक्रम के सक्रिय घटक हैं।

वित्त विभाग ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के लिए दोहरे उपयोग वाली सैन्य स्तर की वस्तुओं के उत्पादन और आपूर्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण उपक्रमों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।  मम्मूट इंडस्ट्रीज़ और मम्मूट डीज़ल तथा इन कंपनियों के अनेक शेयरधारी एवं वरिष्ठ अधिकारी आज के प्रतिबंधों में शामिल हैं।

मैं ईरान में तरल-प्रणोदक मिसाइलों के विकास से जुड़े मुख्य संगठन शहीद हिम्मत इंडस्ट्रियल ग्रुप के एक ख़ास घटक पर प्रतिबंध लगाए जाने का भी उल्लेख करना चाहता हूं। ख़ास कर, शाहिद हज अली मोवाहिद रिसर्च सेंटर तरल प्रणोदक बैलिस्टिक मिसाइलों और अंतरिक्ष प्रक्षेपण यानों के समन्वय, अंतिम संयोजन और परीक्षण के लिए ज़िम्मेवार है।

साथ ही, इन व्यक्तियों या उपक्रमों के लिए किसी बड़ी लेनदेन में जानबूझ कर शामिल वित्तीय संस्थान भी अमेरिकी प्रतिबंधों के पात्र होंगे।

यह प्रशासन शेष दुनिया को धमकाने और आतंकित करने के लिए परमाणु हथियार, बैलिस्टिक मिसाइल और परंपरागत हथियार हासिल करने के ईरान के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए अपने पास मौजूद सारे साधनों का उपयोग करेगा।

और विदेश मंत्री पोम्पियो, मुझे निकलना है इसलिए मैं माफ़ी चाहूंगा, लेकिन इस आयोजन में मुझे शामिल करने के लिए धन्यवाद।

विदेश मंत्री पोम्पियो: धन्यवाद, स्टीवन।

रक्षा मंत्री एस्पर: सुप्रभात, और आप सभी का धन्यवाद। गत सप्ताह, अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर के साथ राष्ट्रपति ने शांतिपूर्ण एवं समृद्ध मध्य पूर्व की दिशा में एक बड़ा क़दम उठाया है। अमेरिका आज अमेरिकी जनता की रक्षा के साथ ही हमारे सैनिकों, हमारे हितों तथा हमारे मित्र राष्ट्रों और साझेदारों के खिलाफ़ ईरानी आक्रामकता को रोकने के लिए एक और महत्वपूर्ण क़दम उठा रहा है।

पिछले दो वर्षों के दौरान तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग, क्षेत्रीय आधारभूत ढांचों तथा अमेरिका और सहयोगी देशों के बलों पर हमले किए हैं। इनमें ईरान समर्थित सशस्त्र गुटों द्वारा इराक़ में अमेरिकी सैनिक अड्डों और कार्मिकों पर मिसाइल हमले शामिल हैं।

इसके अलावा, हिज़बुल्ला और हूतियों जैसे ग़ैर-सरकारी किरदारों को उन्नत पारंपरिक हथियार उपलब्ध कराते हुए, जिनका वे असैनिक आबादी को डराने-धमकाने के वास्ते उपयोग करते हैं, ईरान वर्षों से संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों की अवहेलना कर रहा है। इसीलिए रक्षा विभाग ने सेना के हमारे बहादुर पुरुषों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए, निवारक क्षमता की पुनर्बहाली के लिए, तथा वाणिज्य और आवागमन की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों के संरक्षण के लिए निर्णायक कार्रवाइयां की हैं।

आज का कार्यकारी आदेश ईरान के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने तक परंपरागत हथियारों के आयात और प्रसार के ईरानी प्रयासों को और अधिक बाधित करने; तथा अमेरिकी बलों, हमारे सहयोगी देशों और साझेदारों तथा आम आबादी की रक्षा में मददगार साबित होगा। हम तेहरान को पूरे क्षेत्र में अपनी घातक गतिविधियों पर विराम लगाने और एक सामान्य देश की तरह व्यवहार करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। लेकिन हम ईरानी आक्रामकता का जवाब देने के लिए भी तैयार हैं। हमारे कमांडरों के पास अपने सैनिकों की रक्षा करने और किसी भी आपातस्थिति के लिए तैयारी करने के वास्ते सभी ज़रूरी अधिकार और संसाधन हैं, और ईरान के अस्थिरकारी व्यवहार का मुक़ाबला करने के लिए हम अपने मित्र राष्ट्रों और साझेदारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। यह करते हुए, हम अपने लोगों और अपने हितों की रक्षा करेंगे और क्षेत्र में समान सोच वाले राष्ट्रों की सुरक्षा को क़ायम रखेंगे।

धन्यवाद।

वाणिज्य मंत्री रॉस: सुप्रभात। शेष विश्व को डराने और आतंकित करने वाले ईरान के परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल और परंपरागत हथियारों के कार्यक्रमों को रोकने की प्रतिबद्धता के लिए मैं राष्ट्रपति का आभारी हूं। आज अमेरिकी वाणिज्य विभाग प्रतिबंधों की एंटिटि लिस्ट में ईरान के परमाणु विकास कार्यक्रम में सहयोग या समर्थन करने वाले पांच ईरानी वैज्ञानिको को शामिल कर रहा है। सूची में आज शामिल किए गए व्यक्ति हैं अहमद नौज़ाद ग़ोलिक, बेहनाम पूरेमादी हामिद सेफेरियन, मुज्तबा फ़रहदी गांजेह और सय्यद जावेद अहमदी। पूरेमादी और गांजेह ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन के जेएचएल लैबोरेटरी से संबद्ध हैं, जो परमाणु गतिविधियों से जुड़ा हुआ है और जिस पर ईरानी परमाणु कार्यक्रम से संबंधित संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 1803 के तहत प्रतिबंध लगा हुआ है।

पूरेमादी ने एईओआई के लिए संवेदनशील उपकरण और सामग्री हासिल करने के लिए धोखाधड़ी और छल-कपट का सहारा लिया है। गांजेह ने विदेशों में ईरानी खरीद एजेंटों के ज़रिए पश्चिमी वस्तुओं सहित परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी संवेदनशील वस्तुओं को हासिल करने का काम किया है। उसने प्रशिक्षण के लिए विदेश यात्रा भी की और एईओआई के तकनीकी समस्याओं के समाधान की भी कोशिश की। ग़ोलिक एईओआई की एक सहायक कंपनी से जुड़ा हुआ है जोकि परमाणु सेक्टर की विभिन्न परियोजनाओं को कार्यान्वित करती है। उसने विदेशों में ईरानी एजेंटों के साथ मिलकर संवेदनशील वस्तुओं की ख़रीद के लिए काम किया है, जिनमें वे वस्तुएं भी शामिल हैं जो चुके परमाणु ईंधन के पुनर्संसाधन में उपयोग किए जा सकते हैं। अहमदी एईओआई का कर्मचारी है, जो परमाणु कार्यक्रम संबंधित बैठकों के लिए विदेश यात्राएं कर चुका है।

सूचीबद्ध एंटिटि के रूप में इन व्यक्तियों पर हमारे निर्यात प्रशासन नियमों के अनुरूप निर्यात, पुनर्निर्यात और देश के भीतर हस्तांतरण के संदर्भ में अतिरिक्त लाइसेंसिंग शर्तें थोपी जाएंगी। इन पांच व्यक्तियों ने ईरान के परमाणु हथियार विकास कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाई है और वे अब भी ईरानी शासन के लिए काम कर रहे हैं। ईरान को अपने परमाणु सुरक्षा दायित्वों का पालन करना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ तुरंत सहयोग करना चाहिए। वाणिज्य विभाग ईरान को कभी भी परमाणु हथियार प्राप्त नहीं करने देने की राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिबद्धता के साथ है।

राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में, मुझे मंत्रीगण पोम्पियो और मनूशिन, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ओ’ब्रायन और राजदूत क्राफ़्ट के साथ मिलकर ईरान को ज़िम्मेदार ठहराने तथा परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में उसकी प्रगति को बाधित करने की दिशा में कार्य करने पर गर्व है। धन्यवाद।

राजदूत क्राफ़्ट: सुप्रभात। आज हम जिन कार्रवाइयों की घोषणा कर रहे हैं और पिछले तीन महीनों के दौरान सुरक्षा परिषद में हमारा काम, दोनों एक ही उद्देश्य से संचालित है: शांति का प्रयास। जो चीज़ अमेरिका को विशिष्ट बनाती है, वो ये कि हम सच का साथ देते हैं। जैसा कि हमने अतीत में भी किया है, हम शांति और सुरक्षा के हित में अकेले चलने के लिए भी हमेशा तैयार रहते हैं। हमें अपने नैतिक दायित्व की मान्यता के वास्ते उत्साह दिलाने वाली भीड़ की ज़रूरत नहीं है। हम केवल संख्याओं के आधार पर संतुष्ट नहीं होते हैं, विशेषकर जब बहुमत ख़ुद को आतंकवाद, अराजकता और संघर्ष का वित्तीय समर्थन करने की असहज स्थिति में पा रहा है। हम उस समूह का सदस्य होने से इनकार करते हैं।

अमेरिका दुनिया के भले के लिए काम करने वाली शक्ति है। आज हमारे बीच जो बहुपक्षीय व्यवस्था है, हमने उसके निर्माण के प्रयासों का नेतृत्व किया था, और आज भी हम उसमें सबसे बड़ा योगदानकर्ता हैं। लेकिन जैसा कि मैंने बारंबार कहा है, यह व्यवस्था विफल हो गई है, लेकिन हम नहीं। सुरक्षा परिषद के सदस्यों की झूठी उम्मीद कि जेसीपीओए समझौता शायद ईरान के परमाण्विक इरादों पर रोक लगा सकेगा, सदस्य राष्ट्रों को प्रस्ताव 2231 में वर्णित प्रक्रिया के तहत प्रतिबंधों को फिर से लागू करने के उनके दायित्वों से मुक्त नहीं करता है। अब हम अपेक्षा करते हैं कि संयुक्तराष्ट्र के सभी सदस्य देश अपने दायित्वों को पूरा करेंगे और ईरान पर प्रतिबंधों को दोबारा लागू करेंगे।

जैसा कि आज हमने दिखाया है, अमेरिका हरसंभव प्रयास कर ये सुनिश्चित करेगा कि दुनिया में आतंकवाद का अग्रणी सरकारी प्रायोजक ईरान पहले से अधिक ख़तरनाक हथियारों से दुनिया का और भी ज़्यादा नुक़सान नहीं कर पाए। हम ये शांति के लिए कर रहे हैं। हम ये अमेरिकी जनता, मध्य पूर्व के लोगों, यूरोप के लोगों और दुनिया के लोगों की सुरक्षा के लिए कर रहे हैं। धन्यवाद।

श्री ओ’ब्रायन: सुप्रभात। मंत्रीगण पोम्पियो, एस्पर, रॉस, और राजदूत क्राफ़्ट का धन्यवाद। ईरान को परमाणु टेक्नोलॉजी, बैलिस्टिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और पारंपरिक हथियारों की उपलब्धता पर रोक के लिए राष्ट्रपति आज निर्णायक क़दम उठा रहे हैं। ये दुखद है कि ईरान पर परंपरागत हथियारों संबंधी प्रतिबंध की अवधि नहीं बढ़ाकर संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के अपने मिशन में नाकाम साबित हुआ है। संयुक्तराष्ट्र के विपरीत, अमेरिका ईरान को बैलिस्टिक मिसाइलों तथा अन्य उन्नत पारंपरिक हथियारों का आयात-निर्यात कर मध्य पूर्व और दुनिया के लिए ख़तरा बढ़ाने की अनुमति नहीं देगा। संयुक्तराष्ट्र का प्रतिबंध समाप्त होने के बाद निश्चय ही ईरान हथियारों का एक प्रमुख सौदागर बनने का प्रयास करेगा।

इसी के मद्देनज़र, राष्ट्रपति ने आज सुबह, अब से कुछ क्षण पूर्व, अपने ओवल ऑफ़िस में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया है जिसके तहत उन राष्ट्रों, कंपनियों और व्यक्तियों पर सख़्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकेंगे जोकि ईरान को परंपरागत हथियारों की आपूर्ति, बिक्री या हस्तांतरण में शामिल होंगे। राष्ट्रपति ट्रंप का आदेश ईरान द्वारा दुष्ट सरकारों को परंपरागत हथियारों के निर्यात पर भी रोक लगाएगा। यह आदेश हथियार निर्माता राष्ट्रों द्वारा ईरान को हथियार बेचने पर भी रोक लगाएगा, यदि ईरान आगे उन्हें आतंकवादियों और दुष्ट शासनों को सौंपता हो। सरल शब्दों में कहें तो ईरान जब उन्नत परंपरागत हथियारों की ख़रीद-बिक्री के ज़रिए क्षेत्र में और उसके बाहर अस्थिरता फैला रहा हो, तो वैसे में अमेरिका हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकता। ट्रंप प्रशासन ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़े 27 उपक्रमों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध और हथियार निर्यात संबंधी पाबंदियां भी लगा रहा है।

आख़िर में, अमेरिका ने ईरान पर संयुक्तराष्ट्र के पूर्व में निलंबित प्रतिबंधों को दोबारा लागू कर दिया है। जब अमेरिका विफल हो चुके ईरान परमाणु समझौते में शामिल हुआ था तो ओबामा प्रशासन ने अमेरिकी जनता से कहा था कि अमेरिका के पास हमेशा ईरान पर संयुक्तराष्ट्र के प्रतिबंधों को बहाल करने का अधिकार होगा, अन्य राष्ट्रों की सहमति के बिना भी। जेसीपीओए समझौते पर अमेरिका की सहमित हासिल कराने में इस प्रावधान की अहम भूमिका थी। राष्ट्रपति ट्रंप अब अमेरिका और हमारे मित्र राष्ट्रों की सुरक्षा करने के हमारे अधिकारों का प्रयोग कर रहे हैं। ईरानी शासन ने अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम और इससे संबंधित अभिलेखों को लेकर बारंबार झूठ बोला है, और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को अपने यहां आने देने से इनकार किया है। आज की कार्रवाई ईरानी शासन को स्पष्ट संदेश देती है कि उसके इस तरह के आचरण को सहन नहीं किया जाएगा। अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी स्पष्ट संदेश दे रहा है, उनको जोकि ईरान का तुष्टीकरण कर रहे हैं और उससे सहयोग कर रहे हैं, कि वे अंतत: ईरान की घातक गतिविधियों से दूर हो जाएं।

अपने संसाधनों को परमाणु बम हासिल करने या क्षेत्रीय वर्चस्व की कोशिशों में बर्बाद करने के बजाय ईरानी शासन को अपनी जनता को वो चीज़ देनी चाहिए जिनकी कि उन्हें आकांक्षा है और जिनके वे हक़दार हैं: एक खुशहाल और समृद्ध ईरान। दशकों के विभाजन और संघर्ष के बाद, मध्य पूर्व में एक नया सवेरा हुआ है। गत सप्ताह व्हाइट हाउस में हस्ताक्षरित अब्राहम समझौता मध्य पूर्व में शांति की दिशा में 25 वर्षों से भी अधिक समय में हुए एक अत्यंत महत्वपूर्ण क़दम का प्रतीक है। ईरान को इतिहास के इस क्षण का फ़ायदा उठाना चाहिए। उसे आतंक, वर्चस्व और परमाणु हथियार हासिल करने के प्रयास से मुंह मोड़ना और पुरानी शिकायतों से किनारा करना चाहिए। ईरान को अपने उन पड़ोसियों से जुड़ना चाहिए जो प्रगति, साझा हितों और साझा लक्ष्यों पर आधारित बेहतर भविष्य को अपना रहे हैं। राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि ईरान शांति का रास्ता चुनने को तैयार है, तो अमेरिका उसके साथ चलेगा। आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।


यह अनुवाद एक शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेजी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।
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