विदेश मंत्री पोम्पियो: नमस्कार। सबसे पहले मैं इन ऐतिहासिक वार्ताओं के मेज़बान के रूप में क़तर की अमूल्य भूमिका के लिए महामहिम शेख़ तमीम का धन्यवाद करना चाहता हूं। उनके भरपूर समर्थन, और विदेश मंत्री आपके भी, ने दोनों पक्षों की मदद की और उनके लिए इस महत्वपूर्ण दिन तक पहुंचना संभव किया।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल-क़ायदा और आइएसआइएल (दाएश) प्रतिबंध समिति द्वारा 23 फरवरी को आइसिस-वेस्ट अफ़्रीका (आइसिस-डब्ल्यूए) और आइसिस-ग्रेटर सहारा (आइसिस-जीएस) को प्रतिबंधितों की सूची में शामिल करने की कार्रवाई का अमेरिका स्वागत करता है। अमेरिका पहले ही आइसिस-डब्ल्यूए और आइसिस-जीएस को 28 फरवरी 2018 को कार्यकारी आदेश 13224 के तहत विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादियों की सूची में, और 23 मई 2018 को आव्रजन और राष्ट्रीयता अधिनियम की धारा 219 के तहत विदेशी आतंकवादी संगठनों के रूप में नामित कर चुका है। आइसिस-जीएस और आइसिस-डब्ल्यूए आइसिस से जुड़े क्रमश: दूसरे और तीसरे संगठन हैं जिन्हें संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंधों की सूची में डाला है।
राष्ट्रपति ट्रंप: आपका बहुत-बहुत शुक्रिया। और, प्रधानमंत्री मोदी, यह बहुत ही विशेष यात्रा रही है – अविस्मरणीय, असाधारण। आप क्या कहेंगे? आपके साथ होने का अनुभव बहुत शानदार रहा है। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
“अमेरिका भारत से प्यार करता है, अमेरिका भारत का सम्मान करता है, और अमेरिका सदैव भारत के लोगों का भरोसेमंद और निष्ठावान दोस्त बना रहेगा।”
– राष्ट्रपति डोनल्ड जे. ट्रंप
अमेरिकी जनता की ओर से मैं हिमालयी क्षेत्र के लोगों और दुनिया भर के तिब्बतियों को एक शांतिपूर्ण और समृद्ध नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।
राष्ट्रपति ट्रंप: नमस्ते! नमस्ते। (तालियां।।) हेलो इंडिया। ये कितनी प्रतिष्ठा की बात है। सबसे पहले मैं एक असाधारण नेता, भारत के महान हिमायती, देश के लिए दिन-रात काम करने वाले उस शख्स का गहरा आभार व्यक्त करना चाहूंगा जिसे अपना सच्चा दोस्त बताते हुए मुझे गर्व होता है: प्रधानमंत्री मोदी। (तालियां।।)
विदेश मंत्री माइकल आर. पोम्पियो ने कल रियाद, सऊदी अरब में सऊदी शाह सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद से मुलाक़ात की। विदेश मंत्री पोम्पियो और शाह सलमान ने सऊदी अरब और अमेरिका के बीच 75 वर्षों की मज़बूत और टिकाऊ साझेदारी का उल्लेख किया। विदेश मंत्री और शाह ने ईरानी शासन के घातक प्रभाव का सामना करने,
अमेरिका और तालिबान, अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध को समाप्त करने, वहां अमेरिकी और गठबंधन बलों की उपस्थिति को कम करने, और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी आतंकवादी समूह कभी अमेरिका या उसके सहयोगी राष्ट्रों को धमकी देने के लिए अफ़गानिस्तान भूमि का उपयोग नहीं कर पाए, एक राजनीति समझौते के लिए विस्तृत वार्ताओं में संलग्न हैं।
अमेरिका ने आज ईरान की गार्डियन काउंसिल (शूरा-ए-निगहबान) और उसकी चुनाव पर्यवेक्षण समिति के उन पांच सदस्यों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिनकी भूमिका ईरानियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के उनके हक़ से वंचित करने में रही है। इन लोगों में गार्डियन काउंसिल का सचिव अहमद जन्नती शामिल है जिसने पूर्व में राजनीतिक असंतुष्टों की हत्या किए जाने की सराहना की थी और ईरानी अधिकारियों से और अधिक संख्या में असंतुष्टों को ख़त्म करने का आह्वान किया था।
श्री ब्राउन: मैं सच कह रहा हूं, सचमुच। (हंसी।) हमारे बीच आज ईरान के लिए विशेष दूत ब्रायन हुक मौजूद हैं। पहले की ही तरह वह ईरान के घातक रवैये और उसे रोकने के हमारे प्रयासों के बारे में बात करेंगे। शुरुआत वह अपनी संक्षिप्त टिप्पणी से करेंगे और फिर आपक सवालों के जवाब देंगे।