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2018-07-09

सेक्रेटरी ऑफ स्टेट माइकल आर. पोम्पेयो और अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी एक प्रेस उपलब्धता पर

सेक्रेटरी पोम्पेयो: धन्यवाद। धन्यवाद, नमस्कार। मैं राष्ट्रपति गनी को धन्यवाद देना चाहता हूँ। मैं आज यहाँ अपनी मेज़बानी करने के लिए डॉ. अब्दुल्लाह और पूरी अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को धन्यवाद देना चाहता हूँ। महल में आपसे मिलना बहुत सुखद रहा है।

यहां उपलब्ध:

2018-06-28

तथ्य पत्रक – बाल संरक्षण करार साझेदारी

CPC साझेदारी एक बहु-वर्षीय योजना है, जो कि संयुक्त राज्य अमेरिका और एक विशिष्ट देश द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई है, जो कि बाल तस्करों को प्रभावी रूप से मुकदमा चलाए जाने और दोषी ठहराने, इन अपराधों के बाल पीड़ितों के लिए व्यापक


मानव तस्करी से मुकाबले के लिए अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम

मानव तस्करी की निगरानी और मुकाबले का कार्यालय (TIP कार्यालय) तस्करों पर मुकदमा चलाने, पीड़ितों की सुरक्षा, और तस्करी की रोकथाम के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयासों को मज़बूत करने के लिए कार्यक्रमों और परियोजनाओं को वित्तपोषण करके मानव तस्करी का मुकाबला करता है। TIP कार्यालय मानव तस्करी की रिपोर्ट में वैश्विक रुझानों और देश-विशिष्ट अनुशंसाओं का समाधान करने के लिए कार्यक्रम रणनीति विकसित करता है। TIP कार्यालय कानूनी ढांचे और पीड़ित-केंद्रित कानून प्रवर्तन को मज़बूत करने, सरकारी और एनजीओ की क्षमता निर्मित करने, आघात (ट्रौमा) सूचित पीड़ित सुरक्षा, और अन्य तस्करी-रोधी प्रयासों को सहयोग करने के लिए एक प्रतिस्पर्धी पुरस्कार प्रक्रिया की देखरेख करता है। 2001 से, TIP कार्यालय ने अमेरिकी और विदेशी एनजीओ, उच्च शिक्षा संस्थानों, अलाभकारी संस्थाओं, और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा क्रियान्वित तस्करी-रोधी प्रयासों के लिए विदेशी सहायता के रूप में कुल $300 मिलियन से अधिक के 960 पुरस्कारों का प्रबंधन किया है।


गलत मुकदमेबाज़ी और भविष्य में उत्पीड़न से पीड़ितों की रक्षा करना

वर्षों से मानव तस्करी संबंधी रिपोर्ट ने पूरी कानून प्रवर्तन प्रक्रिया में मानव तस्करी के पीड़ितों की रक्षा के महत्व को विस्तारपूर्वक दर्शाया है। पीड़ित केंद्रित दृष्टिकोण का एक केंद्रीय सिद्धांत यह है कि तस्करी के पीड़ितों को ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के लिए अपराधी के रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए, जो कि उनके शिकार के प्रत्यक्ष परिणाम हैं।


बाल संस्थानीकरण और मानव तस्करी

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस बात से सहमत है कि एक पारिवारिक देखभाल वाली व्यवस्था, या एक ऐसा वैकल्पिक समाधान जो कि उचित और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील है, बच्चों के विकास, कल्याण, और सुरक्षा के लिए सर्वाधिक अनुकूल वातावरण है।  किसी बच्चे को परिवार से हटाना सिर्फ एक अस्थायी, अंतिम उपाय माना जाना चाहिए।  अध्ययनों में पाया गया है कि बच्चों के लिए चलने वाले सरकारी और निजी दोनों तरह के आवासीय संस्थान, या अनाथाश्रम और मनोचिकित्सा वार्ड जैसे स्थान जो कि परिवार आधारित व्यवस्था प्रस्तुत नहीं करते, पारिवारिक वातावरण में मिलने वाला वह भावनात्मक साहचर्य और देखरेख नहीं प्रदान कर सकते जो स्वस्थ संज्ञानात्मक विकास के लिए पूर्व शर्त है। फिर भी, दुनियाभर में लगभग आठ मिलियन बच्चे इन सुविधाओं में रहते हैं, इसके बावजूद कि इनमें से अनुमानित 80 से 90 प्रतिशत बच्चों के माता-पिता में से कोई एक जीवित है।  आवासीय संस्थानों में रहने के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव, सामाजिक अलगाव और अक्सर सरकारों की ओर से घटिया नियामक निगरानी मिलकर, इन बच्चों को मानव तस्करी के लिए अत्यधिक असुरक्षित परिस्थितियों

में रख रहे हैं। 


सरकारें राजनयिक परिवारों में किस तरह घरेलू दासता का समाधान करती हैं

सरकारें राजनयिक परिवारों में घरेलू दासता का समाधान करने में चुनौतियों का सामना करती हैं, यह मानव तस्करी का एक प्रकार है जिसमें विदेशों में पदस्थ राजनयिकों और अंतराष्ट्रीय संगठनों के अधिकारियों द्वारा काम पर लगाए गए घरेलू कामगार शामिल हैं।  हालांकि यह दुर्लभ है कि राजनयिक घरेलू कामगारों को अनैच्छिक दासता या शोषण के अन्य प्रकारों के अधीन रखें, उन अवसरों पर जब ऐसा होता है, तो समस्या मेजबान सरकारों के समाधान करने के लिहाज से गंभीर और चुनौतीपूर्ण होती है।


एक आघात-सूचित दृष्टिकोण लागू करना

मानव तस्करी के शिकार लोगों ने अक्सर आघात की ऐसी तीव्रता झेली है जो कि स्थायी मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रभाव डालने के लिए काफी महत्वपूर्ण है।  तस्करी के शिकार लोगों की उपयुक्त मदद के लिए, एक आघात-सूचित दृष्टिकोण सभी तस्करी-रोधी प्रयासों में शामिल किया जाना चाहिए, आपराधिक न्याय प्रक्रिया के दौरान और पीड़ित को सेवाएं उपलब्ध कराते समय सहित।


थ्री पी: प्रॉसिक्यूशन, प्रोटेक्शन और प्रिवेन्शन

“थ्री पी” प्रतिमान – प्रॉसिक्यूशन, प्रोटेक्शन और प्रिवेन्शन (अभियोजन, संरक्षण और रोकथाम) – दुनिया भर में मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई के लिए बुनियादी तंत्र बना हुआ है। अमेरिका ने भी इस तरीके को अपनाया है, जो अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ संयुक्तराष्ट्र की संधि (पलेर्मो प्रोटोकॉल) के पूरक मानव तस्करी, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की, रोकने, समाप्त करने और दंडित करने के प्रोटोकॉल तथा संशोधित अमेरिकी मानव तस्करी पीड़ित संरक्षण कानून 2000 (टीवीपीए) में परिलक्षित होता है। अमेरिकी विदेश विभाग का मानव तस्करी निगरानी एवं प्रतिरोध कार्यालय (टीआईपी कार्यालय) दुनियाभर में 3P प्रतिमान को बढ़ावा देने के लिए अनेक कूटनीतिक और कार्यक्रम संबंधी साधनों का इस्तेमाल करता है। इसके अतिरिक्त, एक “चौथे पी” – पार्टनर्शिप – का 3P से संबंधिति प्रगति हासिल करने और आधुनिक दासता के खिलाफ लड़ाई में समाज के सभी वर्गों को शामिल करने के एक पूरक माध्यम के रूप में इस्तेमाल करता है।


सरकारी खरीद में मानव तस्करी के खिलाफ सुरक्षा को मज़बूत करना

वस्तुओं और सेवाओं की सरकारी खरीद वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक अहम अंग है और इसलिए यह सरकारों को जिम्मेदार व्यवहार आचरण को बढ़ावा देने, निजी क्षेत्र से अपनी अपेक्षाओं पर ज़ोर देने और वैश्विक बाज़ारों में बदलाव को गति देने का एक महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराता है।


मानव तस्करी से निबटने के लिए संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों का पता लगाना

सरकारें, सिविल सोसायटी और निजी क्षेत्र की साझीदारी में, खोजी लेखा रणनीतियों का उपयोग कर सकती है जिससे कि वित्तीय संस्थान मानव तस्करी षडयंत्रों से मेल खाती गतिविधियों की पहचान कर उनके बारे में चेतावनी दे सकें।


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